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मध्य प्रदेश के एक और जिले का नाम बदल दिया गया,अलीराजपुर जिले का नाम बदलकर ‘आलीराजपुर’ कर दिया

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अलीराजपुर: मध्य प्रदेश के एक जिले का नाम का बदल दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने 21 अगस्त 2025 को जारी एनओसी पत्र के आधार पर यह निर्णय लिया। जिसके बाद राज्य सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। अब कुछ ही दिनों हर जगह नाम बदला हुआ दिखाई देगा।

राजस्व विभाग की नई अधिसूचना के अनुसार अलीराजपुर जिले का नाम बदलकर ‘आलीराजपुर’ कर दिया गया है। अधिसूचना जारी होने के बाद यह बदलाव तत्काल प्रभाव से लागू होगा। लंबे समय से इस क्षेत्र के लोग नाम बदलने की मांग कर रहे थे। उनका कहना था कि ‘आलीराजपुर’ नाम जिले की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक पहचान को बेहतर ढंग से दर्शाता है। इस जनभावना पर अमल करते हुए जिला कलेक्टर ने राज्य सरकार को एक प्रस्ताव प्रस्तुत किया। जिसे बाद में अंतिम अनुमोदन के लिए केंद्र सरकार को भेज दिया गया।

21 अगस्त को आया एनओसी
21 अगस्त को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एनओसी जारी कर दिया। जिससे नाम परिवर्तन का रास्ता साफ हो गया। अधिसूचना जारी होने के साथ ही, सभी आधिकारिक दस्तावेज, सरकारी रिकॉर्ड, नक्शे और प्रशासनिक संदर्भों में नया नाम दिखाई देने लगेगा। साइनेज, डिजिटल सिस्टम और सार्वजनिक संचार को अपडेट करने की प्रक्रिया कुछ ही दिनों में शुरू होने की उम्मीद है।

कब बना था अलीराजपुर जिला
अलीराजपुर जिला 17 मई 2008 को झाबुआ जिले से अलग होकर बना था। इसका नाम इसके प्रशासनिक मुख्यालय अलीराजपुर के नाम पर रखा गया। अपने गठन के बाद से इस जिले ने आदिवासी विकास और क्षेत्रीय शासन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। नाम परिवर्तन के क्षेत्र की पहचान और विरासत की प्रतीकात्मक पुष्टि के रूप में देखा जा रहा है।

नाम बदलने की परंपरा एक दशक पुरानी
नाम बदलने की मांग एक दशक से भी ज्यादा पुरानी है। 2012 में, तत्कालीन मंत्री अंतर सिंह आर्य की अध्यक्षता में हुई जिला योजना समिति की बैठक में एक स्थानीय संगठन ने इस बदलाव की वकालत करते हुए एक ज्ञापन प्रस्तुत किया था। प्रस्ताव में ऐतिहासिक प्रासंगिकता और सांस्कृतिक समन्वय को प्रमुख कारण बताया गया था। समिति ने सर्वसम्मति से इस अनुरोध का समर्थन किया और एक औपचारिक प्रक्रिया शुरू की जिसका समापन इस हफ्ते की अधिसूचना के साथ हुआ।

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