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मधु दंडवते जन्म शताब्दी समारोह समिति की राष्ट्रीय समिति की  मुंबई बैठक

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 मधु दंडवते जन्म शताब्दी समारोह समिति की राष्ट्रीय समिति की पहली बैठक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी एवं देश के वरिष्ठतम  समाजवादी नेता डॉ जी जी परीख जी की अध्यक्षता में 24 मार्च को मुंबई में संपन्न हुई। मधु मोहिते जी  महाराष्ट्र के समाजवादियों द्वारा किए गए कार्यक्रमों का ब्यौरा प्रस्तुत किया । 

   राष्ट्रीय संयोजक अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि मधु दंडवते जन्मशताब्दी वर्ष में पहला बड़ा कार्यक्रम 21 जनवरी को दिल्ली में आयोजित किया गया था, जिसमें एक स्मारिका का लोकार्पण किया गया। 

   उन्होंने  हैदराबाद, चेन्नई, बेंगलुरु के कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि देशभर के समाजवादियों में कार्यक्रम आयोजित करने को लेकर जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है।

    डॉ जी जी परीख जी ने कहा कि मधु दंडवते जी को याद करने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि हम समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष एवं लोकतंत्र पर आधारित राजनीति करने वाली विपक्षी ताकतों को एकजुट करें। उन्होंने कहा कि यह काम मधु जी के मंच से इसलिए संभव है क्योंकि उनका सभी प्रगतिशील ताकतों के साथ व्यक्तिगत संबंध था ।

    डॉ जी जी परीख जी ने कहा कि बड़े पैमाने पर  25 छात्र-छात्राओं के प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाने चाहिए। जिसमें मधु जी ने जिस तरह का सार्वजनिक जीवन जीया, उस तरह समाजवादी  आचरण करने वाली युवा पीढ़ी को तैयार किया जा सके।

     डॉ जी जी परीख जी ने यह भी कहा कि समाजवादियों और गांधीवादियों के साथ-साथ प्रगतिशील संगठनों को एक साथ काम करने की जरूरत है ताकि उनकी सामूहिक ताकत से समाज में परिवर्तन हो सके ।

     डॉ जी जी परीख जी ने कहा कि यह बहुत जरूरी है कि मधु दंडवते जी की आम यात्री केंद्रित रेलवे बनाने की जो दृष्टि थी, उसे देश के सामने रखा जाए। साधारण नागरिक को कैसे सस्ती, पर्यावरण सम्मत, तीव्र और दक्ष रेलवे उपलब्ध हो सकती है , यह बताया जाना चाहिए।

 रेलवे कर्मचारियों के बीच सौर ऊर्जा का उपयोग करने , छत पर पानी इकट्ठा करने, सामाजिक जागरूकता के लिए वाचनालय बनाने और युवा क्लब बनाने के प्रयास होना चाहिए।

      उन्होंने कहा कि योजना आयोग ने मोरारजी भाई की सरकार के समय रजनी कोठारी, जेडी शेट्ठी और एलसी जैन के नेतृत्व में रोजगार सृजन करने और वैकल्पिक विकास की नीतियां बनाने को लेकर बहुत अच्छा काम किया था। उस काम को  फिर से शुरू करने और मजबूती देने  की फिर से आवश्यकता है।

       डॉ जी जी परीख जी ने यह भी सुझाव दिया कि राष्ट्रीय समिति के सदस्य को 10 हजार रुपए,  समाजवादी संगठनों को 5 हजार रुपए तथा  व्यक्तिगत स्तर पर समाजवादियों को एक हजार रुपए का योगदान कर समिति के कार्यों को आगे बढ़ाना चाहिए।

        राज्यसभा के पूर्व सांसद एवं योजना आयोग के पूर्व सदस्य प्रोफेसर मुंगेकर ने कहा कि इंदिरा गांधी ने देश पर व्यक्तिगत तानाशाही लादी थी लेकिन वर्तमान सरकार ने देश पर संस्थागत  फासीवाद लाद दिया है। संसद को भी नहीं बख्शा जा रहा है।

      राष्ट्रीय समिति को संबोधित करते हुए प्रोफ़ेसर डी के गिरि ने कहा कि मधु दंडवते जी ने साबित किया कि एक ईमानदार नागरिक भी देश की राजनीति में उच्च स्थान पर पहुंच सकता है तथा राजनीति को प्रभावित कर सकता है ।

      बिहार के पूर्व मंत्री श्याम रजक ने कहा कि समाजवादी राजनीति को परिवारवाद के आरोपों से उबारना  जरूरी है।

हमारी पहचान संघर्ष और कुर्बानी है । उन्होंने कहा कि देश में मुख्य मुद्दा नफरत की राजनीति, गरीबी, बेरोजगारी और महंगाई को खत्म करना है।

     उन्होंने कहा कि जिस तरह बिहार में कर्पूरी जी और मधु लिमए जी के कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं उसी तरह से  मधु दंडवते जी के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

      राष्ट्र सेवा दल के अध्यक्ष नितिन वैद्य ने कहा कि हम  ऐसे काल में रह रहे हैं, जिसमे समाजवादी और  प्रगतिशील आंदोलनों में युवाओं की भागीदारी आवश्यकता से बहुत कम है। उन्होंने कहा कि 1942 में समाजवादियों की बहुत बड़ी ताकत थी लेकिन आज राष्ट्र सेवा दल में औसत आयु 75 वर्ष है, इस स्थिति को बदलना आवश्यक है।

       अन्य वक्ताओं ने कहा कि बजट लगातार गरीब, मध्यमवर्ग विरोधी होता जा रहा है। देश का कल्याणकारी चरित्र बदल रहा है।

        दिल्ली से आए शताब्दी समिति के उप संयोजक तहसीन अहमद में कहा कि समाजवादियों की जद्दोजहद को बढ़ाना जरूरी है ताकि समाज में सह अस्तित्व के विचार को उपयुक्त स्थान मिल सके।

     एसएम जोशी फाउंडेशन के पूर्व सचिव एवं राष्ट्र सेवा दल के पूर्व अध्यक्ष सुभाष वारे ने कहा कि 1934 में कांग्रेस सोशलिस्ट पार्टी के गठन से पहले के समाजवादियों का  एजेंडा तथा  प्रगतिशील संविधान के निर्माण में डॉ. अंबेडकर के योगदान को नजरअंदाज किया गया है ।  उन्होंने कहा कि हमें संसदीय लोकतंत्र को बचाने के लिए समाजवादियों के छोटे समूहों को कुछ सीटों पर केंद्रित कर चुनाव जीतने का प्रयास करने चाहिए । शिवाजी  से भीम जी तक के विचारों को महाराष्ट्र में प्रचारित करने का काम करना चाहिए।

      सभी राष्ट्रीय समिति के सदस्यों ने डॉ जी जी परीख के विचारों से सहमति जताते हुए प्रोफ़ेसर मुंगेकर से अनुरोध किया कि योजना आयोग को आज की आवश्यकतानुसार खड़ा करने को लेकर योजना का प्रारूप तैयार   करना चाहिए।

    अरुण श्रीवास्तव ने बैठक समापन करते हुए कहा कि राष्ट्र सेवा दल और हिंद मजदूर सभा समाजवादी आंदोलन के दो मजबूत स्तंभ है। उन्होंने नितिन वैद्य से अनुरोध किया कि मधु दंडवते जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर आधारित  फिल्म का  निर्माण करें।उन्होंने गोरखपुर के आसपास के जिलों में राष्ट्र सेवा दल के 6 शिविर आयोजित करने की घोषणा की।

     राष्ट्रीय समिति के सदस्यों को धन्यवाद देते हुए युसूफ मेहर अली सेंटर की गुड्डी ने कहा कि अगले वर्ष हम जी जी के 100 वां जन्मदिन  के अवसर पर बड़ा कार्यक्रम आयोजित करेंगे तथा प्रगतिशील आंदोलनों के वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करने के लिए एक और कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हम जल्दी ही कोंकण में शताब्दी वर्ष के अवसर पर विशेष कार्यक्रम शुरू करेंगे।

  अरूण श्रीवास्तव

(राष्ट्रीय संयोजक – मधु दंडवते जन्म शताब्दी समारोह समिति )

 98101 08801

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