इंदौर सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों का निराकरण नहीं करने को लेकर अफसरों को फटकार लगाई गई है और साथ ही कार्रवाई की चेतावनी दी गई है। नगर निगम में 5191 शिकायतें पेंडिंग हैं। इनमें सर्वाधिक शिकायतें सीवरेज और ड्रेनेज की 1748 और गंदे पानी की 1441 शिकायतों में से कई शिकायतें ऐसी हैं, जिन्हें 15 दिन और महीनों हो गए हैं, लेकिन उनका निराकरण नहीं हो रहा है।
दो दिन पहले मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने भी सीएम हेल्पलाइन की पेंडिंग शिकायतों को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा था कि अब इस मामले में लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी। इसी के चलते इंदौर नगर निगम में भी पेंडिंग शिकायतों को लेकर अफसर हरकत में आ गए हैं। पेंडिंग शिकायतों की पड़ताल होने लगी है। झोनलों पर तैनात विभिन्न विभागों की टीमों को बिजली, गंदे पानी से लेकर ड्रेनेज और सफाई व्यवस्था को लेकर आई शिकायतों का निराकरण करने को कहा गया है।
कई विभागों की लापरवाही के चलते शिकायतों का अंबार बढ़ता गया और यह शिकायतें 5191 तक पहुंच गई हैं। इनमें सर्वाधिक शिकायतें सीवरेज और ड्रेनेज की हैं, जिनकी संख्या 1748 के आसपास हो गई है और इनमें कई शिकायतें महीनों से लंबित हंै। वहीं दूसरे नंबर पर पानी नहीं मिलने और नलों में गंदा पानी आने की 1441 शिकायतें हैं। इनके मामले में भी उपयंत्रियों को निराकरण करने को कहा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग की 215 शिकायतें, उद्यान विभाग की 14 शिकायतें, बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की 907 शिकायतों के साथ-साथ अवैध निर्माण, कब्जों और अन्य मामलों की शिकायतें भी बड़ी संख्या में हैं। निगमायुक्त हर्षिका सिंह ने अफसरों को कहा है कि सात दिनों में शिकायतों का निराकरण किया जाए, अन्यथा संबंधितों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

