मानसूनी सिस्टम एक्टिव होने के कारण इंदौर में आज सुबह से तेज बारिश हो रही है। देर रात से लगातार बारिश होने के कारण शहर की कई कॉलोनियों में पानी भर गया है। बीआरटीएस, खजराना, बंगाली और पिपलियाहना चौराहा सहित आस पास की कालोनियों की सड़कें व इलाक़े जलमग्न हो गए हैं। शहर की निचली बस्तियों सहित कई कॉलोनियां में लोगों के घरों और दुकानों में पानी भर गया है। बुधवार और गुरुवार को शहर में कही हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हुई थी। जिसके बाद आज सुबह से ही शहर में तेज बारिश हो रही है। इंदौर में पिछले 24 घंटे में लगभग दो इंच से अधिक बारिश हो चुकी है।
शुक्रवार शाम को दूधिया ग्राम में पुलिस पर पानी के बहाव में बाइक सवार बह गया। हालांकि ग्रामीणों ने उसे रस्सी पकड़कर खींच लिया। लेकिन तेज बहाव के कारण उसकी बाइक बह गई।
सितंबर में यह पहली बार अच्छी बारिश की शुरुआत है। इससे पारे में भी गिरावट देखने को मिली। अधिकतम तापमान 30 डिग्री दर्ज किया गया, जो कि सामान्य से तीन डिग्री कम था। न्यूनतम तापमान 22 डिग्री के आस पास रहा। वर्षा के दौरान दृश्यता गिरकर 1500 मीटर तक पहुंची और शाम तक शहर में धुंध का असर बना रहा। दिन में अधिकतम हवा 20 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से चली।
लगातार पानी से कई कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति
इंदौर में शुक्रवार आला सुबह से ही लगातार बारिश हो रही है। आठ बजते-बजते तेज बारिश का दौर शुरू हुआ जो लगातार चल रहा है। बारिश के बीच इंदौर के पूर्व और पश्चिम क्षेत्र में जलभराव की स्थिति बन गई है। जिसके चलते शहर के भंवरकुआं, जीपीओ और नवलखा, देवास नाका, विजय नगर, संजय सेतु समेत कई इलाके पानी-पानी हो गए। बारिश के कारण यहां जाम की स्थिति बन गई। लोगों के घरों और दुकानों तक में पानी घुस गया है। सड़कों में पानी और दृश्यता अधिक होने के कारण वाहन चालकों को दिन में गाड़ियों की लाईट चालू करनी पड़ी।
सुबह से तेज बारिश के चलते इंदौर का यशवंत सागर बांध 19 फीट तक भर गया, जिसके चलते इसका एक गेट खोला गया।
लगातार तेज बारिश से शहर के कई कॉलोनियों में लोगों के घर और दुकानों में पानी भर गया
मौसम में ठण्डक घुली हुई है और गर्मी से राहत मिलने लगी है। मौसम वैज्ञानिकों ने अभी एक-दो दिन हल्की बारिश के आसार जताए हैं। साथ ही 12 सितम्बर से बंगाल की खाड़ी में एक सिस्टम बन रहा है। अगर यह स्ट्रांन्ग रहा तो अभी बारिश की जितनी कमी है उससे आधी की पूर्ति हो सकती है।
बीआरटीएस, खजराना, बंगाली और पिपलियाहना जैसे मुख्य चौराहों पर जलजमाव की स्थिति बन गई।
2019, 2020, 2021 और 2022 बारिश के मामले में मेहरबान रहा है। इससे पहले 2018 में जिले में औसत करीब 28 इंच ही बारिश हुई थी। जबकि जिले का कोटा 37 इंच माना जाता है। इस बार 32 इंच के करीब बारिश हुई है और अगस्त पूरी तरह सूखा गया। ऐसे में सितंबर से ही आस है, अन्यथा जिले का सामान्य कोटा भी पूरा नहीं हो पाएगा। आने वाली गेहूँ फसल के लिए जरूर यह बारिश राहत दे सकती है।
कहीं कहीं यह बारिश सोयाबीन की फसलों के लिए अनुकूल है। फसलों पर सकारात्मक प्रभाव होगा। फसलों की स्थिति में सुधार होगा। जिन किसानों ने जल्दी पकने वाली सोयाबीन की किस्म लगाई है उनके खेतों में आंशिक रूप से नुकसान की आशंका है। जिले में इस वर्ष 2 लाख 13 हजार रकबे में सोयाबीन की फसल बोई गई है। इंदौर जिले में लंबे अंतराल के बाद पिछले 24 घंटे से हो रही बारिश फसलों के लिए अमृत बन गई है। जिले में फसलों को नया जीवन मिला है। किसानों के चेहरे पर खुशियां लौट आई है।
