मध्यप्रदेश के श्योपुर जिले से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जहां मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत विवाह सम्मेलन में मुस्लिम शिक्षकों को पुरोहित बना दिया गया। इतना ही नहीं उन्होंने हिंदू रीति-रिवाज से वर-वधू की शादी भी कराई। अब मामला सामने आने के बाद हिंदू संगठन के पदाधिकारियों ने आपत्ति जताई है।
10 मुस्लिम टीचर्स की ड्यूटी लगाई, करवाए विवाह
जानकारी के मुताबिक नगर पालिका और जनपद पंचायत ने अक्षय तृतीया यानी 30 अप्रैल को मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना (Mukhymantri Kanya Vivah Yojana ) के तहत शहर के हेवी मशीनरी टीनशेड में विवाह सम्मेलन आयोजित कराया था। जिसमें जिम्मेदार अफसरों ने विवाह कार्यक्रम में पुरोहित की भूमिका के लिए 10 मुस्लिम टीचर्स की ड्यूटी लगा दी थी। इतना ही नहीं इन मुस्लिम शिक्षकों ने भी कोई ऐतराज किए बिना सरकारी हुकुम को माना और हवन वेदी पर बैठकर हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह कराए।
इन मुस्लिम शिक्षकों ने कराए विवाह
जानकारी के अनुसार विवाह सम्मेलन में जिन मुस्लिम शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई उनमें निम्नलिखित टीचर शामिल थे-
- इस्माइल खान प्राथमिक स्कूल अडूसा,
- बुंदू खान मिडिल स्कूल श्री हजारेश्वर,
- शमशाद खान, प्राथमिक स्कूल कन्या उर्दू गांधी,
- मुमताज अली प्राथमिक स्कूल नारायणपुरा,
- सफदर हुसैन नकवी सीएम राइज स्कूल श्योपुर,
- गजला नोमानी माध्यमिक स्कूल पंडोला,
- इमाम अली प्राथमिक स्कूल दौलतपुर,
- मुनव्वर जहां प्राथमिक स्कूल उर्दू गांधी,
- नुजहत परवीन मिडिल स्कूल क्रमांक 3,
- बुंदू खान प्राथमिक स्कूल ढोटी शामिल रहे।
- इस गड़बड़ी के लिए कौन जिम्मेदार ?
सवाल खड़ा हो रहा है कि आखिर जिम्मेदार अफसरों ने इतनी बड़ी गलती कैसे कर सकते हैं? मुस्लिम शिक्षकों को पुरोहित बनाकर विवाह सम्मेलन में भेजना सिस्टम की बड़ी लापरवाही को उजागर करता है। अब देखना होगा कि इस मामले में आला अफसर क्या एक्शन लेते हैं। वहीं दूसरी ओर स्थानीय हिंदू संगठनों में इस व्यवस्था को लेकर नाराजी है और वे सवाल पूछ रहे हैं आखिर किस अधिकारी के निर्देश पर यह व्यवस्था की गई ?

