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किशनगढ़ की झीलों में नालों का गंदा पानी गिरने का मामला विधायक सुरेश टाक ने विधानसभा में उठाया…..  नगर परिषद में  स्लाटर  हाउस तक नहीं बनाया 

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एस पी मित्तल, अजमेर

11 फरवरी को अजमेर के किशनगढ़ के निर्दलीय विधायक सुरेश टाक ने गुंदोलाव और हमीर सागर झील में नालों का गंदा पानी गिरने के मामले को पुरजोर तरीके से विधानसभा में उठाया। टाक के सवालों का जवाब सरकार की ओर से पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने दिया। टाक यह जानना चाहते थे कि गुंदोलाव तालाब के सौंदर्यीकरण के लिए जो 34 करोड़ रुपए की डीपीआर बनी है, उसकी क्रियान्विति कब तक हो जाएगी। इस पर पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि डीपीआर को अंतिम रूप देने के लिए सरकार तेजी से काम कर रही है। टाक ने मंत्री को बताया कि किशनगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य को चार चांद लगाने वाली गुंदोलाव और हमीर सागर झील पर राज्य सरकार जहां 34 करोड़ रुपए खर्च करने जा रही है, वहीं नगर परिषद अभी तक भी नालों का गंदा पानी झील में गिरने से रोकने में असमर्थ है। टाक ने कहा कि गुंदोलाव झील का ओवरफ्लो पानी की हमीर सागर में पहुंचता है। एक और नालों का पानी इन झीलों में गिर रहा है वहीं दूसरी ओर किशनगढ़ में चल रहे अवैध स्लाटर हाउस (जानवरों को काटने का स्थान) से निकलने वाले खून और तरल पदार्थ भी इन झीलों में गिर रहे हैं। इससे लोगों की धार्मिक भावनाएं भी आहत हो रही हैं। नगर परिषद को सिलाटर हाउस बनाना चाहिए ताकि अवैध स्लाटर हाउस पर रोक लग सके। टाक के पूरक सवालों के संदर्भ में पर्यटन मंत्री विश्वेंद्र सिंह ने कहा कि सुरेश टाक उनके चैम्बर में आकर मिल सकते हैं। उनकी समस्याओं का समाधान सरकार प्रभावी तरीके से करेगी।

सीवरेज से जुड़ रहे हैं नाले:
वहीं किशनगढ़ नगर परिषद के सभापति दिनेश राठौड़ ने कहा कि किशनगढ़ शहर में सीवरेज का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। नालों और नालियों के पानी को सीवरेज के पाइपों से जोड़ा जा रहा है। ट्रीटमेंट प्लांट भी बन चुका है। सीवरेज के द्वितीय और तृतीय चरण के लिए 400 करोड़ रुपए की योजना बनाई जा रही है। जल्द ही सभी नालों का पानी सीवरेज के जरिए ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंचेगा। उन्होंने माना कि मौजूदा समय में कुछ कॉलोनियों का गंदा पानी झीलों में गिर रहा है। लेकिन जल्द ही इस पर रोक लग जाएगी। जहां तक किशनगढ़ में स्लाटर हाउस बनाने का सवाल है तो नगर परिषद लगातार प्रयास कर रही है। पूर्व में स्लाटर हाउस के लिए जो जमीन चिन्हित की गई थी, उसका स्थानीय लोगों ने विरोध किया। अब नई जगह चिन्हित करने का काम हो रहा है। परिषद प्रशासन का प्रयास है कि किशनगढ़ में जल्द से जल्द सिलाटर हाउस का निर्माण हो।

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