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सोयाबीन प्लांट की अरबों की जमीन करोड़ों में दी

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उज्जैन। नागझिरी इंडस्ट्रियल एरिया देवास रोड पर सोयाबीन प्लांट 90 एकड़ में फैला हुआ था जिसे एशिया में नंबर वन सोयाबीन प्लांट कहा जाता था। 20 साल पहले यह उद्योग बंद हो गया ,जहां अब होजयरी वस्त्र निर्माण का कारखाना खुलने जा रहा है। मप्र इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट कार्पोरेशन ने इसके लिए तमिलनाडु के उद्यमी को 16.25 एकड़ जमीन आवंटित की है।
जिले में तिलहन संघ को सोयाबीन प्लांट के लिए 87.84 एकड़ जमीन आवंटित की थी, इसमें से 45 एकड़ जमीन जिला उद्योग एवं व्यापार केंद्र द्वारा दी गई थी और 42.84 एकड़ जमीन राजस्व विभाग द्वारा आवंटित की गई थी। राजस्व विभाग द्वारा आवंटित की 42.84 एकड़ जमीन के टुकड़े में से 16.25 एकड़ जमीन तमिलनाडु के उद्यमी को दी है। मप्र इंडस्ट्रीयल डेवलपमेंट कार्पोरेशन के जनरल मैनेजर राजेंद्र भंवर ने बताया कि सोयाबीन प्लांट की कुल 90 एकड़ जमीन है जिसमें से 16 .25 एकड़ जमीन वेस्ट कारपोरेशन तमिलनाडु को दी गई है, उन्होंने कहा कि जमीन डी आई सी के रेट लगभग 2600 के हिसाब से दी गई है, जोकि मुख्यमंत्री कैबिनेट के नियमानुसार जमीन का आवंटन हुआ है, हमारा सीधे रूप से इसमें कोई दखल नहीं है जिसकी मौजूदा कीमत लगभग 183 करोड़ आंकी जा रही है। ज्ञात रहे कि होजयरी कपड़ा वस्त्र बनाने वाली कंपनी वेस्ट कारपोरेशन यहां उद्योग खोलने के लिए 60 से 80 करोड़ का इन्वेस्टमेंट करेगी लेकिन इस इन्वेस्टमेंट से यह जमीन लगभग दुगने दाम की है ऐसे में किन्ही कारणों से कंपनी कुछ सालों में बंद होती है तब कंंपनी को कई गुना मुनाफा होने की संभावना जताई जा रही है।

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