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मप्र चुनाव:निशा बांगरे का इस्तीफा मंजूर, क्या आमला से कैंडिडेट बदलेगी कांग्रेस? , JDU ने भी उतारे पांच उम्मीदवार

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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर पलटवार करते हुए कहा कि वह उनका (शिवराज सिंह) और सनातन धर्म का विरोध करते-करते इतने नीचे गिर गए हैं कि बेटियों की पूजा का विरोध कर रहे हैं। दिग्विजय ने एक दिन पहले नवरात्रि में कन्या पूजन का अनुष्ठान करने के लिए मुख्यमंत्री चौहान को ‘नाटकबाज’ करार दिया था। चौहान की ओर से किए गए पलटवार पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने मुख्यमंत्री पर कन्या पूजन जैसे पवित्र आध्यात्मिक कार्य पर भी वोट की राजनीति करने का आरोप लगाया।निशा बांगरे का इस्तीफा मंजूर, क्या आमला से कैंडिडेट बदलेगी कांग्रेस? उधर बिहार की सत्ताधारी जनता दल (यूनाइटेड) ने मध्य प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लिए मंगलवार को अपने पांच उम्मीदवारों की सूची जारी कर दी। जद (यू) की सहयोगी कांग्रेस मध्य प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से सत्ता छीनने की कोशिश कर रही है। जद (यू) के राष्ट्रीय महासचिव अफाक अहमद खान के एक बयान के अनुसार, मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए यह पार्टी की ओर से जारी पहली सूची है। मध्य प्रदेश में 17 नवंबर को सभी 230 सीट के लिए मतदान होगा। जद (यू) के पांच उम्मीदवारों में चंद्रपाल यादव (पिछोर), रामकुंवर रायकवार (राजनगर), शिव नारायण सोनी (विजय राघवगढ़), तोल सिंह भूरिया (थांदला) और रामेश्वर सिंगला (पेटलावद) शामिल हैं।

आमला सीट से चुनाव लड़ सकती हैं निशा बांगरे

विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए निशा बांगरे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। कोर्ट के आदेश के बाद मंगलवार को राज्य सरकार ने उनका इस्तीफा मंजूर कर लिया है। निशा बांगरे के कांग्रेस से चुनाव लड़ने की अटकलें थीं लेकिन कांग्रेस ने आमला सीट से उम्मीदवार की घोषणा कर दी है।

भोपाल: मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस 230 सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। छतरपुर जिले में पदस्थ डेप्युटी कलेक्टर निशा बांगरे का इस्तीफा मंजूर लेने के बाद सियासी अटकलें एक बार फिर से तेज हो गई हैं। निशा बांगरे के बैतूल जिले की आमला विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की अटकलें हैं। निशा बांगरे का इस्तीफा मंजूर होने के एक दिन पहले सोमवार को ही कांग्रेस ने आमला से अपना उम्मीदवार घोषित कर दिया है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या कांग्रेस आमला सीट से अपना प्रत्याशी बदल सकती है? अटकलों के बीच राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने अपने सोशल मीडिया में एक पोस्ट की है।

विवेक तन्खा ने लिखा- मध्य प्रदेश शासन ने सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट के आदेश के पालन में निशा बांगरे का त्याग पत्र स्वीकार कर लिए। विभागीय इनक्वायरी भी समाप्त कर दी सेंसर के साथ। अब निशा को अपनी आगे का रास्ता के बारे में सोचना पड़ेगा। कांग्रेस ने अपना उम्मीदवार अमला से एक दिन पूर्व घोषित कर चुकी है।

कौन है आमला से उम्मीदवार
कांग्रेस ने आमला विधानसभा सीट से मनोज माल्वे को उम्मीदवार बनाया है। कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव के लिए तीन लिस्ट में 230 सीटों के लिए कैंडिडेट्स घोषित किए हैं। पहली दो लिस्टों में कांग्रेस ने 229 सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिए थे केवल आमला सीट को होल्ड किया गया था। इस सीट के होल्ड आने के बाद माना जा रहा था कि कांग्रेस यहां से निशा बांगरे को टिकट दे सकती है लेकिन इस्तीफा मंजूर नहीं होने के कारण कांग्रेस ने अपना यहां से उम्मीदवार घोषित कर दिया।

क्या कांग्रेस बदलेगी उम्मीदवार
आमला विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार बदलती है या नहीं इसका फैसला पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को करना है। विवेक तन्खा ने जिस तरह से सोशल मीडिया में पोस्ट किया है उसके अनुसार कांग्रेस अब अपना उम्मीदवार बदलने वाली नहीं है।
क्यों हुई इस्तीफे में देरी
बालाघाट जिले की रहने वाली निशा बांगरे ने 12 सितंबर 2023 को अपना इस्तीफा दिया था, लेकिन राज्य सरकार ने उसे स्वीकार नहीं किया था। जिसके बाद उन्होंने भोपाल तक की पैदल यात्रा की थी। राज्य सरकार ने विभागीय जांच का हवाला देते हुए इस्तीफा स्वीकार करने में एक महीने से ज्यादा वक्त लिया। निशा बांगरे ने आमला में एसडीएस रहते हुए कई काम किए थे जिसके बाद वो आमला से ही चुनाव लड़ना चाहती थीं। हालांकि अब वो किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगी इसे लेकर स्थिति साफ नहीं हुई है।

‘आप’ से टिकट मिलने के बाद चुनाव लड़ने से किया इंकार

भोपाल: मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर आम आदमी पार्टी ने उज्जैन से विवेक यादव को टिकट दिया था। वे कांग्रेस से आप में आए थे। उन्होंने सोमवार को फिर कांग्रेस का हाथ थाम लिया है। आम आदमी पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ने से मना कर दिया है।

कमलनाथ और विवेक यादव

कांग्रेस में लगातार बगावत हो रही थी। लेकिन अब डैमेज कंट्रोल का दौर भी शुरू हो चुका है। कुछ दिन पहले कांग्रेस पार्टी से टिकट न मिलने से नाराज विक्की यादव ने आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया था। आम आदमी पार्टी की ओर से उज्जैन उत्तर से विक्की यादव को अपना प्रत्याशी भी घोषित कर दिया गया था। लेकिन सोमवार को पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ से मुलाकात के बाद विक्की यादव का मन बदल गया और उन्होंने फिर से कांग्रेस का हाथ थाम लिया।

उज्जैन उत्तर से कांग्रेस से दावेदारी जता रहे विक्की यादव टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर बागी हो गए थे। उन्होंने आम आदमी पार्टी का दामन थाम लिया था। जिसके बाद उन्हें आम आदमी पार्टी ने उज्जैन उत्तर से अपना प्रत्याशी भी बनाया था। लेकिन अब विक्की ने फिर कांग्रेस का हाथ थाम लिया है।

कांग्रेस नेता राजेश तिवारी ने बताया कि कांग्रेस पार्टी से नाराज चल रहे विवेक यादव की पीसीसी चीफ कमलनाथ और दिग्विजय सिंह से फोन पर बात हुई। जिसके बाद अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सचिव व प्रदेश सह प्रभारी कुलदीप इंदौरा उनसे मिलने उनके निवास पर गए थे। वे उन्हें अपने साथ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के पास भोपाल ले कर आए।

जहां कमलनाथ ने विवेक यादव को पार्टी हित में काम करने के लिए कहा। मध्य प्रदेश कांग्रेस प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने विवेक यादव के साथ एक वीडियो भी जारी किया। विवेक यादव ने कहा कि मैं टिकट नहीं मिलने से नाराज जरूर था किंतु कांग्रेस के वरिष्ठ नेता लगातार मुझसे संपर्क में थे। कमलनाथ और दिग्विजय सिंह ने पहले ही फोन के माध्यम से चर्चा की थी। इसके साथ ही कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी मेरे घर मुलाकात करने के लिए आए थे।

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