Site icon अग्नि आलोक

मध्य प्रदेश बजट….कोई नया टैक्स नहीं, ग्रीन एनर्जी पर फोकस

Share

आज मध्य प्रदेश का बजट पेश हुआ। मध्य प्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 2022-23 के लिए 2,79,237 करोड़ रुपए का बजट पेश किया। विपक्ष के शोर-शराबे के बीच पेश किए गए इस बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट और आत्म निर्भर भारत के तहत नए रोजगार पर जोर दिया गया है। आइए जानते हैं कि मध्य प्रदश के बजट की कुछ खास बातें…

1. बजट पेश करते हुए मध्य प्रदेश के वित्तमंत्री ने कहाकि इस साल कोई भी नया टैक्स लागू नहीं किया जाएगा। वहीं मौजूदा टैक्सेसन सिस्टम में भी कोई बदलाव नहीं किया गया है। 

2. आने वाली पीढ़ियों को ध्यान में रखते हुए चाइल्ड बजट पेश किया गया है। इसमें शून्य से 18 साल के बच्चों का ध्यान रखा गया है। 

3. आदिवासियों को नौकरी के नए मौके देने के लिए ट्राइबल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन की स्थापना की जाएगी। इसी तरह शिड्यूल्ड कास्ट फाइनसें डेवलपमेंट कॉरपोरेशंस के लिए 40 करोड़ और 50 रुपए का प्रावधान अन्य पिछड़ी जातियों के लिए किया गया है।

4. मध्य प्रदेश में गायों की रक्षा और कल्याण के लिए एक नई योजना लागू की जाएगी। गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों में यहां कई जिलों में काऊ शेल्टर में गायों की मौत पर खासा हंगामा हुआ था। 

5. भोपाल में साल 2022-23 में दो नए इंडस्ट्रियल पार्क बनाए जाएंगे। वहीं ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए सागर, उज्जैन और शाजापुर में नए सोलर प्लांट लगाए जाएंगे। 

6. इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रमोट करने की भी योजना बनाई गई है। इसके लिए भोपाल, इंदौर और जबलपुर में 217 इलेक्ट्रॉनिक वाहन चार्जिंग स्टेशन लगाए जाने की योजना है। 
7. बजट में कर्मचारियों के कल्याण की बात भी कही गई है। इसके तहत डीए 30 फीसदी से बढ़ाकर 31 फीसदी कर दिया गया है। इससे 7.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। 

8. मध्य प्रदेश सरकार राज्य में ऑर्गेनिक फॉर्मिंग को बढ़ावा देने के लिए नई योजना ला रही है। एक लाख मीट्रिक फसलों को सुरक्षित रखने के लिए स्टोरेज की जगह बनाई जाएगी। 

9. बजट में 370 करोड़ रुपए का प्रावधान आदि शंकराचार्य की मूर्ति लगाने के लिए किया गया है। 


विपक्षी नेता करते रहे हंगामा

बता दें बजट से पूर्व विपक्ष के नेता कमलनाथ ने इसे झूठे वादों का पिटारा बताते हुए इसके बहिष्कार की घोषणा की। वहीं करीब 100 मिनट तक चले बजट भाषण के दौरान विपक्षी नेताओं ने युवाओं में गरीबी, एससी, एसटी, ओबीसी स्कॉलरशिप, उनके उत्पीड़न, नर्मदा नदी के संरक्षण और महिलाओं और अन्य के उत्पीड़न मुद्दा उठाते रहे। 

Exit mobile version