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ताजा समाचार:MP पुलिस रोक सकती थी पटवारी परीक्षा में धांधली; पाकिस्तानी छात्राओं के 5,500 पोर्न क्लिप मिले,राजस्थान में PM का कार्यक्रम, गहलोत बोले-मेरी स्पीच हटा दी

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मणिपुर हिंसा पर संसद में विपक्ष का हंगामा जारी है। आज संसद की कार्यवाही से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे अपने कक्ष में विपक्षी दलों के नेताओं के साथ बैठक करेंगे। आज भी सदन में हंगाने के आसार हैं। इधर देश के कई राज्यों में बारिश ने आफत मचाई है। दिल्ली शराब घोटाला मामले में पूर्व मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। वहीं सुप्रीम कोर्ट मणिपुर हिंसा मामले में भी सुनवाई करेगा।

मणिपुर गैंगरेप केस की जांच CBI को सौंप दी है। मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई होगी। उधर, पाकिस्तान की एक यूनिवर्सिटी में कई छात्राओं और महिला टीचर्स के साथ यौन शोषण का मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि इस मामले का मास्टरमाइंड पाकिस्तान के केंद्रीय मंत्री चीमा का बेटा है।

आज के प्रमुख इवेंट्स,

  1. दिल्ली शराब नीति से जुड़े घोटाला मामले में मनीष सिसोदिया की जमानत याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई में सिसोदिया के वकील ने कहा था कि सिसोदिया की पत्नी बीमार हैं, ऐसे में उन्हें अंतरिम जमानत मिलनी चाहिए।

मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने की जांच CBI करेगी, विपक्षी दलों के सांसद राज्य का दौरा करेंगे

मणिपुर में महिलाओं पर हो रही बर्बरता और हिंसा के खिलाफ देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाने और गैंगरेप के मामले की जांच अब CBI करेगी। गृह मंत्रालय ने घटना की जांच का आदेश दे दिया है। इस मामले के ट्रायल राज्य से बाहर होंगे। इधर, विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I.A के सांसदों की एक टीम 29-30 जुलाई को मणिपुर का दौरा करेगी। इस दौरान वे हिंसा पीड़ितों से मुलाकात करेंगे।

मणिपुर में 4 मई को भीड़ ने दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाया और गैंगरेप किया। राज्य में इंटरनेट बंद होने की वजह से घटना का वीडियो 19 जुलाई को वायरल हुआ। मामले में अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। वहीं, राज्य में कुकी और मैतेई समुदाय के बीच 3 मई से जारी हिंसा में 150 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। 5,995 मामले दर्ज किए गए हैं। 6 हजार से ज्यादा लोग हिरासत में हैं।

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मणिपुर में केंद्र सरकार ने शांति बहाली की कोशिश तेज कर दी है।

इधर, विपक्षी दलों के गठबंधन I.N.D.I.A के सांसदों की एक टीम 29-30 जुलाई को मणिपुर का दौरा करेगी। इस दौरान वे हिंसा पीड़ितों से मुलाकात करेंगे। इससे पहले राहुल गांधी भी मणिपुर जा चुके हैं।

उधर, थोरबंग और कांगवे में गुरुवार सुबह से फायरिंग हो रही है। दोनों जगहों पर मैतेई और कुकी आमने-सामने हैं। आज जहां हिंसा जारी है, वहां भास्कर रिपोर्टर भी पहुंचे थे। वे फायरिंग के बीच फंस गए थे और पूरी रात CRPF के बंकर में गुजारी थी।

मिजोरम में मणिपुर के कुकी समुदाय के समर्थन में रैली निकाली गई थी। इंफाल में लोगों ने इसके खिलाफ प्रदर्शन किए।

मणिपुर के CM मिजोरम में कुकी समर्थक रैली से नाराज
हिंसा के बीच मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने मिजोरम में कुकी समुदाय के समर्थन में निकाली गई रैली पर नाराजगी जाहिर की है। इस रैली में मिजोरम के CM जोरमथांगा ने भी हिस्सा लिया था। बीरेन सिंह ने कहा कि जोरमथांगा को दूसरे राज्य के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए।

CM सिंह ने कहा, ‘यह राज्य सरकार की ड्रग कार्टेल के खिलाफ लड़ाई है। मणिपुर सरकार राज्य में रहने वाले कुकी समुदाय के खिलाफ नहीं है। ​​​राज्य सरकार मणिपुर में होने वाली सभी घटनाओं पर नजर रख रही है। उन लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन ले रही है, जो मणिपुर की अखंडता को नष्ट करने की कोशिश कर रहे हैं।’

हिंसा के बाद से 13 हजार कुकी मिजोरम पहुंचे
हिंसा की वजह से मणिपुर से कुकी-जोमी ​​​​समुदाय के करीब 13 हजार लोगों ने पलायन कर पड़ोसी राज्य मिजोरम में शरण ली है। दरअसल, मिजोरम के मिजो जनजाति का म्यांमार के कुकी-जो जनजाति और चिन समुदाय के साथ मजबूत संबंध है। यही वजह है कि यहां कुकी समुदाय के समर्थन में रैली निकाली गई।

यह फोटो चुराचांदपुर के छात्र हंगलालमुआन वैफेई के परिवार का है। मई में हुई हिंसा में हंगलालमुआन की जान चली गई थी।

मणिपुर में पिछले 2 दिनों में हिंसा की 2 घटनाएं…

26 जुलाई: गांव में आगजनी, फायरिंग
26 जुलाई को म्यामांर बॉर्डर के करीब मोरे गांव के घरों में आगजनी और फायरिंग हुई। मोरे गांव म्यांमार बॉर्डर से लगा हुआ है। इसमें गांव में कुकी और मैतेई दोनों समुदायों के लोग रहते हैं। हालांकि कुकी लोगों की संख्या ज्यादा है।

25 जुलाई: सुरक्षाबलों की बस में आग लगाई
कांगपोकपी जिले में भीड़ ने 25 जुलाई को सुरक्षाबलों की दो बसें जला दीं। अधिकारियों ने बताया कि शाम को दो बसें दीमापुर से आ रही थीं। भीड़ ने उन्हें रोका और चेक किया कि उनमें विरोधी समुदाय के लोग तो नहीं हैं। इस बीच बसों में आग लगा दी गई। घटना में किसी के हताहत होने की जानकारी नहीं है।

मणिपुर पुलिस ने कहा- सेना की बसें जलाने के आरोप में एक नाबालिग समेत 9 लोगों को अरेस्ट किया गया है। उधर महिलाओं को निर्वस्त्र करके घुमाने के वायरल वीडियो वाले मामले में अब तक 7 आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं।

तस्वीर मणिपुर हिंसा में जान गंवाने वाले डेविड थिएक के फैमिली मेंबर्स की है। डेविड की गला काटकर हत्या कर दी गई थी।

हिंसा के बीच सुरक्षा बलों के लिए परेशानी बनी मीरा पाइबी की महिलाएं

1. जवानों को आगे नहीं बढ़ने देतीं
मणिपुर में मीरा पाइबी (महिला मशाल वाहकों का समूह) सैन्य बलों को कार्रवाई से रोक रहा है। जब भी जवान उपद्रवियों पर कार्रवाई के लिए आगे बढ़ते हैं तो महिलाएं दीवार बनकर खड़ी हो जाती हैं। इनकी संख्या दो से तीन हजार तक होती है। इसलिए जवान भी बल प्रयोग नहीं करते।

असम रायफल्स से जुड़े एक अधिकारी ने दैनिक भास्कर को बताया कि इस समूह में कुछ ऐसी महिलाएं होती हैं जो नग्न प्रदर्शन करने की धमकी देने लगती हैं। जब सेना का काफिला पहाड़ियों में आगे बढ़ता है तो ये लाठी लेकर आती हैं। सैन्य अधिकारियों से उनके पहचान पत्र मांगती हैं।

2. इनसे निपटने के लिए महिला जवानों की जरूरत
इंफाल के कई चौराहों पर मीरा पाइबी महिलाओं को गुटों में देखा जा सकता है। ये गंभीर अपराधों को अंजाम देने में मदद भी कर रही हैं। इनसे निपटने के लिए यहां बड़ी संख्या में महिला जवानों की जरूरत है। अभी राज्य में CRPF की तीन, RAF की 10 कंपनियां और 375 प्लाटून हैं।

CRPF की एक कंपनी में 75 और RAF महिला प्लाटून में 15 जवान होती हैं, जो सड़कों पर गश्त कर रहीं सैकड़ों महिला कार्यकर्ताओं का मुकाबला करने के लिए नाकाफी हैं। हाल में इंफाल के बाहरी इलाके में एक नगा मारिंग महिला की हत्या के मामले में 5 मीरा पाइबी महिलाओं को गिरफ्तार किया गया है।

3. अन्याय के खिलाफ बना था मीरा पाइबी समूह
पारंपरिक तौर पर मीरा पाइबी मणिपुर में किसी भी सामाजिक अन्याय के खिलाफ लड़ाई में पथ प्रदर्शक की भूमिका निभाने वाली महिलाओं का समूह है। जब कोई विपरीत सामाजिक परिस्थिति बनती है तो मणिपुर में हर महिला मीरा पाइबी बन जाती है, जो समुदायों को प्रभावित करती है।

4. सेना की जिम्मेदारी… यहां सिर्फ शांति स्थापित करना
मणिपुर में 3 मई के बाद से असम रायफल्स और सेना की 170 टुकड़ियां तैनात हैं। अमूमन एक टुकड़ी में 40 से 50 जवान होते हैं। BSF, मणिपुर पुलिस कमांडो, पुलिस के हजारों जवान मोर्चे पर हैं। असम रायफल्स का काम शांति स्थापित करना है।

MP पुलिस को पटवारी परीक्षा में धांधली का मिल चुका था इनपुट, 5 को अरेस्ट भी किया था

मध्यप्रदेश पटवारी परीक्षा में हुई धांधली पर ग्वालियर एडिशनल SP राजेश दंडोतिया ने खुलासा किया है, जिसके मुताबिक पुलिस को इसका इनपुट मिला था। एक स्टूडेंट ने शिकायत की थी कि कुछ लोग 8 से 12 लाख रुपए लेकर पटवारी भर्ती में सिलेक्शन दिलाने का दावा कर रहे हैं। पुलिस ने परीक्षा के 5 दिन पहले 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, लेकिन उन्हें छोटा-मोटा अपराधी समझकर सीरियसली नहीं लिया।

MP पटवारी भर्ती की ऑनलाइन परीक्षा 15 मार्च से 26 मार्च तक चली। यह परीक्षा राज्य के 13 शहरों में ऑनलाइन आयोजित की गई। इसमें 9 लाख से ज्यादा छात्र शामिल हुए। इसका रिजल्ट 30 जून को आ गया था। लेकिन विवाद 10 जुलाई के बाद बढ़ा, जब लोगों को पता चला कि 10 में से सात टॉपर्स एक ही सेंटर के हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह सेंटर ग्वालियर का NRI कॉलेज था। सवाल उठा कि आखिर एक ही सेंटर के 7 बच्चे कैसे टॉप-10 में आ सकते हैं?

ग्वालियर पुलिस चाहती तो पटवारी भर्ती परीक्षा में हुई धांधली को रोका जा सकता था। सबसे पहले पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया था, लेकिन उन्हें छोटा-मोटा अपराधी बताया और सीरियस नहीं लिया। ये गिरफ्तारी एग्जाम से ठीक 5 दिन पहले हुई थी।

गिरफ्तार लोगों में 2 स्टूडेंट्स भी थे। 10 मार्च को उनका खुद का एग्जाम था। इसके आलावा उनकी गैंग में 3 और लोग थे। एक टेक्निकल एक्सपर्ट था। दूसरा वो था जिसके खाते में स्टूडेंट्स को परीक्षा पास कराने के लिए अन्य स्टूडेंट्स से रकम ली जाती थी। तीसरा यूपी पुलिस कांस्टेबल था जो सॉल्वर की भूमिका में था। पैसे दे कर सिलेक्शन लेने की चाह रखने वाले स्टूडेंट्स की जगह एग्जाम में बैठकर पास कराने की गारंटी लेता था। पुलिस ने इनको गिरफ्तार कर पूछताछ की और मुकदमा दर्ज कर जेल भेज दिया। मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इसके एक महीने बाद 5-6 अप्रैल को फिर से इसी तरह एग्जाम में सिलेक्शन की गारंटी देने वाले 4 अन्य लोग गिफ्तार हुए। पुलिस मामले को लेकर फिर सीरियस नहीं दिखी। गिरफ्तार लोगों पर मुकदमा दायर कर जेल भेज दिया गया लेकिन पूरे नेक्सस तक पहुंचने की व्यापक कोशिश नहीं की गई।

इन पर आरोप था कि ये लोग 8 से 12 लाख रुपए की रकम लेकर कैंडिडेट्स को पटवारी परीक्षा में सिलेक्शन की गारंटी दे रहे थे। आरोपी फर्जी दस्तावेज तैयार करते थे। आधार कार्ड में फर्जी थंब इंप्रेशन पहले ही अपडेट कर लेते थे। फिर असली कैंडिडेट की जगह सॉल्वर को एग्जाम में बैठाकर उसे परीक्षा पास कराने की प्लानिंग कर रहे थे। आइए, सबसे पहले पहली गिरफ्तारी की बात पर चलते हैं…

एग्जाम से 5 दिन पहले गिरफ्तार किए गए थे 2 फर्जी कैंडीडेट

मीडिया में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, 18 जुलाई को ग्वालियर से इस बात का खुलासा हुआ है कि मध्यप्रदेश पुलिस की क्राइम ब्रांच ने पटवारी परीक्षा होने से 5 दिन पहले ही गोपनीय जानकारियां जुटाई थीं। इन्हीं जानकारियों के आधार पर एक मामला दर्ज किया गया था। मामले में 2 अभ्यर्थियों के नाम शामिल किए गए थे। ये वो अभ्यर्थी थे जो पटवारी परीक्षा में खुद शामिल होने वाले थे।

ये अभ्यर्थी परीक्षा में फर्जीवाड़े की साजिश रच रहे थे। दोनों पटवारी परीक्षा में शामिल होने के लिए ऑफसेट प्रिंटिंग के आधार पर कुछ सबूत जुटा रहे थे। मामले की जांच पड़ताल के बाद क्राइम ब्रांच की टीम ने इन्हें ग्वालियर के थाटीपुर इलाके से हिरासत में लिया था। स्टूडेंट्स से पूछताछ में पता चला कि उनके साथ 3 लोग और थे। इनके नाम मनीष शर्मा, वीरभान बंसल, रिंकू रावत, संदीप सिंह और कृष्णवीर जाट हैं।

ग्वालियर क्राइम ब्रांच टीआई अमर सिंह ने बताया कि इन पांचों में 2 स्टूडेंट्स थे, जिनका 10 मार्च को पटवारी का एग्जाम था। हालांकि, वो 10 मार्च को होने वाले एग्जाम में शामिल नहीं हो पाए, क्योंकि पुलिस हिरासत में थे। ये परीक्षा में गड़बड़ी की साजिश रच रहे थे।

दूसरे स्टूडेंट्स के आधार कार्ड में फर्जी थंब इंप्रेशन अपडेट करा कर सॉल्वर बैठाने के प्रयास में थे। इसके अलावा एक वो आरोपी था, जिसके यहां बैठकर पूरे ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा था। इनमें से एक आरोपी वो था जिसके अकाउंट के जरिए पैसे का लेनदेन किया जा रहा था।

पांचवां आरोपी कृष्णवीर जाट है जो सॉल्वर की भूमिका में था। दूसरे स्टूडेंट्स की जगह बैठ कर एग्जाम देने वाला था। कृष्णवीर मथुरा का है। यूपी पुलिस में पहले से कॉन्स्टेबल था।

कर्मचारी सिलेक्शन बोर्ड ने 9000 से ज्यादा पदों के लिए भर्ती निकाली थी। इनमें पटवारी के सबसे ज्यादा पद शामिल हैं।

दूसरी गिरफ्तारी से पहले हो चुकी थी टॉपर्स की परीक्षा

पटवारी भर्ती परीक्षा टॉपर्स की लिस्ट लंबी है, लेकिन शुरूआती 11 टॉपर्स की बात करें तो इन सभी की परीक्षा 31 मार्च के पहले ही हो चुकी थी। खासतौर पर NRI कॉलेज में परीक्षा देने वाले टॉपर्स की परीक्षा भी 26 मार्च के पहले ही हो चुकी थी। इसके बाद 5-6 अप्रैल को 4 धांधली करने वालों की गिरफ्तारी हुई थी। आइए, पहले 11 में से 8 NRI कॉलेज से टॉपर्स की एग्जाम डेट देख लेते हैं।

रैंकटॉपर का नामएग्जाम डेटमार्क्स
1पूजा शर्मा15 मार्च 2023183.36
3पूनम राजावत18 मार्च 2023177.4
4कृष्णा कुशवाह24 मार्च 2023177.06
5पूजा रावत16 मार्च 2023177
6मधुलता गड़वाल17 मार्च 2023176.12
8आकाश शर्मा21 मार्च 2023175.75
10अंकिता मीणा21 मार्च 2023174.88

एएसपी ने कहा- सब पहली बार ट्राई कर रहे थे, गंभीर मामला नहीं

पटवारी भर्ती में फर्जीवाड़े की साजिश रचने वालों की गिरफ्तारी के बाद दैनिक भास्कर की टीम ग्वालियर पहुंची थी। गिरफ्तारी को लेकर ग्वालियर एडीशनल एसपी राजेश दंडोतिया से बात भी की। उन्होंने बताया कि पटवारी भर्ती में होने वाली धांधली को लेकर एक स्टूडेंट हमारे पास शिकायत लेकर आया था। उसने बताया था कि कुछ लोग पटवारी भर्ती में सिलेक्शन दिलाने का दावा कर रहे हैं। वो स्टूडेंट्स से 8 से 12 लाख रुपए तक वसूल रहे हैं।

स्टूडेंट ने ये भी बताया कि उसने उन लोगों के साथ डील की है। इसके बाद पुलिस ने बिना देरी किए 2 लोगों को गिरफ्तार किया। इनसे पूछताछ के बाद 3 अन्य लोगों की गिरफ्तारियां हुई थीं। कुल पांच गिरफ्तारी हुई थीं।

पहले गिरफ्तार दोनों युवक ऑनलाइन शॉप पर नकली थंब इंप्रेशन के साथ आधार कार्ड अपडेट कर रहे थे। हमने दोनों से पूछताछ की तो इन्होंने अपने 3 और साथियों के नाम बताए। पुलिस ने उन्हें भी दबोच लिया। इन लोगों ने स्टूडेंट्स को झांसा दिया था कि वो उनके थंब इंप्रेशन का क्लोन बनवाकर परीक्षा में उनकी जगह सॉल्वर को बैठा देंगे।

पांचों पहली बार इस प्रकार का कोई अपराध करने जा रहे थे। ये स्टूडेंट्स की जगह खुद एग्जाम देने की फिराक में थे। 5 लड़कों के साथ आधार कार्ड अपडेट करने वाले कियोस्क के मालिक को भी गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद हमने अप्रैल के महीने में भी 4 गिरफ्तारियां की थीं। सभी से पूछताछ के बाद सामने आया कि ये सब पहली बार इस तरह की फ्रॉड करने की कोशिश में थे।

शिकायत के दो दिन बाद FIR पर भी उठे थे सवाल

ग्वालियर पुलिस पर सवाल उठ रहे थे कि उन्होंने शिकायत के 2 दिन बाद एफआईआर दर्ज की थी। एडिशनल एसपी राजेश दंडोतिया कहते हैं कि एफआईआर में देरी का कोई कारण नहीं था। हमारे ऊपर कोई प्रेशर नहीं था। हम उनसे पूछताछ कर रहे थे, एविडेंस के आधार पर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी।

पूछताछ के बाद इन आरोपियों के किसी भी बड़े नेक्सस से जुड़े होने की बात सामने नहीं आई। कोई खास एविडेंस नहीं मिला था। इनके पीछे कोई बड़ा नेक्सस होगा, इसकी आगे भी कोई उम्मीद नहीं है, क्योंकि ये लड़के पहली बार ही ऐसा कर रहे थे। हालांकि, वो अभी पुलिस की गिरफ्त में हैं।ग्वालियर क्राइम ब्रांच टीआई अमर सिंह ने बताया कि पांच आरोपियों में 2 स्टूडेंट्स थे, जिनका 10 मार्च को पटवारी का एग्जाम था। गिरफ्तार होने के कारण वे परीक्षा नहीं दे पाए थे।

10 जून को सबको जमानत मिल गई, फिर सवाल खड़े हुए

पटवारी परीक्षाएं समाप्त होने यानी 26 अप्रैल तक आरोपी पुलिस की हिरासत में ही रहे। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा। 10 जून को हाईकोर्ट ने इन सभी को जमानत देकर रिहा कर दिया गया था। इसके बाद से लगातार सवाल उठ रहे हैं कि जब पुलिस को धांधली की साजिश की जानकारी पहले से लग गई थी तो प्रदेश के अन्य बड़े शहरों में पुलिस एक्टिव क्यों नहीं हुई या उसने अलर्ट क्यों जारी नहीं किया।

इन आरोपियों से और गहराई से पूछताछ क्यों नहीं की गई? मामले को हलके में क्यों लिया गया? विपक्षी पार्टियां तो ये आरोप भी लगा रही हैं कि ये आरोपी छोटे प्यादे थे। बड़े आरोपियों ने बचने के लिए इनको फंसाया है। पूरी धांधली में सरकार के बड़े-बड़े मंत्री तक शामिल हैं।

राजस्थान में PM ने लाल डायरी का जिक्र किया, कहा- इसमें कांग्रेस के काले कारनामे हैं

राजस्थान के सीकर में PM मोदी ने कहा- कांग्रेस की सरकार का मतलब है कि लूट की दुकान और झूठ का बाजार।

PM मोदी ने राजस्थान के सीकर में लाल डायरी का जिक्र करते हुए कहा कि इसमें कांग्रेस के काले कारनामे दर्ज हैं। अगर डायरी के पन्ने खुले तो अच्छे-अच्छे निपट जाएंगे। इस पर CM अशोक गहलोत ने कहा कि मोदी सरकार को लाल डायरी पर नहीं लाल टमाटर पर फोकस करना चाहिए, क्योंकि ऐसी कोई डायरी है ही नहीं।

 21 जुलाई को राजस्थान विधानसभा में मंत्री राजेंद्र गुढ़ा अपनी ही कांग्रेस सरकार के खिलाफ बोलने लगे। उन्होंने कहा कि हमें मणिपुर की बजाय राजस्थान पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि हम महिलाओं की सुरक्षा में असफल हो गए हैं। इसके बाद CM गहलोत ने उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया। गुढ़ा 24 जुलाई को लाल डायरी लेकर फिर विधानसभा पहुंचे और दावा किया कि इसमें कांग्रेस सरकार के काले कारनामे हैं। विधानसभा में खूब हंगामा हुआ और उनकी डायरी जब्त कर ली गई।

इस प्रोग्राम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को भी जाना था, पर वो नहीं गए।

उन्होंने सुबह ही ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री के प्रोग्राम से उनकी 3 मिनट की स्पीच हटा दी गई। इसलिए वो ट्वीट के जरिए पीएम का स्वागत कर रहे हैं। PMO ने इस पर जवाब दिया कि उन्हें न्योता दिया गया था और स्पीच भी प्रोग्राम में रखी गई थी।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का इस साल राजस्थान में सातवां दौरा है।

मोदी सीकर में 6 मुद्दों पर बोले

1. लाल डायरी
राजस्थान में जब से कांग्रेस की सरकार बनी है, तब से विकास में रोड़े अटकाने का ही काम चल रहा है। कांग्रेस की सरकार का मतलब है कि लूट की दुकान और झूठ का बाजार। इस लूट की दुकान का ताजा प्रोडक्ट है लाल डायरी। लाल डायरी इस चुनाव में पूरी कांग्रेस का डिब्बा गोल करने जा रही है। जो चार साल सिर्फ सोएगा, वो काम का हिसाब कैसे देगा? इन लोगों ने सरकार का हर दिन आपसी खींचतान, वर्चस्व की लड़ाई में बर्बाद किया है।

2. विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A
कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने नाम बदलने का पैंतरा चला। कोई पीढ़ी या कंपनी बदनाम हो जाए तो तुरंत कंपनी वाले नया बोर्ड लगाकर अपना काम शुरू कर देते हैं। कांग्रेस और उनके सहयोगी दलों की जमात ऐसे फ्रॉड कंपनियों की नकल कर रही है। यूपीए से नाम बदलकर I.N.D.I.A’ कर दिया। नाम इसलिए बदला ताकि ये कर्ज माफी के नाम पर किसानों से विश्वासघात छिपा सकें। आतंकवाद के आगे घुटने टेकने की बात छिपा सकें।

3. भ्रष्टाचार भारत छोड़ो
जैसे आजादी की लड़ाई में महात्मा गांधी ने अंग्रेजों के लिए ‘क्विट इंडिया’ का नारा दिया था, वैसे ही समृद्ध भारत बनाने के लिए भ्रष्टाचार क्विट इंडिया, आतंकवाद क्विट इंडिया, परिवारवाद क्विट इंडिया जैसे नारे की जरूरत है।

4. इंडिया नाम ईस्ट इंडिया कंपनी में भी
इनका तरीका वही है, जो हमेशा दुश्मनों ने अपनाया है। इंडिया नाम तो ईस्ट इंडिया कंपनी में भी था। इंडिया नाम भारत भक्ति दिखाने के लिए नहीं, बल्कि भारत को लूटने के इरादे से लगाया गया था। कांग्रेस के शासनकाल में स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) बना था, इसमें भी इंडिया था, लेकिन मकसद आतंकवाद था। यह नाम बदलकर पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया हो गया। नाम नया, काम वही पुराना। भारत की परवाह होती तो वो विदेशियों से भारत में दखल देने की बात नहीं करते।

5. राजस्थान में पेपर लीक उद्योग चल रहा
सीकर शिक्षा नगरी के रूप में जाना जाता है, लेकिन यहां सत्ताधारी दल के लोग ही पेपर लीक का उद्योग चला रहे हैं। युवाओं के सपनों के साथ खिलवाड़ किया है, इसलिए कांग्रेस को हटाना पड़ेगा।

6. यहां तीज-त्योहारों पर भी खतरा
राजस्थान में हमारे तीज-त्योहारों पर भी खतरा मंडरा रहा है। कब पत्थर चल जाए, कब कर्फ्यू लग जाए, कहा नहीं जा सकता। गैंगरेप कर बेखौफ आरोपी वीडियो वायरल कर देते हैं। छोटी बच्चियों से लेकर स्कूल में पढ़ाने वाली टीचर तक यहां सुरक्षित नहीं हैं। कांग्रेस के नेता कार्रवाई करने की बजाय पीड़ित महिलाओं पर ही झूठ बोलने का आरोप लगा रहे हैं।

किसानों के खातों में 17 हजार करोड़ ट्रांसफर किए
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सीकर में किसानों के खातों में 17 हजार करोड़ रुपए ट्रांसफर किए। इसके साथ ही केंद्र सरकार ने किसानों के लिए यूरिया गोल्ड भी लॉन्च किया। मोदी ने कहा कि जो यूरिया की बोरी देश के किसानों को 266 रुपए में मिल रही है, वह बोरी पाकिस्तान में 800 रुपए में मिलती है। पड़ोसी देश चीन में 2100 रुपए और अमेरिका में 3 हजार रुपए में मिल रही है।केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत और राजस्थान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने पीएम को साफा पहनाया।

गहलोत के शामिल होने को लेकर केंद्र-राज्य सरकार के बीच विवाद
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए ही प्रोग्राम में शामिल हुए। कार्यक्रम में उनके शामिल होने को लेकर राजस्थान और केंद्र सरकार के बीच विवाद हो गया।

गहलोत ने गुरुवार सुबह एक ट्वीट कर इस बात की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के कार्यक्रम से उनकी 3 मिनट की स्पीच हटा दी गई, इसलिए भाषण के माध्यम से PM का स्वागत नहीं कर पाएंगे। गहलोत ने लिखा- अब मैं इस ट्वीट के जरिए तहेदिल से आपका स्वागत करता हूं। इसके बाद PMO ने उनके ट्वीट का जवाब देते हुए कहा कि आपके कार्यालय ने ही कार्यक्रम में न आ पाने की बात बताई थी। इसके बाद गहलोत ने फिर ट्वीट कर कहा कि मैं अभी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से नॉन इनटरेक्टिव मोड पर शामिल रहूंगा। हालांकि मोदी ने अपने भाषण में कहा कि गहलोत जी चोट के कारण कार्यक्रम में नहीं आ पाए, मैं उनके उत्तम स्वास्थ्य की कामना करता हूं।

गहलोत ने कहा- मेरा 3 मिनट का संबोधन हटा दिया

पीएम के दौरे से कुछ घंटे पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने ट्वीट कर कहा कि मेरा 3 मिनट का संबोधन हटा दिया गया है, इसलिए भाषण में मैं आपका स्वागत नहीं कर सकूंगा।

इसके बाद गहलोत ने ट्वीट के जरिए अपनी मांगें रखीं

गहलोत ने लिखा- मैं इस कार्यक्रम में अपने भाषण के माध्यम से जो मांग रखता वो इस ट्वीट के माध्यम से रख रहा हूं। आशा करता हूं 6 महीने में की जा रही इस 7वीं यात्रा के दौरान आप इन्हें पूरी करेंगे।

1. राजस्थान खासकर शेखावाटी के युवाओं की मांग पर अग्निवीर स्कीम को वापस लेकर सेना में परमानेंट भर्ती पूर्ववत जारी रखी जाए।

2. राज्य सरकार ने अपने अंतर्गत आने वाले सभी को-ऑपरेटिव बैंकों से 21 लाख किसानों के 15,000 करोड़ रुपए के कर्जमाफ किए हैं। हमने केन्द्र सरकार को राष्ट्रीयकृत बैंकों के कर्ज माफ करने के लिए वन टाइम सैटलमेंट का प्रस्ताव भेजा है, जिसमें किसानों का हिस्सा हम देंगे। इस मांग को पूरा किया जाए।

3. राजस्थान विधानसभा ने जातिगत जनगणना के लिए संकल्प पारित कर भेजा है। केन्द्र सरकार इस पर अविलंब निर्णय ले।

4. NMC की गाइडलाइंस के कारण हमारे तीन जिलों में खोले जा रहे मेडिकल कॉलेजों में केन्द्र सरकार से कोई आर्थिक सहायता नहीं मिल रही है। ये पूरी तरह स्टेट फंडिंग से बन रहे हैं। इन आदिवासी बाहुल्य तीनों जिलों के मेडिकल कॉलेजों में भी केन्द्र सरकार 60% की फंडिंग दे।

5. पूर्वी राजस्थान नहर परियोजना (ERCP) को राष्ट्रीय महत्व की परियोजना का दर्जा दिया जाए। मेरा आपसे निवेदन है कि आप इन मांगों पर आज सकारात्मक रुख अपनाकर प्रदेश वादियों को आश्वस्त करें।

PMO का जवाब- गहलोत दफ्तर ने बताई कार्यक्रम में न आ पाने की बात

इस ट्वीट के कुछ देर बाद ही प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने ट्वीट किया। PMO ने कहा- प्रोटोकॉल के तहत आपको प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया है और आपकी स्पीच भी इस प्रोग्राम में रखी गई थी, लेकिन आपके दफ्तर से हमें बताया गया कि आप कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे।

प्रधानमंत्री के पिछले दौरों में भी आपको आमंत्रित किया गया था और आपने इन कार्यक्रमों में शामिल होकर गरिमा बढ़ाई थी।

आपका इस कार्यक्रम में स्वागत है और विकास कार्यों की शिला पट्टिका पर भी आपका नाम लिखा हुआ है।

हाल ही में लगी चोट के चलते आपको कोई असुविधा ना हो तो आपकी उपस्थिति महत्वपूर्ण रहेगी।

PMO और गहलोत के ट्वीट की तस्वीर

अशोक गहलोत ने गुरुवार सुबह 7.40 बजे ट्वीट किया। PMO ने 9.58 बजे जवाब दिया।

प्रधानमंत्री के इस ट्वीट पर गहलोत ने फिर जवाब दिया..

अब देखिए, मोदी की सभा से जुड़ी तस्वीरें…

गहलोत जयपुर से नॉन इंटरैक्टिव मोड पर किसान सम्मेलन कार्यक्रम में जुड़े।

ज्ञानवापी मस्जिद के ASI सर्वे पर जारी रहेगी रोक, 3 अगस्त को फैसला सुनाएगा हाईकोर्ट

ज्ञानवापी में ASI सर्वे से जुड़े मामले पर इलाहाबाद हाईकोर्ट 3 अगस्त को अपना फैसला सुनाएगा। तब तक सर्वे पर रोक जारी रहेगी। मुस्लिम पक्ष ने कोर्ट में कहा कि उन्हें डर है कि सर्वे के दौरान ऐतिहासिक संरचना गिर सकती है। इस पर ASI अधिकारी ने कहा कि हम ब्रश के जरिए सर्वे करेंगे। इससे ज्ञानवापी को कोई नुकसान नहीं पहुंचेगा। राम मंदिर केस में ऐसा ही किया गया था।

 1991 में वाराणसी कोर्ट में मुकदमा दाखिल हुआ, जिसमें ज्ञानवापी परिसर में पूजा की परमिशन मांगी गई। मस्जिद कमेटी इसके खिलाफ हाईकोर्ट पहुंची। 1993 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यथास्थिति कायम रखने का आदेश दिया। 2019 में वाराणसी कोर्ट में फिर से इस मामले में सुनवाई शुरू हुई, जो अभी भी जारी है।

PAK यूनिवर्सिटी के छात्राओं के 5500 पोर्न क्लिप मिले, प्रोफेसर का गैंग चला रहा था सेक्स रैकेट

चौधरी तारिक बशीर चीमा अभी शहबाज शरीफ कैबिनेट में केंद्रीय मंत्री हैं। वे नेशनल फूड सिक्योरिटी एंड रिसर्च डिपार्टमेंट संभालते हैं।

पाकिस्तान की इस्लामिया यूनिवर्सिटी के सिक्योरिटी ऑफिसर के मोबाइल से 5500 अश्लील वीडियो क्लिप मिले हैं। फर्स्टपोस्ट के मुताबिक, ये वीडियो वहां की छात्राओं और महिला टीचर्स के हैं। पुलिस ने बताया कि यूनिवर्सिटी में प्रोफेसर का एक गैंग ड्रग और सेक्स रैकेट चला रहा था। मामले में 3 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

 रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस स्कैंडल का मास्टरमाइंड पाकिस्तान के केंद्रीय मंत्री चीमा का बेटा है। वो यूनिवर्सिटी की लड़कियों को ड्रग्स देकर अश्लील वीडियो रिकॉर्ड करवाता था। फिर उनको ब्लैकमेल करके यौन शोषण करता था।

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के बहावलपुर की इस्लामिया यूनिवर्सिटी के सिक्योरिटी ऑफिसर के मोबाइल से यहां की छात्राओं के पोर्न वीडियो क्लिप मिले हैं। मीडिया रिपोर्ट्स में इन वीडियो की संख्या करीब 5500 बताई गई है। आरोपी छात्राओं को अच्छे मार्क्स का लालच देकर न्यूड वीडियो बनवाता था। इस यूनिवर्सिटी के 113 स्टूडेंट ड्रग एडिक्ट भी मिले हैं। पुलिस को पता चला है कि यूनिवर्सिटी का एक प्रोफेसर इन्हें ड्रग्स बेचता था।

पुलिस ने यूनिवर्सिटी के डायरेक्टर डॉक्टर अबुजर, सिक्योरिटी ऑफिसर सैयद एजाज शाह और अल्ताफ नाम के एक शख्स को अरेस्ट किया है। पुलिस को एजाज के 2 फोन से ये पोर्न क्लिप मिली हैं।

पुलिस ने 22 जुलाई को यूनिवर्सिटी में रेड की थी। यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि यह संस्था और छात्रों के खिलाफ साजिश है। वहीं, पुलिस का कहना है कि यूनिवर्सिटी हमारा टारगेट नहीं है, हम ड्रग स्मगलर्स को पकड़ना चाहते हैं।

न्यूड वीडियो मामले में सिक्योरिटी ऑफिसर के साथ यूनिवर्सिटी के अन्य प्रोफेसर और स्टाफ भी शामिल हैं, जो स्टूडेंट्स को ब्लैकमेल कर वीडियो एजाज को भेजने के लिए कहते थे।

यह तस्वीर इस्लामिया यूनिवर्सिटी बहावलपुर की है। ड्रग्स और न्यूड वीडियो के केस यहीं सामने आए हैं।

स्टूडेंट्स को डांस और सेक्स पार्टी के लिए फोर्स करते थे
पुलिस का कहना है कि स्टूडेंट्स और महिला कर्मचारियों को यूनिवर्सिटी में डांस और सेक्स पार्टी के लिए भी फोर्स किया जाता था। मामले की जांच साउथ पंजाब का एजुकेशन डिपार्टमेंट भी करेगा। इसकी जांच रिपोर्ट तीन दिन में सौंपी जाएगी।

आरोपी एजाज आर्मी का रिटायर्ड ऑफिसर
पुलिस ने बताया कि आरोपी एजाज आर्मी का रिटायर्ड ऑफिसर है। इसकी नियुक्ति यूनिवर्सिटी के पूर्व चांसलर ने की थी।

दो ड्रग पैडलर पकड़े
पुलिस ने एक महिला सहित 2 ड्रग पैडलर को हिरासत में लिया है। आरोपियों से 1.5 किलोग्राम चरस, 20 ग्राम क्रिस्टल और 300 ग्राम चरस बरामद हुई है। ये आरोपी एजुकेशनल इंस्टीट्यूट में नशीले पदार्थ सप्लाई किया करते थे।

पाकिस्तान की पंजाब पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके रेड की डिटेल्स शेयर की हैं।

गर्ल्स स्टूडेंट और टीचर्स से रेप

यह तस्वीर पाकिस्तान के अखबार ‘द डॉन’ ने कुछ दिन पहले जारी की थी। इसमें बताया गया था कि अब पाकिस्तान की कॉलेज गर्ल्स क्रिकेट किट बैग के साथ नजर आती हैं।

आरोपियों का कबूलनामा

विपक्ष दलों के गठबंधन (I.N.D.I.A) की अगली बैठक 25, 26 अगस्त को मुंबई में

विपक्ष 26 दलों वाले अपने ‘इंडिया’ गठबंधन की अगली बैठक 25 और 26 अगस्त को मुंबई में करेगा। सूत्रों ने गुरुवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि गठबंधन की तीसरी बैठक कांग्रेस के समर्थन से शिवसेना (यूबीटी) और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के शरद पवार गुट द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित की जाएगी। यह पहली बार है कि विपक्ष की बैठक ऐसे राज्य में होगी जहां इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस (I.N.D.I.A) में शामिल कोई भी दल सत्ता में नहीं है।

पांच साल के तेजस फिडे रेटिंग हासिल करने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बने

भारत के पांच साल के तेजस तिवारी शतरंज की संस्था फिडे की रेटिंग हासिल करने वाले दुनिया के सबसे युवा खिलाड़ी बने। तेजस की फिडे स्टैंडर्ड रेटिंग 1149 है। फिडे ने कहा कि किंडरगार्टन के छात्र तेजस ने उत्तराखंड के रुद्रपुर में पहली दिवंगत धीरज सिंह रघुवंशी ओपन फिडे रेटिग शतरंज टूर्नामेंट के दौरान अपनी पहली रेटिंग (1149) हासिल की। मात्र साढ़े तीन साल की उम्र में अपने परिवार के सदस्यों को खेलते हुए देखकर तेजस की शतरंज में रुचि जगी। उन्होंने चार साल की उम्र में जिला और राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में खेलना शुरू किया और जल्द ही वह राज्य के बाहर राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने लगे।

ज्ञानवापी सर्वे मामले में 3 अगस्‍त को आएगा फैसला, इलाहाबाद हाई कोर्ट में सुनवाई पूरी

ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वे को लेकर इलाहाबाद हाई कोर्ट में गुरुवार को अहम सुनवाई शुरू हो गई है। हाई कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर सुनवाई शुरू की है। बुधवार को सुनवाई अधूरी रहने के कारण गुरुवार को भी सुनवाई का निर्णय लिया गया है।

सुप्रीम कोर्ट ने मानी केंद्र की दलील, ईडी डायरेक्टर एसके मिश्रा के कार्यकाल बढ़ाने को मंजूरी दी

सुप्रीम कोर्ट ने ईडी के डायरेक्टर एसके मिश्रा के कार्यकाल को 15 सितंबर तक बढ़ाने को मंजूरी दे दी है। सरकार ने 15 अक्टूबर तक कार्यकाल बढ़ाने का आग्रह किया था। हालांकि शीर्ष अदालत ने सरकार की पूरी बात नहीं मानी।

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