दुनिया की नजरें भारत के चंद्रयान-3 पर हैं। लैंडर ‘विक्रम’ को चांद के साउथ पोल पर ही बुधवार की शाम 6.04 बजे सॉफ्ट लैंडिंग करना है। इसमें कामयाबी भारत के लिए इतिहास रचने का मौका होगी। आज तक कोई भी देश चांद के साउथ पोल पर अपने यान को नहीं उतार सका है। उधर तेलंगाना के मुख्यमंत्री और बीआरएस प्रमुख के.चंद्रशेखर राव ने आगामी राज्य चुनावों के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की। मुख्यमंत्री कामारेड्डी और गजवेल से और मंत्री कल्वाकुंतला तारक रामा राव (केटीआर) सिरसिला से चुनाव लड़ेंगे
आज के प्रमुख इवेंट्स
- कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे मध्य प्रदेश के सागर जाएंगे। यहां एक जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी 20 दिन पहले यहां रैली कर चुके हैं।
- PM मोदी ब्रिक्स समिट में शामिल होने के लिए साउथ अफ्रीका पहुंचेंगे। ये समिट आज से 24 अगस्त तक जोहान्सबर्ग में चलेगी। इसमें ब्रिक्स देशों के बीच कॉमन करेंसी के इस्तेमाल पर चर्चा होगी।
23 अगस्त को दिक्कत आई तो 27 को चंद्रयान-3 की लैंडिंग होगी; चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर ने कहा- वेलकम
चंद्रयान-3 के लैंडर पर लगे कैमरे ने चंद्रमा के फार साइड की तस्वीरें खींची हैं। इन्हें इसरो ने शेयर किया है।
इसरो ने चंद्रयान-2 मिशन के ऑर्बिटर और चंद्रयान-3 के लैंडर के बीच संपर्क स्थापित किया। इसके बाद ऑर्बिटर ने लैंडर से कहा- ‘स्वागत है दोस्त!’ चंद्रयान-3 की 23 अगस्त की शाम 6:04 बजे पर लैंडिंग होनी है। लेकिन इसरो ने कहा कि हालात सही नहीं रहे तो इसकी लैंडिंग 27 अगस्त को होगी।
ये मिशन कामयाब रहा तो भारत चांद के साउथ पोल पर उतरने वाला पहला देश होगा। इससे पहले साउथ पोल पर लैंडिंग की कोशिश में रूस फेल रहा है। अगर सॉफ्ट लैंडिंग में सफलता मिली तो अमेरिका, रूस और चीन के बाद भारत ऐसा करने वाला चौथा देश बन जाएगा।
न्यूज एजेंसी एएनआई से सोमवार को देसाई ने बताया कि 23 अगस्त को, चंद्रयान-3 के चंद्रमा पर उतरने से दो घंटे पहले, हम लैंडर मॉड्यूल की स्थिति और चंद्रमा पर स्थितियों के आधार पर यह तय करेंगे कि उस समय इसे उतारना उचित होगा या नहीं। कोई समस्या नहीं होती है तो हम 23 अगस्त को ही लैंडिंग करेंगे।
इसरो के अध्यक्ष और अंतरिक्ष विभाग के सचिव एस सोमनाथ ने सोमवार को नई दिल्ली में केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जितेंद्र सिंह से मुलाकात की और उन्हें ‘चंद्रयान -3’ की स्थिति और तैयारियों की जानकारी दी।
पहला यान जो चंद्रमा के साउथ पोल पर उतरेगा
रूस का लूना-25 स्पेसक्राफ्ट क्रैश हो गया है। अब अगर भारत का चंद्रयान-3 मिशन सक्सेसफुल होता है तो वो चंद्रमा के साउथ पोल पर उतरने वाला पहला देश बन जाएगा। चंद्रयान-3 को 23 अगस्त को शाम 6:04 बजे 25 Km की ऊंचाई से लैंड कराने की कोशिश की जाएगी।
चंद्रयान-3 का दूसरा और फाइनल डीबूस्टिंग ऑपरेशन रविवार रात 1 बजकर 50 मिनट पर पूरा हुआ था। इस ऑपरेशन के बाद लैंडर की चंद्रमा से न्यूनतम दूरी 25 किमी और अधिकतम दूरी 134 किलोमीटर रह गई है। डीबूस्टिंग में स्पेसक्राफ्ट की स्पीड को धीमा किया जाता है।
चंद्रयान-2 के ऑर्बिटर और चंद्रयान-3 के लैंडर के बीच संपर्क स्थापित
इसरो यानी इंडियन स्पेस रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन ने सोमवार को बताया कि उसने चंद्रयान-2 मिशन के ऑर्बिटर और चंद्रयान-3 के लैंडर के बीच संपर्क स्थापित कर दिया है। टु-वे कम्युनिकेशन के स्थापित होने के बाद ऑर्बिटर ने लैंडर से कहा- ‘स्वागत है दोस्त!’
चंद्रमा के फार साइड की तस्वीरें इसरो ने शेयर की
इसरो ने चंद्रमा की फार साइड यानी ऐसा इलाका जो पृथ्वी से कभी नहीं दिखता, उसकी तस्वीरें शेयर की हैं। इसे चंद्रयान-3 में लगे लैंडर हैजार्ड डिटेक्शन एंड एवॉयडेंस कैमरे (LHDAC) से 19 अगस्त 2023 को खींचा गया है। यह कैमरा लैंडर को सेफ लैंडिंग एरिया लोकेट करने में मदद करेगा। यानी ऐसा इलाका जहां बड़े पत्थर और गड्ढे न हो।
चांद पर अशोक स्तंभ की छाप छोड़ेगा प्रज्ञान रोवर
चंद्रयान-1 और चंद्रयान-2 मिशन के प्रोजेक्ट डायरेक्टर रहे एम. अन्नादुरई के मुताबिक 23 अगस्त की शाम को चंद्रयान-3 के लैंडर को 25 किमी की ऊंचाई से चांद की सतह तक पहुंचने में 15 से 20 मिनट लगेंगे। यही समय सबसे क्रिटिकल होने वाला है।
इसके बाद विक्रम लैंडर से रैंप के जरिए छह पहियों वाला प्रज्ञान रोवर बाहर आएगा और इसरो से कमांड मिलते ही चांद की सतह पर चलेगा। इस दौरान इसके पहिए चांद की मिट्टी पर भारत के राष्ट्रीय चिह्न अशोक स्तंभ और इसरो के लोगो की छाप छोड़ेंगे।
सब कुछ फेल हो जाए तब भी विक्रम लैंड करेगा
इसरो चेयरमैन एस सोमनाथ ने 9 अगस्त को विक्रम की लैंडिंग को लेकर कहा था- ‘अगर सब कुछ फेल हो जाता है, अगर सभी सेंसर फेल हो जाते हैं, कुछ भी काम नहीं करता है, फिर भी यह (विक्रम) लैंडिंग करेगा बशर्ते एल्गोरिदम ठीक से काम करें। हमने यह भी सुनिश्चित किया है कि अगर इस बार विक्रम के दो इंजन काम नहीं करेंगे, तब भी यह लैंडिंग में सक्षम होगा।’
एशिया कप के लिए टीम इंडिया तय, रोहित बोले- किसी भी पोजिशन पर बैटिंग करनी पड़ सकती है
BCCI ने एशिया कप के लिए भारतीय टीम का ऐलान किया है। रोहित शर्मा कप्तान और हार्दिक पंड्या उपकप्तान होंगे। विकेटकीपर केएल राहुल, बैटर श्रेयस अय्यर, तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और प्रसिद्ध कृष्णा की वापसी हुई है। रोहित ने कहा- टीम के मिडिल ऑर्डर बैटर्स को फ्लेक्सिबिलिटी दिखानी होगी। उन्हें किसी भी पोजिशन पर बैटिंग करने के लिए भेजा जा सकता है।
एशिया कप 30 अगस्त से शुरू हो रहा है। इसमें भारत का पहला मैच 2 सितंबर को पाकिस्तान के खिलाफ श्रीलंका में होगा। फाइनल 17 सितंबर को खेला जाएगा। एशिया कप के बाद अक्टूबर में वर्ल्ड कप खेला जाएगा। इसलिए एशिया कप की टीम का चयन वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए किया जाएगा। पूरी खबर यहां पढ़ें…
7 नवजातों को मारने वाली ब्रिटेन की नर्स को उम्रकैद, 6 बच्चों की हत्या की कोशिश भी थी
उम्रकैद पाने वाली लूसी की यह तस्वीर 2018 में पहली बार गिरफ्तारी के वक्त की है।
ब्रिटेन के मैनचेस्टर क्राउन कोर्ट ने 7 नवजात बच्चों की हत्या करने वाली नर्स को उम्रकैद की सजा सुनाई है। उसे सजा के दौरान पैरोल भी नहीं मिलेगी। लूसी नाम की नर्स ने ये हत्याएं जून 2015 से जून 2016 के बीच की थी। इसके अलावा 6 बच्चों को जान से मारने की कोशिश का आरोप भी साबित हुआ। नर्स के खिलाफ भारतीय मूल के डॉक्टर रवि जयराम ने भी गवाही दी थी।
नर्स ने नवजातों को मारने के लिए तरीके अपनाए थे। पहला- बिना दवाई का इंजेक्शन देकर। इससे नसों में वैक्यूम बन जाता है और फिर मौत हो जाती है। दूसरा- जबरदस्ती ज्यादा दूध पिलाना और वो भी दूसरों का। तीसरा- इंसुलिन देकर जहर पैदा करना। अदालत ने फैसले में ‘होल लाइफ ऑर्डर’ शब्द का इस्तेमाल किया है। यानी उसे बाकी उम्र सलाखों के पीछे गुजारनी होगी। लूसी ऐसी सजा पाने वाली ब्रिटेन की तीसरी ऐसी महिला है।
लेटबी को काउटेंस ऑफ चेस्टर हॉस्पिटल में 7 बच्चों की हत्या का दोषी पाया गया था। सातों बच्चों को उसने अलग-अलग तरीके से मारा था। इसके अलावा 6 बच्चों को जान से मारने की कोशिश का आरोप भी साबित हुआ। सभी घटनाएं जून 2015 से जून 2016 के बीच अंजाम दी गईं। लेटबी के खिलाफ भारतीय मूल के डॉक्टर रवि जयराम भी गवाह थे।
इस मामले में हैरानी की बात यह है कि सरकारी वकील 9 महीने चली सुनवाई में पुख्ता तौर पर यह नहीं बता सके कि लूसी ने बच्चों की हत्या क्यों की? हालांकि कुछ दावे जरूर किए गए, लेकिन कोर्ट के फैसले में इनका जिक्र नहीं है। यहां इस केस से जुड़ी अहम बातों पर सिलसिलेवार नजर…
लूसी को सजा सुनाने वाले जज जस्टिस गॉस। उन्होंने फैसले में कहा- लूसी का जुर्म हैवानियत से कम नहीं है। इसने जिन बच्चों की जान ली, उनमें से कुछ तो प्री-मैच्योर थे।
मौत तक जेल में
- जस्टिस गॉस ने आदेश दिया है कि लूसी को उन विक्टिम्स के बयानों की कॉपी सौंपी जाएगी, जिन्होंने अदालत के सामने बयान दर्ज कराए हैं और जिनके आधार पर सजा का ऐलान किया गया है।
- ‘द गार्डियन’ की रिपोर्ट के मुताबिक लूसी को उसके जुर्मों की सजा उम्रकैद के तौर पर ही मिलनी थी। जिस तरह के संगीन जुर्म उसने किए हैं, उनकी मिसाल ब्रिटेन की मॉडर्न हिस्ट्री में नहीं मिलती। लूसी ब्रिटेन की सिर्फ तीसरी ऐसी महिला है जिसे बाकी उम्र सलाखों के पीछे गुजारनी होगी। जस्टिस गॉस ने फैसले में ‘होल लाइफ ऑर्डर’ शब्द का इस्तेमाल किया है। इसके मायने ये हैं कि 33 साल की लूसी की डेड बॉडी ही अब जेल से बाहर आएगी।
- हालांकि ब्रिटेन के क्रिमिनल लॉ में ऐसी कई व्यवस्थाएं हैं, जिनके आधार पर दोषी को वक्त से पहले भी रिहाई मिल सकती है। कई मामलों में मेंटल हेल्थ और गंभीर बीमारी के आधार पर कुछ कैदियों को रिहा किया गया है। इसका आधार ह्यूमैनिटी यानी मानवता होता है।
लूसी लेटबी का यह स्केच स्काय न्यूज ने जारी किया है। इसमें लूसी बीच में नजर आ रही है। सोमवार को सजा के ऐलान के वक्त वो प्रिजन सेंटर में ही थी।
जुड़वां बच्चे थे निशाने पर
- अदालत के फैसले में कहा गया- तमाम कत्ल सोची-समझी साजिश के तहत अंजाम दिए गए। लेटबी खुद उस सेक्शन में ड्यूटी करना चाहती थी, जहां जुड़वां या इससे ज्यादा बच्चे रखे जाते थे। इनमें से ज्यादातर गंभीर तौर पर बीमार थे। इसमें कोई शक नहीं कि लूसी ब्रिटेन के इतिहास की सबसे खतरनाक चाइल्ड किलर है। उसके जुर्म बयान करना भी मुश्किल है। इसकी वजह से कई फैमिलीज ताउम्र दर्द में गुजरेंगी।
- जस्टिस गॉस ने आगे कहा- लूसी ने लोगों के भरोसे को तोड़ा। उसका जुर्म हैवानियत से कम नहीं है। इसने जिन बच्चों की जान ली, उनमें से कुछ तो प्री-मैच्योर थे और उनका जिंदा रहना वैसे ही मुश्किल था। इसके बावजूद तुमने (लूसी) उन्हें मौत की नींद सुला दिया।
दो बार रिहाई भी मिली
- लेटबी को 7 नवजात बच्चों की हत्या और 6 बच्चों की हत्या करने की कोशिश करने का दोषी पाया गया था। लेटबी पर अक्टूबर 2022 से केस चल रहा था। उस पर जिन बच्चों की हत्या का जुर्म साबित हुआ, उनमें अधिकतर या तो बीमार थे या समय से पहले पैदा हुए थे।
- लूसी को जुलाई 2018 से नवंबर 2020 के बीच तीन बार गिरफ्तार किया गया। हालांकि दो बार छोड़ा भी गया। नवंबर 2020 में लूसी पर आरोप तय हुए थे। उत्तरी इंग्लैंड में मैनचेस्टर क्राउन कोर्ट की जूरी 22 दिनों तक चर्चा के बाद फैसले पर पहुंची।
- सरकारी वकील निक जॉनसन ने कहा- लूसी सहयोगियों को यह यकीन दिला देती थी कि मौत की वजह बीमारी है। वह अपनी तरफ से बच्चों को नहलाने, कपड़े पहनाने और उनकी तस्वीरें लेने की पेशकश करती थी। वह हर बच्चे की मौत के बाद बहुत खुश नजर आती थी।
- लेटबी के घर से पुलिस को हाथ से लिखा एक नोट भी मिला था। इस पर लिखा था- हां, मैं जालिम हूं। मैंने ही इन घटनाओं को अंजाम दिया। लूसी ने कोर्ट में कहा था- मैंने यह नोट तब लिखा था, जब मुझे दो-तीन बच्चों की मौत के बाद क्लर्क बना दिया गया।
तस्वीर 2015 की है। इस वक्त लूसी हॉस्पिटल के नियोनेटल वॉर्ड में नर्स थी।
कैसे पकड़ी गई लूसी
- ब्रिटिश मीडिया की कई रिपोर्ट्स पुलिस इन्वेस्टिगेशन की जानकारी देती हैं। इस मामले की शुरू से आखिर तक जांच में डिप्टी सुपरिन्टेंडेंट पॉल ह्यूजेस का अहम रोल रहा। पॉल कहते हैं- जब एक ही हॉस्पिटल में लगातार बच्चों की मौत हुई तो शक हुआ। हमने खुले दिमाग से जांच शुरू की। शुरुआत में ही हम किसी नतीजे तक नहीं पहुंचना चाहते थे।
- पॉल के मुताबिक हमारी नजर किसी संदिग्ध पर थी। ये जांच लंबी चलनी थी और हम कोर-कसर बाकी नहीं रखना चाहते थे। इसलिए जल्दबाजी की कोई गुंजाइश भी नहीं थी। हमने 17 तरह से जांच की। जब यह इन्वेस्टिगेशन शुरू हुई तो टीम में सिर्फ 8 अफसर थे। केस जब अंजाम तक पहुंचा तो टीम में 70 अफसर थे। सबसे ज्यादा मुश्किल उन दर्द में डूबे पेरेंट्स से जानकारी जुटाने में आई, जिनके बच्चों की हत्या की गई थी।
लूसी के घर से पुलिस ने तीन नोट बरामद किए थे। ये उनमें से एक था।
जब भी कोई बच्चा मरा, लूसी ही ड्यूटी पर क्यों थी
- जज जस्टिस गॉस की अदालत ने इस केस की लगातार 9 महीने सुनवाई की। इस दौरान पुलिस ने तमाम साइंटिफिक एविडेंस पेश किए।
- मोटे तौर पर बच्चों को तीन तरीकों से मारे जाने की बात साबित हुई। पहला- बिना दवाई का इंजेक्शन देकर। इससे नसों में वैक्यूम बन जाता है। ये ब्लड तक पहुंचता है और फिर मौत हो जाती है। दूसरा- जबरदस्ती ज्यादा दूध पिलाना और वो भी दूसरों का। तीसरा- इंसुलिन देकर जहर पैदा करना। इससे भी बच्चों की मौत हुई।
- लेटबी ने बचाव में कहा- मैंने किसी बच्चे को नहीं मारा। हॉस्पिटल में सफाई की अच्छी व्यवस्था नहीं थी और वहां स्टाफ को लेकर भी दिक्कतें थीं। बच्चों की मौत इसी वजह से हुई।
- इसके जवाब में सरकारी वकील ने कहा- अगर आपकी बात को सही मान लिया जाए तो ये बताइए कि सभी बच्चों की मौत उस वक्त ही क्यों हुई जब आप शिफ्ट में थीं और ऑन ड्यूटी थीं। इस पर लूसी ने चुप्पी साध ली।
लूसी की यह तस्वीर 2022 की है। तब कोर्ट ने पुलिस रिकॉर्ड से यह तस्वीर जारी की थी।
बच्चों को क्यों मारा? क्या एकतरफा प्यार बना वजह?
- लूसी को उम्रकैद जरूर दी गई है, लेकिन इस केस में एक सवालिया निशान अब भी बाकी है और वो ये कि लूसी ने आखिर 7 बच्चों की जान क्यों ली? कोर्ट के फैसले में भी हत्याओं की वजह नहीं बताई गई है। बहरहाल, केस की सुनवाई के दौरान और कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में हत्याओं के कुछ संभावित कारण बताए जाते रहे हैं।
- ‘द इंडिपेंडेंट और बीबीसी’ के मुताबिक लूसी ने जिस हॉस्पिटल में बच्चों की जान ली, वो उसी हॉस्पिटल के एक डॉक्टर को एकतरफा तौर पर चाहती थी। वो ये भी चाहती थी कि बच्चों की मौत पर वो डॉक्टर लूसी से सहानुभूति जताए।
- एक और शक ये है कि वो मानसिक तौर पर बीमार थी और उसे बच्चों को मारकर खुशी महसूस होती थी। 2020 में जब उसे तीसरी बार अरेस्ट किया गया तो उसके घर से एक नोट मिला। इस पर लिखा था- मैं जालिम हूं और यह मैंने ही किया है। एक और नोट में लूसी ने लिखा था- मैंने उन्हें इसलिए मारा, क्योंकि मैं उनकी सही देखभाल करने में नाकाम थी।
- एक और नोट जो लूसी के घर से बरामद हुआ। उसमें लिखा था- मैं कभी शादी नहीं करूंगी और न मेरे बच्चे होंगे। मुझे कभी पता ही नहीं चला कि फैमिली कैसी होती है।
यह डायरी भी लूसी के घर से ही बरामद हुई थी। इसमें उसके रूटीन का जिक्र था।
कानून में बदलाव करेंगे सुनक
- लूसी पर फैसला आने के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने कहा- सरकार यह तय करेगी कि सजा के ऐलान के वक्त अब कोई दोषी कोर्ट से गैरहाजिर न हो। सुनक का बयान इस लिहाज से अहम है, क्योंकि सजा के ऐलान के वक्त लूसी कोर्ट में मौजूद नहीं थी।
- लूसी से पहले ब्रिटेन की सिर्फ तीन महिलाओं को आखिरी सांस तक कैद दी गई थी। इनके नाम है मायरा हिंडली, रोजमैरी वेस्ट और जोना डेनली। यह कानून 1983 में लाया गया था। इससे पहले मायरा को हत्या का दोषी पाए जाने के बाद 1990 में आखिरी सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई गई थी। हालांकि 2002 में उसकी मौत हो गई थी।
- इसके अलावा दोनों महिलाएं इस वक्त जेल में हैं। रोजमैरी वेस्ट को हत्या के 10 मामलों में सजा मिली। डेनली को तीन लोगों की हत्या का दोषी पाया गया था।
इंडिगो फ्लाइट में पैसेंजर की तबीयत बिगड़ी, नागपुर में इमरजेंसी लैंडिंग, अस्पताल में मौत
मुंबई से रांची जा रहे इंडिगो प्लेन की नागपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। एक पैसेंजर की तबीयत खराब हो गई और वो खून की उल्टियां करने लगा। पैसेंजर को नागपुर के एक अस्पताल में भर्ती करवाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके।
5 दिन के भीतर इंडिगो फ्लाइट से जुड़ी मेडिकल इमरजेंसी की ये तीसरी घटना है। इससे पहले रविवार को लखनऊ से शारजाह जा रही इंडिगो फ्लाइट की जयपुर एयरपोर्ट पर इमरजेंसी लैंडिंग करवाई गई। दरअसल, विमान में 23 साल के युवक को हार्ट अटैक आया था। वहीं 17 अगस्त को नागपुर एयरपोर्ट पर कार्डियक अरेस्ट से 40 साल के इंडिगो के एक पायलट की मौत हो गई। वे नागपुर-पुणे फ्लाइट में जा ही रहे थे, तभी एयरपोर्ट के बोर्डिंग गेट पर गश खाकर गिर पड़े।
गहलोत बोले- सीपी जोशी ने पक्ष-विपक्ष किसी को नहीं बख्शा; नेता प्रतिपक्ष को कहा- आप सुन नहीं रहे हैं
राजस्थान के CM अशोक गहलोत ने विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी की जमकर तारीफ की। उन्होंने उदयपुर में एक सम्मेलन में कहा कि डॉ. जोशी ने किसी को नहीं बख्शा, चाहे पक्ष हो या विपक्ष। गहलोत पूर्व सरकार को लेकर जिक्र किया तो नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ कहीं और देख रहे थे। तभी उन्होंने टोका और कहा- आप सुन नहीं रहे हैं…कहां देख रहे हो?
SC ने 28 हफ्ते की प्रेग्नेंट को अबॉर्शन की इजाजत दी, गुजरात हाईकोर्ट ने अर्जी खारिज की थी
सुप्रीम कोर्ट ने 28 हफ्ते की प्रेग्नेंट रेप विक्टिम को अबॉर्शन की इजाजत दी है। गुजरात की रहने वाली महिला ने पहले हाईकोर्ट में अर्जी लगाई थी। लेकिन बिना कारण बताए उसकी याचिका 17 अगस्त को खारिज कर दी गई। इसके बाद वह 19 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट पहुंची। उसी दिन गुजरात हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए पीड़ित से पूछा कि क्या वह बच्चे को जन्म देकर उसे स्टेट को सौंपना चाहती है।
ये खबर अहम क्यों है: हाईकोर्ट के रवैए को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि गुजरात हाईकोर्ट में ये क्या हो रहा है। टॉप कोर्ट ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित को अबार्शन की अनुमति दी। मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी एक्ट के तहत 24 हफ्ते से ज्यादा की प्रेग्नेंसी अबॉर्ट कराने के लिए कोर्ट से इजाजत लेनी पड़ती है।
सनी देओल का बंगला नीलामी आदेश 24 घंटे में वापस; बैंक ने कहा- एक्टर ने हमसे संपर्क किया
ये तस्वीर सनी देओल की हाल ही रिलीज हुई फिल्म गदर-2 की है।
बॉलीवुड एक्टर और BJP सांसद सनी देओल के जुहू स्थित बंगले की नीलामी का नोटिस बैंक ऑफ बड़ौदा ने 24 घंटे में वापस ले लिया। बैंक ने खंडन जारी करते हुए कहा कि नोटिस तकनीकी कारणों से वापस लिया जा रहा है। यह भी बताया गया कि नोटिस मिलने के बाद खुद सनी देओल ने लोन चुकाने के लिए बैंक से संपर्क किया था। इस फैसले पर कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने पूछा- नीलामी रोकने के तकनीकी कारण कहां से आ गए?
2019 के चुनावी हलफनामे के मुताबिक, सनी के पास 87 करोड़ रुपए की संपत्ति है और 53 करोड़ रुपए की देनदारी है। उनकी फिल्म गदर-2 ने 9 दिन में 336 करोड़ रुपए कमाए हैं। एक्सपर्ट्स का मानना है कि 70 से 80 करोड़ में बनी ये फिल्म अब 400 करोड़ क्लब में शामिल होने वाली है।
CBI जांच पूरी होने के बाद 6,841 केस कोर्ट में पेंडिंग; 2,039 मामलों की सुनवाई 10 साल से जारी
सेंट्रल विजिलेंस कमीशन (CVC) ने 2022 की एनुअल रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक, CBI की जांच पूरी होने के बाद भी 6841 मामले कोर्ट में पेंडिंग हैं। इन पर अभी तक कोई फैसला नहीं आ सका है। इनमें 313 मामले ऐसे हैं, जिन्हें कोर्ट में पहुंचे 20 साल से ज्यादा समय हो गया है। इसके अलावा 2,039 केस ऐसे हैं, जिन पर 10 साल से ज्यादा समय से सुनवाई चल रही है।
CVC ने 11 अगस्त को एनुअल रिपोर्ट जारी की है, जिसमें सभी विभागों के खिलाफ मिली शिकायतों और उनके निपटारे की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में लिखा है कि आयोग के पास भ्रष्टाचार की 1.15 लाख शिकायतें पहुंची थीं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की सबसे ज्यादा 46 हजार शिकायतें मिली थीं।
CVC की रिपोर्ट में बताया गया है कि 31 दिसंबर 2022 तक CBI के पास 692 केस पेंडिंग थे, जिनकी जांच केंद्रीय एजेंसी को करनी थी। इनमें से 42 केस ऐसे हैं, जिनकी जांच शुरू हुए 5 साल से ज्यादा वक्त बीत चुका है, जबकि CBI को एक साल के भीतर जांच पूरी करनी होती है।
साल 2022 में CBI की केस डायरी
- 2022 में कुल 946 केस दर्ज किए। इनमें से 829 रेगुलर केस थे और बाकी 117 प्राइमरी इन्क्वायरी केस थे।
- 946 मामलों में से 107 संवैधानिक अदालतों के आदेश पर उठाए गए और 30 मामले राज्य सरकारों ने सौंपे थे।
- रिश्वतखोरी के 163 केस ट्रैप किए, जबकि आय से ज्यादा संपत्ति रखने के 46 मामले दर्ज किए गए।
- 2022 में CBI ने 905 मामलों की जांच पूरी की। इनमें से 819 रेगुलर और 86 प्राइमरी इन्क्वायरी वाले केस थे।
- CBI के अधिकारियों के खिलाफ 71 केस चल रहे हैं, जिन पर अभी तक कोई फैसला नहीं आया है।
- रिपोर्ट के मुताबिक CBI में कुल 7295 पोस्ट हैं, जिनमें से 5600 पर अधिकारी-कर्मचारियों की पोस्टिंग है, 1695 पद खाली हैं।
आयोग ने जांच में देरी के कारण भी गिनाए
CVC ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कुछ मामलों में जांच पूरी करने में देरी हुई है। देरी के कुछ कारणों में वर्कलोड, मैन पावर की कमी और दूर रहने वाले गवाहों का पता लगाने में लगने वाला समय जैसी बातें शामिल हैं।
11 अगस्त को जारी की एनुअल रिपोर्ट
CVC ने 11 अगस्त को एनुअल रिपोर्ट जारी की है। जिसमें सभी विभागों के खिलाफ मिली शिकायतों और उनके निवारण की जानकारी है। रिपोर्ट में लिखा है कि आयोग के पास भ्रष्टाचार की 1.15 लाख शिकायतें पहुंची थीं। केंद्रीय गृह मंत्रालय के कर्मचारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार की सबसे ज्यादा 46 हजार शिकायतें मिली थीं।
प्रज्ञानानंद चेस वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंचे, विश्वनाथन आनंद के बाद फाइनल खेलने वाले दूसरे भारतीय
FIDE चेस वर्ल्ड कप अजरबैजान के बाकू में खेला जा रहा है।
भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानानंद ने वर्ल्ड कप चेस टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी फैबियानो कारूआना को हरा दिया। इसमें 18 साल के प्रज्ञानानंद ने टाई-ब्रेक में कारूआना को 3.5-2.5 से हराया। फाइनल में उनका सामना दुनिया के नंबर-1 खिलाड़ी मैग्नस कार्लसन से होगा।
प्रज्ञानानंद चेस लीजेंड विश्वनाथन आनंद के बाद टूर्नामेंट का फाइनल खेलने वाले दूसरे भारतीय हैं। प्रज्ञानानंद और कार्लसन के बीच अब तक 19 मुकाबले हुए है। इसमें से कार्लसन ने 7 और प्रज्ञानानंद ने 5 मुकाबले जीते हैं। 6 मुकाबले ड्रॉ रहे हैं।
18 साल के प्रज्ञानानंद ने सेमीफाइनल में टाई-ब्रेक में कारूआना को 3.5-2.5 से हराया। फाइनल में उनका सामना वर्ल्ड नंबर-1 मैग्नस कार्लसन से होगा।
प्रज्ञानानंद चेस लीजेंड विश्वनाथन आनंद के बाद टूर्नामेंट का फाइनल खेलने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए।
टाई ब्रेकर में खिलाड़ी के पिछले मुकाबलों के स्कोर के आधार पर एक टाई ब्रेक स्कोर बनता है। इसमें बेहतर स्कोर वाले को विजेता घोषित किया जाता है।
कार्लसन का पलड़ा भारी
आर प्रज्ञानानंद और मैग्नस कार्लसन के बीच हमेशा काटे की टक्कर होती है। हेड टु हेड में मैग्नस कार्लसन आगे है। दोनों खिलाडियों के बीच अब तक 19 मुकाबले हुए है। इसमें से कार्लसन ने 7 और प्रज्ञानानंद ने 5 मुकाबले जीते है। 6 मुकाबले ड्रॉ रहे है।
आर प्रज्ञानानंद और मैग्नस कार्लसन आखिरी बार जनवरी 2023 में आयोजित टाटा स्टील चैस चैंपियनशिप में मिले थे। दोनों के बीच मुकाबला ड्रॉ हुआ था।
विश्वनाथन आनंद ने किया ट्वीट
चेस के लीजेंड विश्वनाथन आनंद ने सोशल नेटवर्किंग साइट ‘एक्स’, जो पहले ट्विटर था, पर पोस्ट किया कि, प्रज्ञानानंद फाइनल में पहुंच गया। उन्होंने टाईब्रेक में फैबियानो कारूआना को हराया और अब मैग्नस कार्लसन से उनका मुकाबला होगा। बहुत खूब।
विश्वनाथन आनंद का ट्वीट।
भारत के ही खिलाड़ी को हरा कर सेमीफाइनल में बनाई थी जगह
प्रज्ञानानंद ने गुरुवार को सडन डेथ टाईब्रेक में भारत के ही अर्जुन एरिगैसी को 5-4 से हराकर सेमीफाइनल में जगह पक्की की थी। प्रज्ञानानंद ने पहले ही अगले साल के कैंडिडेट्स इवेंट में जगह पक्की कर ली है।टाईब्रेकर में अमेरिकी ग्रैंडमास्टर हिकारू नाकामुरा को हराने के बाद प्रज्ञानानंद ने फिडे विश्व कप के सबसे बड़े उलटफेर में से एक की शुरुआत की थी।
मुझे कार्लसन के खिलाफ खेलने की उम्मीद नहीं थी – प्रज्ञानानंद
फाइनल में जगह पक्की करने के बाद प्रज्ञानानंद ने कहा कि, मुझे इस टूर्नामेंट में मैग्नस के खिलाफ से खेलने की बिल्कुल भी उम्मीद नहीं थी क्योंकि मैं उनके खिलाफ केवल फाइनल में ही खेल सकता था। मुझे फाइनल में पहुंचने की उम्मीद नहीं थी। मैं बस अपना बेस्ट देने की कोशिश करूंगा और देखूंगा कि आगे क्या होता है।
तुर्किये में बस दुर्घटनाग्रस्त हुई, 12 यात्रियों की मौत
अंकारा: मध्य तुकिये में सोमवार को एक बस सड़क किनारे खड्ढ में गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई जिसमें 12 यात्रियों की मौत हो गई और 19 घायल हैं। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। गवर्नर मेहमत अली ओजकन ने बताया कि घटना मध्य तुर्किये के शहर योज्गत के पास की है। बस का चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा जिससे वह विपरीत दिशा वाली लेन में चली गई और फिर सड़क किनारे खड्ढ में गिर गई। यह बस सिवास से इस्तांबुल जा रही थी। ओजकन ने बताया कि दुर्घटना में 11 यात्रियों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ने अस्पताल में दम तोड़ दिया। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है जहां एक की हालत गंभीर बनी हुई है।
लोकतंत्र में विश्वास रखने वाली समान विचारधारा वाली लगभग 18-19 एक साथ आई हैं। पटना से बेंगलुरु तक बैठकें हो चुकी हैं और हमने गठबंधन का नाम इंडिया रखने का फैसला किया। 30 या 31 अगस्त को मुंबई, महाराष्ट्र में हमारी एक और बैठक होगी, जहां सभी दल तय करेंगे कि आगे क्या करना है: राजद प्रमुख और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू यादव, गोपालगंज
चंद्रयान के चांद पर उतरने से 2 घंटे पहले हम लैंडर और चांद की स्थिति का जायजा लेंगे और उसके बाद लैंडर के चांद पर लैंड कराने पर फैसला लेंगे। अगर हमें लगेगा की लैंडर या चांद की स्थिति उतरने के लिए ठीक नहीं है तो हम इसे 27 अगस्त तक के लिए आगे बढ़ा देंगे। हम 23 अगस्त को लैंडर को लैंड कराने की कोशिश करेंगे: नीलेश एम. देसाई, निदेशक, अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र-इसरो, अहमदाबाद
दिल्ली सरकार के अधिकारी से जुड़ा दुष्कर्म मामला: NCW की 4 सदस्यीय टीम दिल्ली के उस अस्पताल पहुंची जहां नाबालिग लड़की को भर्ती कराया गया है।4 सदस्यीय टीम की सदस्य ममता कुमारी ने कहा, “हम इस मामले की जांच के लिए कमेटी बनाकर आए हैं। हम पुलिस आयुक्त के कार्यालय गए लेकिन वह हमसे वहां नहीं मिले। हमें बताया गया कि वह किसी काम से बाहर हैं। हमने IO से मिलने की कोशिश की लेकिन हमें बताया गया कि वह कोर्ट गए हैं। जब हम यहां पीड़िता से मिलने आए तो हमें कहा गया कि उसकी मां हमसे मिलना नहीं चाहती, वे इसे छुपाने के लिए ऐसा कर रहे हैं।”
BRICS के बाद ग्रीस जाएंगे पीएम मोदी
विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने बताया, ‘इस वर्ष ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का विषय ‘ब्रिक्स और अफ्रीका: पारस्परिक रूप से त्वरित विकास, सतत विकास और समावेशी बहुपक्षवाद के लिए साझेदारी’ है। कोविड-19 महामारी के कारण लगातार तीन वर्षों तक वर्चुअल बैठकों के बाद यह पहला व्यक्तिगत ब्रिक्स शिखर सम्मेलन होगा। 15वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत से एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल बिजनेस ट्रैक्स बैठकों और ब्रिक्स बिजनेस काउंसिल, ब्रिक्स महिला बिजनेस एलायंस और ब्रिक्स बिजनेस फोरम की बैठकों में भाग लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका की यात्रा भी कर रहा है। जोहान्सबर्ग में अपने कार्यक्रम पूरे करने के बाद प्रधानमंत्री ग्रीस के प्रधानमंत्री के निमंत्रण पर 25 अगस्त को आधिकारिक यात्रा के लिए ग्रीस जाएंगे।’

