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छतरपुर डिप्टी कलेक्टर निशा बांगरे का इस्तीफा ,घर के शुभारंभ पर जाने से मध्यप्रदेश शासन ने रोका

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भोपाल।। छतरपुर में डिप्टी कलेक्टर और लवकुश नगर में SDM के पद पर पदस्थ रही निशा बांगरे ने बड़ा कदम उठाया है,निशा बांगरे ने बताया घर के शुभारंभ पर जाने से मध्यप्रदेश शासन ने रोका था जिस कारण मुझे नोकरी से मैने इस्तीफा दे दिया ,हालांकि चुनाव को लेकर जब बात की तो उन्होंने चुनाव लड़ने को लेकर अभी इनकार कर दिया।

*निशा बांगरे प्रशासनिक सेवा छोड़कर राजनीति में आने की इच्छा जता चुकी*

मध्यप्रदेश की राज्य प्रशासनिक सेवा की 2017 बैच की अधिकारी डिप्टी कलेक्ट निशा बांगरे ने जीएडी के प्रमुख सचिव को एक पत्र लिखकर अपनी धार्मिक भावनाओं को आहत किये जाने से दुःखी होकर पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने पत्र में लिखा है कि मेरे स्वयं के आवास के उद्घाटन में मेरी उपस्थिति नही होने देने के कारण में अत्यधिक आहत हूं। इस कार्यक्रम में विश्व शांति दूत तथागत बुद्ध की अस्थियों के भी दर्शन लाभ करने की अनुमति ना देने से मेरी धार्मिक भावनाएं आहत हुई है। इसलिये में 22 जून 20223 को अपने पद से इस्तीफा देती हूं।

    बता दे कि निशा बांगरे वर्तमान में लवकुश नगर की एसडीएम के पद पर कार्यरत है। जीएडी पीएस को लिखे पत्र में निशा बांगरे ने 25 जून को उनके घर के उदघाटन / शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होने छुट्टी नहीं देने और धार्मिक भावनाएं आहत करने का आरोप लगाया है। बांगरे ने अपने इस्तीफे की पुष्टि की।

    निशा बांगरे ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि थाईलैंड से भीमराव अंबेडकर की अस्थियां आनी हैं। इसीलिए एक कार्यक्रम के माध्यम से उसमें शामिल होना चाहती थी, लेकिन मध्य प्रदेश शासन ने छुट्टी नहीं दी। इसी वजह से उन्होंने इस्तीफा दिया है। फिलहाल शासन की तरफ से अभी तक उनका का इस्तीफा मंजूर नहीं किया गया है। यहां यह भी बता दें कि उन्होंने संविधान को साक्षी मानकर अपनी शादी की थी। निशा बांगरे प्रशासनिक सेवा छोड़कर राजनीति में आने की इच्छा जता चुकी है। निशा बांगरे के चुनाव लड़ने की भी अटकलें थीं, लेकिन इस बार उन्होंने इस्तीफा अवकाश नहीं मिलने की वजह से दिया है।

    निशा बांगरे ने विदिशा के इंजीनियरिंग कॉलेज से 2010 से 2014 के बीच पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की बहुराष्ट्रीय कंपनी में काम किया। इसके बाद 2016 में एमपी पीएससी की परीक्षा में उनका चयन डीएसपी के पद पर हुआ। इसके बाद 2017 में एमपी पीएससी में उनका चयन डिप्टी कलेक्टर के पद पर हुआ

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