इंदौर के रिंग रोड पर यातायात की समस्या को खत्म करने के लिए बन रहा मूसाखेड़ी फ्लाईओवर तय समय पर पूरा नहीं हो सका है. MPRDC द्वारा 67 करोड़ रुपये की लागत से 780 मीटर लंबे 6 लेन फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है, लेकिन मार्च 2026 की डेडलाइन अब जून 2026 तक खिसक गई है. प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद सफर 45 मिनट की बजाय 20 मिनट में तय होने का दावा है
इंदौर के रिंग रोड पर यातायात की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए बन रहे मूसाखेड़ी फ्लाईओवर का काम काफी लेट लतीफी से चल रहा है. 2024 के शुरुआत में शुरू हुआ निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हो सका है. फिलहाल मूसाखेड़ी क्रॉसिंग पर घंटों जाम की स्थिति बन रही है, जिससे रोजाना हजारों लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है. हालांकि पिलर पूरी तरह से बनकर तैयार है लेकिन स्लैब डालने और फिनिशिंग का काम अभी भी बाकी है.
मूसाखेड़ी पर MPRDC द्वारा 67 करोड़ रुपए में 6 लैन के 780 मीटर लंब फ्लाईओवर का निर्माण कराया जा रहा है. इसकी डिजाइन को इस तरह तैयार किया गया है कि रिंग रोड पर सीधा चलने वाला ट्रैफिक बिना किसी सिग्नल के ऊपर से गुजर जाएगा, जिससे चौराहे पर लगने वाला भारी जाम पूरी तरह खत्म हो जाएगा. इसे सिंगल पिलर ब्रिज की तर्ज पर बनाया जा रहा है ताकि फ्लाईओवर के नीचे पर भी चौड़ी सड़क रहे और सामान्य आवागमन में परेशानी न हो. फिलहाल रिंग रोड़ पर तीन इमली, खजराना और बंगाली चौराहे पर फ्लाईओवर है लेकिन मूसाखेड़ी और IT पार्क चौराहे पर लंबा जाम लगता है.
सिग्नल फ्री होगा रिंग रोड
इस ब्रिज का निर्माण कार्य मार्च 2026 में ही पूरा हो जाना था लेकिन लेट लतीफी के कारण अब यह जून 2026 तक पूरा हो पाएगा. इसके साथ ही आईटी पार्क पर भी सिक्स लाइन का ब्रिज बन रहा है. यह भी जून तक पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा. इसके बाद रिंग रोड़ रोबोट चौराहे तक पूरी तरह सिग्नल फ्री हो जाएगा और केवल 20 मिनट में यह सफर पूरा हो जाएगा.
फिलहाल राजीव गांधी से रोबोट चौराहे तर पहुंचने में 45 मिनट तक लगते हैं, सर्विस लेन भी खराब होने की वजह से यहां गाड़ियां धीमे चलती हैं जिससे ट्रैफिक लगातार बढ़ता रहता है. मूसाखेड़ी पर बन रहे फ्लाईओवर की वजह से यहां जगह भी कम बची है जबकि चौराहे के क्रॉसिंग पर ही स्लैब का काम हो रहा है लेकिन शाम के वक्त यहां से निकलना दुभर है.

