16 विपक्षी दलों के 20 सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल आज मणिपुर के हालात का जायजा लेने जा रहा है। प्रतिनिधिमंडल में लोकसभा और राज्यसभा के कई सांसद हैं। इनमें अधीर रंजन चौधरी, गौरव गोगोई, मनोज कुमार झा, अरविंद सावंत, डी. रविकुमार आदि शामिल हैं। वहीं, मौसम विभाग ने शनिवार को दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में कई स्थानों पर बारिश का अलर्ट जारी किया है। IMD के अनुसार- हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा-चंडीगढ़ और पश्चिम उत्तर प्रदेश में मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज भारत मंडपम’ में अखिल भारतीय शिक्षा समागम का उद्घाटन करेंगे। वह ‘पीएम श्री योजना’ की पहली किस्त जारी करेंगे। उधर, पहले वनडे में वेस्टइंडीज के खिलाफ आसान जीत दर्ज करने के बाद अब टीम इंडिया की नजर सीरीज पर कब्जा जमाने पर होगी।
एक रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि भारत में अलकायदा आतंकी हमले की साजिश रच रहा है। इधर, राजस्थान से 17 साल की लड़की अपने प्रेमी से मिलने पाकिस्तान जा रही थी। उसके पास केवल 250 रुपए थे।
आज के प्रमुख इवेंट्स
- गुजरातियों को ठग कहने के मामले में तेजस्वी यादव के खिलाफ आज अहमदाबाद कोर्ट में सुनवाई होगी। तेजस्वी यादव ने इस साल मार्च में कहा था कि आज देश के जो हालात हैं, उनमें सिर्फ गुजराती ठग हो सकते हैं।
- वेस्टइंडीज और भारत के बीच आज शाम 7 बजे से 3 वनडे की सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला जाएगा। भारत पहला मुकाबला जीत चुका है। अगर ये मैच जीता तो लगातार 13वीं बार वेस्टइंडीज को सीरीज हराने का रिकॉर्ड बना सकता है।
विपक्षी दलों के 20 सांसद आज मणिपुर जाएंगे, कुकी-मैतेई के लोगों से बातचीत करेंगे
मणिपुर हिंसा को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। यह तस्वीर गुवाहाटी की है।
मणिपुर में 88 दिन से हिंसा जारी है। आज विपक्षी दलों के महागठबंधन I.N.D.I.A के 20 सांसद राज्य का दौरा करेंगे। वे राज्य के हालात का जायजा लेंगे और पीड़ितों से बातचीत करेंगे। वहां से लौटकर सरकार से मणिपुर समस्या के समाधान पर बात करेंगे। वहीं, मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने के मामले में CBI ने अब तक 7 लोगों को गिरफ्तार किया है।
कुकी और मैतेई समुदाय के बीच 3 मई से जारी हिंसा में 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। महिलाओं से अत्याचार के कई मामले सामने आ चुके हैं। संसद से लेकर सुप्रीम कोर्ट में इस पर चर्चा हो रही है। विपक्ष चाहता है कि मणिपुर हिंसा को लेकर सदन में PM मोदी बयान दें। वहीं, सुप्रीम कोर्ट कह चुका है कि अगर सरकार एक्शन नहीं लेती तो हम लेंगे।
सांसदों के दल के दल के मणिपुर जाने से पहले लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने मणिपुर मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज से कराने की मांग की है। गोगोई के मुताबिक- भाजपा चाहती है कि मणिपुर में सब अच्छा-अच्छा ही दिखाया जाए, लेकिन वहां लगातार हिंसा हो रही है। इसलिए हम चाहते हैं कि सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज जांच करें कि कैसे वहां राज्य सरकार नाकाम रही। वहां लोगों को इतनी तादाद में हथियार कहां से मिले और प्रशासन क्या कर रहा है।
ये 20 सांसद जा रहे मणिपुर
- अधीर रंजन चौधरी- कांग्रेस
- गौरव गोगोई- कांग्रेस
- सुष्मिता देव- टीएमसी
- महुआ माझी- जेएमएम
- कनिमोझी- डीएमके
- मोहम्मद फैजल- एनसीपी
- जयंत चौधरी- आरएलडी
- मनोज कुमार झा- आरजेडी
- एनके प्रेमचंद्रन- आरएसपी
- टी थिरुमावलन- वीसीके
- राजीव रंजन उर्फ ललन सिंह- जेडीयू
- अनील प्रसाद हेगड़े- जेडीयू
- एए रहीम- सीपीआई-एम
- संतोष कुमार- सीपीआई
- जावेद अली खान- सपा
- ईटी मोहम्मद बशीर- आईएमएल
- सुशील गुप्ता- आप
- अरविंद सावंत- शिवसेना (उद्धव गुट)
- डी रविकुमार- डीएमके
- फूलो देवी नेताम- कांग्रेस
सुप्रीम कोर्ट में मणिपुर मामले की सुनवाई टली
इस बीच, मणिपुर मामले पर सुप्रीम कोर्ट में शुक्रवार (28 जुलाई) को होने वाली सुनवाई टल गई है। इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की बेंच को करनी थी, लेकिन वे तबीयत खराब होने के चलते कोर्ट नहीं आए। इस वजह से जस्टिस चंद्रचूड़ और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच के सामने लंबित मामलों की सुनवाई आज नहीं हुई।
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने गुरुवार (27 जुलाई) को सुप्रीम कोर्ट में एफिडेविट दाखिल कर बताया कि मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने के मामले की जांच CBI को सौंप दी गई है। गृह मंत्रालय ने कोर्ट से इस मामले की सुनवाई मणिपुर से बाहर ट्रांसफर करने की अपील की है।
इस मामले में 7 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। घटना का वीडियो जिस मोबाइल से बनाया गया था, उसे भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस ने CBI को मोबाइल सौंप दिया है। वीडियो शूट करने वाले शख्स को भी अरेस्ट कर लिया गया है।
मणिपुर हिंसा को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग प्रदर्शन हो रहे हैं। यह तस्वीर गुवाहाटी की है।
सुप्रीम कोर्ट में पहले हुई सुनवाइयों के दौरान सुप्रीम कोर्ट की 3 टिप्पणियां
1. महिलाओं को निर्वस्त्र करने पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- सरकार एक्शन ले, वरना हम लेंगे
मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने का वीडियो सामने आने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने चिंता जाहिर की थी। सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को कहा था- वीडियो देखकर हम बहुत परेशान हुए हैं। हम सरकार को वक्त देते हैं कि वो कदम उठाए। अगर वहां कुछ नहीं हुआ तो हम कदम उठाएंगे।
2. केंद्र सरकार से SC ने सवाल किया था- अपराधियों के खिलाफ अब तक क्या कदम उठाए
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और मणिपुर सरकार से पूछा है कि अपराधियों पर कार्रवाई के लिए आपने क्या कदम उठाए हैं। CJI ने कहा कि सांप्रदायिक संघर्ष के दौरान महिलाओं का एक औजार की तरह इस्तेमाल कभी स्वीकार नहीं किया जा सकता है। यह संविधान का सबसे घृणित अपमान है।
3. याचिकाकर्ताओं से सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- हमारे पास ठोस समाधान लेकर आइए
सुप्रीम कोर्ट ने 10 जुलाई को भी मणिपुर केस पर सुनवाई की थी। मणिपुर ट्राइबल फोरम दिल्ली के एडवोकेट कोलिन गोंजाल्वेज ने कहा था कि केंद्र सरकार ने पिछली सुनवाई में हिंसा रोकने का भरोसा दिया था। मई में 10 मौतें हुई थीं, संख्या 110 पहुंच गई। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था- आपके अविश्वास के बावजूद हम राज्य की कानून-व्यवस्था अपने हाथ में नहीं ले सकते हैं। यह राज्य और केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। आप हमारे पास ठोस समाधान लेकर आइए।
एक और याचिका दायर: मणिपुर मामले को लेकर 27 जुलाई में सुप्रीम कोर्ट में एक और याचिका दाखिल की गई। इस पर बेंच ने याचिकाकर्ता से पूछा कि अदालत में पहले से ही इस मुद्दे पर गौर किया जा रहा है तो एक और याचिका की क्या जरूरत है।
उधर, दिल्ली के जंतर-मंतर पर शुक्रवार को कुकी समुदाय की महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। वे मणिपुर के पहाड़ी जिलों में रहने वाली आदिवासी आबादी के लिए अलग प्रशासन की मांग कर रही हैं। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने ‘अलग प्रशासन ही एकमात्र समाधान है’ लिखी टी-शर्ट पहन रखी थीं। वहीं, कुछ महिलाएं पारंपरिक कपड़ों में भी नजर आईं।
अलकायदा के रडार पर जम्मू-कश्मीर, हमले की साजिश रच रहा; तैयार किए 200 आतंकी
आतंकी संगठन अलकायदा जम्मू-कश्मीर, बांग्लादेश और म्यांमार में अपनी पैठ जमाने की कोशिश कर रहा है, ताकि आतंकी हमलों को आसानी से अंजाम दिया जा सके। इसका खुलासा यूनाइटेड नेशंस सिक्योरिटी काउंसिल (UNSC) ने किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन सब-कॉन्टिनेंट में अलकायदा के 200 लड़ाके मौजूद हैं और इनका लीडर आतंकी ओसामा महमूद है।
अलकायदा वही संगठन है, जिसने अमेरिका में 9/11 आतंकी हमले को अंजाम दिया था। इस हमले में लगभग 3000 लोगों की मौत हुई थी। 2022 में पूर्व BJP नेता नूपुर शर्मा ने पैगंबर मोहम्मद पर विवादित बयान दिया था। इसके बाद इसी संगठन ने भारत के 4 राज्यों में आत्मघाती हमले की धमकी दी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल अलकायदा 60-65 देशों में एक्टिव है।
आतंकी संगठन अल-कायदा जम्मू-कश्मीर, बांग्लादेश और म्यांमार में अपनी पैठ जमाने की कोशिश कर रहा है, जिससे वो आतंकी ऑपरेशन्स को अंजाम दे सके। UN की एक रिपोर्ट में इसका खुलासा हुआ है। इसके लिए संगठन अफगानिस्तान में तालिबान से रिश्ते बेहतर करने पर फोकस कर रहा है। अल कायदा और इस्लामिक स्टेट के ऑपरेशन्स पर नजर रखने वाली UNSC की टीम ने ये रिपोर्ट जारी की है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इंडियन सब-कॉन्टिनेंट में अल-कायदा के एक संगठन AQIS (अल-कायदा इन इंडियन सब-कॉन्टिनेंट) के 200 लड़ाके मौजूद हैं। इनका लीडर आतंकी ओसामा महमूद है। वहीं अफगानिस्तान में इस संगठन के 400 लड़ाके हैं। UN के एक मेंबर स्टेट ने दावा किया है कि AQIS क्षेत्र में ISIS के खोरासान प्रॉविंस (ISIL-K) से जुड़ने के लिए तैयार है।
तस्वीर पाकिस्तान में मौजूद TTP के लड़ाकों की है। (फाइल)
पाकिस्तान में हमले करने के लिए TTP की मदद कर रहा AQIS
वहीं एक स्टेट ने दावा किया है कि ये संगठन TTP में शामिल होकर तालिबान का समर्थन हासिल करने की कोशिश कर रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, AQIS लगातार TTP को पाकिस्तान में ज्यादा से ज्यादा आतंकी हमले करने में मदद कर रहा है।
अफगानिस्तान में ISIL-K के 6 हजार आतंकी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ISIL-K से जुड़े करीब 6 हजार आतंकी और उनके परिजन अफगानिस्तान में हैं। वे लगातार अपनी क्षमताएं बढ़ा रहे हैं। अलकायदा और ISIL-K को मिलाकर अफगानिस्तान में कुल 20 आतंकी संगठन सक्रिय होने का अनुमान है। इनका लक्ष्य मौका मिलते ही नए क्षेत्रों में अपनी पैठ बनाना है।
अगस्त 2021 में अफगानिस्तान की सत्ता पर कब्जा करने वाले तालिबान और अल-कायदा के बीच संबंध गहरे संबंध हैं। हालांकि, UN रिपोर्ट के मुताबिक, अल-कायदा अफगानिस्तान में गुप्त रूप से काम करता है, जिससे तालिबान पर ये आरोप न लग सके कि वो अफगानिस्तान का इस्तेमाल आतंकी गतिविधियों को बढ़ाने में कर रहा है। इससे दुनिया में उसे अफगानिस्तान की सरकार के तौर पर मंजूरी मिलने में मदद मिलेगी।
कैसे बना आतंकी संगठन AQIS
AQIS की शुरुआत 2014 में पूर्व अल-कायदा चीफ अयमान अल-जवाहिरी ने की थी। पाकिस्तान मूल का असीम उमर इसका शुरुआती सदस्य था। तब अल-जवाहिरी की तरफ से एक वीडियो भी सामने आया था, जिसमें उसने भारत के खिलाफ जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों की बात कही थी।
अब इसकी अगुवाई ओसामा महमूद कर रहा है, जो पाकिस्तान मूल का बताया जाता है। US-अफगान मिलिट्री ऑपरेशन में उमर मारा गया था। इसके बाद 2019 में महमूद ने इसकी बागडोर अपने हाथ में ले ली थी।
भारत में आतंकी संगठन AQIS कितना एक्टिव
दिल्ली में 2015 में तीन आतंकियों की गिरफ्तारी के बाद AQIS की भारत में मौजूदगी का पहली बार पता चला था। दिल्ली पुलिस ने बाद में AQIS के आतंकी मौलाना अब्दुल रहमान कासमी को गिरफ्तार किया था। पुलिस ने दावा किया कि इस आतंकी संगठन ने झारखंड के जंगलों में ट्रेनिंग कैंप बना रखा है।
जुलाई 2021 में UP पुलिस ने अल कायदा से जुड़े आतंकी संगठन अंसार गजवत उल हिंद के 2 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। भारत में अब AQIS का कोई बेस नहीं है।
प्रेमी से मिलने पाकिस्तान जा रही थी राजस्थान की लड़की, CISF ने एयरपोर्ट पर रोका
पाकिस्तान जा रही लड़की से पूछताछ के लिए महिला केंद्र से भी महिलाओं को बुलाया गया। पुलिस लड़की के मोबाइल की भी जांच कर रही है। वो केवल 250 रुपए लेकर पाकिस्तान जा रही थी।
राजस्थान के सीकर की रहने वाली 17 साल की लड़की अपने प्रेमी से मिलने पाकिस्तान जा रही थी, जिसे CISF ने पकड़ लिया। लड़की पर शक तब हुआ जब उसने एयरपोर्ट पर पाकिस्तान का टिकट मांगा। पहले तो उसने खुद को पाकिस्तानी बताया, लेकिन कड़ी पूछताछ के बाद बताया कि वो लाहौर के एक लड़के असलम लाहोरी से प्यार करती है। उसी से मिलने पाकिस्तान जा रही है। असलम ने ही बोला था कि एयरपोर्ट पर खुद को पाकिस्तानी बताना।
आज से ठीक 9 दिन पहले अंजू नाम की महिला राजस्थान से पाकिस्तान चली गई थी। उसने वहां जाकर अपना नाम बदलकर फातिमा कर लिया और फेसबुक फ्रेंड नसरुल्ला से निकाह कर लिया। इससे पहले सीमा हैदर नाम की महिला प्रेमी सचिन से मिलने पाकिस्तान से भारत आई थी, जिसके बाद ATS मामले की जांच कर रही है।
कूनो के जंगल से लापता हुई मादा चीता, तीन दिन से तलाश रहा वन विभाग
MP के कूनो नेशनल पार्क से मादा चीता निरवा पिछले 3 दिनों से लापता है। रेडियो कॉलर आईडी में खराबी की वजह से उसकी लोकेशन ट्रेस नहीं हो पा रही है। वन विभाग अब ड्रोन कैमरे की मदद से उसकी तलाश कर रहा है। चीता के लापता होने से विभाग पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं, क्योंकि कूनो के अधिकारी 24 घंटे उन पर निगरानी का दावा करते हैं।
: देश में 70 साल बाद सितंबर 2022 में चीतों की वापसी हुई। साउथ अफ्रीका और नामीबिया से कुल 20 चीते भारत लाए गए। एक मादा चीता ने चार शावकों को जन्म दिया, जिससे उनकी संख्या 24 हो गई। इनमें से अब केवल 16 चीते ही बचे हैं। सुप्रीम कोर्ट भी चीतों की मौत पर नाराजगी जाहिर कर चुका है और केंद्र को उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करने का आदेश दे चुका है।
भीमा कोरेगांव केस में 2 आरोपियों को जमानत, 2018 से जेल में बंद थे
ये दोनों आरोपी 2018 से जेल में बंद थे। दोनों पर भड़काऊ भाषण देने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, इन आरोपियों के भाषण की वजह से भीमा कोरेगांव में हिंसा भड़की थी।
सुप्रीम कोर्ट ने भीमा कोरेगांव केस में दो आरोपियों वेरनन गोंजाल्वेस और अरुण फरेरा को जमानत दे दी। कोर्ट ने कहा- दोनों आरोपियों को कस्टडी में 5 साल हो चुके हैं। उन पर गंभीर आरोप हैं, लेकिन केवल इस आधार पर उन्हें जमानत देने से इनकार नहीं किया जा सकता।
पुणे के पास भीमा कोरेगांव में 1 जनवरी 2018 को एक प्रोग्राम चल रहा था। अचानक इस समारोह में पत्थरबाजी शुरू हो गई। कुछ गाड़ियों में आग लगा दी गई। इस दौरान एक शख्स की जान चली गई। पुलिस ने जांच में पाया कि इस हिंसा के पीछे एल्गार परिषद जिम्मेदार है, जिसने एक दिन पहले बैठक की थी। इसकी फंडिंग नक्सलियों ने की थी।
इंडिगो पर लगा 30 लाख का जुर्माना, सेफ्टी इश्यू को लेकर DGCA ने निर्देश दिए
DGCA ने इंडिगो एयरलाइंस पर 30 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। 6 महीने में कंपनी के विमान का पिछला हिस्सा 4 बार जमीन से टकरा चुका है। इसी गलती के लिए एयरलाइन पर जुर्माना लगाया गया। इसके साथ ही DGCA ने इंडिगो को जरूरत के हिसाब से डाक्यूमेंट्स और कंपनी की प्रक्रियाओं में संशोधन करने का निर्देश दिया है।
दिसंबर 2022 में केंद्र सरकार ने बताया कि पिछले 5 साल में 2,613 हवाई घटनाएं हुईं। इंडिगो के विमानों में सबसे ज्यादा एक्सीडेंट 885 हुए। अकेले 2022 में ही 215 घटनाएं दर्ज की गईं। भारत में सबसे ज्यादा विमान इंडिगो के पास 306 हैं। ऐसे में DGCA चाहता है कि आगे चलकर कोई एक्सीडेंट न हो।
MP पुलिस ने आदिवासियों से लूटा 1 करोड़ का सोना, थाना प्रभारी सहित 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड
240 सोने के सिक्कों में से एक सोने का सिक्का, जिसकी कीमत 44 हजार रुपए आंकी गई। इंटरनेशनल मार्केट में इनकी कीमत और ज्यादा हो सकती है।
MP के अलीराजपुर जिले में एक आदिवासी परिवार से पुलिसवालों ने 240 सोने के सिक्के लूट लिए। इन सिक्कों की कीमत एक करोड़ से ज्यादा है। लूट के बाद उन्होंने थाने आकर लिखा कि अवैध रूप से शराब बेचने वालों को पकड़ने गए थे, लेकिन कुछ मिला नहीं। मामले में फरार 5 पुलिसकर्मी संस्पेंड कर दिए गए हैं।
आदिवासी को सोने के सिक्के खुदाई के दौरान मिले थे। उसने इसे घर की जमीन में छिपा दिया था। पुलिस को मुखबिरों से इसकी जानकारी मिली। पुलिसवाले 19 जुलाई को वहां पहुंचे और सभी सिक्के निकालकर फरार हो गए, जबकि नियम के मुताबिक उन्हें सरकारी खजाने में सिक्के जमा करवाना चाहिए था।

प्लानिंग के तहत पुलिसवालों ने थाने के सीसीटीवी बंद किए। पकड़े न जाएं, इसलिए थाना प्रभारी ने एक दिन पहले ही छुट्टी ले ली थी। लूट के बाद थाने आकर लिखा कि अवैध रूप से शराब बेचने वालों को पकड़ने गए थे, लेकिन कुछ मिला नहीं। असल में बात तो ये है कि पुलिसवाले गए और एक करोड़ रुपए का सोना लूट लाए।
महिला को गुजरात में खुदाई के दौरान मिले थे सिक्के
आलीराजपुर के सोंडवा थाना क्षेत्र के बेजड़ा गांव की रहने वाली रमकुबाई भयड़िया अपनी भतीजा बहू के साथ गुजरात मजदूरी करने गई थी। वहां एक मकान की खुदाई के दौरान दोनों को ये 240 सोने के सिक्के मिले थे। इसे वे चुपचाप लेकर आलीराजपुर लौट आए। ये सिक्के अंग्रेजों के जमाने के बताए जा रहे हैं। उन्होंने ये सिक्के घर में ही जमीन में छिपाकर रख दिए थे।
बाद में पुलिस को मुखबिरों से इसकी जानकारी मिली। पुलिसवाले रमकुबाई के यहां पहुंचे और खुदाई कर जमीन में छिपाए सिक्के लेकर आ गए। इसे सरकारी खजाने में जमा कराने की बजाय लेकर फरार हो गए। पुलिस ने अपने ही एक साथी पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद आलीराजपुर एसपी ने थाना प्रभारी सहित पांच पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया। आरोपी पुलिसवाले लूट के माल के साथ अब भी फरार हैं।
महिला बोलीं- सादे कपड़ों में आए लोग घर में घुस आए
रमकुबाई बताती हैं कि 19 जुलाई को सुबह करीब 11 बजे थे। मैं घर पर अकेली थी, तभी सादे कपड़ों में चार लोग आए। उन्होंने मुझे बांह से पकड़ा और धक्के मारते हुए घर में ले गए। वे कह रहे थे कि हम पुलिसवाले हैं। तुमने चोरी का सोना छिपा रखा है, निकाल दो नहीं तो मार-मारकर हालत खराब कर देंगे। उन्होंने बदसलूकी की और घर के भीतर फर्श को खोदकर देखने लगे। उन्हें दो जगह से सोने के 220 सिक्के मिल गए और चारों उसे लेकर चले गए।
मेरे घर से करीब 150 मीटर की दूरी पर मेरे भतीजे का घर है। पुलिस वहां भी पहुंची और इसी तरह जबरदस्ती की और मेरे भतीजे की पत्नी बंजारी से सोने के 20 सिक्के निकालकर ले गई। रमकुबाई के पति बंशी बताते हैं, कुछ घंटे के बाद वे घर पहुंचे ताे उन्हें इस बात की जानकारी हुई। तब उन्होंने अपने परिवार के दूसरे लोगों और गांव वालों को बताया। गांव के लोग दूसरे दिन जब थाने पहुंचे तो वहां पुलिस ने ऐसी किसी घटना से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद से थाने में बवाल हो गया और सूचना एसपी और दूसरे वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंच गई। फिर आगे की कार्रवाई की गई।240 सोने के सिक्कों में से एक सोने का सिक्का, जिसकी कीमत 44 हजार रुपए वर्तमान दाम के अनुसार आंकी गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इनकी कीमत और ज्यादा हो सकती है।
रोजनामचे में लिख दिया हमें कुछ नहीं मिला
पुलिस ने लूट की ये वारदात पूरी प्लानिंग के साथ की है। 19 जुलाई की सुबह 11 बजे सोंडवा के थाना प्रभारी विजय देवड़ा, प्रधान आरक्षक सुरेश चौहान, आरक्षक राकेश डाबर और विजेंद्र सिंह एक प्राइवेट कार से बेजड़ा गांव गए। रमकुबाई और बंजारी के घर से सोने के सिक्के लेकर आ गए। शाम को थाने जाकर रोजनामचे में लिखा-शराब की सूचना पर बेजड़ा गांव गए थे, लेकिन वहां कुछ नहीं मिला।
मजदूर परिवार ने ट्यूबवेल लगवाया, बाइक खरीदी, यहीं से खुला सोने का राज
गुजरात से सोने के सिक्के लेकर आने वाली रमकुबाई भयड़िया (51) ने बताया कि मैंने सोने के सिक्के मिलने की बात अपने पति और बेटे को भी नहीं बताई थी। फिर भी न जाने कैसे पुलिस वालों को पता चल गया। आलीराजपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और मामले की जांच कर रही विशेष टीम के प्रभारी एसआर सेंगर बताते हैं कि पता चला है कि उस मजदूर परिवार ने हाल ही में पहाड़ी पर ट्यूबवेल लगवाया और बाइक खरीदी है। अचानक से एक गरीब परिवार ने दो काम ऐसे किए थे, जिसमें बहुत खर्च होता है।
यहीं से सोंडवा थाने में पदस्थ खुफिया शाखा के आरक्षक राकेश डाबर को इसकी भनक लगी। उसने जांच की कि इनके पास इतना पैसा कहां से आया। राकेश डाबर को उस व्यक्ति का पता चल गया था, जिसे इन्होंने सोने के सिक्के बेचे थे। इसके बाद राकेश डाबर ने थाना प्रभारी को बताया। फिर सोना लूटने की योजना बनाई। इसके बाद आरोपियों ने दगड़ा फालिया के इस परिवार की रेकी की।
16 जुलाई को नियम तोड़कर थाने का सीसीटीवी कैमरा बंद कर दिया गया। दरअसल, पुलिस मुख्यालय के नियमों के अनुसार थाने का कैमरा बंद नहीं रहना चाहिए, अगर बिगड़ता है तो तत्काल इसकी सूचना वरिष्ठों के जरिए भोपाल भेजी जाएगी। थाने का सीसीटीवी संभालने का जिम्मा आरक्षक वीजेंद्र सिंह का था, वह खुद इस मामले में आरोपी है।
आरोपी टीआई ने बच्चे के जन्मदिन के नाम पर छुट्टी ली
थाना प्रभारी विजय देवड़ा ने 19 जुलाई को बच्चे के जन्मदिन के नाम पर 18 जुलाई को छुट्टी मंजूर कराई थी। 19 जुलाई को सोने के सिक्के लूटने की घटना को अंजाम दिया गया। रोजनामचा में उन्होंने आमद दर्ज कराते हुए लिखा कि शराब की सूचना पर बेजड़ा गांव गए थे, लेकिन वहां शराब नहीं मिली। 20 जुलाई को बेजड़ा गांव के लोगों ने थाने पहुंचकर हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि पुलिस बिना लिखा-पढ़ी के आदिवासी परिवार के यहां से सोने के सिक्के ले आई है।
बवाल शुरू हुआ तो करीब दो बजे थाना प्रभारी देवड़ा ने छुट्टी के लिए रवानगी ले ली। उनके जाने के बाद एक और आरक्षक ने थाना प्रभारी के नाम छुट्टी का आवेदन लगाकर घर की राह पकड़ ली। 21 जुलाई को पुलिस ने आरक्षक राकेश डाबर और तीन अज्ञात को आरोपी बनाते हुए एफआईआर दर्ज कर ली। 22 जुलाई को चारों पुलिसवाले अपना मोबाइल फोन बंद कर फरार हो गए।थाना प्रभारी विजय देवड़ा को निलंबित कर दिया गया, जिसके बाद उन्होंने वीडियो जारी कर खुद को निर्दोष बताया था। देवड़ा ने यह भी कहा था कि एसपी से जांच न कराएं।
बचने का फुलप्रूफ प्लान बनाया, लेकिन किस्मत धोखा दे गई
पुलिस वालों ने इस लूटकांड के ताप से बचने के लिए फुलप्रूफ प्लान बनाया था, लेकिन एक सबूत एफआईआर और निलंबन के अगले दिन सामने आया। सस्पेंड थाना प्रभारी विजय देवड़ा ने अपना एक वीडियो जारी किया। उसमें उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ नेताओं के दबाव में उन लोगों को चोर बनाया जा रहा है। देवड़ा ने सवाल उठाया कि जो लोग सोने के सिक्कों की चोरी की बात कर रहे हैं उनको बताना चाहिए कि उस मजदूर परिवार के पास सोने का सिक्का कहां से आया। वह परिवार कुछ भी कहानी बता रहा है और बिना जांच के उनको आरोपी बना दिया गया।
बात में दम था, लेकिन 22 जुलाई को ही पीड़ित परिवार की महिला रमकुबाई सोने का एक सिक्का लेकर थाने पहुंच गई। उसका कहना था, लूटे गए सिक्के भी इसी के जैसे थे। यहीं से आरोपियों पर शक गहरा गया। आलीराजपुर के पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह बताते हैं कि इस एक सिक्के ने यह साफ कर दिया कि आदिवासी परिवार की कहानी झूठी नहीं है। सच में उनके पास सोने के सिक्के थे, जिन्हें लूटा गया है।पुलिस वालों ने सोने की तलाश में रमकुबाई के घर में जगह-जगह खुदाई की थी।
जांच कराई तो 44 हजार का निकला एक सिक्का
पुलिस ने आलीराजपुर के ज्वेलर कमलेश जैन काकड़ीवाला से उसकी जांच कराई। पता चला कि उसका वजन 7.98 ग्राम है। उसमें 22 कैरेट यानी 90% शुद्ध सोना है। वर्तमान बाजार भाव 55 हजार 700 रुपया तोला यानी 10 ग्राम की दर से इस सिक्के का बाजार भाव 44 हजार 449 रुपया बताया गया। केवल सोने के भाव 240 सिक्कों की कुल कीमत एक करोड़ छह लाख 67 हजार 760 हो रही है।
यह एंटीक किस्म का सिक्का है, ऐसे में इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 7 से 10 करोड़ रुपए के बीच आंकी गई है। अब आलीराजपुर एसपी ने इन सिक्कों का पुरातात्विक और सांस्कृतिक महत्व जानने के लिए पुरातत्व विभाग को एक पत्र भेजा है। बताया जा रहा है कि अगर ये सिक्के ऐतिहासिक महत्व के हुए तो इनकी कीमत बढ़ जाएगी।रमकुबाई के भतीजे का घर जहां से पुलिसवाले 20 सोने के सिक्के लेकर गए हैं।
सोने के सिक्के लूटने में ऐसे फंसे वर्दीवाले
थाना प्रभारी विजय देवड़ा की कहानी के अनुसार उन्हें सूचना मिली थी कि फला-फला गांव में शराब है। उसको पकड़ने के लिए उन्होंने तीन आरक्षकों को वहां भेजा था, बाद में उनके बुलाने पर वे भी वहां गए। बताई गई जगह पर शराब नहीं मिली तो वे लोग थाने वापस लौट आए। इस कहानी में कई पेंच हैं।
मामले की जांच के लिए बनाई गई एसआईटी के प्रभारी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसआर सेंगर का कहना है, इस कहानी में कई गड़बड़ियां हैं।
- अवैध शराब की सूचना पर थाने से यदि कोई टीम रवाना हुई तो रोजनामचे में उसका जिक्र क्यों नहीं किया गया?
- ऐसी छापेमारी में वरिष्ठ अफसरों को सूचित करने का नियम है, लेकिन पुलिस टीम ने इस बारे में सीनियर अफसरों को क्यों नहीं बताया?
- जब तीन आरक्षकों को वहां से कुछ नहीं मिला तो थाना प्रभारी देवड़ा को वहां क्यों बुलाया?
- शराब पकड़ने की बात करने वाले पुलिसवालों ने सिर्फ एक फीट का गड्ढा किया, छोटे से गड्ढे में वे शराब का कौन का जखीरा ढूंढ रहे थे?
बेहद कम आबादी वाला गांव है बेजड़ा। मामले की जांच कर रहे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसआर सेंगर बताते हैं कि इस मामले में थाना पुलिस की कहानी में कई गड़बड़ियां हैं।
आदिवासी क्षेत्र में वैसे भी पांच लीटर शराब रखने की अनुमति है
आलीराजपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसआर सेंगर एक और तथ्य की ओर ध्यान खींचते हैं। उनका कहना है कि यह जिला अधिसूचित क्षेत्र यानी आदिवासी बहुल क्षेत्र घोषित है। इसका सीधा मतलब है कि यहां रह रहे अनुसूचित जनजाति के लोगों की परंपरा के मुताबिक कुछ नियमों में कानून ने ढील दी हुई है। उसमें शराब को बनाना और उपयोग करना भी शामिल है। जनजाति परिवार के किसी परिवार के पास पांच लीटर तक शराब रखने की छूट कानून में है। किसी पारिवारिक-धार्मिक-सामाजिक उत्सव या आयोजन के लिए छूट की यह सीमा बढ़ जाती है।
इसकी जानकारी यहां के हर पुलिसवाले को है। समय-समय पर इसको अपडेट भी किया जाता है। इसके बावजूद आरोपी पुलिसकर्मी एक आदिवासी परिवार के घर शराब तलाशने गए, जहां शराब बनाने-बेचने का कोई निशान तक नहीं है। आरोपियों की बात मान भी ली जाए तो इसका मतलब यह भी हुआ कि उन्होंने सूचना को कन्फर्म किए बिना किसी के घर में दबिश दे दी। यहां भी कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया।
गिरफ्तारी से ज्यादा पुलिस को सोने के सिक्कों की चिंता
पुलिसवालों पर लगे लूट के आरोपों पर खूब राजनीति भी हो रही है। सत्ताधारी भाजपा के नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर आरोपी पुलिस वालों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो बड़ा आंदोलन होगा। 25 जुलाई को उन लोगों ने सोंडवा बंद कराया था। पुलिस पर आरोपियों की गिरफ्तारी का दबाव है, लेकिन अधिकारियों को गिरफ्तारी से अधिक सबूत की चिंता है। वे लोग आदिवासी परिवार को सोने के सिक्कों के मिलने से लेकर लूट की कड़ियां जोड़ने की कोशिश में हैं। इसके लिए पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने एडिशनल एसपी एसआर सेंगर की अगुवाई में एक एसआईटी बनाई है।
यह टीम पीड़ित परिवार को लेकर गुजरात के नवसारी गई थी। वे लोग 26 जुलाई को लौटे। वहां आदिवासी परिवार ने उस जगह की तस्दीक की जहां से उन्हें सोने के सिक्के मिले थे। उस जमीन के मौजूदा मालिकों के बयान हुए हैं, वहीं उस जमीन के 1950 तक के दस्तावेज निकलवाए गए हैं, ताकि जमीन के मालिकों का इतिहास भी पुख्ता किया जा सके।
इधर, आरोपी अग्रिम जमानत की अर्जी लगाने के लिए वकीलों के संपर्क में हैं। अभी तक पुलिस ने एफआईआर में सभी चार का नाम शामिल नहीं किया है, इसलिए वे अदालत नहीं आ रहे हैं। अधिकारियों का कहना है, उनकी कोशिश है कि आरोपियों की गिरफ्तारी से पहले सबूत जुटा लिए जाएं ताकि सिक्कों की बरामदगी के लिए उन्हें रिमांड पर लिया जा सके। अगर अधकचरे सबूतों की वजह से उन्हें जमानत मिल गई तो सिक्कों का मिलना मुश्किल हो जाएगा।
गुजरात के जिस परिवार के घर से सोना निकला वे बड़े कारोबारी और अधिकतर एनआरआई
पुलिस अधीक्षक हंसराज सिंह ने बताया कि नवसारी (गुजरात) के जिस परिवार की जमीन से सिक्कों के मिलने की जानकारी आई है, उसके मुताबिक मौजूदा मालिकों के परदादा कासिम भाई के नाम से वह संपत्ति थी। 1950 के रिकॉर्ड में उनके नाम 100 बीघा जमीन, राइस मिल जैसी संपत्तियां दर्ज हैं। उनके दो बेटे हुए हुसैन मोहम्मद और गुलाम मोहम्मद। इसमें से इस मकान में हुसैन मोहम्मद का परिवार रहता था। उनके दो बेटे फरीक और निसार थे, जो बाद में वलसाड़ में जाकर बस गए। बाद में यह परिवार इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया में बस गया।
कासिम भाई के दूसरे बेटे गुलाम मोहम्मद जुआरी निकल गए तो अपनी संपत्तियां बेच डालीं। 2009 में एनआरआई परिवार ने नवसारी में स्थित अपना पुश्तैनी घर गुलाम मोहम्मद के वारिसों में से एक इम्तियाज बलियावाला को बेच दिया। इम्तियाज का परिवार भी ब्रिटेन में रहता है। इसी मकान को गिराकर जमीन साफ करने के काम में आलीराजपुर के मजदूर परिवार को लगाया गया था। सफाई के दौरान दोनों महिलाओं को सोने के सिक्के मिले थे।
फरवरी में मलबा हटाते हुए मिला था सिक्कों का ढेर
बेजड़ा गांव की दगड़ा फालिया निवासी रमकू बाई बताती हैं कि वे अपने भतीजे और दो बहुओं के साथ नवसारी में मजदूरी करने गई थी। जिस ठेकेदार ने उन्हें काम पर रखा था वह अक्सर उन्हें गुजरात में काम के लिए ले जाता है। इस बार मकान को गिराकर उसका मलबा साफ करने का काम मिला था। इस साल की फरवरी में किसी दिन वहां दीवार और छत का मलबा हटाते समय उनको सिक्कों का ढेर मिला। उन्होंने और उनकी बहू ने सिक्कों को छिपा दिया। उसके कुछ दिनों बाद ही वे लोग काम छोड़कर घर वापस लौट आए।
रमकूबाई का कहना है कि उनके परिवार में एक बुजुर्ग महिला का निधन हो गया था, उसकी वजह से उन लोगों को लौटना पड़ा। पुलिस का अनुमान है, सोना छिपाने की जल्दी में यह परिवार काम छोड़कर गांव लौट आया होगा। सिक्के लाने के बाद रमकूबाई ने अपनी झोपड़ी में दो जगहों पर छोटा-छोटा गड्ढा खोदकर उन्हें दबा कर लिपाई कर दी। करीब 20 सिक्के भतीजे की पत्नी के हाथ लगे थे तो उसने अपने घर में उसे दबा दिया।
सांसद बृजभूषण को पेशी से छूट मिली
अदालत ने महिला पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न के मामले में आरोपित बीजेपी सांसद बृजभूषण शरण सिंह को शुक्रवार को एक दिन के लिए व्यक्तिगत मौजूदगी से छूट दे दी। बृजभूषण के वकील ने अदालत को बताया कि आरोपित पेश होने में असमर्थ हैं, क्योंकि वह सांसद के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने में व्यस्त हैं।
चीन पर जापान भारत के साथ
चीन से जारी तनातनी के बीच भारत को जापान का समर्थन मिला है। जापान के विदेश मंत्री ने शुक्रवार को कहा कि स्वतंत्र और खुले हिंद प्रशांत महासागर को सुनिश्चित करने के लिए भारत एक अहम भागीदार है। दोनों देश दुनिया को टकराव के बजाय सहयोग की ओर ले जाने की जरूरत को समझते हैं।
अफजाल अंसारी बेल पर जेल से रिहा
गैंगस्टर ऐक्ट में सजायाफ्ता व पूर्व बसपा सांसद अफजाल अंसारी की गुरुवार शाम जमानत पर गाजीपुर जिला जेल से रिहाई हुई। अफजाल के परिवारीजन और समर्थक वाहनों के काफिले के साथ जेल पहुंचे थे। जेल से निकलने के बाद अफजाल काफिले के साथ घर को रवाना हो गया।
हमारी विपक्षी पार्टियों के सब निखट्टू लोग जब इन्हें कुछ ध्यान नहीं आया तब सोचा कि नाम बड़ा रख लो सब चीजें उसके नीचे दब जाएंगी। INDIA नाम रख दिया और ये उसके बोझ के नीचे दब गए: विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन पर हरियाणा CM मनोहर लाल खट्टर
कटिहार में गोलीबारी की घटना का सीसीटीवी वीडियो।
कल मैंने संसद और देशवासियों को विदेश नीति से संबंधित कुछ महत्वपूर्ण घटनाक्रमों से अवगत कराना चाहा…दुख की बात है कि विपक्ष ने संसद के दोनों सदनों में मेरे बयान को बार-बार बाधित किया। उनके लिए पक्षपातपूर्ण राजनीति राष्ट्रीय प्रगति से अधिक महत्वपूर्ण थी: विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर