सदन के पटल की रणनीति पर चर्चा करने के लिए विपक्षी दलों के I.N.D.I.A गठबंधन के नेता सुबह 10 बजे संसद में राज्यसभा के नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय में बैठक करेंगे। हरियाणा CM बोले- नूंह हिंसा साजिश:सुप्रीम कोर्ट ने कहा- मणिपुर में कानून-व्यवस्था बची ही नहीं; नाबालिग नहीं देख सकेंगे OMG-2महाराष्ट्र के ठाणे में हाईवे पर पुल बनाते वक्त बड़ा हादसा हुआ है। गर्नर लॉन्चिंग मशीन गिरने से 20 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। हरियाणा के नूंह में भड़की हिंसा में होमगार्ड समेत तीन लोगों की मौत हो गई। कई शहरों में धारा 144 लागू है और गुड़गांव और फरीदाबाद में स्कूल कॉलेजों को बंद किया गया है।
आज के प्रमुख इवेंट्स
- जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने के फैसले को चुनौती देने वाली 20 से ज्यादा याचिकाओं पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ समेत 5 जजों की संवैधानिक बेंच मामले की रेगुलर सुनवाई करेगी।
- विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A. के 21 सांसद आज राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे। इन सांसदों ने 29 और 30 जुलाई को मणिपुर के हिंसा प्रभावित इलाकों का दौरा किया था।
नूंह के बाद पलवल-गुरुग्राम में भी हिंसा; 9 जिलों में धारा 144; UP-राजस्थान में भी अलर्ट
दंगाइयों ने नूंह में लोगों को गाड़ियों से उतारकर उनमें आग लगा दी।
हरियाणा के नूंह में धार्मिक यात्रा के दौरान हुई हिंसा में 5 लोगों की मौत हुई है। यहां आज भी कर्फ्यू जारी रहेगा। 9 जिलों में धारा 144 लगाई गई है। हिंसा का असर राजस्थान, यूपी समेत हरियाणा के कई इलाकों में दिखा। पलवल और गुरुग्राम में उपद्रवियों ने घर, दुकान और गाड़ियों में आग लगा दी। CM मनोहर लाल खट्टर ने कहा- ये यात्रा हर साल निकलती थी। कुछ लोगों ने साजिश करके हमला किया है।
हरियाणा के हालात पर गृह मंत्री अमित शाह ने CM खट्टर से बात की है। विश्व हिंदू परिषद ने हिंसा की जांच ने NIA से कराने की मांग की है। राजस्थान के भरतपुर में अलर्ट के बाद 4 इलाकों में इंटरनेट बंद किया गया है। यूपी से हरियाणा को जोड़ने वाली मथुरा की सीमाएं सील की गई हैं। मेरठ, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर समेत हरियाणा से सटे यूपी के जिलों को भी अलर्ट पर रखा गया है।
हिंसा नूंह (मेवात) के बाद गुरुग्राम तक फैल गई है। जिसे देखते हुए इन दो जिलों के साथ ही रेवाड़ी, पलवल, फरीदाबाद, सोनीपत, पानीपत और महेंद्रगढ़ समेत 9 जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई है। नूंह में 2 अगस्त तक इंटरनेट बंद कर दिया है।
नूंह, फरीदाबाद, गुरुग्राम और पलवल में मंगलवार यानी 1 अगस्त को सभी स्कूल-कॉलेज और कोचिंग सेंटर बंद कर दिए गए। नूंह में 10वीं, 12वीं की 1 और 2 अगस्त को होने वाली बोर्ड परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं। इधर, हरियाणा पुलिस ने घोषणा की है कि नूंह दंगों में जान गंवाने वाले होमगार्ड नीरज और गुरसेवक सिंह के आश्रितों को 57-57 लाख रुपए दिए जाएंगे।
उपद्रवियों ने गुरुग्राम-पलवल में दुकान-मकान और गाड़ियां फूंकी
पलवल में उपद्रवियों ने करीब 25-30 झोपड़ियों, दुकानों और गाड़ियों में आग लगा दी।
पलवल में होडल के मेन बाजार के पास गांधी चौक पर कपडे की दुकान और सिलाई मशीन की दुकान के ताले तोड़कर 15-20 अज्ञात व्यक्तियों ने तोड़-फोड़ और लूटपाट की गई।
इसके बाद 50-60 लोगों की भीड़ ने परशुराम कॉलोनी की लगभग 25-30 झोपड़ियों में आग लगा दी। उपद्रवी यहीं नहीं रुके। दोपहर बाद एक कबाड़े की दुकान को जला दिया तो होडल में सामान से भरे हुए चार ट्रकों को आग के हवाले कर दिया। पुन्हाना रोड पर बनी पार्किंग में खड़े 4 बंद बॉडी के कंटेनर को आग के हवाले कर दिया गया।
इधर, गुरुग्राम के बादशाहपुर में भी दुकानों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी गई। जिसके बाद यहां बाजार बंद करवा दिए गए हैं। युवकों के समूह ने यहां सेक्टर-67 में अंसल सोसाइटी के पास बनी चार दुकानों को भी आग के हवाले कर दिया गया। हालात तनावपूर्ण होते देख यहां पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई है।
हरियाणा में बिगड़े हालातों को देखते हुए मॉल और सिनेमाघर बंद करा दिए गए हैं। सेक्टर 65 के वर्ल्ड मार्क मॉल और बादशाहपुर एरिया मॉल को बंद कर दिया गया है। प्रशासन ने कंपनियों से भी वर्क फ्रॉम होम कराने की अपील की है।
गुरुग्राम के जिला उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने पेट्रोल पंप संचालकों को बोलत या केन में पेट्रोल और डीजल ना देने का आदेश दिया है।
CM बोले- साजिश के तहत हमला
हरियाणा के CM मनोहर लाल ने नूंह की हिंसा पर मंगलवार को गृह मंत्री अनिल विज और पुलिस अधिकारियों के साथ मीटिंग की। CM ने कहा- यह यात्रा हर वर्ष निकलती थी। कुछ लोगों ने षड्यंत्र करके हमला किया है। उपद्रवियों को बख्शा नहीं जाएगा।
ब्रज मंडल यात्रा पर पथराव के बाद भड़की हिंसा
नूंह में सोमवार को विश्व हिंदू परिषद की ब्रज मंडल यात्रा पर समुदाय विशेष के लोगों ने पथराव कर दिया। इससे हिंसा भड़क गई। दोनों पक्षों में पत्थरबाजी और फायरिंग हुई। इस दौरान गुड़गांव के होमगार्ड नीरज और गुरसेवक समेत अब तक 5 लोगों की मौत हो गई है। 50 से ज्यादा पुलिस अधिकारी, कर्मचारी और अन्य लोग घायल हुए हैं।
राजस्थान और यूपी में भी अलर्ट
हरियाणा की हिंसा का असर पड़ोसी राज्यों पर भी पड़ा है। राजस्थान के भरतपुर में अलर्ट जारी किया गया है। यहां के 4 इलाकों में इंटरनेट बंद कर दिया गया है
यूपी से हरियाणा को जोड़ने वाली मथुरा की सीमाएं सील कर दी गई हैं। साथ ही मेरठ, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर समेत हरियाणा से सटे यूपी के जिलों में भी अलर्ट जारी कर दिया गया है।
तीन किलोमीटर में जो भी वाहन दिखा, उसमें आग लगा दी
यह फोटो मंगलवार सुबह की है। नूंह में दंगाइयों ने सड़क पर लोगों को गाड़ियों से उतारकर उसमें आग लगा दी।
थाने में आगजनी, दुकानदारों से मारपीट, शोरूम में लूटपाट
उपद्रवियों ने रोड पर तीन किलोमीटर में जो भी वाहन दिखा, उसमें आग लगा दी। इसके बाद 500 से अधिक लोगों ने एक बस से टक्कर मारकर साइबर थाने की दीवार तोड़ दी। वहां खड़ी डायल 112 की गाड़ियां जला दीं। वे थाने में अंदर घुसे फर्नीचर तोड़े और आग लगाने की कोशिश की। कुछ जगहों पर दुकानों में लूटपाट के बाद आग लगा दी। हीरो बाइक के शोरूम से 200 बाइक लूट लीं, शोरूम में तोड़फोड़ की और कर्मचारियों को पीटा।
चश्मदीदों ने बताया कि कुछ गाड़ी वालों के साथ लूटपाट की गई। फिर उनके वाहन को आग के हवाले कर दिया। ऐसी 100 से ज्यादा गाड़ियां सड़कों पर देखी गईं।
हरियाणा हिंसा से जुड़े अपडेट्स
- हिंसा के मामले में पुलिस ने करीब 20 FIR दर्ज की हैं। अकेले नूंह जिले में 11 FIR दर्ज की गई हैं।
- नूंह में रेवाड़ी, गुड़गांव, पलवल से अतिरिक्त पुलिस फोर्स भेजी है। पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी किया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मामले की रिपोर्ट ली है। प्रदेश के डीजीपी पीके अग्रवाल और सीआईडी चीफ आलोक मित्तल भी नूंह के लिए रवाना हो गए।
- गृह मंत्री अनिल विज ने कहा कि शांति बहाली के बाद पूरा आकलन किया जाएगा। मामले की जांच कराई जाएगी। देखा जाएगा कि कहां पर क्या कमी रही। हमने जरूरत पड़ने पर एयरफोर्स की मदद के लिए संपर्क किया है।
- सीएम मनोहर लाल ने कहा कि नूंह की घटना दुर्भाग्यपूर्ण है। मैं सभी लोगों से प्रदेश में शांति बनाए रखने की अपील करता हूं। दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- हरियाणा के नूंह में हिंसा के बाद राजस्थान के भरतपुर की 4 तहसीलों में इंटरनेट बंद।
- गुरुग्राम के सोहना, पटोदी और मानेसर में भी इंटरनेट बंद कर दिया गया है। कल शाम 6 बजे यहां अंबेडकर चौक सोहना में करीब 250 प्रदर्शनकारियों ने 5 गाड़ियां, एक ऑटो, एक दुकान और 4 खोखे फूंक दिए थे। वहां पथराव भी किया गया।
- गुरुग्राम में सोमवार-मंगलवार की रात करीब 12.10 बजे सेक्टर 57 में एक धार्मिक स्थल पर हमला किया गया था। इसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई। इसे देखते हुए गुरुग्राम के सभी धार्मिक स्थलों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
फोटो में देखिए हिंसा…
यह तस्वीर मंगलवार सुबह की हैं। उपद्रवियों ने सोमवार को हिंसा के दौरान 500 से ज्यादा गाड़ियों को नुकसान पहुंचाया। जगह-जगह गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई और आग लगाई गई।
यह फोटो गुरुग्राम की है। यहां सोमवार को सड़क पर चल रहे किसी भी वाहन को दंगाइयों ने नहीं छोड़ा। लोगों को बस से उतारकर आग लगा दी। धुआं दूर तक देखा गया।
यह फोटो नूंह की है। सोमवार को यहां कई दुकानों में आग लगा दी गई। उग्र भीड़ को देख दुकानदारों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं और वहां से भागे।
नूंह में सोमवार को हिंसा के दौरान भीड़ ने पुलिस पर भी हमला कर दिया। पुलिस के वाहनों में आग लगा दी। झड़प के दौरान पुलिस के जवानों को चोटें भी आईं।
नूंह में सोमवार को पुलिस ने हालात को संभालने की बहुत कोशिश की, लेकिन घरों, दुकानों और गलियों से पत्थरबाजी हो रही थी।
नूंह में सोमवार उपद्रवी चेहरे पर कपड़ा बांधकर पत्थरबाजी कर रहे थे, ताकि उन्हें पहचाना न जा सके।
अब इस घटना को सिलसिलेवार समझिए… पहले घटनाक्रम
दिन सोमवार
- दोपहर 1:00 बजे: ब्रज मंडल यात्रा पर पथराव के बाद हिंसा भड़क गई, जो पूरे नूंह में फैल गई।
- दोपहर बाद 3:00 बजे: उपद्रवियों ने अनाजमंडी स्थित साइबर थाने पर हमला बोल दिया।
- शाम 5:00 बजे: गुड़गांव के सोहना स्थित बाइपास पर आगजनी हुई। गोलियां भी चलीं।
- रात 8:00 बजे: प्रशासन ने दोनों समुदाय के लोगों की बैठक कराई।
- रात 8:40 बजे: CM ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
- रात 10:00 बजे: केंद्र सरकार ने अर्धसैनिक बलों की 20 कंपनियों को भेजने का फैसला किया।
- रात 12:00 बजे: नूंह के अलावा तीन अन्य जिलों में इंटरनेट बंद। रात 2 बजे नूंह में कर्फ्यू की सूचना।
ऐसे भड़की हिंसा: यात्रा शुरू होते ही पत्थरबाजी, हिंसा और तोड़फोड़
सोमवार को विश्व हिंदू परिषद की अगुआई में हिंदू संगठन ब्रज मंडल यात्रा निकाली जा रही थी। यह नूंह के नल्हड़ स्थित नलहरेश्वर मंदिर में जलाभिषेक के बाद बड़कली चौक से होती हुई फिरोजपुर-झिरका के पांडवकालीन शिव मंदिर और पुन्हाना के सिंगार के राधा कृष्ण मंदिर तक जानी थी।
पुलिस के मुताबिक, दोपहर एक बजे यात्रा बड़कली चौक पर पहुंची तो समुदाय विशेष के लोगों ने नारेबाजी करते हुए पथराव कर दिया। इसके बाद हिंसा बढ़ती गई।
गोरक्षक मोनू मानेसर ने एक दिन पहले जारी किया था वीडियो
बजरंग दल के सदस्य और गोरक्षक मोनू मानेसर ने यात्रा को लेकर एक दिन पहले ही वीडियो जारी किया था। इसमें मोनू ने कहा- सभी बढ़-चढ़कर हिस्सा लें। मैं खुद यात्रा में शामिल रहूंगा।
मोनू के इस मैसेज के बाद बाद पुलिस को अलर्ट किया गया था। हालांकि वह यात्रा में नहीं पहुंचा।
जुनैद-नासिर की हत्या में मोनू आरोपी
राजस्थान के गोपालगढ़ के जुनैद और नासिर को गो-तस्करी के शक में हरियाणा में जिंदा जलाकर मार दिया गया था। इस केस में मोनू आरोपी है। राजस्थान पुलिस के कागजों में मोनू फरार है।
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हरियाणा में नूंह हिंसा की INSIDE STORY:सोशल मीडिया पर सुलग रही थी दंगे की आग, हालात समझने से चूकी पुलिस?, दिल्ली दंगें जैसा ट्रेंड
हरियाणा के नूंह में हिंसा की आग एक दिन पहले ही सोशल मीडिया पर सुलगने लगी थी। राजस्थान के मुस्लिम युवकों जुनैद-नासिर हत्याकांड में वांटेड मोनू मानेसर ने वीडियो जारी कर कहा कि वह नूंह यात्रा में शामिल होगा। जिसे पुलिस और दूसरे पक्ष के लिए चैलेंज माना गया
हरियाणा में नूंह हिंसा से बचे लोगों की कहानियां:यात्री ने दौड़ाई बस, मंदिर में 7 घंटे बंद रहे
हरियाणा के नूंह में हिंसा में फंसे लोग अपने घरों सुरक्षित पहुंच गए हैं। नूंह में हिसार, भिवानी, करनाल, फतेहाबाद, अंबाला,पानीपत समेत कई जगहों से लोग ब्रजमंडल यात्रा में शामिल होने गए थे। अचानक हिंसा की वजह से कुछ फंस गए तो कुछ जान बचाकर वहां से भाग निकले। हिंसा से बचकर आए लोगों से दैनिक भास्कर ने बात की.
भिवानी के लोग ड्राइवर के भागने के बाद यात्री के बस भगाने से बचे। हिसार के लोगों की बस उपद्रवियों ने जला दी थी। फतेहाबाद के लोगों ने किसी तरह पथराव के बीच बस को भगाकर जान बचाई। हिंसा से बचकर आए लोगों से दैनिक भास्कर ने बात की….
भिवानी के सुधांशु बोले- उपद्रवियों ने मोबाइल-पर्स छीने, ड्राइवर भागा, यात्री ने बस दौड़ाई
सोमवार दोपहर करीब डेढ़ बजे का समय था। हम सभी नूंह में ब्रजमंडल यात्रा में शामिल गाड़ियों के काफिले में शामिल होकर नल्हड़ शिव मंदिर से फिरोजपुर-झिरका की तरफ रवाना ही हुए थे कि अचानक पूरा काफिला रूक गया। हमारी बस पीछे थी, जिसमें काफी सारे बच्चे थे। इससे पहले कि हम कुछ समझ पाते, बस पर पत्थर लगने शुरू हो गए।
पहले एक तरफ से पत्थर फेंके जा रहे थे। कुछ सेकेंड बाद ही चारों तरफ से पत्थरों की बारिश हुई। हालात यह बने की बस में चीख-पुकार मच गई। कुछ लोग बस से निकल कर भाग गए। इसमें बस का चालक भी शामिल था। 10 लोग ही बस में बचे। इसी बीच उपद्रवियों की भीड़ पहुंच गई। एक-एक आदमी की जेब चैक की। वे बोल रहे थे कि बंदूक तो नहीं है।
इसके बाद उनके मोबाइल फोन और पर्स छीन लिए। एक व्यक्ति ने उनकी मदद की और फिर उनके साथ ही यात्रा में गए यात्री ने बस का स्टीयरिंग संभाला। उसने कभी बस नहीं चलाई थी। उसके सिर में भी चोट लगी थी। उन्होंने बस की रफ्तार बढ़ाई और फिर कुछ लोगों ने छिपाकर रखे मोबाइल से गूगल नेविगेशन के सहारे गांवों के रास्तों से होते हुए रेवाड़ी की तरफ मुड़ गए।
15 किलोमीटर तक रास्ते में बीच-बीच में उनकी बस पर पथराव होता रहा। बस में बैठे-बैठे ही कुछ लोगों के पत्थर लगने से सिर फूट गए। खून बहता रहा, लेकिन किसी की हिम्मत नहीं हुई कि कुछ सेकेंड रूक जाएं। उक्त व्यक्ति उन्हें 50 किलोमीटर दूर रेवाड़ी लाकर ट्रॉमा सेंटर में ले गया। पूरे सफर में सब आंखें बंद कर बैठे रहे।
भिवानी की उस बस की तस्वीरें, जिसमें लोग बचकर लौटे…
भिवानी के यात्रियों की बस के टूटे हुए शीशे।
हिसार के संदीप बंसल बोले- 7 घंटे मंदिर में बंद रहे, पहाड़ी से फायरिंग हुई
विश्व हिंदू परिषद से जुड़े हिसार के संदीप बंसल ने बताया कि सुबह 7 बजे हिसार से 2 बसों में करीब 125 श्रद्धालु निकले थे। 11 बजे मंदिर में पहुंच गए। जब उपद्रव शुरू हुआ तो मंदिर में जलाभिषेक कर रहे थे। मंदिर 3 तरफ से पहाड़ियों से घिरा हुआ था। उपद्रव होते ही ड्राइवर बसों को मंदिर से दूर ले गए, लेकिन उनकी एक बस को जला दिया गया। यह देखकर दूसरे ड्राइवर ने बस दौड़ा दी।
हिसार के श्रद्धालुओं में महिलाओं और बच्चों की संख्या काफी थी। हमने मंदिर में ही सुरक्षा घेरा बनाया। मंदिर में पानी के भी केवल 20 वाटर कैंपर थे। इसलिए महिलाओं और बच्चों का बुरा हाल हो गया। 7 घंटे तक मंदिर में बंधक के तौर पर रहे। जो खीर का प्रसाद था, उसी को खाकर महिलाओं और बच्चों को गुजारा करना पड़ा। भूख और प्यास से बच्चे तड़प रहे थे।
पहाड़ियों से हम पर गोलियां चल रही थीं क्योंकि मंदिर में चारदीवारी और मुख्य इमारत के अलावा कहीं ठहरने की जगह नहीं थी। सुरक्षा चक्र बनाने वाले कार्यकर्ता खुद भी घायल हो रहे थे। एक समय तो ऐसा था कि उपद्रवी केवल 300 मीटर दूरी से ही फायरिंग कर रहे थे। करीब 100 से 150 उपद्रवी पहाड़ियों से फायरिंग कर रहे थे। पुलिस ने हाथ खड़े कर दिए थे कि उनके पास फोर्स नहीं है।
जैसे जैसे शाम ढलती जा रही थी, मंदिर पर फायरिंग बढ़ती जा रही थी। रात 8 बजे उन्हें मंदिर से रेस्क्यू किया गया। पुलिस जब उन्हें नूंह पुलिस लाइन लेकर आई, तब भी रास्ते में पत्थरबाजी हुई, जिस कारण बच्चे और महिलाएं सहमी रहीं। जब पुलिस लाइन पहुंचे, तब उन्हें अपने बचने की उम्मीद दिखी।
नूंह में हिंसा शुरू होते ही यात्रा में शामिल होने गए लोगों ने मंदिर में शरण ली। इनमें हिसार से गए लोग भी शामिल थे।
फतेहाबाद के महेश बोले- दूसरे रूट से बस दौड़ाई, सड़क पर पथराव होता रहा
फतेहाबाद के रहने वाले महेश हंस ने बताया कि भूना और आस-पास के क्षेत्रों से 40 के करीब लोग सुबह 5:30 बजे बस में सवार होकर नूंह के लिए रवाना हुए थे। वे 11 बजे के आसपास वहां पहुंच गए और यात्रा एक बजे शुरू हो गई थी, लेकिन वे थोड़ा पीछे थे। तभी शोर मचा कि आगे पथराव हो गया है।
हिंसा का पता चलते ही उन्होंने वहां से सुरक्षित निकलने के लिए दूसरे रूट पर बस दौड़ा दी। जिस सड़क पर जा रहे थे, उस सड़क पर भी आगे उन्हें दोनों तरफ काफी युवक खड़े मिले, जिन्होंने बस पर अचानक पथराव शुरू कर दिया। इससे बस के शीशे टूट गए। उनके समेत कई लोगों को चोटें लगीं। इसके बाद भी बस को ड्राइवर ने रोका नहीं और वहां से सुरक्षित निकाल लाया।
रास्ते में उन्हें पुलिस चौकी दिखी। वे चौकी में रुके तो चौकी खाली पड़ी थी। इसके बाद डायल 112 को सूचित किया, लेकिन बाद में जान को खतरा मानते हुए वे वहां से भी निकल आए। देर रात सभी फतेहाबाद के भूना में अपने घर पहुंचे।
फतेहाबाद के लोगों की बसों में की गई तोड़ फोड़।
सिरसा के सुरेंद्र पुनिया बोले- बाइक पर आए उपद्रवी, पराली में पेट्रोल डालकर आग लगाई
सिरसा के सुरेंद्र पुनिया ने कहा कि जब यात्रा शुरू हुई तो सबसे आगे डीजे चल रहा था। इसके बाद बाइक और 2 बसें थी। उनके बाद हमारी गाड़ी थी। जब काफिला प्रयास अस्पताल के पास पहुंचा तो पत्थरबाजी शुरू हो गई। सड़क के किनारे पर परालियों के ढेर लगे हुए थे। वे बाइक पर सवार होकर पराली में पेट्रोल डालकर आग लगा रहे थे।
जब पत्थरबाजी हुई तो हमने तुरंत हरियाणा बजरंग दल के ग्रुप में मैसेज किया। उपद्रवियों ने बसें जला दी। यह देखकर हमने भी गाड़ी भगाई। हम उस गाड़ी में 7 लोग थे। हमारे 5 साथी मंदिर में रह गए। कहीं ओर भागने का कोई रास्ता नहीं मिल रहा था। इसलिए गूगल मैप से रास्ता खोजकर नूंह से बाहर निकलकर हाईवे पर पहुंचे।
इस दौरान तावडू तक उनकी गाड़ी का उपद्रवियों ने पीछा किया। गांवों में हर रास्ते पर 8 साल से बच्चे से लेकर 80 साल तक के बुजुर्ग पत्थर फेंक रहे थे। हमारी गाड़ी के सभी शीशे टूट गए। मंदिर के पास गोलियां चलाई जा रही थीं। वे बेखौफ होकर झुंड बनाकर घूम रहे थे।
नूंह से वापस लौटने के बारे में जानकारी देते सुरेंद्र पूनिया।
विहिप का दावा- नूंह हिंसा प्री-प्लांड:महामंत्री बोले- ट्रक में पहले से रखे थे पत्थर
हरियाणा के नूंह में सोमवार को ब्रजमंडल यात्रा के दौरान हुई हिंसा को विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने प्री-प्लांड बताया है। विशेष तौर पर यात्रा में शामिल होने पहुंचे VHP के संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेन्द्र जैन ने दावा किया कि यात्रा के रूट पर पहले से ट्रक में पत्थर भरकर रखे गए थे। भीड़ ने गाड़ियों में आग लगाने के लिए पेट्रोल बम इस्तेमाल किए, जिन्हें पहले से बनाकर रखा गया था।
SC ने कहा- मणिपुर में कोई कानून-व्यवस्था बची ही नहीं; DGP कोर्ट में आकर जवाब दें
सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर में महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाए जाने के केस की सुनवाई की। CJI चंद्रचूड़ ने कहा कि पुलिस जांच करने में नाकाम है। कोई कानून-व्यवस्था बची ही नहीं है। अदालत ने पूछा कि 3 मई से जारी हिंसा में 6 हजार FIR दर्ज हुईं, लेकिन महज 7 गिरफ्तारियां ही हुईं। अदालत ने DGP को 7 अगस्त को हाजिर होकर इन सभी सवालों का जवाब देने को कहा है।
पिटीशन में पीड़ित महिलाओं की पहचान जाहिर नहीं की गई है। उन्हें X और Y नाम से संबोधित किया गया है। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया है कि पीड़ितों के नाम मीडिया में उजागर नहीं होने चाहिए। इससे पहले 20 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अगर सरकार कोई कदम नहीं उठाती है, तो हम एक्शन लेंगे।
लाइव लॉ के मुताबिक कोर्ट ने हैरानी जताई कि राज्य की जातीय हिंसा में लगभग 3 महीने तक FIR ही दर्ज नहीं की गई। बाद में जब 6000 से ज्यादा FIR हुईं तो इनमें 7 गिरफ्तारियां की गईं। इस पर केंद्र ने बताया कि 7 तो केवल वायरल वीडियो मामले में की गई हैं। अभी तक कुल 250 लोगों को अरेस्ट किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट ने मणिपुर DGP को कोर्ट में हाजिर होकर इन सभी सवालों का जवाब देने का निर्देश दिया है। FIR में देरी पर केंद्र ने कोर्ट से कहा कि मणिपुर में हालात बेहद खराब हैं।
चीफ जस्टिस चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच मामले की सुनवाई कर रही है। पिटीशन में पीड़ित महिलाओं की पहचान जाहिर नहीं की गई है। उन्हें X और Y नाम से संबोधित किया गया है।
अब मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त को दोपहर 2 बजे होगी।
पुलिस की रिपोर्ट में पीड़ित महिलाओं के नाम, कोर्ट ने शेयर करने से मना किया
कुकी महिलाओं से रेप और हत्या के मामले में याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट वृंदा ग्रोवर ने कहा कि यह रिपोर्ट कानून के खिलाफ है। इसमें पीड़ित महिलाओं के नाम हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को तुरंत निर्देश दिया कि इस रिपोर्ट को किसी से शेयर मत करना। मीडिया को मत देना। नहीं तो पीड़ितों के नाम सामने आ जाएंगे।
कोर्ट बोला कि हम अपनी कॉपी में करेक्शन कर लेंगे। इस पर केंद्र ने कहा कि हमने इसे किसी से शेयर नहीं किया। हमारे पास हमारी कॉपी है और एक कॉपी सिर्फ बेंच के सामने रखी गई है।
सुनवाई तक CBI के बयान लेने पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार सुबह केंद्र को आदेश दिया कि सुनवाई पूरी होने तक CBI वायरल वीडियो केस की पीड़िताओं के बयान न ले। बेंच ने कहा कि एजेंसी आज की सुनवाई पूरी होने का इंतजार करे। सोमवार को सुनवाई के दौरान एक याचिकाकर्ता ने सुझाव दिया था कि हाई पावर कमेटी मामले की जांच करे, जिसमें महिलाएं भी हों।
इमेज महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाए जाने की घटना की है। ये घटना 4 मई को हुई और वीडियो 19 जुलाई को सामने आया था।
हिंसा की घटनाओं पर कोर्ट रूम लाइव…
सुप्रीम कोर्ट: FIR कब दर्ज की गई?
केंद्र सरकार: मामला 4 मई का था। जीरो FIR 16 को दर्ज की गई। मणिपुर हिंसा में अब तक 6532 FIR दर्ज की गई हैं।
सुप्रीम कोर्ट: तो जीरो FIR 16 जून को दर्ज की गई है। अभी तक कोई गिरफ्तारी हुई है, क्योंकि घटना तो 4 मई की थी।
केंद्र सरकार: अभी तक कोई जानकारी नहीं है।
सुप्रीम कोर्ट: एक बात बहुत साफ है कि FIR दर्ज करने में बहुत देरी की गई है।
केंद्र सरकार: सुप्रीम कोर्ट ने जब यह मामला उठाया, जांच उससे पहले से जारी है।
सभी पीड़ित महिलाओं की ओर से याचिकाकर्ता: वरिष्ठ वकील इंदिरा जय सिंह ने कहा- सिस्टम से डेटा ऑटो डिलीट हो गया, CCTV डिलीट हो गए। ऐसा नहीं होना था।
केंद्र सरकार: अगर कोई पक्षपात करने वाला जांच कर रहा होता तो वह यह कहता कि CCTV ही नहीं है। हमने तो कहा कि CCTV चेक किए गए और ये ऑटो डिलीट हो गया।
सुप्रीम कोर्ट: FIR 7 जुलाई को दर्ज की गई और मामला 4 मई का था। किसी महिला को कार से बाहर खींचा गया और उसके बेटे की हत्या कर दी गई। यह बहुत गंभीर मामला है।
केंद्र सरकार: इस मामले में CCTV मौजूद था, लेकिन हम गुनाहगारों को इसलिए नहीं पहचान पाए, क्योंकि हजारों लोगों की भीड़ थी।
सुप्रीम कोर्ट: लड़के को जला दिया गया। FIR में 302 की धारा क्यों नहीं जोड़ी गई, ऐसा क्यों है?
केंद्र सरकार: एक बार पोस्टमॉर्टम हो जाए, ये धारा जोड़ दी जाएगी।
सुप्रीम कोर्ट: एक-दो मामलों को छोड़ दिया जाए, ऐसा लगता है कि ज्यादातर में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। जांच-पड़ताल बेहद ढीली-ढाली है। FIR दर्ज होने में लंबा वक्त लगा, गिरफ्तारी नहीं हुई, बयान दर्ज नहीं किए गए।
केंद्र सरकार: मैं कोई सफाई नहीं दे रहा, पर ग्राउंड पर हालात बहुत खराब हैं।
सुप्रीम कोर्ट: इसका मतलब है कि 2 महीने से हालात बहुत खराब हैं और FIR दर्ज करने में कोई मदद नहीं की गई। क्या कानून नहीं है, आप FIR दर्ज नहीं कर पा रहे, पुलिस गिरफ्तारी नहीं कर पा रही है। आप जो बता रहे हैं, उससे लग रहा है कि मई की शुरुआत से जुलाई तक कोई कानून नहीं था। ये मशीनरी की नाकामी है कि आप FIR भी दर्ज नहीं कर पा रहे हैं। क्या ऐसा नहीं है कि पूरे स्टेट की मशीनरी फेल हो गई है।
इंडीजिनस ट्राइबल लीडर्स फोरम (ITLF) महिला मेंबर्स ने सोमवार को चुराचांदपुर में प्रदर्शन किया। उनकी मांग है कि मैतेई सुरक्षाबलों को हटाया जाए।
जांच को लेकर 4 दलीलें दी गईं…
1. केंद्र ने कहा था- सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो तो एतराज नहीं
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सोमवार को कहा था कि अगर सुप्रीम कोर्ट यह मामला देखता है तो हमें कोई आपत्ति नहीं है। एक याचिकाकर्ता ने अपनी दलील में कुकी समुदाय का जिक्र किया था। इस पर केंद्र ने कहा- किसी भी समुदाय का नाम इस तरह से लिया जाना सही नहीं है। सांप्रदायिक तनाव को हवा नहीं दी जानी चाहिए।
2. पीड़ित महिलाओं ने कहा- CBI इस मामले की जांच ना करे
पीड़ित महिलाओं की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा- ऐसे कई वाकये हुए हैं। हम CBI जांच के खिलाफ हैं। हम चाहते हैं कि एक स्वतंत्र एजेंसी इसकी जांच करे। लॉ ऑफिसर या अटॉर्नी जनरल निगरानी कैसे करेंगे और क्या निगरानी करेंगे? और अगर कोई पक्षपात हुआ तो?
3. कुकी समुदाय ने कहा- SIT इसकी जांच करे, रिटायर्ड DGP शामिल हों
कुकी समुदाय की ओर से वरिष्ठ वकील कोलिन गोंजाल्वेज ने CBI जांच का विरोध किया और कहा कि इस मामले की जांच SIT और रिटायर्ड DGP से कराई जाए। इसमें मणिपुर के किसी आर्मी अफसर को ना शामिल किया जाए।
4. हिंसा पीड़ित सभी महिलाओं की ओर याचिकाकर्ता बोलीं- हाई पावर कमेटी बने
वरिष्ठ वकील इंदिरा जय सिंह ने सोमवार को कहा- रेप विक्टिम इस बारे में बात नहीं कर रही हैं। वो अभी तक अपने दुख से बाहर नहीं आ पाई हैं। सबसे जरूरी चीज भरोसा पैदा करना है। CBI जांच शुरू करती है तो अभी हम यह नहीं जानते हैं कि महिलाएं सामने आएंगी।
उन्होंने बताया कि महिलाएं पुलिस की बजाय महिलाओं से ही बात करने में ज्यादा सहज महसूस करेंगीं। इसके लिए एक हाईपावर कमेटी बनाई जाए और उसमें ऐसी महिलाओं को शामिल किया जाए, जिन्हें ऐसे मामलों का अनुभव हो।
OMG 2 को मिला A सर्टिफिकेट; अक्षय को शिव की जगह शिव भक्त दिखाने को कहा
सेंसर बोर्ड ने अक्षय कुमार स्टारर फिल्म OMG 2 को A सर्टिफिकेट दिया है। यानी इसे 18 साल से कम उम्र के लोग नहीं देख पाएंगे। फिल्म में कोई कट नहीं लगाया है, लेकिन 25 बदलाव करने का सुझाव दिया है। जिसमें अक्षय को शिव नहीं, बल्कि शिव भक्त के किरदार में दिखाए जाने की बात शामिल है।
OMG-2’ पर महाकाल मंदिर के पुजारी भी आपत्ति जता चुके हैं। उनका कहना है कि इस फिल्म से महाकाल मंदिर में शूट किए गए दृश्य हटाए जाएं। इसे A सर्टिफिकेट मिला है और अश्लीलता परोसने के साथ महाकाल मंदिर के शॉट दिखे तो देशभर में प्रदर्शन होगा, FIR भी दर्ज कराई जाएगी। वहीं मेकर्स फिल्म में बोर्ड की ओर से सुझाए 25 में से 14 बदलाव करने के लिए सहमत हो गए हैं।
एक दिन पहले ही सोमवार को सेंसर बोर्ड ने फिल्म के ट्रेलर को UA सर्टिफिकेट दिया था। इसके साथ ही अब ट्रेलर और फिल्म दोनों के ही रिलीज का रास्ता साफ हो गया है।
फिल्म में अक्षय कुमार भगवान शिव के किरदार में नजर आ रहे हैं।
बोर्ड ने दिए ये बदलाव करने के सुझाव
- अक्षय कुमार के किरदार को भगवान शिव नहीं बल्कि शिव के भक्त या देवदूत के रूप में पेश किया जाए।
- स्क्रीन पर जो भी वल्गर और न्यूड सीन हैं उन्हें हटा दिया जाए। इसमें नागा साधुओं के विजुअल्स भी शामिल हैं।
- स्कूल का नाम बदलकर सवोदय किया जाए।
- शिव जी के लिंग, अश्लीलता, श्री भगवद् गीता, अथर्ववेद, गोपियां और रासलीला समेत कई और शब्दों को डिलीट किया जाए।
- कई डायलॉग्स में भी बदलाव किए जाएं।
- जो भी कलाकार भगवान या उनके भक्त का किरदार निभा रहा है, उनको नहाते हुए दिखाने वाले सीन हटाए जाएं।
- कोर्ट में सेल्फी खींचते जज के सीन में बदलाव किया जाए।
फिल्म में अक्षय कुमार के साथ पंकज त्रिपाठी भी नजर आएंगे।
14 बदलावों के लिए सहमत हैं मेकर्स
कहा जा रहा है कि मेकर्स फिल्म में बोर्ड की ओर से सुझाए गए 25 में से 14 बदलाव करने के लिए सहमत हैं। हालांकि अगर मेकर्स बाकी बदलाव नहीं करना चाहते तो इसके लिए भी मेकर्स को बोर्ड को कन्विंस करना होगा।
11 अगस्त को ही होगी रिलीज
इसी के साथ यह भी तय है कि यह फिल्म 11 अगस्त को सनी देओल स्टारर ‘गदर 2’ के साथ ही रिलीज होगी। फिल्म का रन टाइम 2 घंटे 36 मिनट का होगा। बोर्ड के क्लियरेंस के लिए काफी वक्त से अटकी इस फिल्म का प्रमोशन काफी प्रभावित हुआ है।
OMG 2 की कहानी सेक्स एजुकेशन पर बेस्ड है। इसी के चलते इसे A सर्टिफिकेट दिया गया है।
यह फिल्म एक शिव भक्त की कहानी
फिल्म की कहानी मंदिरों के शहर उज्जैन में रहने वाले भगवान शिव के परम भक्त कांति शरण मुद्गल के इर्द-गिर्द बुनी गई है। जीवन की मुश्किल परिस्थितियों में कांति के सामने भगवान प्रकट होते हैं और उसके जीवन में आने वाली चुनौतियों को हल करने में उसकी मदद करते हैं।
सेक्स एजुकेशन जैसे बोल्ड सब्जेक्ट पर बेस्ड इस फिल्म में अक्षय कुमार, पंकज त्रिपाठी और यामी गौतम लीड रोल में नजर आएंगे। फिल्म 2012 में रिलीज परेश रावल और अक्षय कुमार स्टार ‘OMG’ का सीक्वल है। उस फिल्म में अक्षय ने श्रीकृष्ण का रोल प्ले किया था।
OMG-2 पर महाकाल मंदिर के पुजारियों की आपत्ति; कहा- फिल्म से महाकाल मंदिर के दृश्य हटाएं, नहीं तो FIR कराएंगे
फिल्म ‘OMG-2’ पर महाकाल मंदिर के पुजारियों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस फिल्म से महाकाल मंदिर में शूट किए गए दृश्य हटाए जाएं। फिल्म को अगर ए सर्टिफिकेट दिया गया और अश्लीलता परोसने के साथ महाकाल मंदिर के शॉट दिखे तो देशभर में प्रदर्शन होगा। FIR भी दर्ज कराई जाएगी।
दिल्ली में अधिकारों से जुड़ा बिल लोकसभा में पेश; इसे पटनायक की बीजेडी का समर्थन
दिल्ली में अफसरों की पोस्टिंग-ट्रांसफर पर नियंत्रण से जुड़ा विधेयक लोकसभा में पेश किया गया। इस पर सदन में विपक्षी नेताओं ने हंगामा किया और शेम-शेम के नारे लगाए। ओडिशा के CM नवीन पटनायक की BJD ने बिल पर सरकार का समर्थन करने की बात कही है।
सुप्रीम कोर्ट ने 11 मई को ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार दिल्ली सरकार को दिया था। लेकिन 19 मई को केंद्र ने अध्यादेश लाकर ये अधिकार राज्यपाल को दे दिए। लोकसभा में NDA के पास बहुमत है। यहां ये बिल आसानी से पास हो जाएगा। लेकिन राज्यसभा में NDA बहुमत से 9 सीट दूर है। पर BJD के 9 सांसदों का साथ मिलने के बाद बिल के पास होने की संभावना बढ़ गई है।
अमित शाह ने कहा कि संविधान, संसद को दिल्ली के लिए कानून बनाने की अनुमति देता है। बिल के खिलाफ जो बयान दिए जा रहे हैं, वो सिर्फ राजनीतिक हैं, उनका कोई आधार नहीं है। इस बिल का नाम गवर्नमेंट ऑफ नेशनल कैपिटल टेरिटरी ऑफ दिल्ली (अमेंडमेंट) बिल 2023 (GNCT) है। इसे गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने सदन में पेश किया।
GNCT बिल पर अमित शाह ने लोकसभा में कहा कि इस पर विपक्ष का विरोध निराधार है।
बीजेडी-वाईएसआरसीपी का समर्थन
बीजेडी ने दिल्ली सर्विस बिल पर सरकार का समर्थन करने की बात कही है। राज्यसभा में पार्टी के नेता सस्मित पात्रा ने कहा कि पार्टी इस बिल पर सरकार के साथ है। वाईएसआरसीपी ने भी इस बिल पर सरकार को समर्थन की बात कही है।
पिछले महीने ही अध्यादेश को मंजूरी मिली थी
25 जुलाई को इस अध्यादेश को केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी मिली थी। इसे लेकर AAP के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि इससे दिल्ली में लोकतंत्र ‘बाबूशाही’ में तब्दील हो जाएगा। चुनी हुई सरकार की सारी शक्तियां छीनकर भाजपा के नियुक्त किए गए LG को दे दी जाएंगीं।
केंद्र ने 19 मई को अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग पर अध्यादेश जारी किया था। अध्यादेश में उसने सुप्रीम कोर्ट के 11 मई के उस फैसले को पलट दिया, जिसमें ट्रांसफर-पोस्टिंग का अधिकार दिल्ली सरकार को मिला था।
अध्यादेश से जुड़ा मामला सुप्रीम कोर्ट में है
केंद्र सरकार ने अध्यादेश के जरिए दिल्ली में अफसरों के ट्रांसफर-पोस्टिंग के अधिकार उपराज्यपाल को दे दिए थे। दिल्ली सरकार इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंची थी। इस पर CJI चंद्रचूड़ ने 17 जुलाई को कहा कि हम यह मामला पांच जजों की संविधान पीठ को भेजना चाहते हैं। फिर संविधान पीठ तय करेगी कि क्या केंद्र इस तरह के संशोधन कर सकता है या नहीं?
केंद्र ने हलफनामे में क्या कहा था
केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर करते हुए कहा था कि संविधान का आर्टिकल 246(4) संसद को भारत के किसी भी हिस्से के लिए और किसी भी मामले के संबंध में कानून बनाने का अधिकार देता है, जो किसी राज्य में शामिल नहीं है।
केंद्र के अध्यादेश के मुताबिक, दिल्ली में अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग का आखिरी फैसला उपराज्यपाल यानी LG का होगा। इसमें मुख्यमंत्री का कोई अधिकार नहीं होगा।
केजरीवाल सरकार ने 30 जून को कोर्ट में याचिका दाखिल कर केंद्र के अध्यादेश को चुनौती दी थी। मामले में पहली सुनवाई 4 जुलाई को हुई थी, तब कोर्ट ने केंद्र सरकार और उपराज्यपाल को नोटिस जारी किया था।
केंद्र की ओर से अध्यादेश जारी करने के बाद आप नेताओं ने LG ऑफिस जाकर उनसे मिलने के लिए हंगामा किया था।
यह पूरा विवाद क्या था…
- AAP सरकार और उपराज्यपाल के बीच अधिकारों की लड़ाई 2015 में दिल्ली हाईकोर्ट पहुंची थी। हाईकोर्ट ने अगस्त 2016 में उपराज्यपाल के पक्ष में फैसला सुनाया था।
- AAP सरकार ने इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की। 5 मेंबर वाली संविधान बेंच आप सरकार के पक्ष में फैसला सुनाया। कोर्ट ने कहा कि CM ही दिल्ली के एग्जीक्यूटिव हेड हैं। उपराज्यपाल मंत्रिपरिषद की सलाह और सहायता के बिना स्वतंत्र रूप से काम नहीं कर सकते हैं।
- इसके बाद सर्विसेज यानी अधिकारियों पर नियंत्रण जैसे कुछ मामलों को सुनवाई के लिए दो सदस्यीय रेगुलर बेंच के सामने भेजा गया। फैसले में दोनों जजों की राय अलग थी।
- जजों की राय में मतभेद के बाद यह मामला 3 मेंबर वाली बेंच के पास गया। उसने केंद्र की मांग पर पिछले साल जुलाई में इसे संविधान पीठ के पास भेज दिया।
- संविधान बेंच ने जनवरी में 5 दिन इस मामले पर सुनवाई की और 18 जनवरी को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।
- 11 मई को सुप्रीम कोर्ट ने अफसरों पर कंट्रोल का अधिकार दिल्ली सरकार को दे दिया। साथ ही कहा कि उपराज्यपाल सरकार की सलाह पर ही काम करेंगे।
PM मोदी-शरद पवार एक मंच पर दिखे; पवार बोले- शिवाजी ने कभी किसी की जमीन नहीं छीनी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पुणे में तिलक स्मारक मंदिर ट्रस्ट की ओर से लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में NCP चीफ शरद पवार भी मौजूद थे। मंच पर PM मोदी के एक तरफ शरद पवार, तो दूसरी तरफ उनके भतीजे अजित पवार बैठे नजर आए। अपने संबोधन में शरद पवार ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि शिवाजी महाराज ने कभी किसी की जमीन नहीं छीनी।
लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने राष्ट्र की प्रगति और विकास के लिए काम किया है। वहीं शरद पवार का PM मोदी के साथ मंच साझा करना विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A को रास नहीं आया। विपक्ष की तीसरी बैठक मुंबई में होनी है। ऐसे में शरद पवार और मोदी के एक साथ दिखने से विपक्षी एकता में खटास आ सकती है।
कार्यक्रम में NCP चीफ शरद पवार बतौर चीफ गेस्ट मौजूद रहे। मंच पर PM मोदी के एक तरफ शरद पवार, तो दूसरी तरफ उनके भतीजे अजित पवार बैठे नजर आए।
मंच पर PM के एक तरफ शरद पवार, तो दूसरी तरफ अजित पवार मौजूद रहे।
PM बोले- लोकमान्य तिलक सम्मान पाना सौभाग्य की बात
PM ने कहा, ‘आज मैंने दगड़ूशेठ मंदिर में पूजा की। दगड़ूशेठ पहले व्यक्ति थे, जो तिलक के आह्वान पर गणेश प्रतिमा की स्थापना पर शामिल हुए थे। यह सम्मान अविस्मरणीय है। जो संस्थान सीधे तौर पर तिलकजी से जुड़ा हो, उससे लोकमान्य तिलक सम्मान सौभाग्य की बात है।
अवॉर्ड के साथ जो धनराशि मुझे दी गई है, वो गंगा जी को समर्पित कर रहा हूं। नमामि गंगे परियोजना के लिए इसे दान देने का फैसला लिया है।’
पुणे पहुंचने के बाद PM मोदी सबसे पहले दगड़ूशेठ मंदिर पहुंचे।
PM बोले- देश की आजादी में तिलक के योगदान को कुछ शब्दों में समेटना मुश्किल
इस मौके पर PM ने कहा कि लोकमान्य तिलक भारत के स्वतंत्रता इतिहास के माथे के तिलक हैं। देश की आजादी में उनकी भूमिका, उनके योगदान को कुछ घटनाओं और शब्दों में नहीं समेटा जा सकता है। उन्होंने कहा कि मैं इस अवॉर्ड को 140 करोड़ देशवासियों को समर्पित करता हूं।
पुरस्कार पाने से पहले PM मोदी ने लोकमान्य तिलक की प्रतिमा पर फूल चढ़ाए।
PM के साथ शरद के मंच साझा करने का विपक्षी दल कर रहे विरोध
शरद पवार का PM मोदी के साथ मंच साझा करना विपक्षी गठबंधन I.N.D.I.A के नेताओं को रास नहीं आ रहा। खासकर कांग्रेस के नेताओं में इस बात को लेकर बेचैनी है कि मुंबई में होने वाली विपक्ष की आगामी बैठक से पहले शरद पवार का मोदी के साथ दिखना गलत संदेश देगा। विपक्ष को यह भी अंदेशा है कि BJP जानबूझकर ऐसा कर रही है, ताकि विपक्ष बंटा हुआ दिखे।
महाराष्ट्र के CM एकनाथ शिंदे और डिप्टी CM देवेंद्र फडणवीस ने पुणे एयरपोर्ट पर PM का स्वागत किया।
लोकमान्य पुरस्कार राष्ट्र के विकास के लिए काम करने वालों को मिलता है
PMO के मुताबिक, लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने राष्ट्र की प्रगति और विकास के लिए काम किया है। इनके योगदान को केवल उल्लेखनीय और असाधारण रूप में देखा जा सकता है। यह पुरस्कार हर साल 1 अगस्त को लोकमान्य तिलक की पुण्यतिथि पर दिया जाता है।
प्रधानमंत्री मोदी से पहले यह पुरस्कार पूर्व राष्ट्रपति डॉ. शंकर दयाल शर्मा और प्रणब मुखर्जी, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और मनमोहन सिंह के अलावा मशहूर व्यवसायी एन आर नारायणमूर्ति और ‘मेट्रो मैन’ ई श्रीधरन जैसे 40 दिग्गजों को दिया जा चुका है।
कोविड के दौरान स्वास्थ्य क्षेत्र में सेवाएं देने के लिए 2021 में डॉ. सायरस पूनावाला को यह पुरस्कार प्रदान किया गया था।
पुणे मेट्रो के पहले चरण को हरी झंडी दिखाई
PM ने पुणे मेट्रो के पहले चरण के दो कॉरिडोर पर मेट्रो सेवाओं का इनॉगरेशन किया। ये मेट्रो फुगेवाड़ी स्टेशन से सिविल कोर्ट स्टेशन और गरवारे कॉलेज स्टेशन से रूबी हॉल क्लिनिक स्टेशन तक चलेगी। प्रधानमंत्री ने 2016 में इस परियोजना की आधारशिला रखी थी।
इससे पुणे शहर के शिवाजी नगर, सिविल कोर्ट, पुणे नगर निगम कार्यालय, पुणे RTO और पुणे रेलवे स्टेशन जुड़ जाएंगे। सिविल कोर्ट मेट्रो स्टेशन देश के सबसे गहरे मेट्रो स्टेशनों में से एक है, इसमें 33.1 मीटर का सबसे गहरा पॉइंट है। इस स्टेशन की छत को इस तरह से बनाया गया है कि धूप सीधी प्लेटफॉर्म पर पड़े।
इसके साथ ही पीएम ने पुणे में शिवाजी नगर पुलिस मुख्यालय में विभिन्न विकास परियोजनाओं का भी उद्घाटन और शिलान्यास किया।
वेस्ट से बिजली बनाने वाले प्लांट का उद्घाटन किया
PM ने पिंपरी चिंचवड़ नगर निगम के तहत वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का इनॉगरेशन किया। लगभग 300 करोड़ रुपए की लागत से बने इस प्लांट में वेस्ट से बिजली बनाई जाएगी, जिसमें सालाना लगभग 2.5 लाख मीट्रिक टन वेस्ट का इस्तेमाल होगा।
PMAY के तहत लोगों को घर सौंपे
PM मोदी ने PCMC द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए गए 1,280 से अधिक मकान और पुणे नगर निगम द्वारा बनाए गए 2,650 से अधिक PMAY घर लाभार्थियों को सौंपे। PM PCMC द्वारा बनाए जाने वाले लगभग 1,190 PMAY घरों और पुणे महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण द्वारा बनाए जाने वाले 6,400 से अधिक घरों की आधारशिला भी रखी।
शहर में लगे PM GO BACK के पोस्टर
PM मोदी के पुणे दौरे को लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस ने विरोध जताया है। पार्टी ने शहर में कई जगहों पर PM GO BACK के पोस्टर लगाए हैं।
पुणे शहर युवक कांग्रेस ने PM मोदी के दौरे के विरोध में कई जगहों पर पोस्टर लगाए हैं।
बिहार में जातीय जनगणना जारी रहेगी; पटना HC ने रोक लगाने की मांग वाली याचिकाएं खारिज की
बिहार में जातीय जनगणना जारी रहेगी। पटना हाईकोर्ट ने इस पर रोक लगाने की मांग से जुड़ी सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं। हाईकोर्ट ने 4 मई को जातीय जनगणना पर अंतरिम रोक लगाई थी। फैसला आने के तुरंत बाद बिहार सरकार ने जाति आधारित गणना कराने का आदेश जारी कर दिया।
बिहार में 7 जनवरी से शुरू हुई जातिगत जनगणना के दूसरे फेज का काम तकरीबन 80% पूरा हो चुका था। तभी मामला कोर्ट पहुंचा और इस पर रोक लग गई। देश में सबसे पहले जातीय जनगणना 1931 में हुई थी। 1941 में भी इसका डेटा इकट्ठा हुआ, लेकिन इसे सार्वजनिक नहीं किया गया। 2011 में जातीय और सामाजिक-आर्थिक गणना हुई, लेकिन ये आंकड़े भी जारी नहीं किए गए।
ये बिल दिल्ली की जनता का अपमान है, I.N.D.I.A. और कांग्रेस ने इसका विरोध करने और इसे हराने का फैसला किया है। कुछ लोग कुछ बातों पर असहमत हो सकते हैं लेकिन अंततः पार्टी नेतृत्व जो भी निर्णय लेगा वही अंतिम निर्णय होगा। ये फैसला काफी सोच-विचार के बाद लिया गया है। केंद्र का यह कदम संघीय ढांचे को कमजोर करता है…आप फैसले को रद्द करने के लिए यह कदम उठा रहे हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि आपको न्यायपालिका पर विश्वास नहीं है: दिल्ली अध्यादेश बिल पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत
एनआईए ने की पंजाब और हरियाणा में छापेमारी
लंदन में भारतीय उच्चायोग पर हमले को लेकर एनआईए ने पंजाब और हरियाणा में 31 स्थानों पर छापेमारी की।
लोकसभा ने खनिज क्षेत्र से जुड़े विधेयक को मंजूरी दी
लोकसभा ने मंगलवार को ‘अपतट क्षेत्र खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2023’ को मंजूरी दी जिसके माध्यम से 2002 के अधिनियम में संशोधन करने का प्रस्ताव किया गया है। कोयला एवं खान मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विधेयक पर सदन में हुई संक्षिप्त चर्चा का जवाब दिया जिसके बाद सदन ने ध्वनिमत से इसे मंजूरी दी। विधेयक को पारित किए जाने के दौरान विपक्ष के सदस्य मणिपुर के मुद्दे को लेकर लगातार नारेबाजी करते रहे। विधेयक पर संक्षिप्त चर्चा का जवाब देते हुए जोशी ने कहा, ‘मुझे बहुत दुख हो रहा है कि विपक्ष के लोग इतने महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा करने के लिए तैयार नहीं हैं।’उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि इन लोगों की सरकार में कोयला ब्लॉक का मनमाने ढंग से आवंटन किया गया था और कोई पारदर्शिता नहीं थी। जोशी ने कहा, ‘हम नीलामी के जरिये आवंटन कर रहे हैं। हम पारदर्शिता लाए हैं। अब भाई-भतीजे को आवंटन नहीं हो रहा है। इसलिए ये लोग नारेबाजी कर रहे हैं।’उन्होंने आरोप लगाया कि ‘पहले कांग्रेस कार्यालय से पत्र आता था तो कोयला खदानों का आवंटन किया जाता था’। चर्चा में भाग लेते हुए भाजपा के गोपाल शेट्टी ने कहा कि विधेयक से पारदर्शिता आएगी और कारोबार सुगमता में भी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस विधेयक के पारित होने के बाद सभी राज्यों को बड़े पैमाने पर पैसा मिलेगा।

