नई दिल्ली
भाजपा ने विधानसभा चुनाव की घोषणा से पहले ही मध्य प्रदेश की 39 और छत्तीसगढ़ की 21 सीटों पर प्रत्याशियों का ऐलान कर दिया है। छत्तीसगढ़ की पाटन सीट से मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ उनके रिश्तेदार विजय बघेल को उतारा गया है। वे दुर्ग से पार्टी के सांसद हैं।
बीजेपी की पहली सूची में 2018 में चुनाव हारे 14 चेहरों को फिर से मौका दिया है। इनमें चार पूर्व मंत्री ललिता यादव, लाल सिंह आर्य, ओम प्रकाश धुर्वे और नाना भाऊ मोहोड़ भी शामिल है।
भोपाल मध्य से ध्रुवनारायण सिंह और भोपाल उत्तर से पूर्व महापौर आलोक शर्मा को टिकट दिया गया है। इंदौर के राऊ से मधु वर्मा को फिर से मैदान में उतारा गया है। जबलपुर पूर्व से अंचल सोनकर पर पार्टी ने भरोसा जताया है।
भिंड के गोहद से पार्टी के अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मंत्री लाल सिंह आर्य को टिकट दिया गया है। इस सीट से सिंधिया समर्थक पूर्व विधायक रणवीर जाटव का टिकट काटा गया है। जबकि पिछोर सीट से प्रीतम लोधी को मैदान में उतारा गया। छतरपुर से पूर्व मंत्री ललिता यादव मौका दिया गया है। सुमावली से सिंधिया समर्थक अदल सिंह कंसाना को टिकट मिला है। पेटलावद से निर्मला भूरिया को उतारा गया है।
दिल्ली में एक दिन पहले यानी 16 अगस्त को ही केंद्रीय चुनाव समिति (CEC) की बैठक हुई थी। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत CEC के मेंबर्स शामिल हुए थे। इसमें इस बात पर चर्चा हुई थी कि कुछ कमजोर सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा एक-दो दिनों में कर दी जाएगी।
मध्य प्रदेश की सूची
अब देखिए छत्तीसगढ़ के प्रत्याशियों की सूची
एमपी की उन सीटों का ऐलान, जहां पिछला चुनाव भाजपा हारी थी
मध्यप्रदेश विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने अपने 39 प्रत्याशियों की पहली सूची जारी कर दी है। ये सभी वो सीटें है जहां वर्तमान में कांग्रेस का कब्जा है। इनमें भी ज्यादातर वो सीटें है, जहां बीजेपी लगातार दो बार से चुनाव हार रही है।
भोपाल मध्य से ध्रुवनारायण सिंह और भोपाल उत्तर से आलोक शर्मा को टिकट दिया गया है। इंदौर के राऊ से मधु वर्मा को मैदान में उतारा गया है। भिंड के गोहद से लाल सिंह आर्य को टिकट दिया गया है। जबकि पिछोर सीट से प्रीतम लोधी को मैदान में उतारा गया। छतरपुर से पूर्व मंत्री ललिता यादव, चाचौड़ा से प्रियंका मीणा को मौका दिया गया है।सुमावली से सिंधिया समर्थक अदल सिंह कंसाना को टिकट मिला है। पेटलावद से निर्मला भूरिया को उतारा गया है।
बीजेपी ने 2018 में हारे इन प्रत्याशियों पर दोबारा किया भरोसा
राऊ – मधु वर्मा पेटलावद – निर्मला भूरिया कसरावद – आत्माराम पटेल गोहद – लाल सिंह आर्य छतरपुर – ललिता यादव पथरिया – लखन पटेल गुन्नौर – राजेश वर्मा चित्रकूट – सुरेंद्र सिंह गहरवार शाहपुरा – ओमप्रकाश धुर्वे सौंसर – नाना भाऊ मोहोड़ महेश्वर – राजकुमार मेव पेटलावद – निर्मला भूरिया कसरावद – आत्माराम पटेल सुमावली – एंदल सिंह कंसाना (ये उपचुनाव में हारे थे)
छिंदवाड़ा जिले की सौंसर विधानसभा सीट से बीजेपी ने पूर्व मंत्री नाना भाऊ मोहोड़ को प्रत्याशी बनाया है।
सिंधिया समर्थक पूर्व विधायक का टिकट कटा
भाजपा की पहली लिस्ट में सिंधिया के साथ कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में आए एक पूर्व विधायक का टिकट कट गया है। भिंड जिले की गोहद सीट से कांग्रेस के टिकट पर 2018 में विधायक बने रणवीर जाटव को बीजेपी ने उम्मीदवार नहीं बनाया है। रणवीर जाटव 2020 में हुए उपचुनाव में बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा। इस चुनाव में वे हार गए थे। 2023 के चुनाव के लिए बीजेपी ने इस सीट से पूर्व मंत्री और भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष लाल सिंह आर्य को उतारा है।
पथरिया में लखन पटेल पर फिर जताया भरोसा
दमोह की पथरिया विधानसभा सीट पर बीजेपी ने फिर से लखन पटेल पर भरोसा जताया है। वे 2018 में बसपा प्रत्याशी रामबाई सिंह से चुनाव हार गए थे। चुनाव हारने के बाद भी लखन पटेल क्षेत्र में सक्रिय रहे। उनकी इसी सक्रियता के चलते पार्टी ने फिर से उन्हें अपना प्रत्याशी घोषित किया है। हालांकि 2018 में पूर्व मंत्री रामकृष्ण कुसमारिया बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़े थे। जिसे बीजेपी के लखन पटेल की हार की प्रमुख वजह माना गया था। कुसमरिया इस बार भी पथरिया से टिकट चाह रहे थे। लेकिन बीजेपी ने लखन पटेल पर ही भरोसा जताया।
लखन पटेल 2018 के चुनाव में पथरिया सीट पर बसपा प्रत्याशी रामबाई सिंह से हार गए थे। बीजेपी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया और 2023 के चुनाव के लिए टिकट दिया है।
नेताओं के बेटे और बहू को भी टिकट
सबलगढ़ के पूर्व विधायक स्वर्गीय मेहरबान सिंह रावत की बहू सरला रावत को उम्मीदवार बनाया गया है। जबलपुर के पाटन सीट से पूर्व विधायक प्रतिभा सिंह के बेटे नीरज सिंह ठाकुर को टिकट दिया गया है। छतरपुर जिले के महाराजपुर में पूर्व विधायक मानवेंद्र सिंह भंवर राजा के बेटे कामाख्या प्रताप सिंह को मैदान में उतारा है।
पिछले चुनाव के बागी पर भरोसा
महेश्वर विधानसभा सीट से बीजेपी ने राजकुमार मेव को अपना प्रत्याशी बनाया है। वे 2018 के चुनाव में बीजेपी से टिकट नहीं मिलने पर बागी हो गए थे। उन्होंने निर्दलीय चुनाव लड़ा था और भाजपा के प्रत्याशी भूपेंद्र आर्य से ज्यादा वोट हासिल किए थे। हालांकि वो कांग्रेस की विजयलक्ष्मी साधौ से चुनाव हार गए थे, लेकिन उन्होंने पार्टी में अपनी अहमियत साबित कर दी थी। इससे पहले 2013 के चुनाव में उन्होंने कांग्रेस को हराया था, लेकिन तब कांग्रेस की ओर से सुनील खांडे उम्मीदवार थे।
इन्हें 10 साल बाद फिर टिकट
मुलताई से चंद्रशेखर देशमुख को टिकट दिया गया है। उन्होंने 2013 में कांग्रेस के कद्दावर नेता सुखदेव पांसे को हराया, लेकिन 2018 के चुनाव में पार्टी ने उन्हें टिकट नहीं दिया था और यहां कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी। लेकिन इस बार फिर पार्टी ने चंद्रशेखर देशमुख पर भरोसा जताया है।
इसी तरह उज्जैन कि घट्टिया सीट से 2013 में सतीश मालवीय जीते थे, लेकिन उन्हें 2018 में टिकट नहीं दिया था, इस चुनाव में बीजेपी को हार का सामना करना पड़ा था, लेकिन एक बार फिर से पार्टी ने मालवीय पर दांव लगाया है।
बीजेपी ने मुलताई से चंद्रशेखर देशमुख को टिकट दिया है। वे 2013 में इसी सीट से जीते थे। लेकिन 2018 में बीजेपी ने उनका टिकट काट दिया था।
संगठन के लोगों को भी टिकट
बीजेपी ने अनूपपुर जिले की पुष्पराजगढ़ विधानसभा सीट से युवा चेहरा और भाजपा के जिला महामंत्री हीरा सिंह श्याम को उम्मीदवार घोषित किया है। पहले चर्चा थी कि सांसद हिमाद्री सिंह को यहां से विधानसभा चुनाव लड़ाया जा सकता है, लेकिन पार्टी ने हीरा सिंह श्याम पर भरोसा जताया। वे जनपद पंचायत के अध्यक्ष भी रहे हैं।
अनूपपुर जिले की पुष्पराजगढ़ विधानसभा सीट से युवा चेहरा और भाजपा के जिला महामंत्री हीरा सिंह श्याम को उम्मीदवार घोषित किया है।
चाचौड़ा से प्रियंका मीणा को मौका
चाचौड़ा सीट से प्रियंका मीणा को टिकट दिया गया है। इस सीट में वर्तमान में दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह विधायक है। प्रियंका मीणा हाल ही में बीजेपी में शामिल हुई है। उनके पति IRS हैं और वर्तमान में दिल्ली में पदस्थ हैं। प्रियंका मीना उस समय सबसे ज्यादा चर्चा में आयीं, जब उन्होंने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा।
सुबह AAP से इस्तीफा शाम को BJP से टिकट
बालाघाट जिले की लांजी सीट से भाजपा ने राजकुमार कर्राये को टिकट दिया है। राजकुमार ने गुरुवार सुबह आप पार्टी से इस्तीफा दिया था। शाम को उन्हें भाजपा की जारी हुई पहली 39 उम्मीदवारों कर सूची में जगह मिल गई। वे आप से पहले भाजपा में ही थे। दो बार से टिकट की मांग कर रहे थे। यानी एक तरह से उनकी घर वापसी हुई है।
बालाघाट की लांजी सीट से भाजपा ने राजकुमार कर्राये को टिकट दिया है। उन्होंने गुरुवार सुबह ही आम आदमी पार्टी से इस्तीफा दिया था। शाम को उन्हें भाजपा की जारी पहली सूची में उम्मीदवार बनाया गया।
सभी प्रत्याशी प्रचंड बहुमत से विजयी होंगे: वीडी शर्मा
मध्यप्रदेश बीजेपी अध्यक्ष वीडी शर्मा ने कहा कि 2023 के विधानसभा चुनाव में प्रत्याशियों के चयन को लेकर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के नेतृत्व में बुधवार को जो बैठक हुई है। उसी बैठक में हुए निर्णय के आधार पर 39 प्रत्याशियों की घोषणा की गई है। सभी प्रत्याशियों को बधाई देता हूं।
वीडी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी, जेपी नड्डा, और अमित शाह जी ने जो 39 प्रत्याशियों का चयन किया है। वो आगामी चुनाव में प्रचंड बहुमत के साथ विजयी होंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने जो मध्यप्रदेश में विकास का कार्य किया है। उसी संकल्प के साथ चुनावी मैदान पर उतरेंगे। 39 प्रत्याशियों में से लगभग 14 ऐसे प्रत्याशी हैं, जो 50 वर्ष के नीचे हैं। नए युवाओं और बहनों को भी मौका दिया गया है।
सीएम शिवराज सिंह ने ट्वीट कर बीजेपी के प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दी है।
विजय बघेल को पाटन से चुनाव लड़ाएगी भाजपा
जारी की गई लिस्ट में सांसद विजय बघेल का भी नाम है। उन्हें पाटन से चुनाव लड़ाया जाएगा। यहीं से प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने चुनाव जीता था। विजय बघेल CM बघेल के रिश्तेदार हैं, भतीजे लगते हैं। इस साल का ये चुनाव कका बनाम भतीजा हो सकता है। विजय बघेल को भाजपा ने घोषणा पत्र समिति का संयोजक भी बना रखा है। राम विचार नेताम को भी टिकट दिया गया है। वो रामानुजगंज से चुनाव लड़ेंगे।
बुधवार को हुई थी केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक
मुख्यालय में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने PM मोदी का स्वागत किया।
बुधवार को हुई भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में PM मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मध्य प्रदेश के CM शिवराज सिंह चौहान, MP भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा, छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे।
छत्तीसगढ़ की सीटों को 4 कैटेगरी में बांटा गया
- मीटिंग में छत्तीसगढ़ की 90 सीटों को 4 कैटेगरी- A, B, C, D में बांटा गया। A कैटेगरी में वे सीटें हैं, जिन्हें भाजपा ने हर बार जीता है। B कैटेगरी में वे सीटें हैं, जिन पर भाजपा की जीत-हार दोनों हुई है। C कैटेगरी की सीटों पर भाजपा कमजोर है। वहीं, D कैटेगरी की सीटों पर भाजपा कभी नहीं जीत सकी है।
- मीटिंग में B और C की 22 और D कैटेगरी की 5 सीटों पर चर्चा हुई। सूत्रों के मुताबिक, इस बंटवारे से कमजोर सीटों पर पार्टी ज्यादा फोकस दे सकेगी। सूत्रों के मुताबिक, भाजपा विधानसभा चुनाव में छत्तीसगढ़ की आधी सीटों पर नए उम्मीदवारों को मौका दे सकती है।
- इस बार भाजपा जातियों को पूरी तरजीह दे रही है। प्रत्याशी चयन में देखा जा रहा है कि वो किस जाति का है जाति वर्ग वोटर्स की तादाद कितनी है, अन्य समुदायों में उसकी पकड़ कैसी है।
- मजबूत दावेदारों को चुनाव की तैयारी शुरू करने जैसे आयकर-संपत्ति विवरण, क्रिमिनल रिकॉर्ड, एजुकेशन और सर्टिफिकेट इकट्ठा करने को कहा गया है। साथ ही सारी जानकारी पुख्ता और दस्तावेजी रहे, ताकि नामांकन पत्र खारिज न हो सके।
मीटिंग में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
MP पर डेढ़ घंटे बातचीत, हारी हुई सीटों पर फोकस ज्यादा
- केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में PM मोदी और राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मप्र से सत्यनारायण जटिया शामिल हुए थे। पहली बार मध्य प्रदेश के साथ समिति की आधे घंटे बैठक हुई। करीब डेढ़ घंटे बाद मध्य प्रदेश को फिर बुलवाया गया और एक घंटे तक चर्चा हुई। केंद्रीय नेताओं के सामने मप्र के नेताओं ने हारी हुई सीटों का ब्योरा रखा।
- इसके बाद तय हुआ कि प्रदेश नेतृत्व जल्द से जल्द इन 40 से 50 सीटों पर दो से तीन नाम का पैनल बनाएगा। भाजपा इस बार सिंतबर में ही हारी सीटों के प्रत्याशी तय कर देगी, ताकि उन्हें वक्त मिले। कुछ और घोषणाएं करने के लिए प्रदेश नेतृत्व ने केंद्रीय संगठन से स्वीकृति मांगी है।
- इस साल के अंत में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, तेलंगाना और मिजोरम में चुनाव होने हैं। भाजपा इनमें से सिर्फ मध्य प्रदेश में ही सत्ता में है। MP में CM शिवराज के चेहरे पर ही चुनाव लड़ा जाएगा। बैठक में यह तय हुआ कि 20 अगस्त को शिवराज सरकार अपना रिपोर्ट कार्ड जारी करेगी।
- 20 अगस्त को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह भी आ सकते है। इस दौरान सरकार के कामों और योजनाओं के आंकड़े भी जनता के सामने रखे जाएंगे।

