नई दिल्ली
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को अब तक का सबसे बड़ा झटका लगा है। उनके बेहद करीबी और TMC के राज्यसभा सांसद दिनेश त्रिवेदी ने बजट सत्र के दौरान खुद के इस्तीफे का ऐलान कर दिया। त्रिवेदी ने सदन की कार्यवाही के दौरान कहा, ‘मेरे बंगाल में अत्याचार बढ़ता जा रहा है और मैं कुछ नहीं कर पा रहा। मुझे यहां बैठे-बैठे अजीब सा लग रहा है। मेरी अंतरआत्मा मुझसे बोल रही है कि अगर मैं कुछ नहीं कर पा रहा हूं तो मुझे इस्तीफा दे देना चाहिए।’
त्रिवेदी ने राज्यसभा में क्या कहा ?
1. सबसे सर्वोपरि देश होता है
त्रिवेदी ने शुरुआत में कहा, ‘हर मनुष्य के जीवन में एक घड़ी आती है, जब उसे अपनी अंतरआत्मा की आवाज सुनाई देती है। मेरे जीवन में भी ऐसी ही घड़ी आई है। मैं यहां बैठकर सोच रहा था कि हम राजनीति में क्यों आते हैं? देश के लिए आते हैं। सबसे सर्वोपरि होता है देश। दो दिन पहले प्रधानमंत्री और गुलाम नबी आजाद भी देश के लिए अपनी भावना को व्यक्त कर रहे थे। एक सत्ता पक्ष और एक विपक्ष के थे। जब रेल मंत्री था, उस दिन भी मेरे जीवन में ऐसी ही घड़ी आई थी। जब निर्णय करना पड़ा था कि देश बड़ा है, पक्ष बड़ा है कि खुद अपने आप बड़े हो।’
2. प्रधानमंत्री की अगुवाई में देश ने कोरोना के खिलाफ लड़ाई लड़ी
दिनेश त्रिवेदी बोले, ‘आज भी जब देखते हैं कि देश की क्या परिस्थिति है। पूरी दुनिया हिंदुस्तान की तरफ देखती है। कोविड-19 के दौरान भी दुनिया देख रही थी कि किस तरह से हिंदुस्तान आगे बढ़ता है। बहुत अच्छी तरह हम सब ने मिलकर इससे लड़ाई लड़ी। 130 करोड़ लोगों ने मिलकर कोविड-19 के खिलाफ लड़ाई लड़ी, लेकिन नेतृत्व प्रधानमंत्री का था।’
3. मेरे प्रांत में वायलेंस हो रहा, मुझे घुटन महसूस होने लगी
उन्होंने कहा, ‘जिस प्रकार से मेरे प्रांत (बंगाल) में हिंसा हो रही है। मुझे यहां बैठे-बैठे अजीब लग रहा है। हम उस प्रांत से आते हैं जहां से रवींद्रनाथ टैगोर, सुभाष चंद्र बोस, खुदीराम बोस आते हैं। हम सभी जन्मभूमि के लिए ही हैं। इसलिए अब मुझसे ये देखा नहीं जा रहा है। मैं एक पार्टी में हूं और उसके कुछ नियम हैं, लेकिन अब मुझे घुटन महसूस होने लगी है कि हम कुछ नहीं कर पा रहे हैं। उधर, बंगाल में अत्याचार बढ़ रहा है। मेरी आत्मा की आवाज ये कह रही है कि यहां बैठे-बैठे चुप-चाप रहो और कुछ नहीं कर सकते हो तो यहां से इस्तीफा दे दो। मैं बंगाल के लिए आगे काम करता रहूंगा।’
TMC सांसद बोले- तृणमूल का मतलब ग्रासरूट
अपने सांसद दिनेश त्रिवेदी के इस्तीफे पर TMC के सांसद सुखेंदु एस रॉय का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि तृणमूल का मतलब ग्रासरूट (जमीनी स्तर) है। त्रिवेदी के इस्तीफे से एक मौका मिला है कि हम अपने ग्रासरूट लेवल के किसी कार्यकर्ता को राज्यसभा में भेज सकें।
अब तक 11 TMC विधायकों ने भाजपा का हाथ थामा
बंगाल में पिछले दो महीने के अंदर 11 TMC नेताओं ने भाजपा का हाथ थामा है। TMC छोड़कर भाजपा ज्वॉइन करने का सिलसिला 19 दिसंबर से तेज हुआ। जब शुभेंदु के साथ ही सांसद सुनील मंडल, पूर्व सांसद दशरथ तिर्की और 10 विधायकों ने भाजपा ज्वॉइन की थी।

