आज का प्रमुख इवेंट
- चंद्रयान-3 का लैंडर, प्रोपल्शन मॉड्यूल से अलग होगा। प्रोपल्शन मॉड्यूल चांद की ऑर्बिट में रहकर धरती से आने वाले रेडिएशन की स्टडी करेगा, वहीं लैंडर 23 अगस्त को चांद पर लैंड करेगा।
दिल्ली में भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक; MP में कमजोर सीटों पर फोकस रहेगा
मीटिंग में PM मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मध्य प्रदेश के CM शिवराज सिंह चौहान, MP भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, छत्तीसगढ़ के पूर्व CM रमन सिंह समेत भाजपा के कई सीनियर लीडर्स शामिल हुए।
दिल्ली के भाजपा मुख्यालय में करीब 4 घंटे भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति की मीटिंग चली। जिसमें इस साल के अंत में होने वाले मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर चर्चा हुई। सूत्र बता रहे, PM मोदी ने MP के नेताओं से कमजोर सीटों पर फोकस करने के लिए कहा है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ की 90 में से 27 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के पैनल को लेकर भी चर्चा हुई।
मीटिंग में मध्य प्रदेश की चुनावी तैयारियों को लेकर डेढ़ घंटे चर्चा हुई। MP में चुनाव मौजूदा CM शिवराज सिंह चौहान के चेहरे पर ही लड़ा जाएगा। वहीं छत्तीसगढ़ पर 2 घंटे चर्चा हुई। राज्य की 90 सीटों को 4 कैटेगरी- A, B, C, D में बांटा गया है। छत्तीसगढ़ की आधी सीटों पर नए उम्मीदवारों को मौका दिया जा सकता है।
न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से बताया कि मीटिंग में पीएम मोदी ने MP के नेताओं से कमजोर सीटों पर फोकस करने के लिए कहा। इसके अलावा छत्तीसगढ़ की 90 में से 27 विधानसभा सीटों पर उम्मीदवारों के पैनल को लेकर भी चर्चा हुई।
मुख्यालय पहुंचने पर भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने पीएम मोदी का स्वागत किया।
छत्तीसगढ़ की सीटों को 4 कैटेगरी में बांटा गया
मीटिंग में छत्तीसगढ़ की 90 सीटों को 4 कैटेगरी- A, B, C, D में बांटा गया। A कैटेगरी में वे सीटें हैं, जिन्हें भाजपा ने हर बार जीता है। B कैटेगरी में वे सीटें हैं, जिनपर भाजपा की जीत-हार दोनों हुई है। C कैटेगरी की सीटों पर भाजपा कमजोर है। वहीं, D कैटेगरी की सीटों पर भाजपा कभी नहीं जीत सकी है।
मीटिंग में B और C की 22 और D कैटेगरी की 5 सीटों पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, इस बंटवारे से कमजोर सीटों पर पार्टी ज्यादा फोकस दे सकेगी।
मीटिंग में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
आधी सीटों पर नए उम्मीदवार उतार सकती है भाजपा
मीटिंग में छत्तीसगढ़ को लेकर 2 घंटे तक चर्चा हुई। कमजोर सीटों और प्रचार की रणनीति को लेकर भी बात हुई। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ की आधी सीटों पर नए उम्मीदवारों को मौका दे सकती है।
मीटिंग में PM मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मध्य प्रदेश के सीएम शिवराज सिंह चौहान, MP भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
मीटिंग में चर्चा करते पीएम मोदी और जेपी नड्डा।
MP को लेकर डेढ़ घंटे तक हुई चर्चा
इस साल के अंत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में चुनाव होने हैं। भाजपा इनमें से सिर्फ मध्य प्रदेश में ही सत्ता में है। MP में चुनाव मौजूदा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के चेहरे पर ही लड़ा जाएगा।
मीटिंग में MP को लेकर करीब डेढ़ घंटे तक चर्चा हुई। राज्य के नेताओं ने जमीनी स्तर पर किए जा रहे कामों के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा अलग-अलग कार्यक्रमों के जरिए लोगों से बातचीत करने पर जोर दिया गया।
कोर्ट में प्रॉस्टिट्यूट-मिस्ट्रेस जैसे शब्द इस्तेमाल नहीं होंगे; सुप्रीम कोर्ट ने शब्दावली जारी की
सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि अदालत के फैसलों और दलीलों में अब जेंडर स्टीरियोटाइप शब्द जैसे कि प्रॉस्टिट्यूट और मिस्ट्रेस का इस्तेमाल नहीं होगा। सुप्रीम कोर्ट ने आपत्तिजनक शब्दों पर रोक लगाने के लिए हैंडबुक लॉन्च की है। हैंडबुक जारी करते हुए CJI चंद्रचूड़ ने कहा कि इससे जजों और वकीलों को ये समझने में आसानी होगी कि कौन से शब्द रूढ़िवादी हैं और उनसे कैसे बचा जा सकता है।
इस हैंडबुक में वे शब्द हैं, जिन्हें पहले की अदालतों ने यूज किया है। शब्द गलत क्यों हैं और वे कानून को और कैसे बिगाड़ सकते हैं, इसके बारे में भी बताया गया है। जल्द ही इससे जुड़ी डिक्शनरी भी आएगी। प्रॉस्टिट्यूट की जगह ‘सेक्स वर्कर’, चाइल्ड प्रॉस्टिट्यूट की जगह ‘तस्करी करके लाया गया बच्चा’, अफेयर की जगह ‘शादी के इतर रिश्ता’ इस्तेमाल किया जाएगा।
राजस्थान में शहीद के माता-पिता को समारोह से निकाला; जिला प्रशासन ने न्योता भेजकर बुलाया था
जवान सौरभ कटारा के माता पिता जिला प्रशासन की ओर से मिला इनविटेशन कार्ड दिखाते हुए। माता पिता बहू के नाम से मिले निमंत्रण कार्ड को लेकर यहां पहुंचे थे।
राजस्थान के भरतपुर में जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह से एक दिवंगत जवान के माता-पिता को बेइज्जत कर निकाल दिया गया। उन्हें उस जगह नहीं बैठने दिया गया जहां शहीदों की पत्नी और परिजन बैठे थे। सैनिक कल्याण बोर्ड के अधिकारी ने उन्हें कहा कि आपका बेटा शहीद नहीं हुआ था। इस पर माता पिता फूट-फूटकर रोए और समारोह से लौट आए।
जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा में तैनात सौरभ कटारा दिसंबर 2019 में शादी के बाद ड्यूटी पर लौटे थे। 23 दिसंबर 2019 को पेट्रोलिंग के दौरान आतंकियों ने उनकी कार पर हमला कर दिया था। अगले दिन सेना के अस्पताल में उनकी जान चली गई। वे शादी के 19 दिन बाद शहीद हो गए। परिवार का कहना है कि उन्हें शहीद का दर्ज नहीं दिया गया और ना ही कोई सहायता दी गई।
भरतपुर में सोमवार को जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह से एक दिवंगत जवान के माता-पिता को बेइज्जत कर निकाल दिया गया। उन्हें उस जगह नहीं बैठने दिया गया जहां शहीदों की वीरांगनाएं और परिवार बैठा था।
माता पिता बेटे की वीरांगना पत्नी के नाम से मिले निमंत्रण कार्ड को लेकर यहां पहुंचे थे। अधिकारियों ने उन्हें वीरांगनाओं के साथ नहीं बैठने दिया और कहा कि आपका बेटा शहीद नहीं हुआ था। इस पर माता पिता फूट-फूटकर रोए और समारोह से लौट आए।
भरतपुर के रूपवास क्षेत्र के बरौली ब्राह्मण गांव निवासी जवान सौरभ कटारा। 23 दिसंबर 2019 को कुपवाड़ा में आतंकी हमले में उनका निधन हो गया था।
आतंकी हमले में शहीद हुए थे सौरभ कटारा
भरतपुर के रूपवास क्षेत्र के बरौली ब्राह्मण गांव के निवासी सौरभ कटारा की शादी 8 दिसंबर 2019 को पूनम से हुई थी। शादी के बाद सौरभ ड्यूटी पर लौट गए। वे आर्मी 200 फील्ड रेजिमेंट में तैनात थे। उनकी पोस्टिंग कुपवाड़ा (जम्मू कश्मीर) में थी। 23 दिसंबर 2019 को वे अपने एक साथी के साथ पेट्रोलिंग कर रहे थे। इस दौरान आतंकियों ने उनकी कार पर हमला कर दिया था।
24 दिसंबर 2019 को उपचार के दौरान सेना के अस्पताल में वे शहीद हो गए। शादी के महज 17 दिन बाद ही सौरभ कटारा ने देश के लिए प्राण न्योछावर कर दिए थे।
जवान सौरभ कटारा और पूनम की शादी 8 दिसंबर 2019 को हुई थी।
शहीद सौरभ के पूर्व सैनिक पिता, माता और वीरांगना पूनम तब से शहादत के सम्मान के लिए सरकार और मंत्रालय के चक्कर काट रहे हैं। सौरभ को शहीद का दर्जा नहीं दिया गया।
सौरभ के पिता नरेश कटारा ने बताया- रक्षा मंत्रालय का कहना है कि आपका बेटा गोली से नहीं मरा, ब्लास्ट में मरा था। इसलिए उसे शहीद नहीं माना जा सकता। न शहीद को मिलने वाली सहायता दी जा सकती है।
सौरभ को शहीद का दर्जा नहीं मिलने से वीरांगना पूनम को भी कोई मदद नहीं मिली। नरेश कटारा ने कहा- देश के लिए बेटा बलिदान कर दिया। इसके बाद भी उसे शहीद का सम्मान नहीं मिला। दिल्ली जाकर रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के चक्कर काटे। लेकिन कुछ नहीं हुआ। चार साल के बाद भी सौरभ का शहीद स्मारक नहीं बना है।
परेशान होकर 2022 में सौरभ के माता-पिता ने कोर्ट में केस कर दिया।
शहीद सौरभ कटारा की पत्नी पूनम शर्मा, पिता नरेश कटारा और मां अनिता शर्मा। सौरभ को शहीद का दर्जा दिलाने के लिए वे सरकार और रक्षा मंत्रालय के चक्कर काट रहे हैं।
15 अगस्त को क्यों रोए सौरभ के माता पिता
नरेश कटारा ने बताया- बहू पूनम के नाम स्वतंत्रता दिवस का इनविटेशन 11 अगस्त को मिला था। यह वीरांगनाओं और शहीद के परिवारजन को दिया जाता है। यही कार्ड लेकर हम भरतपुर जिला स्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह अटैंड करने पुलिस परेड ग्राउंड पहुंचे थे। वीरांगनाओं और शहीदों के परिजनों का सम्मान होना था।
जिला प्रशासन की ओर से 11 अगस्त को वीरांगना पूनम शर्मा के नाम से यह निमंत्रण कार्ड मिला था। इसी को लेकर माता-पिता पहुंचे थे।
23 दिसंबर 2019 को कुपवाड़ा में शहीद हुए बेटे की पत्नी पूनम को वीरांगना सम्मान देने के लिए ही प्रशासन ने न्योता भेजा था। बहू पूनम की तबीयत ठीक नहीं थी इसलिए वह आयोजन में नहीं जा सकी। मैं और सौरभ की मां अनिता शर्मा कार्ड लेकर समारोह में पहुंचे और सौरभ की मां को वीरांगनाओं के लिए लगाई गई कुर्सियों पर बैठा दिया।
वहां मौजूद सैनिक कल्याण बोर्ड के अधिकारी ने मेरी पत्नी व शहीद की मां अनिता को वहां से यह कहते हुए उठा दिया कि यह आपका क्षेत्र अधिकार नहीं है। सौरभ कटारा शहीद के दर्जे में नहीं आता। वह आतंकियों की गोली से नहीं मरा।
शहीद सौरभ के पिता नरेश और मां अनिता। इनविटेशन कार्ड दिखाते हुए।
इतना सुनकर मां की आंखें भर आईं। वह फूट-फूटकर रोई। मैंने अधिकारी को इनविटेशन कार्ड भी दिखाया लेकिन अधिकारी ने हमारी एक भी न सुनी और वहां से हटा दिया।
रोते-रोते उस समारोह से हम दोनों अपने घर आ गए। शहीद बेटे के सम्मान के लिए आयोजन में गए थे लेकिन हमें बेइज्जत करके वहां से निकाल दिया गया। स्वतंत्रता दिवस पर बड़ी बड़ी बातें और कोरी भाषणबाजी की जाती है। शहीदों को कोई सम्मान नहीं है।
दिग्विजय सिंह बोले- MP में बजरंग दल पर बैन नहीं लगाएंगे; इसमें कुछ अच्छे लोग भी हैं
राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह का कहना है कि अगर मध्य प्रदेश में कांग्रेस विधानसभा चुनाव जीतती है तो पार्टी बजरंग दल पर प्रतिबंध नहीं लगाएगी। इसमें कुछ अच्छे लोग भी हो सकते हैं, लेकिन हम दंगों या हिंसा में शामिल किसी को भी नहीं छोड़ेंगे।
मध्य प्रदेश में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में बजरंग दल को बैन करने की बात कही थी। PM मोदी ने भी कर्नाटक में सभा के दौरान कहा था कि कांग्रेस ने पहले श्रीराम को ताले में बंद किया, अब बजरंग बली को बंद करने की बात कह रहे हैं।
मध्य प्रदेश में इस साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इससे पहले हुए कर्नाटक विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में बजरंग दल को बैन करने की बात कही थी। जिसको लेकर देशभर में बीजेपी और बजरंग दल के सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कर्नाटक में सभा के दौरान कहा था कि यह वही कांग्रेस है, जिसने पहले श्रीराम को ताले में बंद किया.. अब बजरंग बली को बंद करने की बात कह रहे हैं।
प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री ने भारतीय संविधान की शपथ ली है या हिंदू राष्ट्र की
दिग्विजय सिंह बुधवार को भोपाल में माता मंदिर चौराहे पर अवंती बाई लोधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने पहुंचे थे। मीडिया ने हिंदुत्व को लेकर सवाल किया तो उन्होंने कहा- मैं प्रधानमंत्री, गृहमंत्री और मुख्यमंत्री से पूछना चाहता हूं कि उन्होंने भारतीय संविधान की शपथ ली है या हिंदू राष्ट्र की।
हिंदू राष्ट्र के बयान पर कमलनाथ को घेरने की बीजेपी की कोशिशों पर दिग्विजय बोले- कमलनाथ का बयान मीडिया ने गलत तरीके से बताया है। कमलनाथ ने कभी इस बारे में बात नहीं की, जो आप लोग और भाजपा कह रही है।
दरअसल, छिंदवाड़ा में कथा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री के भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने के ऐलान की खबर पर कमलनाथ ने कहा था- धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदू राष्ट्र की बात नहीं की। उन्होंने सर्वधर्म की बात कही है। हिंदू राष्ट्र बनाने की बात क्या है, यहां 82% हिंदू ही तो हैं। यह हिंदू राष्ट्र है, कहने की क्या आवश्यकता है? यह तो आंकड़े बताते हैं।
दिग्विजय सिंह ने भोपाल में अवंती बाई लोधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया।
मध्य प्रदेश में 20 साल से बीजेपी का कुशासन, हर जगह भ्रष्टाचार हुआ
दिग्विजय ने कहा- मध्य प्रदेश में बीते 20 साल से बीजेपी का कुशासन है। हर जगह भ्रष्टाचार हुआ है। नौकरी में, ठेके में, यहां तक कि धार्मिक कार्यों में भी भ्रष्टाचार किया गया।
उन्होंने कहा- राम मंदिर के लिए हजारों करोड़ रुपए इकट्ठा किए, लेकिन आज तक हिसाब नहीं दिया। मंदिर निर्माण के लिए 2 करोड़ की जमीन 20 करोड़ रुपए में खरीदी गई। बीजेपी केवल हिंदू की बात करती है, लेकिन इनका हिंदू धर्म से कोई लेना-देना नहीं है।
मणिपुर में दो जाति के लोगों को लड़ाकर बीजेपी राजनीति कर रही है। फूट डालो और राज करो, यह अंग्रेजों से BJP ने सीखा है। ये वे लोग हैं, जिन्होंने अंग्रेजी हुकूमत का साथ दिया। यह लड़ाई अमीरी और गरीबी की है। यह लड़ाई ईमानदारी और भ्रष्टाचार के बीच है। जब देश में हिंदुओं का बहुमत है तो भाजपा यह क्यों कहती है कि हिंदू धर्म खतरे में है।
सीएम शिवराज बोले- वोटों की फसल काटने के लिए कुछ भी कहते हैं कांग्रेसी
हिंदू राष्ट्र को लेकर दिग्विजय सिंह और कमलनाथ के बयान पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा- चाहे दिग्विजय सिंह हों या कमलनाथ, इनको न हिंदुत्व से लेना-देना है और न ही देश से। इनको समाज से भी कोई लेना-देना नहीं है। ये वोटों की फसल काटने के लिए जब जो ठीक समझते हैं, वह कहते हैं।
प्रज्ञा ठाकुर ने कहा- कांग्रेसी भारत तोड़ने वालों के साथ, इनकी वाणी में जहर
दिग्विजय सिंह के बयान पर भोपाल सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने कहा कि इनकी वाणी में जहर भरा है। भारत इसलिए महान है क्योंकि यहां हिंदुत्व और हिंदू हैं। हिंदू वसुधैव कुटुंबकम की भावना रखता है। हमारा देश सनातनी है। इसमें सभी प्रकार की पूजा-पद्धति पनपी है। कोई और देश ऐसा नहीं है, जिसमें सर्वधर्म समभाव हो। ये हमारे शास्त्रों में लिखा है।
हम पूरे विश्व के कल्याण की बात करते हैं, लेकिन कांग्रेसी भारत को तोड़ने वालों के साथ हैं। ये पार्टी सदैव हिंदू विरोधी रही है और रहेगी। इनके मन स्पष्ट नहीं हैं। ये घोटालेबाजों के साथ हैं। इनकी मानसिकता चोरों की है।
इनकी मानसिकता सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने की है। मैं कहती हूं कि ये कांग्रेसी कभी भी हमारे देश के हित में नहीं हैं। इनकी विचारधारा आरएसएस को गाली देने की है। ऐसी मानसिकता हमारे देश में कभी नहीं चलेगी।
बीजेपी बोली- दिग्विजय ने बातों-बातों में कमलनाथ से इस्तीफा मांगा
भाजपा के मध्यप्रदेश मीडिया प्रभारी आशीष अग्रवाल ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने बातों ही बातों में कमलनाथ पर निशाना भी साध लिया और इस्तीफा भी मांग लिया। वर्तमान में कांग्रेस में पुत्रमोह की महाभारत छिड़ी हुई है।
दिग्विजय सिंह अपने और कमलनाथ अपने पुत्र को स्थापित करने में जुटे हैं। ऐसे में दिग्विजय सिंह ने तुष्टीकरण की राजनीति के विरुद्ध कमलनाथ पर इशारा करते हुए उनसे इस्तीफा मांगा है। चुनाव आते ही कांग्रेस को मंदिर याद आता है, हिंदुत्व याद आता है, यह कांग्रेसियों को ही नहीं भाता है। यही उनकी सच्चाई है।
गदर-2 ने 5 दिन में वर्ल्डवाइड ₹290 करोड़ कमाए; 15 अगस्त पर 55 करोड़ का रिकॉर्ड कलेक्शन
सनी देओल और अमीषा पटेल स्टारर फिल्म गदर-2 ने वर्ल्डवाइड 290 करोड़ की कमाई की है। ये कमाई रिलीज के 5 दिन के भीतर हुई है। फिल्म ने इंडिपेंडेंस डे पर 55 करोड़ कमाए थे। ये फिल्म भारतीय सिनेमा के इतिहास में 15 अगस्त के दिन सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म है। इसने देश में 229 करोड़ रुपए का बिजनेस किया हैं।
ये सनी देओल की अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। पठान और गदर 2 जैसी फिल्में रिलीज ना होती तो, कुल 2 हजार सिंगल स्क्रीन में 200 से 250 सिंगल स्क्रीन सिनेमाघर बंद होने के कगार पर थे।
वर्ल्डवाइड BO पर 300 करोड़ के करीब पहुंची गदर-2
बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक वर्ल्ड वाइड इस फिल्म ने 290.59 करोड़ रुपए का कलेक्शन कर लिया है। जल्द ही यह 300 करोड़ क्लब में शामिल हो जाएगी। गदर-2 को लेकर यह उम्मीद जताई जा रही थी कि फिल्म इंडिपेंडेंस डे पर 200 करोड़ क्लब में शामिल हो जाएगी और ऐसा ही हुआ। यह सनी देओल की अब तक की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है।
गदर 2 ने पांचवे दिन 55 करोड़ रुपए कमाए। यह फिल्म का हाईएस्ट सिंगल डे कलेक्शन भी है।
हिंदी बेल्ट में है 88% ऑक्यूपेंसी
गदर 2 की पूरे हिंदी बेल्ट में 88% ऑक्यूपेंसी है। फिल्म की मेन टारगेट ऑडियंस नॉर्थ इंडियन है, जबकि साउथ में रजनीकांत की जेलर और भी बेहतर बिजनेस कर रही है। पहले ही दिन से यह कहा जा रहा है कि अगर अनिल शर्मा निर्देशित यह फिल्म OMG-2 के साथ रिलीज नहीं होती तो यह और भी बेहतर बिजनेस कर सकती थी।
फिल्म के लिए कम पड़ गए सिंगल स्क्रीन थिएटर्स
बॉक्स ऑफिस इंडिया के अनुसार 15 अगस्त पर गदर 2 को कैपेसिटी के लिए परेशान होना पड़ा। कई सिंगल स्क्रीन थिएटर इस फिल्म की मांग को पूरा करने में असमर्थ थे। वो भी तब जब दर्शकों की मांग पर एक्स्ट्रा शोज ऐड किए गए हैं।
गदर 2 अभी कमाई के मामले में पठान से 18% पीछे है।
72 करोड़ हुआ OMG-2 का टोटल कलेक्शन
दूसरी तरफ 15 अगस्त की छुट्टी के चलते अक्षय कुमार स्टारर OMG-2 के प्रदर्शन में भी उछाल आया। जहां रिलीज के चौथे दिन फिल्म ने 12 करोड़ रुपए कमाए थे। वहीं पांचवे दिन यानी 15 अगस्त को इसने 17 करोड़ का कलेक्शन किया। अब इस फिल्म का टोटल कलेक्शन 72 करोड़ हो चुका है। वहीं वर्ल्ड वाइड इस फिल्म ने 100 करोड़ का कलेक्शन कर लिया है।
ओएमजी 2 ने 15 अगस्त को 17 करोड़ रुपए कमाए।
200 करोड़ क्लब में शामिल हुई जेलर
इन सबके बीच मंलवार को रजनीकांत की फिल्म जेलर ने 33 करोड़ का कलेक्शन किया। इसके साथ ही फिल्म ने 200 करोड़ क्लब में एंट्री मार ली है। फिल्म का टोटल कलेक्शन 207.15 करोड़ रुपए हो चुका है। वर्ल्ड वाइड इस फिल्म ने 416.19 करोड़ की कमाई कर ली है। इसके साथ ही इसने कमल हासन की विक्रम का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। विक्रम ने 6 दिनों में 410.25 करोड़ की कमाई की थी।
रजनीकांत की जेलर ने 200 करोड़ क्लब में एंट्री मार ली है।
15 अगस्त के दिन बंपर कमाई करने वाली फिल्में
- एक था टाइगर (2012) – 32.93 करोड़
- सिंघम रिटर्न (2014) – 32.09 करोड़
- मिशन मंगल (2019) – 29.16 करोड़
- गोल्ड (2018) – 25.25 करोड़
भारतीय सिनेमा के इतिहास का सबसे व्यस्त वीकेंड रहा
यह वीकेंड (11 से 13 अगस्त) भारतीय सिनेमा के इतिहास का सबसे व्यस्त वीकेंड रहा। इस दौरान मात्र 3 दिनों में ‘जेलर’, ‘गदर 2’, ‘OMG 2’ और ‘भोला शंकर’ जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर 400 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था।
यह भारतीय सिनेमा के बीते 100 साल के इतिहास का ऑल टाइम थिएट्रिकल ग्रॉस बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड बन गया था। इन फिल्मों को देखने के लिए देशभर के थिएटर्स में करीबन 2 करोड़ 10 लाख लोग पहुंचे थे। यह भी बीते 10 साल का एक रिकॉर्ड है।
रविवार को हिंदी फिल्म इंडस्ट्री ने कमाए थे 72 करोड़
इसके अलावा सिर्फ रविवार (13 अगस्त) को तीनों फिल्मों ने रिकॉर्ड-तोड़ कमाई करते हुए 72.50 करोड़ रुपए का कलेक्शन किया था। यह हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के लिए सबसे ज्यादा कमाई करने वाला सन्डे बना।
विश्वकर्मा स्कीम के लिए 13 हजार करोड़ रुपए मंजूर; 100 शहरों में 10 हजार ई-बस चलेंगी
कैबिनेट ने विश्वकर्मा योजना के लिए 13,000 करोड़ रुपए की मंजूरी दी है। ये योजना 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा के मौके पर लॉन्च होगी। इसके अलावा PM ई-बस सेवा के तहत 10 हजार बसों को चलाने की भी मंजूरी मिली है।
ये खबर अहम क्यों है: विश्वकर्मा योजना के तहत कारीगरों और शिल्पकारों को ट्रेनिंग और सपोर्ट दिया जाएगा। रोजाना 500 रुपए का स्टायपेंड मिलेगा। इसमें बुनकर, सुनार, लोहार, धोबी, नाई, जैसे पारंपरिक कौशल वाले लोग शामिल होंगे। उधर, ई-बस सेवा 3 लाख और उससे अधिक आबादी वाले 100 शहरों को कवर करेगी। इससे करीब 55 हजार लोगों को रोजगार मिलने की संभावना है। पूरी खबर यहां पढ़ें…
पाकिस्तान में 5 चर्च और ईसाइयों के घर जलाए गए; कट्टरपंथियों ने लूटपाट भी की
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के फैसलाबाद शहर में 5 चर्च को आग के हवाले कर दिया गया। कट्टरपंथियों ने ईसाइयों के घरों में लूटपाट के बाद आग भी लगा दी। उनका आरोप है ये चर्च ईशनिंदा को बढ़ावा दे रहे थे। इस घटना के कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें आरोपियों के चेहरे भी पहचाने जा सकते हैं।
वीडियोज सामने आने के बावजूद अब तक पाकिस्तान की केयरटेकर गवर्नमेंट और फौज ने कोई बयान जारी नहीं किया है। एक पुलिस अफसर ने कहा- हमलावरों को शांत रखने के लिए बातचीत की जा रही है। पाकिस्तान में माइनॉरिटीज के खिलाफ हिंसा की घटनाएं पहले भी होती रही हैं। हिंदू, सिख और अहमदिया समुदाय को निशाना बनाया जाता रहा है।
पाकिस्तान के अखबार ‘द डॉन’ से बातचीत में ईसाई नेता इमरान भाटी ने कहा- हमारे पांच चर्च जला दिए गए। कम्युनिटी के लोगों के साथ मारपीट की गई। उनके घरों में लूटपाट के बाद आग लगा दी गई। दूसरी तरफ, एक पुलिस अफसर ने कहा- हमलावरों को शांत रखने के लिए बातचीत की जा रही है।
इस घटना के कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। इनमें आरोपियों के चेहरे भी पहचाने जा सकते हैं। वीडियोज सामने आने के बावजूद अब तक पाकिस्तान की केयरटेकर गवर्नमेंट और फौज ने कोई बयान जारी नहीं किया है।
पुलिस मौजूद थी, लेकिन एक्शन नहीं लिया गया
- ‘पाकिस्तान डेली’ की रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार सुबह फैसलाबाद में अफवाह फैली कि यहां के चर्च में ईशनिंदा की गई है। ये भी कहा गया कि यह सिलसिला कई दिन से जारी है और इलाके में रहने वाले ईसाई इसे बढ़ावा दे रहे हैं। दूसरी तरफ, अखबार ‘द डॉन’ से बातचीत में ईसाई समुदाय के नेता इमरान भाटी ने कहा- हमारे पांच चर्च निशाना बने हैं। इनमें तोड़फोड़ के बाद आग लगा दी गई। यहां रहने वाले ईसाइयों के घर लूट लिए गए। इसके बाद वहां भी आग लगा दी गई।
- देखते ही देखते सैकड़ों कट्टरपंथी जरानवाला इलाके में मौजूद चर्च और ईसाई बस्ती में पहुंच गए। इन सभी के हाथों में धारदार हथियार, डंडे और पेट्रोल था। सबसे पहले ये लोग चर्च में घुसे। वहां तोड़फोड़ की। इसके बाद चर्च की छत पर पहुंचे और क्रॉस को गिरा दिया। थोड़ी देर बाद चर्च में पेट्रोल डालकर आग लगा दी गई।
- ये भीड़ इतने पर ही नहीं रुकी। उसने इलाके में रहने वाले ईसाई लोगों के घरों को निशाना बनाया। इनसे नाम पूछे गए और इसके बाद उन्हें सड़क पर पीटा गया। इन घटनाओं को पुलिस के सामने अंजाम दिया गया, लेकिन पुलिस ने कोई एक्शन नहीं लिया।
फैसलाबाद में यह चर्च जरानवाला इलाके में मौजूद है। इसके आसपास के इलाकों में ज्यादातर ईसाई समुदाय के लोग रहते हैं।
केस दर्ज होने पर भी सवालिया निशान
एक मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि सोशल मीडिया पर घटना के वीडियो वायरल होने के कई घंटे बाद भी पुलिस की तरफ से कोई एक्शन नहीं लिया गया। कोई जिम्मेदार अफसर भी घटनास्थल पर नहीं पहुंचा।
इसी रिपोर्ट में कहा गया है कि पुलिस अब तक यह बताने को भी तैयार नहीं है कि इस मामले में कोई केस दर्ज किया गया है या नहीं। हालांकि, बाद में पुलिस ने कहा कि इस मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। केयर टेकर प्राइम मिनिस्टर अनवार-उल-हक काकड़ ने कहा है कि आरोपियों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा।
हमलावरों में कुछ ऐसे भी थे जो ‘नो फियर’ यानी बेखौफ लिखी टी-शर्ट पहने हुए थे।
बिशप बोले- मेरे पास शब्द नहीं
- पाकिस्तान में माइनॉरिटीज के खिलाफ हिंसा की घटनाएं पहले भी होती रही हैं। हिंदू, सिख और अहमदिया समुदाय को निशाना बनाया जाता रहा है। कई चर्चों पर भी हमले होते रहे हैं। बुधवार की घटना के बाद बिशप आजाद मार्शल ने कहा- सब आपकी आंखों के सामने है। मैं क्या कहूं, मेरे पास तो इस घटना को बयान करने के लिए शब्द भी नहीं हैं।
- एक रिपोर्ट के मुताबिक ईसाई समुदाय के सामने ही उनके पवित्र ग्रंथ जला दिए गए। पाकिस्तान में इस वक्त अनवार-उल-हक काकड़ केयरटेकर प्राइम मिनिस्टर हैं। उन्होंने अपनी कैबिनेट का ऐलान नहीं किया है। उन्हें फौज की पसंद माना जाता है।
महाराष्ट्र कांग्रेस बोली- शरद को BJP से मंत्रीपद का ऑफर: पवार बोले- राज्य सरकारों को अस्थिर कर रही भाजपा
अजीत और शरद पवार की सीक्रेट मीटिंग पर कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने दावा किया था कि BJP से शरद पवार को कैबिनेट मंत्री पद का ऑफर मिला है। इस बीच शरद पवार ने कहा- मंत्रीपद की पेशकश की बातों में सच्चाई नहीं है। अजित पवार से राजनीतिक चर्चा नहीं हुई है।। भाजपा राज्य सरकारों को अस्थिर करने का काम कर रही है। मैं उसके खिलाफ लड़ने की रणनीति बना रहा हूं।
NCP में फूट के बाद 29 दिन में शरद और अजित की चार बार मुलाकात हो चुकी है। इन्हीं मुलाकातों के बाद आरोप लग रहे हैं। उधर, इलेक्शन कमीशन ने NCP के शरद और अजित पवार गुट को पार्टी के नाम और ऑफिशियल सिंबल से जुड़े नोटिस का जवाब देने के 8 सितंबर तक का समय दिया है।
अजीत और शरद पवार की सीक्रेट मीटिंग पर कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने दावा किया था कि BJP से शरद पवार को कैबिनेट मंत्री पद का ऑफर मिला है। उन्होंने कहा कि यही ऑफर देने के लिए अजित और शरद के बीच बैठकें हो रही हैं।
दरअसल, स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि BJP ने शरद को केंद्र में कृषि मंत्री बनाने और नीति आयोग के अध्यक्ष पद के साथ बेटी सुप्रिया सुले को मंत्री पद का ऑफर दिया है। इस बीच शरद पवार ने कहा- मंत्रीपद की पेशकश की बातों में सच्चाई नहीं है। अजित पवार से राजनीतिक चर्चा नहीं हुई है।।
भाजपा राज्य सरकारों को अस्थिर करने का काम कर रही है। मैं बीजेपी और उनके साथियों से लड़ने की रणनीति बना रहा हूं। I.N.D.I.A. की अगली बैठक मुंबई में होगी। इस बैठक की सफलता के लिए तैयारी कर रहे हैं।
मैंने बागी गुट से कहा था कि मेरी फोटो यूज न करें। उन्होंने मेरी बात नहीं मानी। अब हम इसके खिलाफ कोर्ट जाएंगे।
मैं 8-10 दिन से राज्य का दौरा कर रहा हूं। लोगों ने मेरे रुख की तारीफ की है। सतारा-सोलापुर-बारामती-पुणे का दौरा किया। बीजेपी और उनके साथी समय के विपरीत काम कर रहे हैं। भाजपा लोगों को धर्म-संप्रदाय के आधार पर बांट रही है। उनका विभाजन दिवस मनाने का फैसला गलत था।
मणिपुर बेहद संवेदनशील राज्य है। वहां अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। पीएम को मणिपुर पर और अधिक बोलना चाहिए था।
वहीं इन दावों को लेकर सुप्रिया सुले ने कहा, ‘मुझे नहीं पता कि शरद और अजीत के बीच वास्तव में क्या बातचीत हुई।’ सुले ने यह भी कहा कि लोकतंत्र में अक्सर मतभेद होते रहते हैं, यह होना ही चाहिए। उन्होंने कहा कि पारिवारिक रिश्ते अलग होते हैं और राजनीतिक विचार अलग होते हैं।
महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार और NCP चीफ शरद पवार ने 12 अगस्त को पुणे में सीक्रेट मीटिंग की थी।
सुप्रिया ने कहा- मुझे कोई ऑफर नहीं मिला
सुप्रिया ने बुधवार को मीडिया से कहा, ‘मुझे किसी प्रकार का ऑफर नहीं दिया गया है। महंगाई बहुत ज्यादा बढ़ गई है। मुझे केवल 15 अगस्त पर मिलने वाले ऑफर्स के बारे में पता है। MVA में फूट के सवाल पर कहा कि इस पर ना तो मैंने कोई जवाब दिया और ना पवार साहब ने। जो इस प्रकार का बयान दे रहे हैं, उन्हें इस पर जवाब देना चाहिए।’
शरद और अजित की मीटिंग के बाद चल रही अटकलों पर कहा, ‘मेरे लिए यह डेमोक्रेसी की बात है। जिसको जो बोलना है वह बोल सकता है। संजय राउत का स्टेटमेंट आपने सुना, बाकी लोगों के स्टेटमेंट आप सुन रहे हैं, लेकिन मैं यह जरूर कहना चाहूंगी कि जब मैं दिल्ली में रहती हूं तो कांग्रेस की लीडरशिप से लगातार मेरी बात होती है। मैं मेंबर ऑफ पार्लियामेंट हूं। इसलिए मेरा ज्यादा समय दिल्ली की लीडरशिप के साथ बीतता है।’
सुप्रिया सुले ने बुधवार को कहा कि उन्हें भाजपा ने किसी पद का ऑफर नहीं दिया है।
PM ने अजित के सामने शरद को मनाने की शर्त रखी
नेता प्रतिपक्ष विजय वडेट्टीवार ने नागपुर में बुधवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अजित के सामने यह शर्त रखी है कि वे तभी मुख्यमंत्री बन सकते हैं, जब NCP अध्यक्ष शरद पवार भी उनके साथ आएं। इसीलिए अजित पवार उनका समर्थन पाने के लिए लगातार शरद पवार से मिल रहे हैं।
विजय वडेट्टीवार ने कहा, ‘हम तीनों पार्टियां यानी महाविकास अघाड़ी एक साथ हैं। उनकी मुलाकात से थोड़ी असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है, लेकिन आज बीड में शरद के भाषण से लोगों का वह भ्रम भी दूर हो जाएगा।
29 दिन में शरद-अजित की चार बार मुलाकात हुई
- 14 जुलाई: महाराष्ट्र के डिप्टी CM अजित पवार ने NCP प्रमुख शरद पवार से उनके घर पर मुलाकात की थी। मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया कि अजित अपनी चाची प्रतिभा पवार (शरद पवार की पत्नी) से मिलने गए थे, जिन्हें एक सर्जरी के बाद 14 जुलाई को अस्पताल से छुट्टी मिली थी।
- 16 जुलाई: अजित पवार विधायकों के साथ शरद पवार से मिले थे। तब प्रफुल्ल पटेल ने कहा था कि हमने पैर पकड़कर शरद पवार जी का आशीर्वाद लिया। हमने उनसे NCP में एकजुटता और मजबूती को लेकर अपनी बातें रखीं।
- 17 जुलाई: लगातार दूसरे दिन अजित पवार अपने चाचा शरद पवार से मिलने मुंबई के NCP ऑफिस वाईबी चव्हाण सेंटर पहुंचे। उनके साथ उनके गुट के NCP विधायक भी थे। मुलाकात के बाद प्रफुल्ल पटेल ने कहा- कल मानसून सत्र शुरू होने से पहले हमने उनसे आशीर्वाद लिया था। आज सत्र शुरू होने पर हमने दोबारा पवार साहब का आशीर्वाद लिया।
- 12 अगस्त: कोरेगांव पार्क इलाके के लेन नंबर 3 स्थित एक बिजनेसमैन के बंगले पर दोनों की मुलाकात हुई। करीब एक घंटे चली इस मीटिंग में NCP नेता जयंत पाटिल भी मौजूद रहे।
यह तस्वीर 14 जुलाई की है, जब रात करीब 10 बजे अजित पवार अपने चाचा शरद पवार से मिलने उनके घर पहुंचे थे।
रूस का लूना-25 चांद की ऑर्बिट में पहुंचा; 21 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंडिंग
रूस का लूना-25 स्पेसक्राफ्ट चांद की 100 किमी की ऑर्बिट में पहुंच गया। ये स्पेसक्राफ्ट 21 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। इसे रूस की स्पेस एजेंसी रोस्कोस्मोस ने 11 अगस्त को सोयूज 2.1बी रॉकेट के जरिए लॉन्च किया गया था।
लूना-25 को उसकी लॉन्चिंग के दिन ही अर्थ की ऑर्बिट से चांद की तरफ भेज दिया गया था। रूस ने 47 साल बाद चांद पर अपना मिशन भेजा है। इससे पहले उसने 1976 में लूना-24 मिशन भेजा था। अभी तक जितने भी मून मिशन हुए हैं वो चांद के इक्वेटर पर पहुंचे हैं, यह पहली बार होगा कि कोई मिशन चांद के साउथ पोल पर लैंडिंग करेगा।
यह स्पेसक्राफ्ट 21 अगस्त को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सॉफ्ट लैंडिंग करेगा। इसे रूस की स्पेस एजेंसी रोस्कोस्मोस ने 11 अगस्त को सोयूज 2.1बी रॉकेट के जरिए अमूर ओब्लास्ट के वोस्तोनी कॉस्मोड्रोम से लॉन्च किया गया था। यह जगह मॉस्को से करीब 5,550 किमी ईस्ट में है।
लूना-25 को उसी दिन अर्थ की ऑर्बिट से चांद की तरफ भेज दिया गया था। फिर 12 और 14 अगस्त को स्पेसक्राफ्ट ने अपने पाथ को दो बार थ्रस्टर चलाकर एडजस्ट किया था।
47 साल बाद रूस ने चांद पर भेजा कोई मिशन
रूस ने 47 साल बाद चांद पर अपना मिशन भेजा है। इससे पहले उसने 1976 में लूना-24 मिशन भेजा था। लूना-24 चांद की करीब 170 ग्राम धूल लेकर सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस पहुंचा था। अभी तक जितने भी मून मिशन हुए हैं वो चांद के इक्वेटर पर पहुंचे हैं, यह पहली बार होगा कि कोई मिशन चांद के साउथ पोल पर लैंडिंग करेगा।
लूना 25 मिशन के मकसद
- चांद की मिट्टी के नमूने लेकर बर्फ की उपस्थिति का पता लगाना
- अपनी लेटेस्ट सॉफ्ट-लैंडिंग और दूसरी स्पेस टेक्नोलॉजी की टेस्टिंग
- साउथ पोल पर मिट्टी की फिजिकल-मैकेनिकल प्रॉपर्टी का अध्ययन
- सोलर विंड के असर को देखने के लिए प्लाज्मा-धूल का अध्ययन
- डीप स्पेस और दूर के ग्रहों की खोज के लिए एक लॉन्चिंग पैड
चांद पर अपना बेस बनाना चाहता है रूस
रूस का लूना-25 मिशन चांद पर उसके फुली ऑटोमेटेड बेस बनाने के प्रोग्राम का हिस्सा है। रोस्कोस्मोस के हेड यूरी बोरिसोव ने बताया कि 2027, 2028 और 2030 में लूना के तीन और मिशन लॉन्च किए जाएंगे। इसके बाद हम चीन के साथ अगले फेज में एंटर करेंगे। इस फेज में हम चांद पर मैन्ड मिशन भेजेंगे और लूनर बेस भी बनाएंगे।
लूना-25 में केवल लैंडर, रोवर नहीं
लूना-25 में केवल लैंडर है। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसे दो अलग-अलग हिस्सों में बांटा जा सकता है। सबसे ऊपर इंस्ट्रूमेंट कंपार्टमेंट है, जबकि निचले हिस्से में प्रोपल्शन सिस्टम है। लूना-25 में 8 इंस्ट्रूमेंट भेजे गए हैं। ये चंद्रमा पर एक साल तक काम करेगा।
तीन स्टेज वाला रॉकेट है सोयुज 2.1b
सोयुज मीडियम-लिफ्ट लॉन्च व्हीकल है जिसे 1966 में इंट्रोड्यूज किया गया था। ये तीन स्टेज वाला रॉकेट है। व्हीकल का कुल वजन लगभग 312,000 किलो है। इसकी लो अर्थ ऑर्बिट तक पेलोड उठाने की क्षमता 6,600 और 7,400 किलोग्राम के बीच है।
इसमें एक अपर स्टेज फ्रिगेट भी है। ये एक आटोनॉमस और फ्लेक्सिबल स्टेज है जिसे एक ऑर्बिटल व्हीकल के रूप में ऑपरेट करने के लिए डिजाइन किया गया है। फ्रिगेट अन्य सभी स्टेजेज से इंडिपेंडेंट है, क्योंकि इसका अपना गाइडेंस, नेविगेशन, एटिट्यूड कंट्रोल, ट्रैकिंग और टेलिमेट्री सिस्टम्स हैं।
चंद्रयान-3 पहले लॉन्च हुआ, लेकिन लूना पहले लैंड करेगा
भारत की स्पेस एजेंसी इसरो ने चंद्रयान-3 मिशन को 14 जुलाई 2023 को लॉन्च किया था। फ्यूल का कम इस्तेमाल हो और कम खर्च में यान चंद्रमा पर पहुंच जाए इसलिए उसने पृथ्वी की ग्रैविटी का इस्तेमाल किया है। इस प्रोसेस में फ्यूल तो बच जाता है, लेकिन समय ज्यादा लगता है। इसलिए चंद्रयान को चांद पर पहुंचने में ज्यादा टाइम लग रहा है।
लूना-25 चंद्रमा के बोगुस्लावस्की क्रेटर के पास लैंड करेगा। इसके कोऑर्डिनेट 72.9˚S और 43.2˚E हैं। जबकि चंद्रयान मैंजिनस U क्रेटर के पास लैंड करेगा। इसके कोऑर्डिनेट 69.36˚S और 32.34˚E हैं। इन दोनों क्रेटर्स के बीच की दूरी 100 Km से ज्यादा है।
हरियाणा: कांग्रेस मॉनसून सत्र में नूंह हिंसा, बाढ़, बेरोजगारी का मुद्दा उठाएगी
हरियाणा में विपक्षी दल कांग्रेस अगले सप्ताह शुरू होने वाले विधानसभा के मॉनसून सत्र में नूंह हिंसा, राज्य में बाढ़ के हालात और बेरोजगारी का मुद्दा उठाएगी। आगामी सत्र के एजेंडे और रणनीति पर चर्चा के लिए बुधवार को यहां पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता भूपेन्द्र सिंह हुड्डा की अध्यक्षता में कांग्रेस विधायकों की बैठक हुई। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी कर्मचारियों, किसानों और अन्य वर्गों के अलावा संयुक्त पात्रता परीक्षा (सीईटी) का मुद्दा भी उठाएगी। पार्टी की बैठक से पहले 2019 में फतेहाबाद से जजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले वीरेंद्र सिवाच ने हुड्डा, राज्य कांग्रेस अध्यक्ष उदय भान और अन्य नेताओं की उपस्थिति में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की।
चुनाव आयोग का दल 29 अगस्त को मिजोरम की यात्रा करेगा
निर्वाचन आयोग का एक दल इस वर्ष के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर 29 अगस्त को मिजोरम की यात्रा करेगा। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार 20 सदस्यीय दल का नेतृत्व करेंगे। अधिकारियों ने कहा कि मिजोरम की 40 सदस्यीय विधानसभा के लिए अक्टूबर में चुनाव होने की उम्मीद है। इस बीच, राज्य की मुख्य सचिव रेणु शर्मा ने आयोग के दल की यात्रा से पहले प्रबंधों पर चर्चा के लिए एक बैठक बुलाई है।
मंत्रिमंडल ने भारतीय रेलवे की सात मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को भारतीय रेलवे की सात मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी प्रदान कर दी। इस पर करीब 32,500 करोड़ रुपये का खर्च आएगा और रेलवे के वर्तमान नेटवर्क में 2,339 किलोमीटर रेलमार्ग जोड़ा जा सकेगा। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडल समिति (सीसीईए) की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। भारतीय रेलवे की वर्तमान रेल लाइन क्षमता को बढ़ाने, ट्रेन परिचालन को सुगम बनाने, भीड़भाड़ को कम करने तथा यात्रा को आसान बनाने में मदद मिलेगी। इन परियोजनाओं के निर्माण के दौरान लगभग 7.06 करोड़ मानव दिवसों के प्रत्यक्ष रोजगार का सृजन होगा।
कौन कितनी सीटों पर लड़ेगा अभी तय नहीं
कांग्रेस द्वारा दिल्ली की सभी 7 लोकसभा सीटों पर चुनाव लड़ने की खबरों पर AAP नेता और दिल्ली सरकार में मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि ऐसी बातें आती रहेंगी। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I.A के घटक दल मिलकर फैसला लेंगे। जब सभी पार्टियों का शीर्ष नेतृत्व एक साथ बैठकर सीटों के बंटवारे पर चर्चा करेगा तब पता चलेगा कि किस पार्टी को कौन सी सीटें मिल रही हैं।
कोर्ट से जैकलीन फर्नांडीज को बगैर अनुमति विदेश जाने की इजाजत मिली
दिल्ली की एक अदालत ने बॉलीवुड अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडीज और कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ दर्ज 200 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत की शर्तों को संशोधित करते हुए फर्नांडीज को उसकी पूर्व अनुमति के बगैर देश से बाहर जाने की अनुमति दे दी है। अदालत ने फर्नांडीज को उसकी पूर्व अनुमति लेने के बजाय देश छोड़ने से कम से कम तीन दिन पहले उसे और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को सूचित करने का निर्देश दिया। पिछले साल 15 नवंबर को फर्नांडीज को जमानत देने वाले विशेष न्यायाधीश शैलेन्द्र मलिक ने आदेश में कहा कि पेशेवर अवसरों का लाभ उठाने के लिए अभिनेत्री को अल्पकालिक सूचना पर विदेश यात्रा करने की आवश्यकता है और उन्होंने अब तक जमानत की शर्तों का कभी उल्लंघन नहीं किया है।

