कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की दुनिया में एलेक्ज़ेंडर वांग का नाम तेजी से उभर रहा है। 28 साल की उम्र में वांग को मार्क जुकरबर्ग ने मेटा की सुपरइंटेलिजेंस लैब्स का नेतृत्व सौंपा है। इसके साथ ही उनकी स्टार्टअप कंपनी में मेटा ने 14.3 अरब डॉलर का निवेश किया है।मेटा ने AI की दुनिया में एक बड़ा दांव खेला है, जिसमें 28 वर्षीय अलेक्जेंडर वोंग को महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी गई है. MIT से ड्रॉपआउट होकर Scale AI की स्थापना करने वाले वोंग अब मेटा सुपर इंटेलिजेंस लैब्स (MSL) के प्रमुख होंगे. मेटा ने उनकी कंपनी Scale AI में 14.3 अरब डॉलर का बड़ा निवेश किया है, जिससे इसका कुल मूल्यांकन 29 अरब डॉलर हो गया है. वोंग का मानना है कि AI का भविष्य डेटा में निहित है और उनकी कंपनी Scale AI इसी डेटा को AI मॉडल के लिए तैयार करती है.
एलेक्ज़ेंडर वांग और उनकी साथी लूसी गुओ ने 2016 में स्केल एआई नाम से स्टार्टअप शुरू किया था। इस कंपनी का काम बड़े पैमाने पर डेटा को व्यवस्थित करना और लेबल करना है, ताकि मशीन लर्निंग मॉडल्स को प्रशिक्षित किया जा सके। आज स्केल एआई दुनिया की प्रमुख एआई डेटा कंपनियों में शामिल है।
मेटा में शामिल होने के बाद वांग ने सुपरइंटेलिजेंस प्रोग्राम को नई दिशा देने के लिए एआई टीम को चार हिस्सों में विभाजित किया, जिससे रिसर्च, प्रोडक्ट और इन्फ्रास्ट्रक्चर पर बेहतर फोकस किया जा सके। वांग तकनीकी क्षेत्र के साथ-साथ नीति निर्माण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग में भी सक्रिय हैं और उन्होंने अमेरिका के सांसदों और एआई उद्योग के नेताओं से मजबूत संबंध बनाए हैं।
इस नियुक्ति से यह साफ होता है कि मेटा अब केवल सोशल मीडिया कंपनी नहीं रहना चाहती, बल्कि भविष्य में एआई के क्षेत्र में अग्रणी बनने की योजना पर काम कर रही है।

