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*बुरकीना फासो पर एक साथ 8 जगहों पर जिहादी हमले में 100 से ज्यादा लोगों की मौत*

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ड्जीबो। अफ्रीकी देश बुरकीना फासो में हुए एक बड़े आतंकी हमले में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई। मारे गए लोगों में अधिकतर सैनिक शामिल हैं। हमला देश के उत्तर में स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर ड्जीबो और उसके आसपास के इलाकों में हुआ। आतंकियों ने सैन्य अड्डों समेत कई प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया। इस हमले की जिम्मेदारी अल-कायदा से जुड़े आतंकवादी संगठन ‘जमात नस्र अल-इस्लाम वल-मुस्लिमीन’ने ली है।

एक साथ 8 जगहों पर हमला
जानकारी के अनुसार, आतंकियों ने रविवार तड़के करीब 6 बजे एक साथ 8 अलग-अलग लोकेशनों पर हमला किया। ड्जीबो शहर के सभी प्रवेश मार्गों पर पहले कब्ज़ा किया गया और फिर विशेष सुरक्षा बलों के ठिकानों पर हमला बोला गया। इनमें एंटी-टेररिस्ट यूनिट का मुख्य कैंप भी शामिल था।

हमले का मंजर, पीड़ितों की जुबानी
एक स्थानीय समाजसेवी और एक छात्रा, जिनके परिजन इस हमले में मारे गए, ने बताया कि आतंकियों ने सुनियोजित तरीके से शहर को घेरा और हमला घंटों तक जारी रहा। इस दौरान सेना की ओर से हवाई समर्थन नहीं मिल पाया, जो कि पहले के हमलों में अहम भूमिका निभाता था। स्वतंत्र विश्लेषक चार्ली वेर्ब ने ऑनलाइन सामने आए वीडियो का अध्ययन करने के बाद बताया कि हमलावरों ने लंबे समय तक क्षेत्र पर कब्जा बनाए रखा और उन्हें रोकने के लिए तत्काल कोई प्रभावी सैन्य प्रतिक्रिया नहीं देखी गई।

सुरक्षा मामलों के विशेषज्ञ वसीम नसर ने चेतावनी दी कि यह हमला JNIM की तेजी से बढ़ती ताकत और बुरकीना फासो में उनकी स्वतंत्र गतिविधियों को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “ड्जीबो पर हमला इस बात का संकेत है कि आतंकी अब बिना रोक-टोक देश में आगे बढ़ रहे हैं।”

बता दें कि बुरकीना फासो में 2022 में दो बार सैन्य तख्तापलट हुआ था। तब से यहां की सत्ता सैन्य जुंटा के हाथ में है। देश की करीब आधी आबादी अब भी सरकार के नियंत्रण से बाहर मानी जाती है। इस बीच आतंकवाद से निपटने के लिए बड़ी संख्या में नागरिकों को हथियार थमाकर मिलिशिया बनाया गया है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि इससे हालात और बिगड़े हैं और जातीय संघर्ष भी तेज हुआ है।

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