इंदौर
केंद्रीय जल संसाधन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत इंदौर आए। मंत्री शेखावत ने बुंदेलखंड के सूखा प्रभावित इलाकों के लिए तैयार केन बेतवा योजना को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि बहुत जल्द पीएम नरेंद्र मोदी इसका उद्घाटन करेंगे। मणिपुर के ताजा हालात और राजस्थान की राजनीति पर भी बेबाक चर्चा की। मणिपुर के मामले में उन्होंने कहा कि ऐसा पहली बार हाे रहा है, जब सरकार चर्चा काे तैयार है लेकिन विपक्ष अडंगा डाल रहा है। उन्होंने मप्र में नल-जल योजना की स्थिति के बारे में भी जानकारी दी।
44 हजार 605 करोड़ रुपए की केन-बेतवा योजना का जल्द ही मोदी करेंगे शुभारंभ
सरप्लस बेसिन से डेफेजिट बेसिन में पानी ट्रांसफर करने का सपना अटल बिहारी वाजपेयी ने देश के लिए देखा था। उनके बाद आई तत्कालीन UPA सरकार के 10 साल के शासन में इस पर कोई काम नहीं हो पाया था। यूपी और एमपी में बुंदेलखंड क्षेत्र के जिलों को सबसे पहले इसका लाभ मिलने जा रहा है। केन-बेतवा लिंक परियोजना (Ken-Betwa Link Project- KBLP) नदियों को आपस में जोड़ने की परियोजना है, इसमें मध्य प्रदेश की केन नदी में जो अधिक जल बह रहा है, उससे रोककर बेतवा नदी में पहुंचाएंगे। इससे नॉन मानसून सीजन में भी बुंदेलखंड में पानी का संकट नहीं रहेगा।

इसके लिए अब CM शिवराजसिंह चौहान और योगी आदित्यनाथ ने केन और बेतवा नदियों को जोड़ने का अंतरराज्यीय समझौता भारत सरकार के साथ कर एक नए युग का सूत्रपात देश में किया है। MP के लिए केन-बेतवा ऐतिहासिक योजना है। बहुत जल्द ही PM नरेंद्र मोदी उसका लोकार्पण करेंगे। बुंदेलखंड के 62 लाख घरों काे पीने का पानी मिलने के साथ ही हजारों किसानों काे सिंचाई का पानी मिल सकेगा। इस योजना की 90 फीसदी राशि केंद्र सरकार दे रही है।
कमलनाथ ने खूब भ्रष्टाचार किए, चुनाव में जनता को देंगे इसकी जानकारी
एमपी पर चर्चा करते हुए शेखावत ने कहा कि कमलनाथ ने 18 माह की कांग्रेस सरकार में मध्यप्रदेश में खूब भ्रष्टाचार किया। उस भ्रष्टाचार को चुनाव के दौरान हम जनता के बीच लेकर जाएंगे। एमपी चुनाव के मद्देनजर बीजेपी बहुत अच्छी स्थिति में है। एमपी में पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। शिवराज प्रदेश की जनता के लिए कई हितकारी योजना लागू कर चुके हैं।
एमपी में सिर्फ 11 फीसदी घरों में नल से जल पहुंचता था, अब 51 फीसदी घरों में, योजना की रफ्तार होगी तेज
शेखावत ने हर घर नल-जल योजना की सफलता काे लेकर कहा कि 2019 में जब यह योजना शुरू हुई थी, तब देश के सिर्फ 16 फीसदी घरों में नल से जल आता था। जबकि देश में कुल 19 करोड़ 41 लाख घर हैं। लेकिन करीब 3 करोड़ 23 लाख तक ही पानी पहुंचता था। इस योजना की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगा सकते हैं कि महज 4 साल में 12 करोड़ 71 लाख घरों तक नल से जल पहुंचने लगा है। एमपी में कुल 1 करोड़ घरों में से सिर्फ 11 फीसदी घरों में नल से जल पहुंचता था। लेकिन अब यह 51 फीसदी पर पहुंच गया है। एमपी में इस प्रोजेक्ट की रफ्तार तेज करने के निर्देश दिए हैं।
भाजपा में कोई गुटबाजी नहीं, राजस्थान, एमपी और छत्तीसगढ़ में बना रहे सरकार
राजस्थान में भाजपा में काेई गुटबाजी नहीं है और अगला चुनाव सामूहिक नेतृत्व में लड़ा जाएगा। मोदी जी भाजपा का चेहरा हाेंगे। राजस्थान में भाजपा इस बार अब तक की सबसे ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगी। राजस्थान ही नहीं भाजपा मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में पूर्ण बहुमत से अपनी सरकार बनाने जा रही है। एमपी में हमारी स्थिति काफी अच्छी है। बहुमत से ज्यादा सीटें हमें एमपी मिलेंगी।
गेहलोत ने राजस्थान को बना दिया रेप कैपिटल, अपने ही मंत्री को पिटवाया
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भीतरघात व गुटबाजी में उलझे हुए हैं ओर अपनी कुर्सी बचाने में व्यस्त हैं। उनका पूरा ध्यान कुर्सी बचाने पर है। जिसके चलते कानून व्यवस्था पर उनका ध्यान नहीं है। राजस्थान काे अपराध का गढ़ बना दिया है। परंपरा और संस्कृति के लिए पहचाने जाने वाले राजस्थान काे उन्होंने रेप कैपिटल बना दिया है। महिला अपराध पर जब गहलोत काे उनके ही मंत्री ने घेरा ताे उसे बर्खास्त कर दिया। फिर लाल डायरी के जरिए उनके मंत्री ने गहलोत के भ्रष्टाचार की परतें खोली ताे उन्हें विधानसभा में घुसने से रोका और पीटा गया
बेरोजगारी बढ़ी, 2 हजार युवा कर चुके आत्महत्या
राजस्थान में पेपर लीक के 19 गंभीर मामले प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए। बेरोजगारों काे नौकरियां नहीं मिल रही है। यहीं कारण है कि 2 हजार युवा आत्महत्या कर चुके हैं। जब भी पेपर लीक हुआ सीएम अधिकारियों और नेताओं काे बचाने में लगे रहे। आखिर दबाव के बाद जांच हुई और पीएससी मेंबर को गिरफ्तार किया गया। संभवत: यह पहली बार हुआ जब पीएससी मेंबर को गिरफ्तार किया गया।
किसानों ने पहली बार सोशल मीडिया पर लाइव आकर आत्महत्या की
अगर आपको राजस्थान सरकार की असफलता की कहानी सुनना है ताे राजस्थान के किसानों से मिलिए। राजस्थान के 19 हजार से ज्यादा किसानों काे कर्ज माफी के छल में जमीन नीलाम करना पड़ी? कई ने आत्महत्या कर ली। पहली बार किसानों ने सोशल मीडिया पर लाइव आकर आत्महत्या की।
गहलोत हिंदू विरोधी, पीएफआई के समर्थक
सीएम अशोक गहलोत तुष्टिकरण की राजनीति में हिंदुओं काे दरकिनार कर रहे हैं। उन्हें एक वर्ग विशेष से खास लगाव है। यह लगाव उन्हें सिर्फ इसलिए है ताकि उनका वोट बैंक सुरक्षित रहे। कन्हैया लाल हत्याकांड उसी की परिणीति है। वह हिंदू त्योहार पर प्रतिबंध लगाते हैं और दूसरी तरफ पीएफआई को आयोजन की अनुमति देते हैं।