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*महाराष्ट्र में मराठा प्रदर्शनकारियों की सरकार से बातचीत फेल*

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मुंबई के आजाद मैदान में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर डटे मनोज जरांगे पाटिल का आंदोलन पेचीदा होता जा रहा है। दूसरे दिन सरकार और मराठा प्रदर्शनकारियों के बीच बातचीत फेल हो गई। मनोज जरांगे पाटिल ने सरकार से मांग की है कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज किए गए सभी मामले तुंरत वापस लिए जाएं। चर्चा है कि गृह मंत्री अमित शाह के मुंबई में होने के कारण सीएम के वर्षा बंगले पर इस मुद्दे पर चर्चा हुई, लेकिन जरांगे ने फिलहाल पीछे हटने और आजाद मैदान खाली करने से मना कर दिया है। इस बीच बड़ा अपडेट सामने आया है कि जरांगे की तरफ से मुंबई पुलिस को एक एप्लीकेशन दी गई है। इसमें आजाद मैदान में आंदोलन की मंजूरी को बढ़ाने की आग्रह किया गया है। 43 साल के मनोज जरांगे पाटिल की मांग है कि मराठवाड़ा में मराठाें को अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) श्रेणी के तहत 10 प्रतिशत आरक्षण दिया जाए।

महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर मुंबई में धरने पर बैठे मनोज जरांगे पाटिल ने अपने तेवर तीखे कर लिए है। जरांगे पाटिल के अनशन के दूसरे दिन सरकार के साथ बातचीत बेनतीजा रही। केंद्रीय मंत्री अमित शाह के मुंबई में होने के कारण यह मामल उनके सामने भी उठा, लेकिन गतिरोध का हल नहीं निकला। जरांगे पाटिल मराठों के ओबीसी में आरक्षण मांग रहे हैं।

1. मुंबई पुलिस को मिली नई एप्लीकेशन: सरकार के साथ बातचीत फेल होने के साथ मनोज जरांगे पाटिल की तरफ से मुंबई पुलिस को एक एप्लीकेशन मिली है। इसमें आजाद मैदान में मनोज जरांगे पाटिल के मराठा आरक्षण आंदोलन को एक और दिन के लिए अनुमति देने का आवेदन देने की मांग की गई है। एक अधिकारी ने बताया कि इस अनुरोध पर विचार किया जा रहा है और कुछ समय में इस पर निर्णय लिया जाएगा। गौरतलब हो कि मुंबई पुलिस ने जरांगे को 29 अगस्त की शाम छह बजे प्रदर्शन की अनुमति दी थी। शनिवार को उद्धव ठाकरे के गुट के नेता अंबादास दानवे ने भी जरांगे से मुलाकात की।

2. मराठों को घाेषित करें कुनबी: मनोज जरांगे पाटिल ने मांग की है कि आरक्षण गतिरोध जारी तक मराठवाड़ा के मराठों को कुनबी घोषित किया जाना चाहिए। जारंगे और न्यायमूर्ति संदीप शिंदे वाले सरकारी प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत किसी समझौते पर नहीं पहुंच पाई। न्यायमूर्ति शिंदे ने जारंगे को बताया कि राज्य सरकार ने हैदराबाद गजट को लागू करने के लिए सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है और अब समिति चर्चा को आगे बढ़ाने के लिए कैबिनेट उपसमिति से मुलाकात करेगी। जारंगे ने जोर देकर कहा कि सरकार को मराठवाड़ा के सभी मराठों को कुनबी घोषित करना चाहिए और उन्हें आरक्षण दिया जाना चाहिए। जरांगे ने यह भी कहा कि धैर्य की परीक्षा न ली जाए।

3. शरद पवार बोले-संविधान संशोधन जरूरी: मनोज जरांगे पाटिल के भूख हड़ताल पर बैठके के बाद जहां महाराष्ट्र में राजनीति गर्म है तो वहीं एनसीपी (एसपी) नेता शरद पवार ने कहा है आरक्षण संबंधी मुद्दों के समाधान के लिए संविधान संशोधन आवश्यक है, क्योंकि समग्र आरक्षण की एक सीमा है। उन्होंने कहा कि लगभग 80 प्रतिशत मराठा खेती पर निर्भर हैं, लेकिन केवल कृषि ही उनका भविष्य सुरक्षित नहीं कर सकती, इसलिए आरक्षण ही एकमात्र विकल्प है।

4. सरकार कर रही है काम: फडणवीस
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को कहा कि उनकी सरकार मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे की मांगों को कानूनी और संवैधानिक ढाँचे के भीतर पूरा करने के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि मराठा समुदाय को शिक्षा और रोज़गार प्रदान करने के लिए सबसे ज़्यादा फ़ैसले 2014 से 2025 के बीच लिए गए। उन्होंने कहा कि यह वह अवधि है जब ज़्यादातर समय बीजेपी के नेतृत्व वाली सरकारें सत्ता में रही हैं।

5. आजाद मैदान में डाली गई बजरी: बीएमसी
बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) ने शनिवार दोपहर दावा किया कि उसने आजाद मैदान में दो ट्रक बजरी डाल दी है और आवश्यक नागरिक सुविधाएं उपलब्ध करा दी हैं। धरना स्थल पर जमा कीचड़ को साफ कर दिया गया है और रास्ते को समतल करने के लिए पहुंच मार्ग पर दो ट्रक बजरी बिछा दी गई है। धरना स्थल और उसके आसपास के इलाकों में सफाई कर्मचारियों द्वारा नियमित सफाई की जा रही है और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए एक चिकित्सा सहायता केंद्र स्थापित किया गया है।

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