ताजा समाचार -कोरोना महामारी के बाद से निमोनिया की चपेट में युवा,बर्फबारी से पर्यटन कारोबार को मिलेगी संजीवनी
Ramswaroop Mantri
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अगर केजरीवाल गिरफ्तार हुए तो I.N.D.I.A गठबंधन को कैसे होगा नुकसान? जानें NDA को क्या फायदा
पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों की घोषणा के बाद से ही एनडीए के साथ ही विपक्षी इंडिया गठबंधन के बीच चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इसके साथ ही दिल्ली में शराब नीति में कथित घोटाले को लेकर ईडी भी अधिक सक्रिय नजर आ रही है। इस मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल से भी पूछताछ के लिए समन भेज चुकी है। हालांकि, सीएम केजरीवाल पूछताछ के लिए एजेंसी के कार्यालय नहीं पहुंचे। इसके बदले वे मध्यप्रदेश में चुनाव प्रचार के लिए पहुंच गए। विधानसभा चुनावों की बीच शराब घोटाले में ईडी के समन के बाद से सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के कयास लगने भी शुरू हो गए। इस तरह की चर्चा शुरू हो गई कि सिसोदिया के बाद अब केजरीवाल का नंबर है।
पेपर लीक मामला: पूर्व सचिव के खिलाफ कोर्ट में चालान नहीं हो पाया पेश, कार्यप्रणाली पर सवाल
बहुचर्चित पेपर लीक मामले में हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग के पूर्व सचिव को लेकर बरती जा रही नरमी से जांच एजेंसियों और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने शुरू हो गए हैं। पूर्व सचिव के खिलाफ कोर्ट में चालान भी पेश नहीं हो पाया है। दरअसल 23 दिसंबर 2022 को पेपर लीक का पहला मामला सामने आया था।
विजिलेंस ने आयोग की गोपनीय शाखा की वरिष्ठ सहायक पद से निलंबित उमा आजाद समेत पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। तब से अभी तक 14 पोस्ट कोड की भर्तियों के पेपर लीक की पुष्टि होने के बाद विजिलेंस थाना हमीरपुर में 13 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।
एचएएस अधिकारी डॉ. जितेंद्र कंवर भंग होने से पूर्व कर्मचारी चयन आयोग में सचिव के अलावा परीक्षा नियंत्रक भी रहे हैं। इसके चलते प्रत्येक भर्ती परीक्षा में उनकी अहम जिम्मेवारी निश्चित है। कुछ दिन पुलिस रिमांड और न्यायिक रिमांड में रहने के बाद वे रिहा हो चुके हैं।
जबकि निलंबित वरिष्ठ सहायक उमा आजाद 23 दिसंबर से सलाखों के पीछे है। कानून के जानकार बताते हैं कि जितना गुनाह पेपर लीक मामले में उमा आजाद का है, उतना ही पूर्व सचिव जितेंद्र कंवर भी जिम्मेदार हैं। लेकिन अभी तक डॉ. जितेंद्र कंवर के खिलाफ न्यायालय में चालान पेश नहीं हो पाया है।
जबकि उमा आजाद के खिलाफ दो चालान पेश किए जा चुके हैं। एसपी विजिलेंस राहुल नाथ ने कहा कि पूर्व सचिव डॉ. जितेंद्र कंवर के खिलाफ न्यायालय में जल्द चालान पेश होगा। चार्टशीट को स्वीकृति के लिए शिमला हेडक्वार्टर भेजा जाएगा।
बर्फबारी से पर्यटन कारोबार को मिलेगी संजीवनी, सैलानियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद
क्रिसमस और न्यू ईयर पर अगर हिमाचल में बर्फबारी हुई तो रिकॉर्ड संख्या में सैलानियों के पहुंचने की उम्मीद है। ताजा बर्फबारी से हिमाचल में पर्यटन कारोबार को संजीवनी मिली है। पर्यटक वाहनों पर प्रदेश सरकार की ओर से लगाए गए दोहरे टैक्स के बाद बीते दो महीनों से कम संख्या में ही सैलानी प्रदेश के पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं। रोहतांग पास, लाहौल-स्पीति, चांशल सहित अन्य पर्यटन स्थलों पर अच्छी बर्फबारी के बाद सैलानियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। दोहरे टैक्स की मार से दुर्गा पूजा टूरिस्ट सीजन बुरी तरह पिटने के बाद दिवाली की छुटि्टयों में भी कम संख्या में ही सैलानियों ने हिमाचल का रुख किया।
हालांकि सरकार ने अब दोहरे टैक्स में भारी कटौती कर 3000 रुपये प्रति दिन से घटाकर 500 रुपये प्रतिदिन कर दिया है, लेकिन सरकार की ओर से दी गई इस राहत की जानकारी बाहरी राज्यों के पर्यटकों और ट्रेवल एजेंटों तक नहीं पहुंच पाई है। विंटर टूरिस्ट सीजन के दौरान बर्फबारी के बाद हर साल हिमाचल में सैलानियों का तांता लगता है। बर्फ में अठखेलियां करने के लिए देश भर से सैलानी कुल्लू-मनाली, शिमला-नारकंडा, लाहौल-स्पीति का रुख करते हैं।
क्रिसमस और न्यू ईयर पर बर्फबारी हुई तो हिमाचल पहुंचेंगे रिकॉर्ड सैलानी क्रिसमस और न्यू ईयर पर अगर हिमाचल में बर्फबारी हुई तो रिकॉर्ड संख्या में सैलानियों के पहुंचने की उम्मीद है। पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी सहित अन्य साथ लगते राज्यों से सैलानी क्रिसमस और न्यू ईयर मनाने के लिए हिमाचल के पर्यटन स्थलों का रुख करते हैं। बर्फबारी होने पर इनकी संख्या दोगुनी हो जाती है।
बर्फबारी से बढ़ेगी सैलानियों की संख्या : गजेंद्र दुर्गा पूजा और दिवाली पर बंगाल और गुजरात से बहुत कम संख्या में सैलानी हिमाचल पहुंचे हैं। ताजा बर्फबारी के बाद सैलानियों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है। क्रिसमस और न्यू ईयर पर अगर बर्फबारी हुई तो प्रदेश में पर्यटन कारोबार में उछाल आएगा। – गजेंद्र सिंह ठाकुर, अध्यक्ष फेडरेशन ऑफ होटल एंड रेस्टोंट्स एसोसिएशन ऑफ हिमाचल
चिकित्सकीय पागलपन आरोपी को बरी करने का आधार नहीं, संसदीय समिति की सिफारिश
भाजपा सांसद बृजलाल की अध्यक्षता वाली समिति ने यह भी सिफारिश की है कि नए आपराधिक कानून में ‘मानसिक बीमारी’ शब्द ‘विक्षिप्त दिमाग’ में बदल दिया जाए। प्रस्तावित तीन नए आपराधिक कानूनों की जांच के बाद तैयार रिपोर्ट में सिमति ने ये टिप्पणियां की हैं गृह मामलों पर संसद की स्थायी समिति ने कहा है कि महज चिकित्सकीय पागलपन किसी आरोपी को बरी करने का आधार नहीं हो सकता। वैध बचाव का दावा करने के लिए कानूनी पागलपन साबित करना जरूरी है।
भाजपा सांसद बृजलाल की अध्यक्षता वाली समिति ने यह भी सिफारिश की है कि नए आपराधिक कानून में ‘मानसिक बीमारी’ शब्द ‘विक्षिप्त दिमाग’ में बदल दिया जाए। प्रस्तावित तीन नए आपराधिक कानूनों की जांच के बाद तैयार रिपोर्ट में सिमति ने ये टिप्पणियां की हैं। समिति ने पाया कि भादसं में विकृत दिमाग का व्यक्ति, न्यायिक मिसालों के अनुसार प्रतिबंधित व्याख्या है और आरोपी के लिए बचाव के रूप में मौजूद है। ब्यूरो
मानसिक बीमारी शब्द का अर्थ ज्यादा व्यापक संसदीय समिति ने कहा कि मानसिक बीमारी शब्द अस्वस्थ दिमाग की तुलना में अपने अर्थ में बहुत व्यापक है, क्योंकि ऐसा प्रतीत होता है कि इसके दायरे में मूड स्विंग या स्वैच्छिक नशा भी शामिल है।
पूर्वी भूमध्य सागर पर गिरा अमेरिकी सैन्य विमान, कमांड ने कहा- प्रशिक्षण अभियान के दौरान हादसा
अमेरिका का एक सैन्य विमान पूर्वी भूमध्य सागर के ऊपर गिर गया। अमेरिकी यूरोपीय कमान ने शनिवार को बताया कि प्रशिक्षण अभियान के दौरान विमान क्षतिग्रस्त हो गया था। कारणों की जांच की जा रही है। कमान की ओर से विस्तृत जानकारी अभी तक साझा नहीं की गई है।
इमरान खान की पार्टी पीटीआई की कराची में होनी वाली रैली रद्द, प्रशासन ने नहीं दी इजाजत
पार्टी ने कहा कि चुनाव की घोषणा के बाद हर राजनीतिक दल को राजनीतिक गतिविधियां और चुनाव प्रचार शुरू करने का संवैधानिक अधिकार है। पार्टी ने कहा कि चुनाव की घोषणा के बाद हर राजनीतिक दल को राजनीतिक गतिविधियां और चुनाव प्रचार शुरू करने का संवैधानिक अधिकार है।पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने कराची में अपनी सार्वजनिक सभा रद्द कर दी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, जिला प्रशासन द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने के बाद रविवार को होने वाली रैली रद्द कर दी गई।
पीटीआई कराची चैप्टर ने एक बयान में कहा कि उन्होंने महानगर में सार्वजनिक सभा आयोजित करने की अनुमति मांगने के लिए सिंध के मुख्यमंत्री और आयुक्त कराची सहित संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया था।
पीटीआई ने कहा कि जिला प्रशासन ने इमरान खान के नेतृत्व वाली पार्टी के प्रति अधिकारियों के रवैये की आलोचना करते हुए अनुरोध को खारिज कर दिया।बयान में कहा गया, ‘पीटीआई को बराबरी का मौका नहीं दिया जा रहा है।’
चुनाव प्रचार करना है संवैधानिक अधिकार पार्टी ने कहा कि चुनाव की घोषणा के बाद हर राजनीतिक दल को राजनीतिक गतिविधियां और चुनाव प्रचार शुरू करने का संवैधानिक अधिकार है। पार्टी ने कहा कि चुनाव की घोषणा के बाद हर राजनीतिक दल को राजनीतिक गतिविधियां और चुनाव प्रचार शुरू करने का संवैधानिक अधिकार है।
इसमें कहा गया है कि सभी राजनीतिक दलों ने अपना चुनाव अभियान शुरू कर दिया है, लेकिन पीटीआई को ऐसा करने की अनुमति नहीं दी गई है। मीडिया के अनुसार, पार्टी ने आगे कहा कि उसने कराची में एक सार्वजनिक सभा की व्यवस्था करने के अनुरोध के लिए सिंध उच्च न्यायालय (एसएचसी) का रुख किया था।
8 फरवरी को होने हैं आम चुनाव पाकिस्तान चुनाव आयोग (ईसीपी) ने देश में 8 फरवरी, 2024 को होने वाले आम चुनावों की घोषणा कर दी है। अधिसूचना में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के आलोक में आम चुनाव 8 फरवरी 2024 को होंगे।
मीडिया के अनुसार, ईसीपी द्वारा राष्ट्रपति के साथ अपनी बैठक का रिकॉर्ड जमा करने के बाद सुप्रीम कोर्ट द्वारा 8 फरवरी, 2024 को देशभर में आम चुनाव कराने की तारीख घोषित करने के बाद ईसीपी द्वारा अधिसूचना जारी की गई थी।
हमास के खिलाफ पूरी ताकत से युद्ध बढ़ रहा है- इजरायली पीएमओ
इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के कार्यालय ने ट्वीट किया, “हमास-ISIS के खिलाफ युद्ध पूरी ताकत से आगे बढ़ रहा है और इसका एक ही लक्ष्य है – जीत। जीत का कोई विकल्प नहीं है। हम हमास को खत्म कर देंगे और अपने बंधकों को वापस लाएंगे। IDF बलों ने गाजा शहर की घेराबंदी पूरी कर ली है।”
#WATCH दिल्ली: AAP नेता मनीष सिसोदिया अपनी पत्नी से मिलने के बाद अपने आवास से रवाना हुए। राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें अपने आवास पर बीमार पत्नी से मिलने की अनुमति दी थी। pic.twitter.com/bFmP4P3mPA
एएमयू भले ही मौन, गिरफ्तारी का क्रम जारी रहने के संकेत
अब रडार पर कौन होगा? इस सवाल का जवाब तो एटीएस के पास है। मगर सबसे खास बात है कि एएमयू पूरे मामले में अभी तक मौन है। न तो पकड़े जा रहे छात्रों पर कोई एक्शन हो रहा और न एएमयू में सक्रिय छात्रों के इस संगठन पर कोई कदम उठाया जा रहा है। पुणे माड्यूल्स के गिरफ्तार सरगना शाहनवाज ने आतंकी संगठन आईएस से पढ़े लिखे नौजवानों को जोड़ने नेटवर्क अलीगढ़ में ही रहकर खड़ा किया था। उसी क्रम में लगातार ये गिरफ्तारियां हो रही हैं। आगे भी गिरफ्तारी होने के संकेत हैं। अब रडार पर कौन होगा? इस सवाल का जवाब तो एटीएस के पास है। मगर सबसे खास बात है कि एएमयू पूरे मामले में अभी तक मौन है। न तो पकड़े जा रहे छात्रों पर कोई एक्शन हो रहा और न एएमयू में सक्रिय छात्रों के इस संगठन पर कोई कदम उठाया जा रहा है।
अब तक ये हुईं एएमयू से जुड़ी गिरफ्तारी इसकी शुरुआत झारखंड के लोहरदगा के रहने वाले एएमयू के स्नातक छात्र की गिरफ्तारी से हुई। इसके बाद उसका साथी महाराजगंज से दबोचा गया। फिर पुणे माड्यूल्स के शाहनवाज आदि पकड़े गए। उनसे पूछताछ के बाद एटीएस ने तीन नवंबर को मुकदमा दर्ज किया। जिसके बाद पिछले दिनों अब्दुल्ला अर्सलान, माज बिन तारिक व वजीउउ्दीन को दबोचा। ये तीनों एएमयू के छात्र हैं। इन पर दर्ज मुकदमे में अभी वीएम हॉल में रहने वाले अब्दुल समद, फैजान अख्तियार, बटला हाउस दिल्ली के अरशद वारसी व प्रयागराज के रिजवान अशरफ व कुछ अज्ञातों का नाम शामिल है। जिनकी तलाश में एटीएस लगातार भागदौड़ कर रही है। इन सब के विषय में उजागर हुआ है कि शाहनवाज ने ही इन्हें एएमयू में सक्रिय रहकर आईएस से जुड़वाया है।
पत्नी संग शहर में रहकर बच्चों को पढ़ाता राकिब अब एटीएस द्वारा जिन चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया। वैसे तो ये चारों अलीगढ़ से जुड़े रहे हैं। वर्तमान में तीन को संभल से और एक राकिब को अलीगढ़ से पकड़ा गया है। मगर इनका अलीगढ़ से नाता बरकरार है। एएमयू के ही छात्र संगठन के जरिये सभी आपस में और आईएस के संपर्क में आए हैं। वर्तमान में राकिब अपनी पत्नी के साथ यहां किराये पर रहकर किसी निजी कॉलेज में बच्चों को पढ़ाने का काम करता है।
शारीरिक व मानसिक तौर पर हो रही थी घटना की तैयारी
देश में शरिया कानून लागू करने के मकसद से यह ग्रुप हैंडलर के इशारे पर काम कर रहा है। नए पढ़े लिखे युवकों को संगठन से जोड़कर शारीरिक व मानसिक तौर पर प्रदेश में बड़ी घटना कराने की तैयारी हो रही है। इसी क्रम में इनके पास से मिले प्रपत्र, इलेक्ट्रानिक उपकरणों से ऐसे साक्ष्य मिल रहे हैं।
बैठकों में होता था नए लोगों को जोड़ने का काम एमएयू में पढ़ाई करने के साथ ही ये आतंकी छात्र संगठन स्टूडेंट ऑफ अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एसएएमयू) से भी जुड़े थे। इस संगठन की बैठकों के जरिए भी एक दूसरे से संपर्क करके नए लोगों को आईएसआईएस से जोड़ने का काम कर रहे थे। देश और प्रदेश के देश व प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बड़ी आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की कार्ययोजना पर भी काम कर रहे थे। इसके लिए वह युवाओं की टीम भी तैयार कर रहे थे। अलीगढ़ के अलावा प्रदेश के कई शहरों में इनका नेटवर्क फैला हुआ है। एटीएस सूत्र बताते हैं कि जो नाम इस मुकदमे में हैं, उनकी तलाश है। इसके अलावा इनसे जुड़े व इनके संपर्क के अन्य लोगों को भी सरगर्मी से तलाशा जा रहा है। आगे और भी गिरफ्तारी हो सकती हैं।
पकड़े गए, पर भी एएमयू ने नहीं की कार्रवाई एएमयू स्तर से अभी तक उन पर भी कोई कार्रवाई नहीं की, जो एएमयू के छात्र हैं और लगातार इनकी गिरफ्तारी हुई हैं। हर बार की तरह एएमयू एक ही बात कहती है कि अभी तक उन्हें लिखित में कोई जानकारी नहीं मिली है।
इस पूरे मामले पर नजर रखी जा रही है। एजेंसियां सक्रिय हैं। जो भी मदद एजेंसियों के स्तर से मांगी जा रही है, वह की जा रही है।-कलानिधि नैथानी, एसएसपी
प्रमोद कृष्णम के बयान पर रणदीप सुरजेवाला का पलटवार
इंदौर की शिखा शर्मा ने साढ़े तीन टन रंगों से बनाई अद्भुद रंगोली
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रियाद में जुटे मुस्लिम देशों के नेता, ईरानी राष्ट्रपति ने अमेरिका को बताया युद्ध का जिम्मेदार
ईरानी राष्ट्रपति शनिवार को रियाद में थे। इस दौरान उन्होंने अरब इस्लामिक शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गाजा पट्टी में हो रहा संघर्ष अच्छाई और बुराई के बीच है। हर किसी को यह स्पष्ट करना होगा कि वह किसके साथ है। ईरान के राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी ने अमेरिका के खिलाफ हमला बोला है। रायसी ने कहा कि इस्राइल और हमास के बीच टकराव की मुख्य वजह अमेरिका ही है। इस्राइल अमेरिका की नाजायज संतान है। अमेरिका ने हजारों फलस्तीनी बच्चों के जीवन और इस्राइल के बीच इस्राइल का समर्थन किया। अमेरिका ने इस्राइल को असहाय लोगों के खिलाफ आपराधिक अभियान चलाने के लिए प्रोत्साहित किया।
ईरान का दावा- सात परमाणु बम गिराए ईरानी राष्ट्रपति शनिवार को रियाद में थे। इस दौरान उन्होंने अरब इस्लामिक शिखर सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि गाजा पट्टी में हो रहा संघर्ष अच्छाई और बुराई के बीच है। हर किसी को यह स्पष्ट करना होगा कि वह किसके साथ है। उन्होंने दावा किया कि इस्राइल ने गाजा में सात परमाणु बम गिराए हैं। अमेरिका-इस्राइल को हथियारों की आपूर्ति कर रहा है। अमेरिका अरबों डॉलर की सहायता प्रदान कर रहा है। अमेरिका रोजाना हथियारों की भारी खेप पहुंचा रहा है। अरबी न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, सऊदी अरब ने गाजा को लेकर आपातकालीन शिखर सम्मेलन की मेजबानी की।
सऊदी अरब के प्रिंस ने इस्राइल की ‘आक्रामकता’ की आलोचना की सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने अफ्रीकी नेताओं के साथ एक शिखर सम्मेलन में कहा, हम गाजा पट्टी में देखी गई इस्राइली सैन्य आक्रामकता, नागरिकों को निशाना बनाने और कब्जे वाले इलाकों में अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के लगातार उल्लंघन की निंदा करते हैं। उन्होंने कहा, हम इस युद्ध और जबरन विस्थापन को रोकने पर बल देते हैं। फलस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास ने शनिवार को कहा कि फलस्तीनियों को ‘नरसंहार युद्ध’ का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने इस्राइल पर दबाव डालने के लिए अमेरिका से आह्वान किया है।
हमले के यह तीन कारण हमास ने कहा कि ये यरूशलम में अल-अक्सा मस्जिद को इस्राइल की तरफ से अपवित्र करने का बदला है। हमास ने कहा कि इस्राइली पुलिस ने अप्रैल 2023 में अल-अक्सा मस्जिद में ग्रेनेड फेंक इसे अपवित्र किया था। इस्राइली सेना लगातार हमास के ठिकानों पर हमले कर रही है और अतिक्रमण कर रही है। इस्राइली सेना हमारी महिलाओं पर हमले कर रही है। हमास के प्रवक्ता गाजी हमाद ने अरब देशों से अपील है कि इस्राइल के साथ अपने सभी रिश्तों को तोड़ दें। हमाद ने कहा कि इस्राइल एक अच्छा पड़ोसी और शांत देश कभी नहीं हो सकता है।
कोरोना महामारी के बाद से निमोनिया की चपेट में युवा, कोविड ने कमजोर किये फेफड़े
कोविड से पहले निमोनिया 60 साल से अधिक उम्र के मरीज को गंभीर करता था। बदले ट्रेंड के बाद 25 से 35 साल के युवा इससे गंभीर हो रहे हैं। कोरोना संक्रमण ने फेफड़ों को कमजोर बना दिया है। कोरोना महामारी के बाद युवा निमोनिया की चपेट में आ रहे हैं। कोविड से पहले निमोनिया 60 साल से अधिक उम्र के मरीज को गंभीर करता था। बदले ट्रेंड के बाद 25 से 35 साल के युवा इससे गंभीर हो रहे हैं। कोरोना संक्रमण ने फेफड़ों को कमजोर बना दिया है। ऐसे में निमोनिया आसानी से मरीजों पर हावी हो रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि निमोनिया फेफड़ों का संक्रमण है, जो किसी भी उम्र में हो सकता है। इस रोग में फेफड़ों के टिशु में मवाद भर जाता है। इस कारण सांस लेने में दिक्कत होती है। इसका खतरा सबसे ज्यादा दो साल से कम उम्र के बच्चों और 60 साल से अधिक अधिक उम्र के लोगों को रहता है, लेकिन कोरोना महामारी के बाद 25 से 35 साल के युवा भी इसकी चपेट में आकर गंभीर हो रहे हैं, जबकि सामान्य दिनों में यह माना जाता था कि इस उम्र के युवा कभी निमोनिया की चपेट में नहीं आ सकते।
कम उम्र में लोगों को गंभीर कर रहा निमोनिया का बदला ट्रेंड विशेषज्ञों के लिए चुनौती बना हुआ है। कोरोना महामारी ने लोगों के फेफड़ों को कमजोर कर दिया है। जो लोग कोविड से गंभीर हुए थे वह आसानी से निमोनिया की चपेट में आ सकते हैं। सीरो सर्वे के मुताबिक 90 फीसदी से अधिक लोग कोरोना संक्रमण का शिकार हो चुके हैं। ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि यदि यह ट्रेंड इसी तरह बना रहा तो आने वाले दिनों में निमोनिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ सकती है।
पूर्वी दिल्ली स्थित गुरु तेग बहादुर अस्पताल में मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अमितेश अग्रवाल का कहना है कि कोरोना महामारी के बाद से निमोनिया के ट्रेंड में बदलाव दिख रहा है। पहले 60 साल से अधिक उम्र के मरीज गंभीर होकर अस्पताल आते थे, लेकिन पिछले एक-दो साल से 25 से 35 साल के युवा गंभीर होकर आ रहे हैं। अस्पताल में हर साल 500 से अधिक मरीज निमोनिया से पीड़ित होकर भर्ती होते हैं। इनमें ज्यादातर युवा हैं।
निमोनिया के लक्षण
खांसने से हरा, पीला या लाल रंग का बलगम आना
बुखार, पसीना और ठंड लगना
सांस लेने मे तकलीफ
चुभने वाला दर्द, जो गहरी सांस लेने या खांसने पर बढ़ जाता है
भूख में कमी, कम ऊर्जा, और थकान
मतली और उल्टी, खासकर छोटे बच्चों में
इनमें बढ़ सकता है संक्रमण
सिगरेट पीना और बहुत अधिक शराब पीना भी निमोनिया होने की आशंका को बढ़ा सकता है
चल रहा है अध्ययन कोरोना महामारी के बाद निमोनिया से पीड़ित हुए मरीजों में रोग के स्वरूप में बदलाव को लेकर अध्ययन चल रहा है। इसके अलावा भारत के एक तृतीयक देखभाल अस्पताल में कोविड 19 निमोनिया से ठीक हुए रोगियों में फुफ्फुसीय कार्य असामान्यता विषय पर अध्ययन हुआ। इसमें पाया गया कि 55 फीसदी लोगों के फेफड़े सही से काम नहीं कर रहे हैं।
19 को होगा श्री डोरीलाल अग्रवाल राष्ट्रीय मेधावी दिव्यांग छात्रवृत्ति वितरण, 22 लाख किए जाएंगे वितरित
आगरा में श्री डोरीलाल अग्रवाल राष्ट्रीय मेधावी दिव्यांग छात्रवृत्ति वितरण 19 नवंबर को होगा। 100 जिलाें के 130 मेधावियों को 22 लाख रुपये की धनराशि वितरित की जाएगी।
पटाखा बाजार गुलजार, कारोबार होगा 10 करोड़ के पार
बरेली। त्योहार पर पटाखा बाजार गुलजार रहा। शनिवार को शहर के सात अलग-अलग मैदानों में सजे अस्थायी पटाखा बाजारों में ग्राहकों की भीड़ लगी रही। इस बार ग्रीन पटाखों की जमकर बिक्री से कारोबार 10 करोड़ के पार पहुंचने का अनुमान है।
पटाखा कारोबारियों के मुताबिक अबकी बार बच्चों के लिए आकर्षक नाम से ब्रांडेड पटाखे मौजूद रहे। इनमें टर्मिनेटर रॉकेट, हल्क बैरियर, आईपीएल कलेक्शन, रन पंच, योगा बम, भूचाल बम, टॉम्ब रेडर्स, देसी इंडिया, डांस एंड डांस, नया नया प्यार, टिवस्टर, वर्ल्ड वॉर, पोगो, मेज रनर व अन्य नामों से मौजूद पटाखों की खूब बिक्री हुई। 100 से 500 वाली मिर्ची बम की लड़ी 50 रुपये से शुरू होकर 10,000 मिर्ची बम की लड़ी की कीमत करीब 14,000 रुपये तक में बिकी। रॉकेट के पैकेट 300 रुपये से शुरू रहे। अनार, फुलझड़ी की भी खूब बिकी हुई। इसके अलावा शक्तिमान क्रैकलिंग अनार की मांग रही। जो फुलझड़ियों समेत पटाखों का मजा देगा। अनार में भी रोशनी और पटाखों की आवाज भी होगी। सूर्य किरण आतिशबाजी भी लोगों को खूब भाया। इसे जलाने पर सूर्योदय की तरह आतिशबाजी होगी। बच्चों को फुलझड़ी भायी।