अग्नि आलोक

*मध्य प्रदेश समाचार:कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने एडवांस फार्मिंग का बताया सीक्रेट,70 साल से ज्यादा के लोकतंत्र सेनानियों को मिलेंगे आयुष्मान कार्ड,मध्य प्रदेश के 15 जिलों में आज हैवी रेन का अलर्ट,बाबा महाकाल, हजारों भक्तों ने किए दर्शन*

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इंदौर में आरटीओ कर्मचारियों ने बुक की टैक्सी, ड्राइवर गाड़ी लेकर आया तो कर ली जब्त…

 इंदौर जिले में नियम विरुद्ध टैक्सी के रूप में उपयोग की जा रही निजी कारों पर बुधवार को आरटीओ द्वारा कार्रवाई की गई। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय की टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए यात्री बनकर निजी कारों को बुक किया। इन कारों में सवार होकर विजय नगर स्थित पुराने आरटीओ कार्यालय पहुंचे और यहां पर सभी कारों को जब्त कर लिया।

आरटीओ की कार्रवाई की जानकारी मिलते ही अन्य निजी वाहन चालक वाहन लेकर भाग गए। परिवहन विभाग को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ निजी वाहन चालक बगैर परमिट और पंजीकरण के टैक्सी सेवाएं दे रहे हैं। इसके कारण अधिकृत टैक्सी चालकों को नुकसान हो रहा है।

प्राइवेट कार को बना लिया टैक्सी

नियमों का उल्लंघन की शिकायत मिलने पर परिवहन विभाग की टीम ने टैक्सी बुक कर निजी नंबर प्लेट के वाहनों को उपयोग करते पाए जाने पर कार्रवाई की गई। आरटीओ प्रदीप कुमार शर्मा ने बताया कि एयरपोर्ट एवं उसके आसपास के क्षेत्र में लंबे समय से शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ निजी वाहन ड्राइवर बिना परमिट और पंजीकरण के टैक्सी सेवाएं दे रहे हैं। यह वाहन तय नियमों का उल्लंघन कर रहे थे, इसलिए उनको जब्त किया गया।

टैक्सी गाड़ियों में 
फिटनेस जरूरी

निजी कारों का टैक्सी के रूप में उपयोग परमिट बनाने के बाद ही किया जा सकता है। इन कारों का फिटनेस भी बनता है, ताकि यात्री की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। दस साल से पुरानी कार को टैक्सी परमिट नहीं दिया जाता है। वहीं स्पीड गवर्नर, पैनिक बटन भी अनिवार्य होता है।

इधर… हूटर लगे वाहनों 
से पुलिस ने वसूला जुर्माना

इंदौर शहर के सुगम, सुरक्षित, सुखद यातायात के लिए नागरिकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक लाने के उद्देश्य से नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई भी की जा रही है। इसी कड़ी में यातायात पुलिस के सूबेदार अमित कुमार यादव व टीम तेजाजी नगर क्षेत्र में यातायात प्रबंधन कर रहे थे। इस दौरान अनधिकृत हूटर लगे वाहनों की जांच भी की गई।

तीन वाहनों पर हूटर लगा होने पर रोका गया। परीक्षण करने पर अनधिकृत हूटर लगा होने के लिए तीन-तीन हजार का जुर्माना कर हूटर उतरवाया गया। यातायात नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई। पुलिस उपायुक्त यातायात प्रबंधन अरविंद तिवारी के दिशा-निर्देशन में यातायात प्रबंधन पुलिस द्वारा सघन यातायात जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।

इंदौर में आज भारी बारिश के आसार

इंदौर में आज भारी बारिश के आसार हैं, मौसम विभाग ने इसके लिए यलो अलर्ट जारी किया है। शहर में गरज-चमक के साथ भारी वर्षा हो सकती है और 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा की गति से हवा चल सकती है। विभाग के अनुसार, वर्तमान में उत्तर-पूर्व मध्य प्रदेश पर ऊपरी हवा का चक्रवात और बंगाल की खाड़ी पर एक चक्रवात सक्रिय है।

इंदौर शहर के पूर्वी हिस्से पर मेघ मेहरबान रहे। दोपहर दो बजे बाद रीगल, विजयनगर, पलासिया क्षेत्र में करीब डेढ़ घंटे तक वर्षा हुई। रीगल क्षेत्र स्थित मप्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के वेदर स्टेशन पर दोपहर सवा दो से सवा तीन बजे तक एक घंटे में 15 मिमी वर्षा दर्ज हुई। शाम सवा छह से साढ़े आठ बजे पांच मिमी वर्षा हुई। हालांकि दोपहर में एयरपोर्ट क्षेत्र में कम वर्षा हुई। एयरपोर्ट स्थित वेदर स्टेशन पर रात 8.30 बजे तक पांच मिमी वर्षा दर्ज हुई।

मौसम विज्ञानियों के मुताबिक गुरुवार को इंदौर के अधिकांश हिस्सों में गरज-चमक के साथ भारी वर्षा होने की आशंका है। इसको लेकर मौसम विभाग ने यलो अलर्ट भी जारी किया है। इस दौरान शहर में 30 से 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से हवा चल सकती है।

किसान और वैज्ञानिक की साझेदारी से खेती में क्रांति

 इंदौर में सोयाबीन की उन्नत किस्मों, आधुनिक कृषि तकनीकों और उपकरणों पर चर्चा के लिए कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए। उन्होंने किसानों और वैज्ञानिकों के साथ में काम करने के फायदे बताए। मंत्री चौहान ने खुद ट्रैक्टर चलाकर खेती की नई तकनीक के अनुभव साझा किए।

लैब में बैठा वैज्ञानिक और खेत में पसीना बहाता किसान, ये दोनों अक्सर अलग-अलग रहते हैं। अगर ये एक साथ बैठें और विचार करें, तो खेती में कई गुना तेजी से प्रगति हो सकती है। ये बात गुरुवार को केंद्रीय कृषि
दरअसल, जिले में स्थित आईसीएआर-राष्ट्रीय सोयाबीन अनुसंधान संस्थान में कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान शामिल हुए। इस आयोजन में देशभर के कृषि वैज्ञानिकों के साथ-साथ मध्यप्रदेश, राजस्थान, तेलंगाना और गुजरात के किसानों ने भी भाग लिया।

कमरे में नहीं खेत में जाकर देखी प्रक्रिया

कार्यक्रम के दौरान चौहान ने उन्नत किस्मों की सोयाबीन खेती और नई तकनीकों का निरीक्षण किया। उन्होंने खुद खेत में जाकर आधुनिक मशीनों से बुआई की प्रक्रिया भी देखी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार अब पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर वैज्ञानिक विधियों को किसानों तक पहुंचाने पर जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि कृषि वैज्ञानिक गांव-गांव जाकर सर्वे कर रहे हैं। फसल रोगों का विश्लेषण कर इलाज सुझा रहे हैं और किसानों को प्रशिक्षित कर रहे हैं।

सोयाबीन एमएसपी की दी जानकारी

मंत्री ने जानकारी दी कि केंद्र सरकार ने सोयाबीन का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 5300 रुपए प्रति क्विंटल तय किया है। साथ ही उसकी खरीद की गारंटी भी दी जाएगी। इसके अलावा बिहार की लीची और उत्तर प्रदेश के गन्ना सहित करीब 30 फसलों पर वैज्ञानिक शोध और सुधार कार्य जारी हैं।

पाम ऑयल पर बोले कृषि मंत्री

मंत्री चौहान ने पाम ऑयल आयात पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि सरकार आयात-निर्यात नीतियों में किसान और उपभोक्ता दोनों का हित ध्यान में रखकर निर्णय लेती है। चौहान ने माना कि भारत में खाद्य तेलों की कमी को पूरा करने के लिए आयात जरूरी हो जाता है। लेकिन इंपोर्ट ड्यूटी लगाकर घरेलू किसानों को भी संरक्षण दिया जा रहा है।

खुद ट्रैक्टर चलाकर दिखाई नई तकनीक

चौहान ने यह भी कहा कि मध्यप्रदेश में खेतों के लिए मजदूर मिलना कठिन होता जा रहा है। ऐसे में आधुनिक उपकरणों की जरूरत और उनकी उपलब्धता पर तेजी से काम हो रहा है। उन्होंने खुद ट्रैक्टर चलाकर नई बुआई तकनीक का अनुभव भी साझा किया और किसानों को प्रोत्साहित किया कि वे वैज्ञानिकों से संवाद करें और आधुनिक पद्धतियों को अपनाएं।

70 साल से ज्यादा के लोकतंत्र सेनानियों को मिलेंगे आयुष्मान कार्ड, सीएम मोहन यादव का एलान

भोपाल में मीसाबंदियों के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 70 वर्ष से ऊपर के लोकतंत्र सेनानियों को आयुष्मान कार्ड और एम्बुलेंस सुविधा देने की घोषणा की। कार्यक्रम में कर्नाटक व हरियाणा के पूर्व राज्यपालों को सम्मानित किया गया। 700 मीसाबंदी परिवार कार्यक्रम में शामिल हुए।

मीसाबंदियों के सम्मान समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने फ्री इलाज के लिए 70 वर्ष से ऊपर के लोकतंत्र सेनानियों को आयुष्मान कार्ड देने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लोकतंत्र सेनानियों को इलाज के लिए बड़े अस्पताल या शहर जाने के लिए एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। वहीं रोजगार संबंधी योजनाओं में पात्रता पाए जाने पर उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। इससे पहले मुख्यमंत्री ने कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत और हरियाणा के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी को ताम्रपत्र देकर सम्मानित किया।

मुख्यमंत्री निवास में आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम में सीएम ने कहा संविधान के हत्यारे संविधान बचाने की बात करें तो ये कैसे सहेंगे। जिन्होंने अंबेडकर के साथ अन्याय किया वो अंबेडकर की बात करते हैं। कांग्रेस के अतीत के साथ लोकतंत्र के विरोधियों से हम सब निपटते रहेंगे। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौर में आप लोगों ने जो कीमत चुकाई उसका अंदाज लगा लो, 1947 में देश आजाद हुआ, पर पड़ोसी पाकिस्तान हमसे एक दिन पहले आजाद हुआ।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता अब तक नहीं सुधरी। आज के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को पूरा देश देख रहा है। दूसरी तरफ 50 साल तक विपक्ष के नेता की भूमिका में अटलजी ने आदर्श स्थापित किए। अब ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब दिया, लेकिन पाकिस्तान के प्रधानमंत्री से लेकर ट्रम्प तक जो नहीं बोल पाए वो बात हमारे देश के नेताओं ने बोलकर सेना पर सवाल उठाए। देश लोकतंत्र सेनानियों द्वारा 50 साल पहले किए गए कामों को याद रखेगी।

मीसाबंदियों के लिए मप्र में सबसे अधिक सुविधाएं, चौहान को बधाई
कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने कहा कि 12 राज्यों में लोकतंत्र सेनानियों को कई योजनाओं का लाभ मिल रहा है, लेकिन मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा सुविधाएं दी जा रही हैं। इसके लिए शिवराज सिंह चौहान को बधाई देता हूं और मध्य प्रदेश सरकार के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। सेनानियों को जो ताम्र पत्र दे रहे हैं वह लोकतंत्र सेनानियों की आने वाली पीढ़ियां को आपातकाल की याद दिलाने का माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि अपना देश दुनिया का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। इस लोकतंत्र के लिए आप सब ने योगदान दिया। आपातकाल के दौरान लगभग 46 से अधिक अध्यादेश जारी हुए। संविधान के अनुच्छेद 38, 39 और 42 में ऐसे संशोधन किए जिनके माध्यम से संविधान को शिथिल कर दिया। देश की आजादी खत्म कर दी और लोगों के अधिकार समाप्त कर दिए। इस बात की जानकारी भावी पीढ़ी को देने की जरूरत है।

ग्लोबल वॉर्मिंग के संतुलन में भूमिका निभाएं
गहलोत ने कहा कि आप लोग अपने गांव, क्षेत्र में लोगों को बताएं जिस तरह स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने आजादी दिलाने के लिए काम किया था, उसी संकल्प को लेकर वर्तमान सरकार काम कर रही है। आज विश्व स्तर पर ग्लोबल वॉर्मिंग बड़ी समस्या है। इसके संतुलन में आप अपनी भूमिका निभाएं। देश की अर्थव्यवस्था सुदृण हुई है, दुनिया के देशों की तुलना में हमारी अर्थव्यवस्था चौथे स्थान पर पहुंची है। इसको तीसरे स्थान पर लाने का संकल्प भारत सरकार ने लिया है। मैं आपसे अनुरोध करता हूं। क्या आप सहयोग और समर्पण कर सकते हैं। अर्थव्यवस्था को सुधारने में मदद करें।

लोकतंत्र का करिश्मा है, जो जेल जाने वाले राज्यपाल बने
कार्यक्रम में पूर्व राज्यसभा सदस्य कैलाश सोनी ने कहा कि लोकतंत्र सेनानियों की तपस्या के कारण आज देश में लोकशाही स्थापित है। ये लोकशाही का करिश्मा है कि जिन्हें लोकतंत्र की हत्या करके जेल भेजा गया, वे आज लोकशाही में राज्यपाल बने हैं। एक व्यक्ति की सत्ता की भूख ने सारे देश को कारागार बना दिया था। गांधी के बराबर जिनकी प्रतिष्ठा थी ऐसे जयप्रकाश नारायण, अटल जी, राजमाता सिंधिया और कई नेता जेल में बंद किए गए। काश उस वक्त ये पूछा जाता कि कैबिनेट का फैसला कहां है? तो देश को आपातकाल को नहीं झेलना पड़ता। यदि कांग्रेस के लोग इंदिरा गांधी के फैसले का विरोध करते तो देश को इमरजेंसी नहीं देखना पड़ती।

अब 12 राज्यों में दी जा रही सम्मान निधि
सोनी ने कहा कि मध्य प्रदेश सरकार ने साल 2008 में मीसाबंदियों को सम्मान निधि देने की शुरुआत की थी। वहीं आदेश लेकर हम देश के सभी राज्यों में गए और अब तक 12 राज्यों में सम्मान निधि देने की व्यस्था हो गई है।

प्रदेशभर से 700 मीसाबंदी परिवार कार्यक्रम में हुए शामिल
कार्यक्रम में पूरे मप्र से 700 मीसाबंदी अपने परिवारजनों के साथ शामिल हुए हैं। जिन्हें सम्मानित किया जा रहा है। लोकतंत्र सेनानी संघ के अध्यक्ष तपन भौमिक ने बताया कि भोपाल में कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, हरियाणा के पूर्व राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी को ताम्र पत्र दिया गया है। अन्य मीसाबंदियों को उनके जिले में प्रभारी मंत्री मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर ताम्र पत्र सौंपेंगे। उन्होंने बताया कि यह कार्यक्रम इसी स्थान पर पिछले 11 साल से हो रहा है। कार्यक्रम में मंत्री विश्वास सारंग, कृष्णा गौर, गौतम टेटवाल, तुलसी सिलावट, विधायक रामेश्वर शर्मा, अजय बिश्नोई और भगवान दास सबनानी मौजूद रहे।

मध्य प्रदेश के 15 जिलों में आज हैवी रेन का अलर्ट, भोपाल, इंदौर-जबलपुर में भी होगी बारिश

गुरुवार को भी 15 में जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है बालाघाट-अलीराजपुर में 24 घंटे में 8 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं, 13 जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इससे पहले बुधवार को प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई।

मध्य प्रदेश में मानसूनी बारिश का दौर जारी है। कई जिले में भारी बारिश से नदी नाले उत्पन्न में। गुरुवार को भी 15 में जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है बालाघाट-अलीराजपुर में 24 घंटे में 8 इंच तक बारिश हो सकती है। वहीं, 13 जिलों में भारी बारिश की संभावना है। इससे पहले बुधवार को प्रदेश के 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। भोपाल में पुरानी बिल्डिंग का हिस्सा गिरने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि आकाशीय बिजली गिरने से टीकमगढ़ में 16 बकरियों की जान चली गई। सीहोर में इतनी बारिश हुई कि सड़कों पर खड़ी गाड़ियां आधी डूब गईं।

आज इन जिलों में बारिश का अरेंज और यलो अलर्ट
गुरुवार को जिन जिलों में भारी बारिश का अलर्ट है, उनमें नीमच, मंदसौर, झाबुआ, धार, सीहोर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सतना, मैहर, पन्ना, सिवनी और मंडला शामिल हैं। बालाघाट और अलीराजपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। वहीं, भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत अन्य जिलों में बारिश का यलो अलर्ट है।

 सतना में सबसे ज्यादा 2.2 इंच हुई बारिश
 बुधवार को प्रदेश के 26 जिलों में बारिश हुई। सतना में सबसे ज्यादा 2.2 इंच पानी गिर गया। छतरपुर के खजुराहो में 1.7 इंच, भोपाल में 1.4 इंच, खरगोन में 1 इंच, छतरपुर के नौगांव और सीधी में आधा इंच बारिश हुई।वहीं, दतिया, बैतूल, गुना, ग्वालियर, नर्मदापुरम, इंदौर, रतलाम, शिवपुरी, उज्जैन, छिंदवाड़ा, जबलपुर, मंडला, नरसिंहपुर, रीवा, उमरिया, सीहोर, कटनी, टीकमगढ़, श्योपुर, शाजापुर, धार, डिंडोरी में भी बारिश का दौर जारी रहा। रात में कई जिलों में बारिश हुई।

प्रदेश के बीचों बीच से गुजर रही ट्रफ

मौसम विभाग के अनुसार, एक ट्रफ प्रदेश के बीचोंबीच से गुजर रही है। वहीं, साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी एक्टिव है। इस वजह से प्रदेश में बारिश का दौर चल रहा है। मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि अगले 4 दिन तक प्रदेश के कई जिलों में अति भारी या भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। मानसून एक्टिव होने के बाद तेज बारिश

बता दें कि इस बार देश में मानसून 8 दिन पहले ही आ गया था। वहीं, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों में यह तय समय से पहले पहुंच गया। ऐसे में अनुमान था कि मध्यप्रदेश में यह जून के पहले सप्ताह में ही आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। पिछले 15 दिन से मानसून महाराष्ट्र-छत्तीसगढ़ में एक ही जगह पर ठहरा रहा। इस वजह से एमपी में इसकी एंट्री नहीं हो पाई। 13-14 जून को मानसून आगे बढ़ा। बावजूद यह प्रदेश में 1 दिन लेट हो गया। हालांकि, 3 दिन में ही मानसून ने प्रदेश के 53 जिलों को कवर कर लिया। वहीं, एक के ठहराव के बाद बाकी बचे 2 जिले- भिंड और मऊगंज में भी मानसून एंटर हो गया। इस तरह 5 दिन में ही मानसून ने पूरे प्रदेश को कवर कर लिया। एमपी में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून ही है। पिछले साल यह 21 जून को एंटर हुआ था। मानसून के एक्टिव होने के बाद से ही पूरे प्रदेश में तेज बारिश का दौर चल रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि जून की सामान्य बारिश का आंकड़ा मानसून पार कर लेगा।

अगले 4 दिन ऐसा रहेगा मौसम

26 जून : बालाघाट, अलीराजपुर में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। 24 घंटे में यहां 8 इंच तक पानी गिर सकता है। नीमच, मंदसौर, झाबुआ, धार, सीहोर, विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सतना, मैहर, पन्ना, सिवनी और मंडला में भारी बारिश हो सकती है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत अन्य जिलों में बारिश का यलो अलर्ट है।

27 जून : शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, सिवनी में भारी बारिश का अलर्ट है। अन्य जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहेगा।

28 जून : ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, रीवा, जबलपुर, मंडला, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सीहोर, विदिशा, राजगढ़ में भारी बारिश की चेतावनी है। अन्य जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।

29 जून : ग्वालियर, शिवपुरी, नर्मदापुरम, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, शहडोल, मैहर, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश का अलर्ट है। भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर समेत अन्य जिलों में बारिश का यलो अलर्ट है।

किस गैंग के निशाने पर है शताब्दी एक्सप्रेस, फिर हुआ पथराव

घटना की सूचना मिलने पर रेलवे पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। हालांकि, अब तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि इन घटनाओं के पीछे किस बदमाश गैंग का हाथ है। रेलवे जनसंपर्क अधिकारी मनोज सिंह ने बताया कि बुधवार शाम को घटना की जानकारी मिली थी। यात्रियों से जानकारी लेकर आरपीएफ ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बता दें कि पिछले एक सप्ताह में शताब्दी एक्सप्रेस पर यह पांचवीं पथराव की घटना है। मंगलवार को विदिशा के पास मंडी बामौरा स्टेशन के समीप बरेठ और कल्हार के बीच ट्रेन पर पत्थर फेंके गए थे, जिसमें C4 कोच की खिड़की का कांच टूट गया था। रविवार रात ग्वालियर स्टेशन पार करने के बाद, बिरला नगर और रायरू स्टेशन के बीच ट्रेन पर पथराव हुआ था, जिसमें AC कोच C5 की खिड़की क्षतिग्रस्त हो गई थी। इस घटना में साइड विंडो सीट पर बैठी महिला यात्री बुरी तरह घबरा गई थी। लगातार हो रही इन घटनाओं से यात्री डरे हुए हैं। रेलवे प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों पर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।

ग्वालियर से बेंगलुरु के लिए सीधी ट्रेन सेवा शुरू, सीएम मोहन यादव और सिंधिया ने दिखाई हरी झंडी

ग्वालियर से भोपाल आने-जाने वाली शताब्दी एक्सप्रेस पर पथराव की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। बीते पांच दिन में ट्रेन पर पथराव की पांच घटनाएं हो चुकी हैं। ताजा मामला भोपाल से दिल्ली जा रही शताब्दी एक्सप्रेस का है, जिस पर एक बार फिर ललितपुर से झांसी के बीच पथराव हुआ। अज्ञात बदमाशों ने C6 कोच पर पत्थर बरसाए, जिससे कोच की खिड़की का कांच टूट गया। घटना के बाद कोच में बैठे यात्रियों में दहशत फैल गई और भय का माहौल बन गया।

ट्रेन का शुभारंभ ग्वालियर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 4 से किया गया। उद्घाटन समारोह में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वर्चुअली शामिल हुए। हरी झंडी दिखाने के बाद ट्रेन ग्वालियर से रवाना हुई और 28 जून की सुबह एसएमवीटी बेंगलुरु पहुंचेगी। यह पहली ट्रेन है जब ग्वालियर से शिवपुरी गुना, अशोकनगर होते हुए बेंगलुरु पहुंचेगी। यहां के लोग ट्रेन के चलने से बेहद खुश हैं क्योंकि ट्रेन से शिक्षा, व्यापार के साथ साथ आम लोगों को बहुत सुविधा मिलेगी।

ग्वालियर से रवाना होने के बाद यह ट्रेन शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, बीना, विदिशा और भोपाल में रुकेगी। यहां से नागपुर होते हुए बेंगलुरु पहुंचेगी। यह दूरी लगभग 40 घंटे में पूरी होगी। इसमें कुल 22 कोच हैं। इनमें स्लीपर, एसी जनरल और इकोनॉमी क्लास शामिल हैं।

बता दें केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ग्वालियर से बेंगलुरु के बीच एक नई ट्रेन को मंजूरी दी है। इसके लिए गुना सांसद और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और ग्वालियर सांसद भारत सिंह कुशवाह के बीच श्रेय की जंग छिड़ी हुई है। दोनों ही सांसद इसे अपनी उपलब्धि बता रहे हैं।

भांग से श्रृंगार, त्रिपुंड लगाकर सजे बाबा महाकाल, हजारों भक्तों ने किए दर्शन

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आषाढ़ माह शुक्ल पक्ष की प्रथमा तिथि पर गुरुवार को बाबा महाकाल का पंचामृत पूजन-अभिषेक कर विशेष श्रृंगार किया गया। श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल को भस्म रमाई गई। हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शनों का लाभ लिया, इस दौरान मंदिर परिसर “जय श्री महाकाल” के उद्घोष से गूंज उठा।

कालों के काल, विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि भस्म आरती के लिए सुबह चार बजे मंदिर के पट खुलते ही पंडे-पुजारियों ने गर्भगृह में स्थापित सभी देव प्रतिमाओं का पूजन कर भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से बाबा महाकाल का अभिषेक किया गया। प्रथम घंटाल बजाकर “हरि ओम” का जल अर्पित किया गया। कपूर आरती के बाद बाबा महाकाल को फूलों की माला पहनाई गई। आज के श्रृंगार की विशेष बात यह रही कि बाबा महाकाल को भांग से श्रृंगारित कर त्रिपुंड लगाया गया। साथ ही मोगरे की माला अर्पित कर उन्हें नवीन मुकुट से सजाया गया। इसके बाद महानिर्वाणी अखाड़े द्वारा बाबा को भस्म रमाई गई और कपूर आरती कर भोग अर्पित किया गया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे, जिन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और भक्ति भाव में लीन होकर “जय श्री महाकाल” के जयघोष लगाए।

आषाढ़ शुक्ल पक्ष की प्रथमा तिथि से गुप्त नवरात्रि की शुरुआत होती है। आज, 26 जून गुरुवार को आषाढ़ गुप्त नवरात्रि प्रारंभ हो गई है, जो 9 दिन बाद 4 जुलाई को समाप्त होगी। यह नवरात्रि विशेष रूप से तांत्रिक और आध्यात्मिक साधना के लिए जानी जाती है। गुप्त नवरात्रि साधकों और संतों के लिए अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है। मान्यता है कि इस काल में की गई साधना से अनेक प्रकार के कष्टों से मुक्ति प्राप्त होती है और साधक दुर्लभ शक्तियों को प्राप्त कर सकता है।

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