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शिवराज सरकार के ज्यादातर दिग्गज मंत्री अब हाशिए पर

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कभी मध्य प्रदेश की शिवराज सरकार में दिग्गज मंत्री रहे नेता अब हाशिए पर हैं. 2023 चुनाव के बाद कई हार गए तो कुछ पार्टी में सक्रिय हैं लेकिन कोई बड़ा पद नहीं मिल सका है. नरोत्तम मिश्रा से गोपाल भार्गव तक, इनकी वर्तमान स्थिति में विवाद, केंद्रीय भूमिका और स्थानीय सक्रियता शामिल है. राजनीतिक विश्लेषण बताता है कि BJP नई पीढ़ी को आगे बढ़ा रही है.

भोपाल. मध्य प्रदेश की राजनीति में शिवराज सिंह चौहान सरकार में कभी दिग्गज मंत्री रहे भाजपा नेता अब हाशिए पर हैं. 2023 विधानसभा चुनाव के बाद मोहन यादव सरकार में इनमें से कई को जगह नहीं मिली. कुछ चुनाव हार गए तो कुछ पार्टी में सक्रिय हैं लेकिन कोई बड़ा पद नहीं मिला है. कई पूर्व मंत्री विवादों में फंसे हैं जबकि कुछ केंद्र स्तर पर भूमिका निभा रहे हैं. यह बदलाव BJP की नई रणनीति को दर्शाता है जहां पुरानी पीढ़ी को साइडलाइन कर युवा चेहरों को मौका दिया जा रहा है. शिवराज सरकार में ये मंत्री नीतियां बनाने और विकास कार्यों में अहम थे लेकिन अब उनकी भूमिका सीमित हो गई है.

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिवर्तन पार्टी की आंतरिक डायनामिक्स और 2028 चुनाव की तैयारी का हिस्सा है. सरकार में संकटमोचक की भूमिका निभाने वाले पूर्व गृह मंत्री और कद्दावर नेता नरोत्तम मिश्रा जैसे नेता केंद्रीय नेताओं से मुलाकातें कर रहे हैं. महाराष्‍ट्र और बिहार चुनावों में डटे रहे लेकिन अभी कोई जिम्मेदारी नहीं मिली है. पूर्व मंत्री और 9 बार के अपराजेय विधायक गोपाल भार्गव विधायक ही हैं लेकिन कैबिनेट से बाहर. पूर्व सीएम कैलाश जोशी के बेटे और पूर्व मंत्री दीपक जोशी की चौथी शादी ने विवाद खड़ा कर दिया है, वे एकदम हाशिए पर आ गए हैं. वहीं पूर्व मंत्री और विधायक सुरेंद्र पटवा चेक बाउंस केस में अरेस्ट वारंट का सामना कर रहे हैं. पूर्व मंत्री संजय पाठक ट्राइबल लैंड ग्रैब आरोपों में घिरे हैं.

क्षेत्रीय संतुलन और नए नेतृत्व पर फोकस, पुराने चेहरे नई चुनौतियों का सामना कर रहे
सत्ता बदलाव के साथ पुराने चेहरे नई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं. BJP अब क्षेत्रीय संतुलन और नए नेतृत्व पर फोकस कर रही है. इस राजनीतिक परिवर्तन ने एमपी BJP में नई बहस छेड़ दी है. शिवराज युग के मंत्री विकास मॉडल के लिए जाने जाते थे लेकिन मोहन यादव सरकार में कई नीतियां बदली गईं. गौरी शंकर बिसेन जाति प्रमाणपत्र जांच में हाईकोर्ट नोटिस का सामना कर रहे हैं. पूर्व मंत्री अर्चना चिटनीस सोशल मीडिया पर महिलाओं के मुद्दों पर सक्रिय हैं लेकिन कोई पद नहीं. पूर्व मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया स्वास्थ्य कारणों से रिटायर हो गईं. पूर्व मंत्री रामपाल सिंह लोकल विकास पर फोकस कर रहे हैं.

शिवराज सरकार में TOP 5 चर्चित मंत्री रहे, अब कोई पद नहीं 

नामपूर्व पदवर्तमान स्थिति (2024-2025 अपडेट)
नरोत्तम मिश्रागृह मंत्री2023 में हारे, कोई पद नहीं
गोपाल भार्गवपंचायत मंत्रीरहली से विधायक, कैबिनेट से बाहर
भूपेश सिंहकैबिनेट मंत्रीकोई आधिकारिक पद नहीं, स्थानीय काम
कमल पटेलकृषि मंत्रीहरदा से हारे, कोई बड़ा पद नहीं
दीपक जोशीमंत्रीकांग्रेस से हारे, 2025 में चौथी शादी का विवाद

पूर्व मंत्रियों से अधिकतर हाशिए पर, नहीं मिला पद और जिम्‍मेदारी 

जयंत कुमार मलैया (पूर्व वित्त मंत्री): दमोह से विधायक (2023 में जीते). विधानसभा में सक्रिय, लेकिन कैबिनेट में जगह नहीं. 2024 में लोकल एक्टिव.
ओम प्रकाश धुर्वे (पूर्व आदिवासी कल्याण मंत्री): BJP नेशनल सेक्रेटरी. 2023 में जीते लेकिन अब केंद्र स्तर पर. 2025 में NCST से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय.
गौरी शंकर बिसेन (पूर्व कृषि मंत्री): बालाघाट से 2023 में हारे. 2025 में जाति प्रमाणपत्र जांच में हाईकोर्ट नोटिस मिला. राजनीतिक सक्रियता कम, बेटी मौसम बिसेन ने 2025 में विवादों में जवाब दिया.
डॉ. गौरी शंकर शेजवार (पूर्व स्वास्थ्य मंत्री): सांची से पूर्व विधायक. 2020 में एंटी-पार्टी एक्टिविटी के लिए शो-कॉज नोटिस मिला. अब कोई बड़ा पद नहीं, कोई चुनावी सक्रियता नहीं दिखी.
यशोधरा राजे सिंधिया (पूर्व खेल मंत्री): स्वास्थ्य कारणों से 2023 चुनाव नहीं लड़ी, रिटायरमेंट घोषित. अब कोई पद नहीं.
कुसुम मेहदेले (पूर्व पीएचई मंत्री): 2018 में उम्र कारण टिकट नहीं मिला. अब राजनीति से दूर, 2024 में कोई अपडेट नहीं. पूर्व में नेपोटिज्म विवाद में नाम आया.
रामपाल सिंह (पूर्व मंत्री): सिलवानी से विधायक (2023 में जीते). विधानसभा में सक्रिय, लेकिन कैबिनेट बाहर. 2024 में लोकल विकास मुद्दों पर फोकस.
जयभान सिंह पवैया (पूर्व मंत्री): BJP राज्य स्थायी आमंत्रित सदस्य. ग्वालियर में सक्रिय, 2024 में लोकसभा चुनाव चर्चाओं में नाम आया लेकिन टिकट नहीं.
सुरेंद्र पटवा (पूर्व मंत्री): भोजपुर से विधायक (2023 में जीते). 2025 में चेक बाउंस केस में अरेस्ट वारंट जारी, हाईकोर्ट में केस.
संजय पाठक (पूर्व मंत्री): विजयराघवगढ़ से विधायक (5वीं बार). 2025 में ट्राइबल लैंड ग्रैब और हवाला स्कैम आरोपों में घिरे, हाईकोर्ट नोटिस.
दीपक जोशी (पूर्व मंत्री): 2023 में कांग्रेस से लड़े और हारे. 2025 में चौथी शादी (कांग्रेस नेता से) के बाद दोनों पार्टियां डिस्टेंस कर रही हैं. कोई पद नहीं.

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