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मेधा पाटकर सहित सैंचुरी के 800 से ज्यादा मजदूर कर्मचारी गिरफ्तार, पिछले 45 माह से शांतिपूर्ण तरीके से कर रहे थे आंदोलन

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3 जिलों की पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार किया, कई श्रमिकों को चोट भी आई

इंदौर। सेंचुरी सत्याग्रह आंदोलन जिला खरगोन तहसील कसरावद में स्थित सेंचुरी का रोजगार का आंदोलन चल रहा था आज  3 अगस्त 2021 को सुबह 11:00 बजे पुलिस ने 3 जिले की पुलिस ने घेराबंदी कर सभी आठ नौ सो श्रमिकों को गिरफ्तार किया और मेघा पाटकर ताई  को भी गिरफ्तार कर कसरावद के गेस्ट हाउस संग्रहालय एनवीडीए रेस्ट हाउस में ले जाया गया ।

  गौरतलब है कि सैंचुरी के श्रमिकों का यह आंदोलन श्रमिक जनता संघ के नेतृत्व में पिछले 45 महीने से शांतिपूर्ण तरीके से चल रहा था और इसे अनुमति भी प्राप्त थी श्रमिकों को जगरिया तरीके से वीआरएस देने के खिलाफ हाई कोर्ट में मामला लंबित है उसका फैसला आने के पूर्व ही सैंचुरी मैनेजमेंट ने मनमाने तरीके से श्रमिकों के हाथों में जबरिया पैसा डाल कर वीआरएल देने की कोशिश की है जो कि नियम सम्मत और कानूनी नहीं है उसके बावजूद मजदूर शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे आज जब वे सैंचुरी मिल को खरीदने वाले मंजीत सिंह से मिलने और चर्चा करने की कोशिश कर रहे थे, तभी 3 जिलों की पुलिस ने घेराबंदी कर 800 से ज्यादा मजदूरों को और श्रमिक जनता संघ की अध्यक्ष मेधा पाटकर  को गिरफ्तार कर लिया ।

जिला प्रशासन और कसरावद एसडीएम ने ना तो मजदूरों को बताया कि किस धारा के तहत गिरफ्तार किया गया है और ना ही पुलिस ने । मिल मैनेजमेंट की मनमानी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाए प्रशासन उसका गुलाम बना हुआ है । और शांतिपूर्ण तरीके से संवैधानिक अधिकार का उपयोग कर रहे मजदूरों पर जुल्म कर रहा है। इसका पूरे मध्यप्रदेश के किसान मजदूर संगठनों ने विरोध करते हुए निंदा की है।

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