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*सोनम वांगचुक और उनके साथियों की रिहाई की मांग को लेकर वामपंथी समाजवादी दलों ने किया पदर्शन, दिया ज्ञापन*

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इंदौर, लद्दाख के पर्यावरणविद, वैज्ञानिक, मानवाधिकार कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक की गिरफ्तारी के विरोध म क इंदौर के वामपंथी समाजवादी दालों के कार्यकर्ताओं ने संभाग आयुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन कर उनकी तत्काल रिहाई की मांग की।प्रदर्शन में भारतीय कम्युनिष्ट पाटी, कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी),समाजवादी पार्टी,ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन काँग्रेस,इंटक, ,असंगठित कामगार कर्मचारी काँग्रेस ,  प्रगतिशील लेखक संघ (प्रलेस)सोशलिस्ट यूनिटी सेंटर ऑफ इंडिया (एसयूसीआई)चेटर ऑफ इंडियन ट्रेड यूनियेस (सीटू), सेवा  ,  भारतीय जन नाट्य संघ आदि के कार्यकर्ताओं ने भागीदारी की ।

प्रदर्शन का नेतृत्व सर्व श्री श्याम सुंदर यादव रामस्वरूप मंत्री रुद्रपाल यादव अरुण चौहान कैलाश लिंबोडिया प्रमोद नामदेव हरनाम सिंह राहुल निहुरे आदि ने किया।

संभाग आयुक्त के माध्यम सेराष्ट्रपति के नाम दिए गए ज्ञापन में कहा गया है कि यह देश के लिए दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस व्यक्ति की पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ विकास के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठा है, उसे बेबुनियाद आरोपों के आधार पर जेल में बंद किया हुआ है।

हम सोनम बांगचुक और उनके साथियों की तत्काल और बिना शर्त रिहाई की मांग करते हैं और यह भी माँग करते हैं कि उनके शांतिपूर्ण आंदोलन के दौरान हुई गोलीबारी में मारे गए चार लोगों की मृत्यु की न्यायिक जाँच करवायी जाए।

उल्लेखनीय है कि सन 2019 में भाजपा नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने ही लद्दाख को जम्मू-कश्मीर से अलग करके केन्द्र शासित प्रदेश का दर्जा देकर लद्दाख के लोगों की दशकों से चली आ रही पृथक राज्य की माँग को पूरा करने का आश्वासन दिया था। केन्द्र सरकार के इस कदम का लद्दाख की जनता ने स्वागत किया था जिसमें सोनम वांगचुक व उनके साथी भी शरीक थे। जब सरकार ने अपना वादा पूरा करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया तब लद्दाख के लोगों ने लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू किया। यह सब जानते हैं कि लद्दाख हिमालय के पहाड़ों का हिस्सा होने के कारण संवेदनशील पर्यावरणीय क्षेत्र में शामिल है। जिस तरह की अनियोजित अंधाधुंध तथाकथित विकास परियोजनाएँ और खनन कार्य लद्दाख में चल रहे हैं, उसके चलते समूचे देश के लिए दूरगामी विनाश की आशंकाएँ बढ़ती जा रही हैं। लद्दाखी युवाओं की बेरोज़गारी असंतोष की एक और जमीनी वजह है।

सोनम वांगचुक और उनके साथियों का आंदोलन इन्हीं सब मुद्दों को लेकर है। उनके आंदोलन को कुचलना उनके संवैधानिक अधिकार का हनन और लोकतंत्र की अवहेलना है। हम सभी पुनः यह माँग दोहराते हैं कि सोनम वांगचुक और उनके साथियों को तत्काल बिना शर्त रिहा किया जाए, लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देकर छठवीं अनुसूची में लाया जाए, और आंदोलन के दौरान हिंसा भड़काने वाले तत्वों और उसमें गई जानों की गहन जाँच करवायी जाए।

प्रदर्शन में प्रमुख रूप से विनीत तिवारी,जया मेहता,भारत सिंह सोलंकी  मोहम्मद अली सिद्दीकी, मनोज हार्डिया, डीएस मिश्रा, कामरेड चुन्नीलाल वाधवानी,सी एल सर्रावत, कविता सोलंकी ,सैयद साजिद अली, विजय दलाल, भागीरथ कछवाय, छगनलाल मौर्य सहित कई कार्य कर्ता शरीक थे ।

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