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नेता परिजनों को नहीं मिलेंगे टिकट और न ही मिलेगी संगठन में जगह

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दावेदारों को भोपाल के चक्कर लगाने की मनाही
भोपाल।
 भाजपा संगठन के बाद अब नगरीय निकाय चुनाव में भी पीढ़ी परिवर्तन की बानगी साफ दिखाई देगी। इसकी वजह है संगठन ने तय कर लिया है कि पार्टी की दूसरी मजबूत लाइन खड़ी करने के लिए युवाओं को ही इन चुनावों में मौका दिया जाए। यही नहीं इसके साथ ही कार्यकर्ताओं को आगे लाने के लिए नेता पुत्रों को टिकट न देने का भी निर्णय कर लिया गया है। खास बात यह है कि परिवर्तन के इस दौर में नेता पुत्रों को संगठन में भी जगह मिलना मुश्किल हो गया है। इसकी वजह है उनकी जगह मैदानी और संघर्षशील युवाओं को आगे लाना। दरअसल अब तक प्रदेश में नेता पुत्र कार्यकर्ताओं का हक मारकर आगे बढ़ जाते थे और कार्यकर्ता दरी ही बिछाते रह जाते थे। जिसकी वजह से उनका उत्साह ही समाप्त हो जाता था।
इसके साथ ही दावेदारों को साफ कर दिया गया है कि अब वे टिकट के लिए भोपाल के चक्कर न काटें क्योंकि उनके नामों के फैसले के लिए संगठन द्वारा गठित की गई चुनाव संचालन समिति ने तीन स्तरीय व्यवस्था बना दी है। इस व्यवस्था के तहत जिला, संभाग और राजधानी स्तर पर ही बड़े नेता मंथन कर टिकटों का फैसला करेंगे। दरअसल चुनाव संचालन समिति की बैठक में तय किया गया है कि नगर पंचायत के टिकट जिला स्तर से नगर पालिकाओं के संभाग और नगर निगमों के टिकट भोपाल स्तर से तय कर घोषित किए जाएंगे।
इन टिकट वितरण में पूरी तरह से युवाओं को मौका देते हुए नेताओं के परिजनों को उम्मीदवार बनाने से परहेज किया जाएगा। समिति में हुए इस फैसले से पार्टी के कई बड़े नेता पुत्रों को बड़ा झटका लगा है। दरअसल कई नेता पुत्र पहले विधानसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी कर चुके हैं। तब मौका नहीं मिलने से वे संगठन में जगह मिलने की उम्मीद लगा रहे थे, लेकिन उसमें भी उन्हें निराशा ही लगी है। अब उनकी निगाह नगरीय निकाय चुनाव और युवा मोर्चा में महत्वपूर्ण पदों पर लगी हुई है, लेकिन अब उन्हें टिकट देने से परहेज करने का फैसला ले लिया गया है, इसके साथ ही यह भी तय हो गया है कि अब उन्हें युवामोर्चा में भी जगह नहीं दी जाएगी। उधर इन चुनावों में पार्टी की जीत के लिए मंत्रियों के साथ ही संगठन द्वारा अपने विधायकों की जिम्मेदारी भी तय किए जाने का निर्णय कर लिया गया है।
घोषणापत्र के लिए जिलों में जाएंगे वरिष्ठ नेता
बैठक में तय किया गया कि पार्टी नगरीय निकाय चुनाव के लिए जो घोषणा पत्र जारी करेगी। उससे पहले जिले में वरिष्ठ नेताओं को भेजकर मुद्दों का पता लगाया जाएगा। यह नेता जिलों में नेताओं के अलावा अपनी विचारधारा के लोगों से राय लेने का काम करेंगे। जिलों से मिलने वाली रिपोर्ट के आधार पर ही प्रदेश स्तर से घोषणा पत्र तैयार किया जाएगा। घोषणा पत्र के लिए नेताओं को 25 तक अपनी रिपोर्ट देनी होगी।
तैयारियों का पहला चरण पूरा
भाजपा द्वारा चुनाव की तैयारियों को लेकर चरणबद्ध योजना तैयार की है, जिसके तहत पहला चरण पूरा कर लिया गया है। अब तैयारियों का दूसरा चरण शुरू किया जा रहा है, जिसके तहत घोषणा-पत्र के मुद्दों और विषयों को लेकर समिति काम करेगी। इसके साथ ही नगरीय निकाय के क्षेत्रों में 22 फरवरी से पार्टी अध्यक्ष वीडी शर्मा द्वारा दौरे शुरू किए जाएंगे।
वरिष्ठ पार्षदों व विधायकों को भी नहीं मिलेगा मौका
बैठक में यह भी तय कर लिया गया है कि जो नेता लगातार तीन से चार बार से इस पद पर रह चुके हैं, उनकी जगह अब नए चेहरों को मौका दिया जाएगा। यह मौका पार्टी के योग्य कार्यकर्ताओं को अधिक दिया जाएगा। अपवाद स्वरुप उन जगहों पर जरुर कुछ को प्रत्याशी बनाया जा सकता है, जहां पर जीत के पैमाने पर कोई अन्य कार्यकर्ता फिट नहीं बैठता है। यही नहीं इस बार महापौर का टिकट विधायकों को भी नहीं दिया जाएगा। समिति में लिए गए इस फैसले के साथ ही यह भी अब तय माना जा रहा है कि जिन पार्षदों द्वारा अपने परिजनों के लिए टिकट को लेकर लाबिंग की जा रही है, उन्हें भी इस बार तबज्जो नहीं दी जाएगी।

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