अपने छोटे बच्चे की गाड़ी को एक हाथ से धकेला और दूसरे हाथ से हवा में मुट्ठी उठाकर विरोध का संकेत दिया
एक फलस्तीनी कार्यकर्ता महमूद खलील शनिवार (स्थानीय समयानुसार) को जेल से छूटकर अपने घर पहुंचे। उन्हें तीन महीने से अधिक समय तक हिरासत में रखा गया था। घर पहुंचने के बाद खलील ने अपने छोटे बच्चे की गाड़ी को एक हाथ से धकेला और दूसरे हाथ से हवा में मुट्ठी उठाकर विरोध का संकेत दिया। कोलंबिया विश्वविद्यालय के पूर्व छात्र और फलस्तीनी कार्यकर्ता महमूद खलील शनिवार को लुइसियाना के हिरासत केंद्र से छूटकर घर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने कहा कि वह गाजा में इस्राइल द्वारा किए जा रहे हमलों के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेंगे। उन्होंने अमेरिकी सरकार पर इस नरसंहार को वित्तपोषित करने का आरोप भी लगाया।

लुइसियाना में संघीय आव्रजन केंद्र से रिहा होने के एक दिन बाद शनिवार को न्यू जर्सी के नेवार्क एयरपोर्ट पर खलील ने अपने दोस्तों से मुलाकात की और पत्रकारों से थोड़ी बातचीत की। खलील कोलंबिया विश्वविद्यालय के पूर्व स्नातक छात्र हैं, जिन्हें परिसर में विरोध प्रदर्शनों के कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने हिरासत में लिया था। खलील ने घर पहुंचने के बाद कहा कि वे गाजा में इस्राइल द्वारा किए जा रहे हमलों के खिलाफ अपना विरोध जारी रखेंगे।
नरसंहार को वित्तपोषित कर रही अमेरिकी सरकार
खलील ने आरोप लगाया कि अमेरिका की सरकार इस नरसंहार को वित्तपोषित कर रही है और कोलंबिया विश्वविद्यालय इस नरसंहार में निवेश कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘इसलिए मैं आप सबके साथ मिलकर विरोध करना जारी रखूंगा। चाहे वे मुझे फिर से गिरफ्तार करने की धमकी दें या मारने की कोशिश करें, मैं तब भी फलस्तीन के लिए आवाज उठाऊंगा।’
हिरासत केंद्र में छोड़े प्रवासियों के खिलाफ भी उठाऊंगा आवाज
खलील एक वैध अमेरिकी निवासी हैं। उनकी पत्नी ने उनके 104 दिनों तक जेल में रहने के दौरान एक बच्चे को जन्म दिया। खलील ने कहा कि वे उन प्रवासियों के लिए भी आवाज उठाएंगे, जिन्हें उन्होंने हिरासत केंद्र में छोड़ा है। उन्होंने कहा, ‘चाहे आप नागरिक हों या प्रवासी, आप इस देश में कोई भी हों आप अवैध नहीं हैं। इससे आपकी इंसानियत कम नहीं हो जाती।’
खलील पर कोई कानून तोड़ने का नहीं लगा आरोप
कोलंबिया यूनिवर्सिटी में विरोध प्रदर्शन के दौरान 30 साल के खलील पर कोई कानून तोड़ने का आरोप नहीं लगा। फिर भी सरकार ने कहा कि ऐसे प्रदर्शनों में भाग लेने वाले गैर-नागरिकों को अमेरिका से निकाल देना चाहिए, क्योंकि उन्होंने ऐसे विचार व्यक्त किए हैं, जिन्हें ट्रंप प्रशासन यहूदी विरोधी और हमास समर्थक मानता है। बता दें कि हमास ने 7 अक्तूबर 2023 को इस्राइल पर हमला किया था।
सरकार ने कहा- अदालत के फैसले के खिलाफ करेंगे अपील
एक अमेरिकी जिला जज माइकल फरबियार्ज ने कहा कि खलील को हिरासत में रखना ठीक नहीं है, क्योंकि वे न तो भागने वाले हैं, न ही हिंसा के आरोपी हैं। इसके बाद खलील को रिहा किया गया। हालांकि, सरकार ने शुक्रवार को कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ अपील करेंगे।
खलील की हिरासत हर अमेरिकी का अपमान: सांसद
खलील के साथ एयरपोर्ट पर पहुंचीं अमेरिकी सांसद एलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज ने कहा कि खलील की हिरासत अमेरिका के संविधान के पहले संशोधन (जिसमें बोलने की आजादी है) का उल्लंघन है और यह हर अमेरिकी का अपमान है। उन्होंने कहा, ‘उन पर निराधार आरोप लगाए गए हैं, सिर्फ इसलिए क्योंकि ट्रंप प्रशासन और हमारा पूरा प्रतिष्ठान उनके राजनीतिक भाषण से असहमत है।’ ओकासियो-कोर्टेज ने यह भी कहा कि ट्रंप प्रशासन जानता है कि वह यह केस हार जाएगा। वे कानून तोड़ रहे हैं और उन्हें इसका पता है।