मध्य प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी लोकेश कुमार जांगिड़ ने 11 जून को DoPT के सचिव और MP के मुख्य सचिव को इंटर कैडर प्रतिनियुक्ति पर 3 वर्ष के लिए महाराष्ट्र जाने के लिए अर्जी लगाई है.
भोपाल. मध्य प्रदेश कैडर के IAS अधिकारी लोकेश कुमार जांगिड़ इन दिनों सुर्खियों में हैं. उनके चर्चा में होने की एक एक-दो नहीं बल्कि कई हैं. अव्वल तो ये कि लोकेश कुमार जांगिड़ ने 11 जून को DoPT के सचिव और MP के मुख्य सचिव को इंटर कैडर प्रतिनियुक्ति पर 3 वर्ष के लिए मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र जाने के लिए आवेदन किया है. इस पत्र में डेपुटेशन के लिए वैसे तो उन्होंने पारिवारिक कारणों को वजह बताया है लेकिन माना ये जा रहा है कि जांगिड़ बार-बार तबादला होने से परेशान हैं. महज़ 4 साल की नौकरी में उनका 8 बार ट्रांसफर किया जा चुका है.
‘कुछ छापने से मुझे घंटा कुछ फर्क नहीं पड़ता, जिसको जो उखाड़ना है उखाड़ ले’ यह बयान श्योपुर के नए एसडीएम एवं आईएएस अफसर लोकेश कुमार जांगीर ने ‘जन समूह श्योपुर’ नाम से बने वॉट्सएप ग्रुप पर दिया है। इस ग्रुप में श्योपुर के दिग्गज नेता, अधिकारी एवं पत्रकार जुड़े हुए हैं। मामला अतिक्रमण मामले में मनमानी कार्रवाई का है। जिसके मीडिया की सुर्खियों में आने के बाद जांगीर छुट्टी पर चले गए थे। उन्होंने कहा कि यह अहंकार नहीं है। दरअसल, कुछ लोग मुझे लगातार तंग कर रहे हैं। किसी को लगातार ट्रोल किया जाएगा तो कभी कभी गुस्सा आ जाता है।
इतना ही नहीं लोकेश जांगिड़ की IAS एसोसिएशन के ऑफिसियल ग्रुप में हुई चैट वायरल होने के बाद उनके डेपुटेशन मांगने के पीछे के कई और कारण भी निकल कर सामने आ रहे हैं. इस चैट में लोकेश जांगिड़ बड़वानी कलेक्टर पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनकी कार्यशैली पर सवाल उठा रहे हैं. उन्होंने ये भी लिखा है कि वो एक किताब लिखेंगे जिसमें इन अनुभवों को साझा करेंगे.
क्या है मामला ?
लोकेश कुमार जांगिड़ को हाल ही में बड़वानी के अपर कलेक्टर पद से हटाया गया था. उनकी नियुक्ति राज्य शिक्षा केन्द्र में की गई थी. वैसे तो उनके तबादले को प्रशासनिक जमावट के लिहाज से बताया गया, लेकिन सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक जांगिड़ ने बड़वानी में कोरोना के दौरान ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर की खरीदी में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया था. बताया गया कि जो कन्सन्ट्रेटर करीब 40 हज़ार में खरीदे जा सकते थे, उन्हें 60 हज़ार तक मे खरीदा गया. जांगिड़ ने जब इस पर लगाम लगाने की कोशिश की तो फिर उनका तबादला कर दिया गया. लोकेश कुमार जांगिड़ की जो चैट वायरल हुई. उसमें उन्होंने लिखा है कि बड़वानी कलेक्टर शिवराज वर्मा ने सीएम के कान भरे जिस वजह से उन्हें हटाया गया है.
कब-कब हुआ तबादला ?
लोकेश कुमार जांगिड़ का साल 2016 से 2021 के बीच 4 साल की नौकरी में 8 बार तबादला किया जा चुका है. जांगिड़ की पोस्टिंग श्योपुर और शहडोल में बतौर एसडीएम की गई. उन्हें रेवेन्यू डिपार्टमेंट में अवर सचिव और नगरीय प्रशासन विभाग में उपसचिव पदस्थ किया गया. एडीएम गुना, सीईओ जिला पंचायत हरदा, अपर मिशन संचालक राज्य शिक्षा केन्द्र में नियुक्त किया जा चुका है. इसके बाद उन्हें बड़वानी में अपर कलेक्टर बनाया गया था लेकिन यहां से भी उनका तबादला कर दिया गया और फिर उन्हें राज्य शिक्षा केंद्र में पदस्थ कर दिया गया था.
शुरू हुई सियासत
आईएएस की चैट वायरल होने के बाद अब इस पर सियासत भी शुरू हो गयी है. कांग्रेस प्रवक्ता सैयद जफर के मुताबिक IAS ऑफिसर लोकेंद्र को सच बोलने की सजा लगातार मिल रही है. पहले उन्हें बड़वानी जिले के एडीएम पद से हटाया और अब उन्हें ऑफिसर एसोसिएशन के व्हाट्सएप ग्रुप से हटाया गया. शिवराज सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार करने वाले अधिकारी कब तक सच्चाई छुपा आएंगे. वहीं कांग्रेस के आरोपों पर मंत्री विश्वास सारंग ने कहा है कि आईएएस को शो कॉज नोटिस जारी किया गया है. वह अपनी सभी बातें उस शो कॉज नोटिस के ज़रिए कहें. उन्होंने कहा आईएएस अधिकारी का ट्रांसफर एक रूटीन ट्रांसफर होता हैअगर यह अधिकारी पूर्वाग्रह से ग्रसित होकर अपना ट्रांसफर होना मानेगा तो अपने साथ भी न्याय नहीं करेगा और अपने साथी के साथ में भी न्याय नहीं करेगा.
मुझे घंटा फर्क नहीं पड़ता, जिसको जो उखाड़ना है उखाड़ ले
‘कुछ छापने से मुझे घंटा कुछ फर्क नहीं पड़ता, जिसको जो उखाड़ना है उखाड़ ले’ यह बयान श्योपुर के नए एसडीएम एवं आईएएस अफसर लोकेश कुमार जांगीर ने ‘जन समूह श्योपुर’ नाम से बने वॉट्सएप ग्रुप पर दिया है। इस ग्रुप में श्योपुर के दिग्गज नेता, अधिकारी एवं पत्रकार जुड़े हुए हैं। मामला अतिक्रमण मामले में मनमानी कार्रवाई का है। जिसके मीडिया की सुर्खियों में आने के बाद जांगीर छुट्टी पर चले गए थे। उन्होंने कहा कि यह अहंकार नहीं है। दरअसल, कुछ लोग मुझे लगातार तंग कर रहे हैं। किसी को लगातार ट्रोल किया जाएगा तो कभी कभी गुस्सा आ जाता है।
मामला कुछ यह है कि विजयपुर में पहली पोस्टिंग मिलने के बाद एसडीएम लोकेश कुमार जांगीर ने बिना कोई अनुमति लिए अपनी मर्जी से अतिक्रमण के नाम पर एक कस्बे की तोड़फोड कर दी। मामला जब विवादों में आया तो लोकेश छुट्टी पर निकल लिए। खबरें मीडिया की सुर्खियां बनीं तो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुईं। इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए आईएएस लोकेश कुमार ने ‘जन समूह श्योपुर’ नाम से बने वॉट्सएप ग्रुप पर लिख दिया कि (कुछ छापने से मुझे घंटा कुछ फर्क नहीं पड़ता, जिसको जो उखाड़ना है उखाड़ ले)। अब मामला और ज्यादा सुर्ख हो गया है।
मंत्री,सांसद विधायक जुड़े हैं ग्रुप पर
अधिकारी जन समूह श्योपुर के नाम से बने जिस वॉट्सएप ग्रुप पर नए नवेले एसडीएम लोकेश कुमार जांगीर ने खुन्नस दिखाई है असल में उस ग्रुप में मंत्री, सांसद, विधायक, समाजसेवी से लेकर कई पत्रकार तक शामिल है। हैरानी की बात ये है कि इस मामले में सभी ने चुप्पी साध ली है।
कलेक्टर बोले-ये लोकसेवक की भाषा नहीं
श्योपुर कलेक्टर अभिजीत अग्रवाल ने एसडीएम द्वारा वॉट्सएप पर लिखे कमेंट को गलत बताते हुए कहा है कि यह लोक सेवक की भाषा नहीं है। उन्होंने कहा कि विजयपुर एसडीएम के अवकाश से लौटने पर उनका जवाब लिया जाएगा।
मुझे बेवजह तंग कर रहे हैं कुछ लोग
आईएएस लोकेश कुमार जांगीर ने भोपाल समाचार से बात करते हुए कहा कि शुरू से ही कुछ लोग मुझे टारगेट करके चल रहे हैं। दरअसल, उनके हितों की पूर्ति नहीं हो पा रही है। कुछ लोग जो अवैध लाभ उठा रहे थे, अब कार्रवाई की जद में आ गए हैं। मैं किसी से भेदभाव नहीं कर रहा। यदि किसी को इस तरह ट्रोल किया जाएगा तो कभी कभी गुस्सा आ ही जाता है। जल्द ही मैं छुट्टी से वापस आ रहा हूं। अपना काम करूंगा और जो न्यायोचित होगा कार्रवाई की जाएगी।

