कादरी के घर बुलडोजर चलाने की तैयारी, विजयवर्गीय बोले छोड़ेंगे नहीं, शहर गुस्से से उबल रहा
इंदौर के कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी लव जिहाद के केस में फरार हैं। वे परिवार के साथ घर से कहीं जा चुके हैं और पुलिस लगातार सुबह शाम उन्हें पकड़ने के लिए छापे मार रही है। कल मुख्यमंत्री मोहन यादव ने पुलिस को कादरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का कहा था। आज मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने भी कादरी पर सख्त एक्शन के लिए कहा है। नगर निगम सूत्रों के मुताबिक जल्द ही कादरी के घर पर बुलडोजर चलाया जा सकता है। वहीं दूसरी तरफ कादरी के विरोध में कई जगह प्रदर्शन हो रहे, शहर के लोग उसे जल्द पकड़ने और सख्त सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।

मंत्री बोले कादरी जैसे अपराधियों को सख्त सजा मिलेगी
मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने आज कहा कि अनवर कादरी पर सिमी से जुड़े होने के भी आरोप लग चुके हैं। कई प्लाट और मकानों पर भी उसने बलपूर्वक कब्जे किए हैं। इस तरह के आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को बक्शा नहीं जाएगा।
अनवर डकैत के नाम से पहचाना जाता है पार्षद
पुलिस ने बताया कि इस मामले में कांग्रेस के पार्षद अनवर कादरी को भी सह आरोपी बनाया गया है। इस पूरे षडयंत्र में वह मुख्य व्यक्ति है। पुलिस ने बताया कि कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी को अनवर डकैत के नाम से भी जानते हैं। उस पर पुलिस ने लव जिहाद में आरोपियों की मदद करने और हिंदू लड़कियों को देह का व्यापार कराने के लिए उकसाने के मामले में केस दर्ज किया है।
कितने पैसे देता था पार्षद
बाणगंगा थाने के टीआई सियाराम गुर्जर ने बताया कि आरोपियों ने यह बात बताई है कि कांग्रेस का पार्षद अनवर कादरी मुस्लिम लड़कों को हिन्दू लडकियों को फंसाने के लिए लाखों रुपए देता था। इनमें से एक आरोपी को एक लाख और दूसरे को दो लाख रुपए दिए गए थे। इन पैसों से आरोपी हिन्दू लड़कियों को महंगे गिफ्ट दिलवाते थे और घुमाने ले जाते थे। पुलिस ने बताया कि साहिल पेंटर है और अल्ताफ मैकेनिक है।
शादी के बाद लाखों रुपए और मिलते
दोनों आरोपियों ने बताया कि निकाह करके जब हम उन लड़कियों को मुस्लिम बना देते तो हमें पार्षद अनवर कादरी लाखों रुपए और देता। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी पार्षद से 10 से 12 मुलाकात कर चुके थे। वह किश्तों में उससे तीन लाख रुपए ले चुके थे।
लड़कियों को कैसे फंसाया
साहिल और अल्ताफ ने पुलिस को बताया कि हमने इंस्टाग्राम पर अर्जुन और राज के नाम से प्रोफाइल बनाई। इसके बाद हिन्दू लड़कियों को फंसाना शुरू किया। जब हम दोनों से दो हिन्दू लड़कियां फंस गई तो हम पार्षद अनवर कादरी के पास पहुंचे। हमें पता था कि पार्षद हिन्दू लड़कियों को फंसाने पर बहुत पैसे देता है। दोनों ने बताया कि जब हम पार्षद के पास पहुंचे तो उसने मोबाइल में हिन्दू लड़कियों के फोटो देखे और इसके बाद हमें पैसे भी दिए। इन पैसों से हमने लड़कियों को महंगे मोबाइल दिलाए और खूब गिफ्ट दिए। हम उन्हें घुमाने भी ले जाते थे।
कैसे हुआ खुलासा
इन लड़कों ने हिन्दू लड़कियों को फंसाने के बाद अपने दोस्तों को इन लड़कियों के फोटो दिखाए। इनके ही किसी दोस्त ने यह फोटो हिन्दू संगठनों को पहुंचा दिए। हिन्दू संगठनों ने इन लड़कों को पकड़ा और इनसे पूछताछ की। इसके बाद इन लड़कियों के परिवार वालों को इसकी जानकारी दी और उन्हें पुलिस के पास जाने के लिए कहा।
बड़ा सवाल – कहां से आई फंडिंग
पुलिस के सामने यह बड़ा सवाल है कि पार्षद अनवर कादरी इतना पैसा कहां से लाता था। एक लड़की को फंसाने के लिए वह लाखों रुपए दे रहा था। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस पूरे रैकेट में कौन कौन लोग हैं।
पुलिस मार रही छापे
पुलिस कादरी को पकड़ने के लिए लगातार छापे मार रही है। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ साल से अपने घर पर नहीं रहता है। उसने हाल ही में नया घर लिया है जहां पर वह रहता है। उसका परिवार पुराने घर में ही रहता है।
पार्षद पर दर्ज हैं कई केस
पार्षद अनवर कादरी उर्फ अनवर डकैत पर पूर्व से ही कई दर्जन मामले दर्ज हैं। अनवर कादरी पहले कई तरह के व्यापार कर चुका है। बाद में वह राजनीति में आया और कांग्रेस में शामिल हुआ। पिछले साल 24 फरवरी 2024 को अपने पड़ोसी से हुए विवाद के बाद वह अपनी लाइसेंसी बंदूक लेकर घर में घुस गया था। इसके बाद पीड़ित की शिकायत पर आरोपी पार्षद कादरी जेल भी जा चुका है। वहीं पिछले दिनों ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किए गए प्रदर्शन के दौरान पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाने के मामले में सदर बाजार पुलिस ने पार्षद कादरी पर देश विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने का मामला दर्ज किया था और जेल भेज दिया था।
भाजपा ने कहा कांग्रेस इस्तीफा क्यों नहीं ले रही
इस मामले में बीजेपी के नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने भी अपना बयान जारी किया है। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को तुरंत पार्षद अनवर कादरी का इस्तीफा लेना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्या कांग्रेस के पार्षद अब हिंदू बेटियों को लव जिहाद के मामले में फंसाने के लिए फंडिंग करने का कार्य कर रहे हैं। पूर्व की कमलनाथ सरकार में पार्षद कादरी को बंदूक का लाइसेंस दिया गया था जिसे जल्द से जल्द निरस्त करने की मांग भी नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने की है।
केस की फैक्ट फाइल समझिए-
कब सामने आया मामला
ये पूरा मामला 14 जून 2025 शनिवार को सामने आया। इसके बाद पुलिस ने अपनी जांच आगे बढ़ाई।
कितने आरोपी
इस केस में मुख्य रूप से तीन आरोपी हैं। दो युवक साहिल शेख और अल्ताफ (गिरफ्तार) को गिरफ्तार किया जा चुका है जबकि पार्षद अनवर कादरी अभी फरार चल रहा है।
कबसे चल रही थी साजिश
इस केस को लेकर पुलिस की तफ्तीश में सामने आया है कि युवक एक साल से युवतियों के संपर्क में थे।
कितने पैसे दिए गए
अभी तक जो रकम सामने आई है वो करीब तीन लाख रुपए है जो कादरी ने युवकों को दी है।
कितनी लड़कियों को फंसाया
केस में अभी तक दो लड़कियां सामने आईं है। पुलिस के अनुसार इसमें और भी लड़कियां सामने आ सकती हैं। फिलहाल जांच जारी है। बाकी का खुलासा कादरी के हिरासत में आने के बाद होगा।
पुलिस जांच में क्या मिला
2 आरोपी युवकों के मोबाइल में कई हिन्दू लड़कियों के फोटो और वीडियो
आगे क्या होगा
2 आरोपी युवकों को कोर्ट में पेश किया, पुलिस रिमांड ली जाएगी। पार्षद के पकड़ाने पर और भी खुलासे होंगे।
सोनम ने मां के नाम कराया कंपनी का रजिस्ट्रेशन, हवाला के कारण राज से बढ़ी नजदीकी
शिलांग में हुए राजा रघुवंशी हत्याकांड में रोज नए खुलासे हो रहे है। हत्याकांड के सबूत जुटाने शिलांग से आए अफसरों को यह भी पता चला है कि सोनम ने अपनी मां के नाम पर एक कंपनी का रजिस्ट्रेशन कराया था। मां के नाम का करंट अकाउंट भी बैंक में खोला गया था और सोनम उसे अकाउंट में पैसे का लेनदेन भी कर रही थी। सोनम की मां के अकाउंट में अभी भी छह लाख जमा है।
राजा रघुवंशी के परिजनों का आरोप है कि सोनम की मां को भी राजा हत्याकांड की योजना की जानकारी थी लेकिन उन्होंने अपनी बेटी को बचाने के खातिर इस बात को छुपाए रखा।उधर सोनम की एक सहेली का नाम भी इस हत्याकांड में उछल रहा है। परिजनों का कहना है कि पुलिस को उसकी सहेली से भी पूछताछ करना चाहिए। सहेली को भी हत्याकांड की जानकारी पता होगी। फिलहाल पुलिस ने इसकी जांच शुरू कर दी है हालांकि अभी सहेली से किसी तरह की पूछताछ नहीं की गई है।
नए बिजनेस में साथ देने से आए करीब
सोनम गोविंदा के प्लाईवुड के कारोबार में मदद करती थी लेकिन बाद में उसने हवाला का कारोबार भी शुरू कर दिया। इस कारोबार में राज पूरी ईमानदारी के साथ सोनम के काम कर रहा था और इससे सोनम का फायदा भी हो रहा था। इस कारोबार के चलते ही पांच माह में पहले राज और सोनम करीब आए थे। सोनम ने स्कीम नंबर 54 में एक नया दफ्तर भी दो माह पहले खोला था। वहां सात कर्मचारियों का स्टाफ भी रखा था।जिसमें ज्यादातर युवतियां थी। आसपास के लोगों को बताया गया था कि दफ्तर में शेयर से जुड़ा काम होता है लेकिन यहां पर हवाला का कारोबार चल रहा था।शिलांग की पुलिस ने इसकी भी जांच की है।
बुर्का पहन कर भागी थी इंदौर से सोनम
सोनम इंदौर से बुर्का पहन कर कार से उत्तर प्रदेश के लिए भागी थी। कार का चालक अपने साथ एक अन्य दोस्त को भी ले गया था। सोनम ने गाजीपुर जाने से पहले तीन-चार बार कार रुकवाई थी और कुछ काॅल किए थे। ड्रायवर उसे गाजीपुर बाइपास पर छोड़कर चले गया था।अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करें
इंदौर के इन पर्यटक स्थलों पर प्रतिबंध, कलेक्टर ने जारी किए आदेश
मानसून के मौसम के साथ ही इंदौर और इसके आसपास के क्षेत्रीय पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ बढ़ने लगी है। तिंछा फॉल, पातालपानी, सीतलामाता फॉल, कजलीगढ़, मोहाड़ी फॉल और हत्यारी खो जैसे 100 से अधिक पर्यटन स्थल पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहे हैं। खासकर वीकेंड पर यह स्थल सैकड़ों पर्यटकों से भरे रहते हैं, जो इन स्थानों की हरियाली और प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने आते हैं लेकिन इन खूबसूरत स्थलों के साथ एक खतरनाक पहलू भी जुड़ा हुआ है, यानी इन स्थलों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजामों की कमी। इसी के मद्देनजर आज कलेक्टर आशीष सिंह ने कई पर्यटक स्थलों पर जाने का प्रतिबंध लगा दिया है। यह प्रतिबंध तिंछा फॉल, चोरल फॉल, चोरल डेम, सीतलामाता फॉल, कजलीगढ़, मेहंदी कुण्ड, जामन्या कुण्ड, मोहाडी फॉल, रतबी वॉटरफॉल, लोहिया कुण्ड, जूनापानी, चिड़िया भड़क, बामनिया कुण्ड, जोगी भड़क, हत्यारी खो आदि जैसे जलप्रपातों एवं एकांत पर्यटन स्थलों पर लागू होगा। यदि कोई गया तो उस पर केस दर्ज किया जाएगा।
पुलिस प्रशासन ने लिया सख्त कदम
इंदौर के डीआईजी ग्रामीण निमिष अग्रवाल ने इस गंभीर स्थिति को देखते हुए सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के खतरनाक पिकनिक स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती करें। खासकर वीकेंड पर इन स्थानों की निगरानी जरूरी कर दी गई है। इसके अलावा, ग्राम रक्षा समिति को भी इस कार्य में सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए गए हैं। ग्राम रक्षा समिति के 100 से अधिक सदस्य स्थानीय इलाकों की जानकारी रखते हुए सुरक्षा में मदद करेंगे।
पहले भी हो चुके हैं कई बड़े हादसे
इंदौर के प्रमुख पिकनिक स्थलों जैसे पातालपानी और तिंछा फॉल पर कई हादसे हो चुके हैं। 2021 में तिंछा फॉल पर फिसलने से तीन युवकों की मौत हो गई थी। पातालपानी जैसे प्रसिद्ध जलप्रपातों में जलस्तर बढ़ने और फिसलन के कारण कई बार हादसे हो चुके हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने पहले चेतावनी बोर्ड, रस्सियों और बैरिकेड्स लगाए थे, लेकिन पर्यटकों द्वारा इन सुरक्षा उपायों की अनदेखी की जाती है।
प्रशासन की अपील
इंदौर पुलिस प्रशासन और जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें और चेतावनी बोर्ड और बैरिकेड्स का पालन करें। खासतौर पर युवा वर्ग से आग्रह किया गया है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल कंटेंट बनाने के चक्कर में खतरनाक हरकतें न करें। डीआईजी निमिष अग्रवाल ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति चेतावनी के बावजूद खतरनाक क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सेल्फी और स्टंट से बढ़ रहे हादसे
हाल ही में मोहाड़ी फॉल पर तीन युवकों ने सेल्फी लेने के चक्कर में 300 फीट गहरी खाई में उतरने का प्रयास किया और रास्ता भटक गए। मोबाइल नेटवर्क न होने के कारण वे किसी से सहायता भी नहीं ले पाए। बाद में पुलिस और परिजनों ने उन्हें ढूंढकर सुरक्षित बाहर निकाला। ऐसे घटनाएं दर्शाती हैं कि पर्यटन स्थलों पर सेल्फी और स्टंट की वजह से हादसे बढ़ रहे हैं।
इंदौर के पर्यटन स्थलों पर प्रतिबंध, कोई गया तो पुलिस केस होगा
कलेक्टर आशीष सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम 2023 की धारा 163 (1) (2) के अंतर्गत जन स्वास्थ्य एवं लोक शांति बनाए रखने के उद्देश्य से कई पर्यटन स्थलों पर आमजन के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया है। यह प्रतिबंध तिंछा फॉल, चोरल फॉल, चोरल डेम, सीतलामाता फॉल, कजलीगढ़, मेहंदी कुण्ड, जामन्या कुण्ड, मोहाडी फॉल, रतबी वॉटरफॉल, लोहिया कुण्ड, जूनापानी, चिड़िया भड़क, बामनिया कुण्ड, जोगी भड़क, हत्यारी खो आदि जैसे जलप्रपातों एवं एकांत पर्यटन स्थलों पर लागू होगा। सिंह ने निर्देशित किया है कि संबंधित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी उक्त स्थलों पर सूचना बोर्ड लगाएं एवं जहाँ आवश्यक हो वहाँ भौतिक सीमाएं भी निर्धारित करें। आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संबंधित थाना प्रभारियों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराना होगा। यदि कोई व्यक्ति इस प्रतिबंधात्मक आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के अंतर्गत अपराधिक प्रकरण दर्ज कर अभियोजन की कार्रवाई की जाएगी। यह प्रतिबंध ड्यूटी पर नियुक्त पुलिस, प्रशासनिक व सुरक्षा कर्मियों पर लागू नहीं होगा तथा यह अन्य सभी लागू नियमों के अतिरिक्त प्रभावशील रहेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
मध्य प्रदेश में बारिश का दौर जारी, गुना में 9 घंटे के दौरान 2 इंच हुई बारिश, नदी-नाले उफान पर
मध्य प्रदेश में मानसून पूरे प्रदेश को कर कर लिया है। अब लगातार बारिश का दौर जारी है। बारिश से कई जिलों में नदी-नाले उफान पर आ गए हैं। शुक्रवार को गुना में 9 घंटे के दौरान 2 इंच पानी गिरा। शिवपुरी में 1.8 इंच, टीकमगढ़ में डेढ़ इंच, नरसिंहपुर में पौन इंच बारिश दर्ज की गई है। सागर, मंडला, छिंदवाड़ा, मालजखंड, बैतूल, पचमढ़ी में आधा इंच या इससे अधिक पानी गिरा है। इसी तरह दमोह, ग्वालियर, जबलपुर, धार, नौगांव, सतना, सिवनी, मऊगंज, निवाड़ी, सीहोर, रायसेन, नर्मदापुरम, पन्ना, श्योपुर समेत कई जिलों में बारिश का दौर चला। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 4 दिन तक पूरे प्रदेश में आंधी-बारिश का दौर बना रहेगा।
तापमान में गिरावट
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश की वजह से कई शहरों में दिन के तापमान में खासी गिरावट हुई है। हिल स्टेशन पचमढ़ी में दिन का तापमान 23.8 डिग्री पर आ गया। मलाजखंड, मंडला, गुना, सिवनी, सागर, छिंदवाड़ा, धार, टीकमगढ़, उमरिया, दमोह, बैतूल, नरसिंहपुर, रायसेन, नर्मदापुरम में पारा 30 डिग्री से कम ही रहा। सीधी में सबसे ज्यादा 33.4 डिग्री पारा रहा। प्रदेश के 5 बड़े शहरों की बात करें तो भोपाल में 30.7 डिग्री, इंदौर में 28.6 डिग्री, ग्वालियर में 30.4 डिग्री, उज्जैन में 30.5 डिग्री और जबलपुर में पारा 28.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।मध्य प्रदेश में तीन सिस्टम एक्टिव
मौसम विभाग की सीनियर वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन ने बताया कि वर्तमान में लो प्रेशर एरिया, तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन और दो ट्रफ की एक्टिविटी है। एक ट्रफ प्रदेश के पास से गुजर रही है। इन वजहों से प्रदेश में तेज बारिश का दौर जारी है। अगले 4 दिन तक या ऐसा ही मौसम बना रहेगा।गुरुवार को भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, रतलाम, मंदसौर, नीमच, राजगढ़, अशोकनगर और हरदा समेत कई जिलों में बारिश का दौर जारी रहा।
अगले 3 दिन ऐसा रहेगा मौसम
21 जून: रीवा और सीधी में अति भारी बारिश होने का अलर्ट है। वहीं, सिंगरौली, मऊगंज, शहडोल में भारी बारिश हो सकती है। प्रदेश के अन्य जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है।
22 जून: गुना, अशोकनगर-शिवपुरी में भारी बारिश यानी, 24 घंटे में साढ़े 4 इंच पानी गिर सकता है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर, उज्जैन, ग्वालियर समेत अन्य जिलों में भी आंधी-बारिश होने की संभावना है।
23 जून: दमोह, कटनी, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, मैहर, गुना और अशोकनगर में भारी बारिश हो सकती है। अन्य जिलों में भी आंधी-बारिश का अलर्ट है।
नौकरी की तलाश में दुबई गया युवक लापता, अब मौत की खबर, सिंधिया और पीएम मोदी से लगाई मदद की गुहार
दुबई में नौकरी की तलाश में गए ग्वालियर के जिम ट्रेनर सूरज शर्मा की संदिग्ध मौत हो गई। परिजनों को एक माह बाद सूचना मिली, जिससे वे स्तब्ध हैं। परिवार ने सरकार और इंडियन एंबेसी से सूरज का शव भारत लाने में मदद की गुहार लगाई है।
गौरतलब है कि बुधवार को गोला का मंदिर थाना क्षेत्र में पिंटू पार्क स्थित सैनिक कॉलोनी में रहने वाले नितेश शर्मा को पुलिस ने सूचना दी कि उनके भाई सूरज शर्मा की दुबई में मौत हो गई है। इसके बाद से घर में मातम का माहौल पसर गया। सूरज के भाई नितेश ने बताया है कि वह प्राइवेट जॉब में है और सूरज ग्वालियर में जिम ट्रेनर था। उसे व्यापार में नुकसान हुआ था। इसके बाद नौकरी की तलाश में वह यूएई गया था। नितेश ने यूएई में सूरज की मौत पर संदेह जताया है। उनका सवाल है कि सूरज की मौत जब 26 मई को हुई थी तो एक महीने तक यूएई सरकार क्या करती रही ? वहीं सूरज के परिवार में उसकी पत्नी बच्चों के अलावा बुजुर्ग माता-पिता और छोटा भाई है। सूरज की पत्नी चेतना शर्मा का कहना है कि सूरज 18 मई को दिल्ली गया था। उसके बाद दिल्ली से फ्लाइट से यूएई रवाना हो गया था।
चेतना ने स्वीकारा है कि सूरज की ट्रेवल हिस्ट्री है, लेकिन इस बार सूरज नौकरी की तलाश में यूएई गया है। सूरज, यूएई में होटल में काम करने गया था। बाद में टैक्सी चलाने की बात कर रहा था। चेतना की आखिरी बार बात सूरज से 25 मई को हुई थी। चेतना का कहना है कि वे फिजिकल और फाइनेंशियल रूप से कमजोर हैं। उन्होंने केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और पीएम नरेंद्र मोदी से गुहार लगाई है कि सूरज जिस हालत में है उनके सुपुर्द कराने में मदद करें। फिलहाल सूरज शर्मा के घर में मातम का माहौल है और परिजन बदहवास हैं। उनकी इकलौती और आखिरी उम्मीद सरकार से है।
3 साल में बनने वाली कोर्ट बिल्डिंग 6 साल में भी नहीं बनी, मंत्री की सख्ती का भी नहीं दिख रहा असर
सरकारी कामों में देर न हो तो वह सरकारी काम कहलाएंगे ही नहीं। कुछ यही बात साबित हो रही है पीपल्याहाना तालाब के पास निर्मित की जा रही जिला कोर्ट की नई बिल्डिंग के काम में। कई बार मंत्री की फटकार लगने के बाद भी इसके काम में कोई सुधार नहीं हो रहा है। बारिश आते ही चारों तरफ मलबा फैल रहा है और तालाब में भी गंदगी जमा हो रही है। लोक निर्माण विभाग न तो समय पर सड़कों-फ्लायओवरों का निर्माण कर पाता है और न ही पीपल्याहाना में बन रही कोर्ट बिल्डिंग का काम पूरा कर पा रहा है। इस प्रोजेक्ट का टेंडर तीन बार निरस्त हुआ है और ठेकेदार फर्म के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर के बाद उसे जेल भी भिजवाया गया है। इसके बावजूद भी प्रोजेक्ट में सुधार नजर नहीं आ रहा है। वहीं बार बार नए सिरे से टेंडर जारी करने के चक्कर में लागत तो बढ़ ही रही है और अभी तक बिल्डिंग भी अधूरी ही है।
नाराज हुए थे मंत्री
कुछ दिन पहले लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह भी कोर्ट बिल्डिंग के अधूरे काम पर निरीक्षण के दौरान नाराज हुए और हर हफ्ते रिपोर्ट मंत्रालय को भेजने के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि जिला कोर्ट की नई बिल्डिंग पीपल्याहाना तालाब के पास निर्मित की जा रही है, जो लेटलतीफी का शिकार हुई, जबकि 6 साल पहले इसका निर्माण शुरू हुआ था और तीन साल के भीतर बनकर तैयार हो जाना थी। लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यह परियोजना शासन की प्राथमिकताओं में है तथा इसे तय समय-सीमा में उच्च गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया जाना चाहिए।
तीन बार टेंडर निरस्त हुए, एफआईआर भी हुई
तीन बार इसके टेंडर निरस्त भी हुए और एक फर्म के संचालकों के खिलाफ धोखाधड़ी की एफआईआर तक दर्ज कराई गई। अभी तक ड्राइंग डिजाइन के साथ निर्माण सामग्री की मंजूरी में भी विलंब जैसी बातें सामने आईं जिसके चलते विभागीय मंत्री ने आर्किटेक्ट और संबंधित अभियंता के खिलाफ भी कार्रवाई करने का कहा।
मंत्री ने दो शिफ्ट में काम करने को कहा था
कुछ दिन पहले आए मंत्री सिंह ने ठेकेदार को निर्देशित किया कि कम से कम दो शिफ्टों में कार्य किया जाए और पर्याप्त मैनपावर तैनात रहे। उन्होंने कहा कि गुणवत्ता के मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। निर्माण कार्य की प्रगति का विश्लेषण साप्ताहिक आधार पर रिपोर्टचार्ट के माध्यम से करने के भी निर्देश दिए गए, ताकि संभावित अवरोधों की पूर्व पहचान कर उनके निराकरण की योजना बनाई जा सके।
पहले भी लग चुकी है फटकार
गौरतलब है कि लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह द्वारा इससे पहले हुए एक बैठक में भी यह निर्देश दिए गए थे कि निर्माण कार्य को प्रतिदिन तीन शिफ्टों में संचालित किया जाए तथा कार्य की सतत निगरानी के लिए निर्माण स्थल पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं। साथ ही निर्माण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए प्रयोगशाला में सभी आवश्यक परीक्षण उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।