मराठी फिल्म ‘दशावतार’ का 2026 में भी जलवा बरकरार है, जिसे सुबोध खानोलकर ने निर्देशित किया था. दरअसल, फिल्म 98वें ऑस्कर अवॉर्ड्स की ऑफिशियल कंटेंशन लिस्ट में शामिल हुई. यकीनन, यह भारतीयों के लिए गर्व का पल है. आखिर, मराठी फिल्म ने 2000 फिल्मों के बीच अपनी खास पहचान बनाई है.
भारत के रीजनल सिनेमा की दुनिया भर में धमक सुनाई दे रही है. मराठी सिनेमा के लिए साल 2026 एक बड़ी खुशखबरी लेकर आई. दरअसल, निर्देशक सुबोध खानोलकर की मराठी फिल्म ‘दशावतार’ ने 98वें एकेडमी अवॉर्ड्स की ऑफिशियल कंटेंशन लिस्ट में शामिल होकर इतिहास रच दिया है. यह न केवल मराठी फिल्म जगत, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का टॉपिक है.
ऑस्कर की लिस्ट में जगह बनाना कोई मामूली बात नहीं है. दुनिया भर से भेजी गई करीब 2000 से ज्यादा फिल्मों की कड़ी प्रतिस्पर्धा के बाद एकेडमी केवल चुनिंदा 150 से 250 फिल्मों को ही इस लेवल पर चुनती है. इस लिस्ट में शामिल होने का मतलब है कि ‘दशावतार’ अब उन ग्लोबल फिल्मों की कतार में खड़ी है, जिनका रिव्यू एकेडमी के मेंबर नॉमिनेशन के लिए करेंगे.
मराठी सिनेमा का ऐतिहासिक पल
फिल्म के अचीवमेंट पर जी स्टूडियोज ने खुशी जाहिर करते हुए इसे ‘मराठी सिनेमा का ऐतिहासिक पल’ बताया. उन्होंने फिल्म को अपनी जड़ों और लाल मिट्टी से जुड़ी एक ऐसी कहानी बताया, जिसने अब सात समंदर पार अपनी धाक जमाई है. निर्देशक सुबोध खानोलकर ने खुद इस खबर पर मुहर लगाते हुए एकेडमी से मिले ऑफिशियल ईमेल का स्क्रीनशॉट शेयर किया, जिसमें लिखा है, ‘दशावतार को मेन कंपटीशन की ओपन फिल्म कैटेगरी में शामिल किया गया है. यह पहली मराठी फिल्म है जो ऑस्कर के इस अहम पड़ाव तक पहुंची है.’
दमदार कलाकारों से सजी है फिल्म
फिल्म के प्रोडक्शन हाउस ‘ओशन फिल्म कंपनी’ ने इसे सालों की क्रिएटिविटी का परिणाम बताया है. फिल्म में मराठी सिनेमा के कई दिग्गज कलाकार एक साथ नजर आए हैं. फिल्म में महेश मांजरेकर, भरत जाधव जैसे कलाकारों ने काम किया है. इसमें सिद्धार्थ मेनन, प्रियदर्शिनी इंदलकर, अभिनय बेर्डे जैसे युवा टैलेंट का भी दम देखने को मिला. रीजनल सिनेमा की ऊंची उड़ान दिखाती है कि अगर कहानी में दम हो, तो भाषा की सीमाएं ग्लोबल पहचान बनने में बाधा नहीं बनतीं. अब सबकी नजरें आगामी ऑस्कर नामांकन पर टिकी हैं, जहाँ ‘दशावतार’ से भारत को बड़ी उम्मीदें हैं.

