भारतीय जनता पार्टी के दिल्ली मुख्यालय में केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक देर रात तक चली। माना जा रहा है कि कभी भी उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी हो सकती है। अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट की प्री-वेडिंग सेरेमनी आज से शुरू, कई वीवीआईपी होंगे शामिल,3 मार्च को होगी किसान संगठनों की अगली बैठक, आगामी रणनीति को लेकर होगी चर्चा,किसानों के बाद अब सड़क पर उतरेंगे पंजाब के उद्योगपति, ‘रेल रोको’ आंदोलन का आह्वान,भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक, कभी भी जारी हो सकती है उम्मीदवारों की पहली लिस्ट,दिल्ली-NCR में बारिश का ऑरेंज अलर्ट! तेज हवाओं के साथ बरसेंगे बादल,मार्च से सभी रेल रोको आंदोलन का आह्वान करेंगे। किसानों की अगली बैठक अब 3 मार्च को होगी। मशहूर उद्योगपति मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट के प्री वेडिंग सेरेमेनी की शुरुआत आज से ही हो जाएगी।
आतंकी करीम टुंडा की कहानी, बम धमाके के बाद मिला नया नाम, सीरियल बम ब्लास्ट केस में हुआ बरी

बाबरी ढांचा विध्वंस की पहली बरसी पर (6 दिसंबर 1993) देश के कई राज्यों में ट्रेनों में सीरियल बम ब्लास्ट हुए। इन धमाकों का मास्टर माइंड आतंकी अब्दुल करीम टुंडा को बताया गया। ब्लास्ट के बाद से ही करीम टुंडा फरार था और आतंकी घटनाओं को अंजाम देने में लगा था। अगस्त 2013 में पुलिस ने आंतकी टुंडा को गिरफ्तार किया। इसके बाद से ही उसके खिलाफ अजमेर की टाडा कोर्ट में केस चल रहा था। गुरुवार (29 फरवरी) को टाडा कोर्ट के जज महावीर प्रसाद गुप्ता ने टुंडा को सीरियल बम ब्लास्ट केस से बरी कर दिया, जबकि दो अन्य आतंकी इरफान और हमीमुद्दीन को ब्लास्ट का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। देश में हुए 40 बम धमाकों में अब्दुल करीम टुंडा का हाथ बताया जाता है। इसके खिलाफ अलग-अलग राज्यों में 33 से ज्यादा केस दर्ज हैं। 21 साल पहले बम धमाके में इसका बायां हाथ उड़ गया था, जिसके बाद इसके नाम में टुंडा जुड़ गया।
कब और कहां हुए थे धमाके?
6 दिसंबर 1993 को राजस्थान के कोटा, उत्तर प्रदेश के लखनऊ, कानपुर के अलावा हैदराबाद, सूरत और मुंबई में ट्रेनों में सीरियल बम ब्लास्ट हुए थे। 28 फरवरी 2004 को टाडा कोर्ट ने इस मामले में 16 आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने चार आरोपियों को बरी कर दिया, लेकिन बाकी 12 दोषियों की सजा को बरकरार रखा।
कई साल तक फरार रहा टुंडा, 2013 में पकड़ा गया
सीरियल बम ब्लास्ट के बाद आतंकी करीम टुंडा फरार था। इस दौरान उसने रोहतक और हैदराबाद में भी बम धमाके किए। इसके अलावा देश में हुई कई अन्य आतंकी घटनाओं में भी शामिल रहा। शातिर आरोपी करीम टुंका कई साल तक पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को चम्मा देता रहा, लेकिन अगस्त 2013 में उसे नेपाल बॉर्डर से गिरफ्तार कर लिया गया। आंतकी टुंडा पर सीरियल बम ब्लास्ट केस का मास्टरमाइंड होने का आरोप था।
इतना शातिर है आतंकी टुंडा
साल 1993 से 1998 तक देश में हुई कई बम धमाकों का मास्टर माइंड अब्दुल करीम टुंडा ही था। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा, आंध्रप्रदेश और महाराष्ट्र में हुई आतंकी घटनाओं में टुंडा का हाथ रहा है। वह आतंकी संगठन लश्कर ए तैयबा का प्रमुख भी रहा है। धार्मिक कट्टरता के आधार पर उसने आतंकियों की पूरी फौज तैयार कर ली थी। उसके संगठन की विदेशों से भी फंड़िंग होती थी। सुरक्षा एजेंसियों की जांच में सामने आया था कि आंतकी टुंडा का नेटवर्क कई देशों में फैला हुआ था। वह इतना शातिर था कि आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए वह खुद कहीं नहीं जाता था। इसी कारण से जांच एजेंसियों को उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत मिलते। टुंडा ने 1997 में रोहतक में दो जगह बम ब्लास्ट कराए थे, जबकि 1998 में हैदराबाद बम ब्लास्ट की प्लानिंग भी इसी ने ही की थी। हालांकि सबूत और गवाह नहीं होने के कारण वह कोर्ट से बरी हो गया था।
ऐसे नाम के साथ जुड़ा टुंडा
देश में हुए 40 बम धमाकों में अब्दुल करीम टुंडा का हाथ बताया गया था। इसके खिलाफ अलग-अलग राज्यों में 33 से ज्यादा केस दर्ज हैं। करीब 21 साल पहले अब्दुल करीम टुंडा बांग्लादेश में बम बनाने की ट्रेनिंग दे रहा था। इस दौरान धमाके में उसका बायां हाथ उड़ गया। एक हाथ गंवाने के कारण उसका नाम में टुंडा जुड़ गया। आतंकी टुंडा पर टिफिन बम से राजधानी एक्सप्रेस में धमाका करने का भी आरोप है। इस मामले की सुनवाई भी अजमेर की टाडा कोर्ट में चल रही है।
1981 में घर छोड़ा, दूसरी शादी भी की
अब्दुल करीम टुंडा का जन्म 1943 में पुरानी दिल्ली के छत्तालाल मियां में हुआ। इसके पिता लोहे की ढलाई का काम करते थे। टुंडा की संदिग्ध गतिविधियों को देखकर उसके पिता पुरानी दिल्ली छोड़कर गाजियाबाद जिले के पिलखुआ में बस गए। यहां वह भाइयों के साथ बढ़ई का काम करने लगा। परिजनों ने कुछ समय बाद उसकी शादी जरीना नामक महिला से कराई। शादी के कुछ समय बाद टुंडा कई-कई दिनों तक घर नहीं आता था। 1981 में उसने पूरी तरह तरह घर छोड़ दिया। लंबे समय बाद जब वह वापस लौटा तो अहमदाबाद की रहने वाली मुमताज उसकी पत्नी थी। इस दौरान उसके पाकिस्तान में आईएसआई से ट्रेनिंग लेने की बात भी सामने आई थी। टुंडा के खिलाफ दिल्ली के थानों में 21, गाजियाबाद में 13 और देश भर 40 से ज्यादा केस दर्ज हैं। 1956 में अब्दुल करीम टुंडा के खिलाफ चोरी का पहला केस दर्ज हुआ था। जानकारी के अनुसार उस समय टुंडा नाबालिग था
आतंकवाद और नशीले पदार्थों पर नकेल कसने की मुहिम; रणनीतिक साझेदारी मजबूत कर रहे भारत और अमेरिका
भारत और अमेरिका नशीले पदार्थों के खिलाफ और आतंकवाद से निपटने पर रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने के प्रयास कर रहे हैं। होमलैंड सिक्योरिटी डायलॉग के तहत भारत की तरफ से गृह सचिव अजय भल्ला और अमेरिकी उपसचिव क्रिस्टी कैनेगलो ने अलग-अलग मुद्दों पर विस्तार से बात की।
भारत और अमेरिका के बीच बैठक के दौरान केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला और क्रिस्टी कैनेगलो ने आव्रजन कानून लागू करते हुए वैध आव्रजन मार्गों तक पहुंच के विषय पर भी मंथन किया। इस कानून के तहत जरूरतमंद नागरिकों की वापसी को लेकर अमेरिका और भारत ने प्रतिबद्धता जताई है। ऐसे लोगों के पास अमेरिका में रहने का कानूनी आधार नहीं होता।
अमेरिकी होमलैंड सिक्योरिटी की तरफ से जारी बयान के मुताबिक कमजोर प्रवासियों का शिकार और उनसे लाभ कमाने वाले तस्करों पर नकेल कसने के लिए दोनों देश आपस में कानूनी रूप से सहयोग करेंगे। होमलैंड सिक्योरिटी डायलॉग के दौरान भारत और अमेरिका के बीच यूएस-इंडिया काउंटरनारकोटिक्स वर्किंग ग्रुप (USICWG) के योगदान पर भी चर्चा की गई।
USICWG दोनों देशों के बीच दवा नियामक से जुड़े मुद्दों, कानून प्रवर्तन सहयोग और बहुपक्षीय मंचों में समन्वय जैसे बिंदुओं पर काम करती है। दवा की मांग में कमी से निपटने को लेकर होने वाले संयुक्त प्रयासों के मामले में भी यूएसआईसीडब्लूजी मार्गदर्शन करता है।
‘डिजाइनर की गलती थी’, रॉकेट विज्ञापन पर चीनी झंडे को लेकर द्रमुक नेता की सफाई
इसरो के नए प्रक्षेपण परिसर से संबंधित एक विज्ञापन में ‘चीनी झंडा’ दिखने को लेकर विवादों में घिरी तमिलनाडु सरकार ने अब सफाई दी है। विवाद के एक दिन बाद द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) की नेता और मत्स्य पालन मंत्री अनीता आर. राधाकृष्णन ने कहा कि यह डिजाइनर की गलती थी। पार्टी की ओर से विज्ञापन देने वाली मंत्री ने कहा कि यह केवल एक गलती थी और द्रमुक का कोई दूसरा इरादा नहीं था। हमारे दिलों में भारत के लिए सिर्फ प्यार है।
चुनावी वर्ष में रियल एस्टेट की चमक से रोजगार बढ़ने और अर्थव्यवस्था को गति मिलने की उम्मीद
वर्ष 2023 सही मायनों में रियल एस्टेट का साल था और वर्षों बाद उसने अपनी चमक बिखेरी। यह चमक इस साल भी बरकरार है। लगातार रियल एस्टेट कंपनियों के नए लॉन्च की खबरें सामने आ रही हैं। पिछले साल देसी-विदेशी निवेशकों ने इसमें जमकर पैसा लगाया, जिसका असर भी दिखा। आंकड़े बता रहे हैं कि पिछले साल कुल 5.1 अरब डॉलर का निवेश इस क्षेत्र में हुआ। इनमें से दो अरब डॉलर से भी ज्यादा रकम जमीन की खरीद में लगाई गई, यानी इस साल या अगले साल उनमें निर्माण कार्य होंगे। इससे बड़े पैमाने पर इस क्षेत्र में रोजगार मिलने की उम्मीद जताई जा सकती है।प्रॉपर्टी की वैश्विक सेवा कंपनी जेएलएल के मुताबिक, पिछले साल हर तिमाही में औसतन 65,000 इकाइयां बिकीं और पहले नौ महीनों में 2,23,905 लॉन्च हुए, जो एक रिकॉर्ड है। यह संख्या साल के अंत तक लगभग 2,80,000 रही होगी। इन आंकड़ों के आधार पर कहा जा रहा है कि इस साल कुल 2,90,000 आवासीय इकाइयां लॉन्च हो सकती हैं।
प्रॉपर्टी की वैश्विक सेवा कंपनी जेएलएल के मुताबिक, पिछले साल हर तिमाही में औसतन 65,000 इकाइयां बिकीं और पहले नौ महीनों में 2,23,905 लॉन्च हुए, जो एक रिकॉर्ड है। यह संख्या साल के अंत तक लगभग 2,80,000 रही होगी। इन आंकड़ों के आधार पर कहा जा रहा है कि इस साल कुल 2,90,000 आवासीय इकाइयां लॉन्च हो सकती हैं। जेएलएल का कहना है कि होम लोन ब्याज दरों के ज्यादा होने तथा महंगाई में बढ़ोतरी के बावजूद ग्राहक नई इकाइयों में दिलचस्पी दिखा रहे हैं। यदि रिजर्व बैंक अपनी अगली बैठक में ब्याज दरों में कटौती करेगा, तो उसका असर मकानों तथा व्यावसायिक संपत्ति की खरीद पर भी पड़ेगा।
वर्ष 2023 में एक और बात देखने में आई कि ग्राहक बन रहे मकानों में भी निवेश कर रहे हैं। यह एक अच्छा ट्रेंड है, जो बताता है कि आने वाले समय में मकानों की बिक्री लगातार बढ़ेगी। इसके अलावा, महंगे और लग्जरी सेगमेंट के मकानों की बिक्री खूब बढ़ी है। डेढ़ करोड़ रुपये की कीमत तक के मकानों की बिक्री में 22 फीसदी तथा लग्जरी मकानों, जो तीन करोड़ रुपये से भी ज्यादा कीमत के हैं, की बिक्री में 83 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। यह देश की बेहतर आर्थिक स्थिति का संकेत है। मुंबई, दिल्ली, गुरुग्राम के अलावा नोएडा में भी महंगे मकान अब काफी बिक रहे हैं।
जिस गंभीरता से निवेशक रियल एस्टेट में धन लगा रहे हैं, उससे पता चलता है कि उनका भरोसा कायम है। रियल एस्टेट में सरकारी पहल के अलावा, टेक्नोलॉजी के बढ़ते इस्तेमाल, विदेशी करार वगैरह इसे मजबूत बना रहे हैं। नई टेक्नोलॉजी के कारण अब स्मार्ट होम धड़ल्ले से बन रहे हैं। नए उपकरणों से ऊंचे-ऊंचे मकान कम समय में तैयार हो रहे हैं। ऐसे मकान बनाना भी संभव हो गया है, जहां ऊर्जा की खपत कम होती है और ग्राहकों को ये पसंद भी आते हैं।
अंतरराष्ट्रीय एजेंसी केपीएमजी का कहना है कि 2024 भारतीय रियल एस्टेट के लिए एक उत्साहपूर्ण वर्ष होगा और पिछले साल की तुलना में 10 से 15 फीसदी तक की बढ़ोतरी होगी और आवासीय सेक्टर में तीन लाख यूनिट बिक सकते हैं। व्यावसायिक क्षेत्र में ऑफिस स्पेस की जो मांग कोविड के कारण घट गई थी, अब तेजी से बढ़ रही है तथा आगे और बढ़ने की उम्मीद है। अब न केवल वर्क प्लेस की मांग बढ़ी है, बल्कि मॉल तथा शॉपिंग कॉम्पलेक्सों की भी। यानी आने वाले समय में कमर्शियल रियल एस्टेट को और भी बढ़ावा मिलेगा। ई-कॉमर्स तथा लॉजिस्टिक्स में भी गतिविधियां तेज हो जाने से वेयर हाउसिंग में भी तेजी आएगी। बंगलूरू, चेन्नई, पुणे, दिल्ली-एनसीआर, कोलकाता, मुंबई-ये वे शहर हैं, जहां कमर्शियल स्पेस की मांग बढ़ी है और 2024 में भी बढ़ती रहेगी।
हालांकि 2024 चुनावी वर्ष है। इसके बावजूद उम्मीद है कि अर्थव्यवस्था छह फीसदी से भी ज्यादा रफ्तार से बढ़ेगी। इस भरोसे से रियल एस्टेट को गति मिलती है। तेजी से शहरीकरण के चलते नई पीढ़ी अब रियल एस्टेट में दिलचस्पी ले रही है। इससे यह संभावना दिख रही है कि न केवल 2024 में, बल्कि आगे भी रियल एस्टेट सेक्टर में तेजी आएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि 2025 में रियल एस्टेट क्षेत्र का आकार 650 अरब डॉलर का होगा, जो देश की प्रगति में हाथ बंटाएगा। रियल एस्टेट का देश के कुल जीडीपी में 7.3 फीसदी का हिस्सा है और यह रेलवे के बाद दूसरा सबसे बड़ा रोजगार प्रदाता है। इससे सरकार को टैक्स के रूप में बहुत बड़ी राशि मिलती है। इसके विकास से लोहा, सीमेंट, फर्निशिंग के सामान, बिजली के सामान, सैनिटरी गुड्स वगैरह उद्योगों को भी बढ़ावा मिलेगा।
अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव : बुजुर्ग बाइडन की बेचारगी बनाम ट्रम्प से ‘महामानव’ जैसी उम्मीदें
जब एक बड़े अमेरिकी नेता (जो बाइडन) के लिए कुछ भी ठीक न हो रहा हो, तब उसे धर्म (बाइबिल) की शरण में जाना ही पड़ता है। ऐसा करना उनकी मजबूरी भी है, क्योंकि उनकेधर्म में ऐसे लोगों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है, जो उनके विरोधी (डोनाल्ड ट्रंप) को ईश्वर की पसंद बता रहे हैं। वृद्धावस्था के स्वाभाविक लक्षणों से जूझ रहे बाइडन को उन किताबों में ही सांत्वना मिल सकती है, जो बुढ़ापे को जीवन के गौरवशाली शिखर के रूप में स्थापित करती हैं। खुद अमेरिकी राष्ट्रपति के न्याय विभाग द्वारा नियुक्त किए गए विशेष जांच अधिकारी ने ओबामा प्रशासन छोड़ने के बावजूद आधिकारिक दस्तावेजों के उनके पास होने की जांच की, पर उन्हें दोषी नहीं पाया। हां, जांच अधिकारी ने बेहद विनम्रतापूर्वक उनकी मानसिक तीक्ष्णता पर संदेह जरूर प्रकट किया। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में लिखा, ‘राष्ट्रपति नेक इरादे वाले बुजुर्ग व्यक्ति हैं, जिनकी याददाश्त कमजोर है और बुढ़ापे में उनकी क्षमताएं भीकुछ कमजोर हुई हैं।’
एक राष्ट्रपति, जो मैक्रों को मिटर्रैंड और मर्केल को कोह्ल समझ लेते हैं और उस आतंकी संगठन तक का नाम भूल जाते हैं, जिसके साथ इस्राइल गाजा में लड़ रहा है, मुमकिन है कि याददाश्त संबंधी समस्याओं से जूझ रहा हो। लेकिन दुनिया के सबसे शक्तिशाली राष्ट्रपति की ये व्यक्तिगत समस्याएं क्या वाकई इतनी सामान्य हैं?
एक राष्ट्रपति, जो मैक्रों को मिटर्रैंड और मर्केल को कोह्ल समझ लेते हैं और उस आतंकी संगठन तक का नाम भूल जाते हैं, जिसके साथ इस्राइल गाजा में लड़ रहा है, मुमकिन है कि याददाश्त संबंधी समस्याओं से जूझ रहा हो। लेकिन दुनिया के सबसे शक्तिशाली राष्ट्रपति की ये व्यक्तिगत समस्याएं क्या वाकई इतनी सामान्य हैं?
आप कभी-कभार हैरान-सी दिखने वाली उनकी मुख-मुद्रा को देखिए या फिर प्रेस कान्फ्रेंस में उनके तौर-तरीके व उनकी फिटनेस को देखिए, ये सब दूसरे कार्यकाल के लिए उनकी पात्रता के बारे में सार्वजनिक चिंताओं को बढ़ाते हैं, जिसके अंत में वह 86 वर्ष के हो जाएंगे। शारीरिक भाव-भंगिमाओं से वह खुद को युवा दिखाने की कोशिश जरूर करते हैं, लेकिन जो चीजें स्वाभाविक रूप से भीतर से आ रही हों, उन्हें क्या कहें? एक लेखक कहते हैं कि जो बाइडन को अपने सामने देखकर ऐसा लगता है कि वह किसी प्रतिमा में तब्दील हो रहे हैं।
क्या यह अमेरिकी स्वप्न का धूमिल होना है, क्योंकि 2024 का चुनाव, जिस पर सबसे ज्यादा लोगों की नजर होगी, दो बुजुर्गों के बीच होने वाली प्रतियोगिता बन गई है? 77 साल के डोनाल्ड ट्रंप अपेक्षाकृत युवा प्रतिद्वंद्वी हैं। लेकिन तमाम सर्वेक्षण, रिपब्लिकन और व्यापक रूप से जनता उनकी उम्र को लेकर कम चिंतित दिखाई देती है। ऐसा इसलिए, क्योंकि यह प्रतीत होता है कि बढ़ती उम्र ने उनके गुस्से को और बढ़ा दिया है, जिससे वह परंपरागत राजनीति को रौंदने वाले महामानव ज्यादा दिखने लगे हैं।
दूसरी ओर, बाइडन के अपने उदार प्रशंसक हैं, जो तर्क दे सकते हैं कि शारीरिक-मानसिक कमजोरियां भले उनकी सार्वजनिक मौजूदगी में दिखती हों, पर इनका राष्ट्रपति के रूप में उनके कर्तव्यों के निर्वहन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। कहने का तात्पर्य यह कि राजनीति और शासन में कुछ चीजें अंदरखाने में चलती हैं, इसलिए इस मामले में चुप्पी ही श्रेष्ठ है। लेकिन इस तर्क में दुनिया के सबसे ताकतवर राजनेता की शारीरिक-मानसिक कमजोरी के अलावा एक गंभीर लोकतांत्रिक हताशा भी छिपी है।
बाइडन की पार्टी खुद उनसे पीड़ित है, क्योंकि वह ट्रंप नहीं हैं। दूसरी ओर, रिपब्लिकन बेहद गुस्से वाले ट्रंप को नाराज करने से बहुत डरते हैं। बाइडन की चौंका देने वाली बेतरतीबी औरट्रंप का कच्चा यथार्थवाद एक पुरानी कहावत की सीमा को उजागर करता है कि जितना अधिक शरीर बूढ़ा होता है, आप उतने ही समझदार होते हैं।
यह कहावत दरअसल पूर्व से ली गई है, जहां बुद्धिमान लोग हमेशा एक खास क्षेत्र के माने जाते थे। जब चीनी साम्यवाद ने अपने सांस्कृतिक इतिहास से सबसे बुद्धिमान व्यक्ति को अपनाया, तो झोंगनानहाई के प्राचीन साथियों को जीवंतता की अतिरिक्त खुराक मिल गई। हालांकि कन्फ्यूशियस ने कभी सार्वजनिक मंच नहीं छोड़ा। माओ जब मार्क्स से मिलने के लिए रवाना हुए, तब वे 82 वर्ष के थे। माओ के बाद सबसे प्रभावशाली चीनी देंग जियाओपिंग ने, जो सांस्कृतिक क्रांति के बाद भी बचे थे, जब मंच छोड़ा, तो 92 वर्ष के थे।
जाहिर है कि बुढ़ापे ने इन महान व्यक्तियों की गति कभी धीमी नहीं की। इनकी सक्रियता शारीरिक बंधनों के बावजूद बनी रही। इतिहास बताता है कि क्रांतियां तभी परिपक्व होती हैं, जब उन्हें पुराने क्रांतिकारियों द्वारा पोषित किया जाता है। जाहिर है कि उम्र का अपना महत्व होता है और पूर्व ने इस चीज को हमेशा महत्व दिया है। वह हमेशा से ही बुद्धिमान बुजुर्गों का पक्षपाती रहा।
हमारे देश में बाइडन जैसी स्थिति पैदा नहीं हुई। जब मोरारजी देसाई अमेरिकी राष्ट्रपति की मौजूदा उम्र 81 वर्ष में देश के प्रधानमंत्री बने, वह भारतीय राजनीति के सबसे बुजुर्ग व्यक्ति तो थे ही, कांग्रेस-विरोधी लहर की पहली पंक्ति के राजनेता भी थे। उनके पास स्वस्थ रहने के अपने स्वदेशी तरीके थे। लेकिन उन्होंने कभी भी जयप्रकाश नारायण को जगजीवन राम समझने की भूल नहीं की। उनके उत्तराधिकारी बनने वाले चौधरी चरण सिंह का प्रधानमंत्री बनने का सपना जब पूरा हुआ, तब वह उनसे मात्र चार वर्ष छोटे थे, जो 77 वर्षीय ट्रंप से कुछ हीमहीने कम थे। 81 साल की उम्र में अपने सपनों का पीछा करने वाले आडवाणी के रास्ते में बाधा बनकर उम्र खड़ी नहीं हुई, बल्कि एक ‘यात्रा’ थी, जिसने उन्हें विफल बना दिया। शायद हमने आदर्शवादियों की अपेक्षा अनुभवी लोगों को प्राथमिकता दी।
हो सकता है कि जैविक उम्र को हराने के विज्ञान की शुरुआत पूर्वी परंपराओं में हुई हो। हमने लंबे समय तक जीने के लिए अपने सिर के बल खड़े होना, सांस रोकना और मोर की तरह मुद्रा बनाना सीख लिया है। तो क्या बाइडन की शारीरिक-मानसिक समस्याओं का कोई सांस्कृतिकपहलू है? यह लोकतांत्रिक ‘कॉफेफे’ का मामला हो सकता है। इस शब्द का इस्तेमाल एक बार ट्रंप ने टाइपिंग की गलती से ‘कवरेज’ के लिए किया था। अगर यह बात जो बाइडन ने कही होती, तो जाहिर है कि इसे बेहद सामान्य माना जाता।
भारत की दो टूक- पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के रक्तपात से लाल; कश्मीर पर तुर्किये की टिप्पणी अस्वीकार्य
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) में भारत ने जवाब के अधिकार का प्रयोग करते हुए कहा, हम उस देश पर ज्यादा ध्यान नहीं दे सकते जो लाल रंग में डूबा है। वह दुनियाभर में प्रायोजित आतंकवाद के रक्तपात से लाल है। अपने ऋणग्रस्त राष्ट्रीय बैलेंस शीट पर लाल है। यहां के लोग शर्मिंदगी से लाल हैं, क्योंकि उनकी सरकार वास्तविक हितों को पूरा करने में नाकाम रही है।भारत ने संयुक्त राष्ट्र के मंच- UNHRC से दो टूक संदेश दिया है। पाकिस्तान को आइना दिखाने के अलावा कश्मीर मामले पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले तुर्की को इस तरह की बयानबाजी से बचने की नसीहत दी गई है।
यूएनएचआरसी के 55वें नियमित सत्र के मंच पर जम्मू-कश्मीर का जिक्र करने पर भारत ने पाकिस्तान व तुर्किये को फटकारते हुए जम्मू-कश्मीर व लद्दाख को भारत का अभिन्न अंग बताया। भारत की प्रथम सचिव अनुपमा सिंह ने कहा, किसी भी देश को भारत के अंदरूनी मामलों पर भविष्य में अनचाही टिप्पणियों से बचना चाहिए। पड़ोसी देश लाल रंग से लथपथ है। पाकिस्तान ने एक बार फिर परिषद के मंच का इस्तेमाल भारत के खिलाफ सरेआम झूठ प्रचारित करने के लिए किया, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। पाकिस्तान को इस मुद्दे पर बोलने का कोई हक नहीं है।
तुर्किये की टिप्पणी खेदजनक, ऐसा न करने की नसीहत
भारत ने कश्मीर के मामले में तुर्किये को भी तगड़ी फटकार लगाई। अनुपमा सिंह ने कहा, हमें कश्मीर मामले पर तुर्किये की टिप्पणी पर खेद है। हम उम्मीद करते हैं कि तुर्किये भविष्य में हमारे आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने से बचेगा।
दुष्प्रचार कर रहा
पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की खराब दशा पर अनुपमा ने कहा, भारत में सम्मान से रह रहे अल्पसंख्यकों की स्थिति पर एक ऐसा देश (पाकिस्तान) दुष्प्रचार कर रहा है जहां अल्पसंख्यकों का उत्पीड़न हो रहा है। अगस्त 2023 में पाकिस्तान के जरनवाला में ईसाइयों के खिलाफ बड़े पैमाने पर हिंसा की गई और उनके 89 घर जला दिए गए।
जैसे अयोध्या में भव्य प्राण-प्रतिष्ठा के साथ विराजे रामलला की प्रतिमा सदा के लिए इतिहास में दर्ज हो गई है, वैसे ही अरुण योगीराज का नाम उसके मूर्तिकार के रूप में हमेशा के लिए लिखा जा चुका है। इसके अलावा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सबसे बड़े चेहरे हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में सियासी रणभूमि में उतरने वाली भाजपा 2024 के आम चुनाव में अभियान की शुरुआत पश्चिम बंगाल से कर सकती है। वहीं, बांग्लादेश की राजधानी ढाका की एक बिल्डिंग में आग लग गई, जिसमें 44 लोगों की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आग बेली रोड पर स्थित एक बिल्डिंग में लगी है, जिसमें कई सारे रेस्तरां मौजूद हैं।
ममता के गढ़ में पीएम मोदी की हुंकार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सबसे बड़े चेहरे हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में सियासी रणभूमि में उतरने वाली भाजपा 2024 के आम चुनाव में अभियान की शुरुआत पश्चिम बंगाल से कर सकती है। पार्टी की रणनीति के बारे में आई खबरों के मुताबिक प्रधानमंत्री दो दिवसीय पश्चिम बंगाल दौरे पर आ रहे हैं। शुक्रवार को पीएम मोदी पश्चिम बंगाल पहुंचेंगे।
ढाका के एक रेस्तरां में लगी आग, 44 लोगों की गई जान
बांग्लादेश की राजधानी ढाका की एक बिल्डिंग में आग लग गई, जिसमें 44 लोगों की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, आग बेली रोड पर स्थित एक बिल्डिंग में लगी है, जिसमें कई सारे रेस्तरां मौजूद हैं। अग्निशमन विभाग ने बचाव अभियान शुरू कर दिया है। उन्होंने सातवीं मंजिल से 70 लोगों को बाहर निकाला, जिसमें 42 लोग बेहोश थे।
आज से शुरू होगी गेहूं की सरकारी खरीद
पहली मार्च से गेहूं की सरकारी खरीद प्रारंभ होगी, जो 15 जून तक चलेगी। सरकार ने 2275 रुपये प्रति कुंतल गेहूं का समर्थन मूल्य निर्धारित किया है। योगी सरकार ने निर्देश दिया है कि इस दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होने चाहिए। गेहूं की बिक्री हेतु किसानों को खाद्य व रसद विभाग के पोर्टल fcs.up.gov.in पर पंजीकरण-नवीनीकरण कराना अनिवार्य है।
जम्मू-कश्मीर में बर्फबारी और बारिश के आसार
जम्मू-कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ के चलते बृहस्पतिवार को मौसम फिर बदल गया है। प्रदेश के अधिकतर हिस्सों में बादल छाए हुए हैं जिससे कभी भी बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर ने एक से दो मार्च तक प्रदेश के 11 जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसमें भारी से भारी बारिश और बर्फबारी की संभावना जताई गई है। कई अन्य जिलों में येलो अलर्ट भी जारी किया गया है, जिसमें भारी बारिश और बर्फबारी हो सकती है। खराब मौसम की सूरत में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग सहित अन्य आंतरिक मार्ग प्रभावित हो सकते हैं।
भाजपा ने 300 सीटों पर तैयार किया उम्मीदवारों का पैनल
आगामी लोकसभा चुनाव में जीत की हैट्रिक के साथ 370 सीटें जीतने का लक्ष्य तय करने के बाद भाजपा ने उम्मीदवारों के नाम पर मंथन शुरू कर दिया है। बृहस्पतिवार को पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति (सीईसी) की बैठक से पूर्व प्रधानमंत्री निवास पर पार्टी के शीर्ष नेताओं की करीब छह घंटे तक चली बैठक में 21 राज्यों की 300 सीटों पर उम्मीदवारों का पैनल तैयार कर लिया गया। इस बैठक में पंजाब, आंध्रप्रदेश और तमिलनाडु में गठबंधन पर बातचीत तय होने तक उम्मीदवार घोषित नहीं करने का फैसला किया गया।
मदद की बाट जोहते 104 लोग IDF के शिकार बने
पश्चिम एशिया में इस्राइल और हमास के बीच हिंसक टकराव का दौर जारी है। पिछले साल सात अक्तूबर से शुरू हुई लड़ाई में अब तक 30 हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ताजा घटनाक्रम में 104 लोगों की मौत की बात सामने आई है। इस्राइली डिफेंस फोर्स (IDF) के मुताबिक 104 लोगों पर कार्रवाई उस समय हुई ये लोग मानवीय सहायता की बाट जोह रहे थे। बता दें कि गाजा पट्टी भौगोलिक रुप से दुनिया की सबसे सघन आबादी वाला भू-भाग है। अनुमान के मुताबिक करीब 20 लाख लोग यहां रहते थे। सात अक्तूबर को युद्ध की शुरुआत के बाद से बड़ी संख्या में लोगों का विस्थापन भी हुआ है।
रैट माइनर ने ठुकरा दी नरेला में ईडब्ल्यूएस फ्लैट देने पेशकश
दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने बुधवार को खजूरी खास में अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई कर कई अवैध निर्माण ढहा दिए। इस कार्रवाई में उत्तराखंड के उत्तरकाशी की सुरंग में फंसे मजूदरों की जान बचाने वाले रैट माइनर वकील हसन का भी घर ढहाया गया। बृहस्पतिवार को वकील हसन घर के निर्माण की मांग को लेकर परिवार के साथ अनशन पर बैठ गए।
संगरूर जा रहे गुरुग्राम के स्क्रैप व्यापारी की गोली मारकर हत्या
लाखनमाजरा के पास होटल पर खाना खाने के लिए रुके गुरुग्राम के स्क्रैप व्यापारी 35 वर्षीय सचिन की वीरवार रात साढ़े 11 बजे कार सवार युवकों ने गोली मारकर हत्या कर दी। हमलावर सफेद रंग की कार में आए थे। गोली लगने से व्यापारी की मां भी घायल हो गईं। बताया जा रहा है कि हमलावरों ने 15 से 20 राउंड फायरिंग की। लाखनमाजरा पुलिस वारदात की जांच कर रही है।
आप पार्षद पर किशोरी से छेड़छाड़ और जान से मारने की धमकी का केस
मध्य दिल्ली के रंजीत नगर से आम आदमी पार्टी के पार्षद अंकुश नारंग पर किशोरी ने छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया है। पुलिस ने पार्षद व उनके सहयोगियों पर छेड़छाड़, अभद्रता व जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज कर लिया। घटना के विरोध में नागरिकों ने पार्षद के घर का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की।
आगामी लोकसभा चुनाव की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त राजीव कुमार और अन्य अधिकारी उत्तर प्रदेश के लखनऊ पहुंचे।
श्रीनगर के नवा कदल के जमालता इलाके में लगी आग, एक व्यक्ति की हुई मौत
गुरुवार शाम श्रीनगर के नवा कदल के जमालता इलाके में अचानक आग लग गई। आग लगने की सूचना जैसे ही दमकल कर्मचारियों को पड़ी वो गाड़ियां लेकर मौके पर पहुंच गए। दमकल विभाग ने मामले की जानकारी देते हुए कहा कि इस हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। जिसका नाम बशीर अहमद बताया जा रहा है।
मार्क जुकरबर्ग पहुंचे गुजरात के जामनगर
गुजरात के जामनगर में एशिया के सबसे अमीर बिजनेसमैन मुकेश अंबानी के बेटे अनंत अंबानी और राधिका मर्चेंट का प्री वेडिंग समारोह होने वाला है। जिसमें देश विदेश की दिग्गज हस्तियां शामिल होंगी। फेसबुक के CEO मार्क जुकरबर्ग भी प्री-वेडिंग समारोह में शामिल होने के लिए जामनगर पहुंच गए हैं।
तीसरी तिमाही में जीडीपी की बड़ी छलांग, 8.4% ग्रोथ रेट
भारत की जीडीपी के आंकड़े आ गए हैं। इंडियन इकॉनमी में ग्रोथ की तेज रफ्तार जारी है। मौजूदा वर्ष की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में भारत की जीडीपी ग्रोथ 8.4 प्रतिशत रही। पिछली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट 8.1 प्रतिशत थी। नैशनल स्टैटिस्टिकल ऑफिस (NSO) की तरफ से गुरुवार को जीडीपी के आंकड़े जारी किए गए। मौजूदा वित्त वर्ष में अब ग्रोथ रेट का अनुमान बढ़ाकर 7.6 प्रतिशत कर दिया गया है। पहले 7 प्रतिशत ग्रोथ रेट का अनुमान था।
देश में सेमीकंडक्टर फैब को मिली मंजूरी, टाटा बनाएगी अब चिप
देश में सेमीकंडक्टर की मैन्युफैक्चरिंग को लेकर आज केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने आज तीन प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे दी है। जिनमें से दो गुजरात और एक असम में लगेगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आज प्रधानमंत्री ने देश में सेमीकंडक्टर फैब स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। पहला वाणिज्यिक सेमीकंडक्टर फैब टाटा और पावरचिप-ताइवान द्वारा स्थापित किया जाएगा, जिसका प्लांट धोलेरा में होगा।
प्री-वेडिंग समारोह में विदेशी मेहमान लगाएंगे चार चांद, देखें दिग्गजों की लिस्ट
देश के मशहूर उद्योगपति मुकेश अंबानी के छोटे बेटे अनंत अंबानी की शादी की चर्चा इस समय हर ओर हो रही है। हाल ही में उन्होंने राधिका मर्चेंट के साथ अन्न सेवा की। जामनगर में रिलायंस टाउनशिप के पास जोगवड गांव में पूरे परिवार ने करीब 60 हजार लोगों को खाना खिलाया। इस कार्यक्रम में दोनों के अलावा परिवार के लोगों ने भी लोगों को पूरे सम्मान के साथ खाना परोसा। अनंत और राधिका के प्री वेडिंग समारोह का आयोजन किया जाना है।
इस प्री-वेडिंग समारोह में लगभग 1,000 मेहमानों के शामिल होने की उम्मीद है। इममें माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स और मेलिंडा गेट्स, मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग, एडोब के सीईओ शांतनु नारायण, अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई और वॉल्ट डिज्नी के सीईओ बॉब इगर शामिल हैं।
तीन दिन चलेगा कार्यक्रम
इस प्री-वेडिंग समारोह में जे ब्राउन और एडम ब्लैकस्टोन जैसे अंतर्राष्ट्रीय कलाकार नजर आएंगे। एक से तीन मार्च तक अंबानी परिवार का जामनगर में तीन दिवसीय भव्य कार्यक्रम होगा। पहले दिन, मेहमानों के लिए ‘एन इवनिंग इन एवरलैंड’ नाम की कॉकटेल पार्टी होगी। जबकि, दूसरे दिन मेहमानों को ‘ए वॉक ऑन द वाइल्डसाइड’ के लिए ले जाया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इसके लिए सभी को आरामदायक कपड़े और जूते पहनने की सलाह दी गई है। तीसरे दिन समारोह में शिरकत करने वाले मेहमान ‘हस्ताक्षर’ थीम के साथ भारत की सांस्कृतिक विरासत को जानेंगे।
1000 मेहमानों के शामिल होने की उम्मीद
इस प्री-वेडिंग समारोह में लगभग 1,000 मेहमानों के शामिल होने की उम्मीद है। इममें माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स और मेलिंडा गेट्स, मेटा के सीईओ मार्क जुकरबर्ग, एडोब के सीईओ शांतनु नारायण, अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई और वॉल्ट डिज्नी के सीईओ बॉब इगर शामिल हैं।
कई विदेशी मेहमान करेंगे शिरकत
गेस्ट की लिस्ट में स्वीडन के पूर्व प्रधानमंत्री कार्ल बिल्ड्ट, कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री स्टीफन हार्पर, गूगल के अध्यक्ष डोनाल्ड हैरिसन, बोलीविया के पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज क्विरोगा, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री केविन रुड और वर्ल्ड इकॉनमिक फोरम के अध्यक्ष क्लॉस श्वाब जैसे बड़े नाम भी शामिल है। एडीएनओसी के सीईओ और एमडी डॉ. सुल्तान अल जाबेर, सीईओ बीपी मरे औचिनक्लॉस, कॉलोनी कैपिटल के अध्यक्ष और संस्थापक थॉमस बैरक, जेसी2 वेंचर्स के सीईओ जॉन चेम्बर्स, बीपी के पूर्व सीईओ बॉब डुडले, बीएमजीएफ ग्लोबल डेवलपमेंट के अध्यक्ष क्रिस्टोफर एलियास, एक्सोर के कार्यकारी अध्यक्ष जॉन एल्कैन और एंडेवर के सीईओ एरी इमानुएल के भी इस आयोजन में पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। स्टील पर्लोट के संस्थापक और सीईओ मिशेल रिटर, श्मिट फ्यूचर्स के संस्थापक एरिक श्मिट, शेरपालो के संस्थापक और मैनेजिंग पार्टनर राम श्रीराम, सैनमिना कॉर्प के सीईओ ज्यूर सोला, एचएसबीसी होल्डिंग्स पीएलसी के ग्रुप चेयरमैन मार्क टकर और पत्रकार फरीद जकारिया के भी प्री-वेडिंग में पहुंचने की संभावना है।
अखिलेश यादव को रेत खनन से संबंधित उच्च न्यायालय द्वारा संदर्भित एक मामले में समन भेजे जाने पर समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने कहा, “वे पहले नेता प्रतिपक्ष नहीं है जिन्हें समन भेजा गया है। लगातार नेताओं, उद्योगपतियों, व्यापरियों, छोटे व्यापारियों पर दबाव बनाया जा रहा है… INDIA गठबंधन की मजबूती से यह सरकार डर गई है, इसलिए यह किया जा रहा है।”
शिमला: हिमाचल प्रदेश के मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा, “…पर्यवेक्षक यहां आए हैं और चीजें ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं… हम उनसे फिर बात करेंगे कि कैसे चीज़ों को ठीक करना है… हिमाचल देवभूमि है और हम प्रभु राम का भी आशीर्वाद लेकर आए हैं। सबका आशीर्वाद साथ है तो जो होगा अच्छा होगा।”
कोलकाता: संदेशखाली मामले में शेख शाहजहां की गिरफ्तारी पर पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष सुकांता मजूमदार ने कहा, “भाजपा के लगातार आंदोलन के चलते यह सरकार शेख शाहजहां की गिरफ्तारी के लिए बाध्य हुई। पहले तो यह सरकार मान ही नहीं रही थी कि ऐसा कुछ हुआ है… आज हमारे और संदेशखाली की माताओं-बहनों के आंदोलन के वजह से सरकार और ममता बनर्जी शेख शाहजहां की गिरफ्तारी के लिए बाध्य हुई।”