मुंबई महानगरपालिका समेत स्थानीय निकाय चुनावों के मद्देनज़र महाराष्ट्र में राज्य चुनाव आयोग ने लाडकी बहन योजना के तहत जनवरी की एडवांस किश्त के भुगतान पर रोक लगा दी।
15 जनवरी को चुनावों के लिए मतदान है और महाराष्ट्र सरकार ने मकर सक्रांति (14 जनवरी) से पहले लाखों महिला लाभार्थियों के खातों में दिसंबर की पंद्रह सौ की किश्त के साथ जनवरी के भी पंद्रह सौ मिलाकर तीन हज़ार रुपए डालने वाली थी।
विपक्ष के एतराज के बाद राज्य चुनाव आयोग ने सरकार को निर्देश दिया कि जनवरी के लिए एडवांस भुगतान न करे, दिसंबर के पैसे खातों में जमा कराए जा सकते हैं। चुनाव आयोग का कहना था कि दिसंबर के पैसे लाभार्थियों के खाते में डालना इसलिए अनुचित नहीं है कि यह एक “ऑनगोइंग” योजना है।
भाजपा नेता और सरकार में मंत्री गिरीश महाजन ने सोशल मीडिया “एक्स” पर घोषणा की थी कि सरकार मकर सक्रांति के दिन लाडकी बहन योजना के लाभार्थियों के खातों में तीन हज़ार रुपए जमा कराएगी। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा था, “देवा भाऊ (मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस) की तरफ़ से प्यारी बहनों को मकर सक्रांति के पावन अवसर पर मिलेगा 3000 रुपए का तोहफ़ा। दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 के महीनों के लिए प्यारी बहनों के खातों में डाले जाएँगे 3000 रुपए।”
विपक्ष ने महायुति सरकार के इस कदम को महिला मतदाताओं को लुभाने वाला और आदर्श चुनाव अचार संहिता का उल्लंघन करार दिया। महाराष्ट्र कांग्रेस के महासचिव सचिन कोंडविलकर ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर इस संबंध में शिकायत की थी।
आयोग ने बाद में मुख्य सचिव से रिपोर्ट माँगी और उसके बाद सरकार को निर्देश दिया कि जनवरी की किश्त का एडवांस भुगतान न किया जाये।
लाडकी बहन योजना के तहत लगभग सवा दो करोड़ महिलाओं के खाते में हर माह लगभग 3700 करोड़ रुपए का भुगतान किया जाता है।

