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अजमेर के डीआरएम रहे नरेश सालेचा अब नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल के सदस्य बने

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एस पी मित्तल,अजमेर

अजमेर रेल मंडल के डीआरएम रहे नरेश सालेचा को अब केंद्र सरकार ने नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल का तकनीकी सदस्य नियुक्त किया है। मौजूदा समय में सालेचा रेलवे बोर्ड में सदस्य (वित्त) हैं। ट्रिब्यूनल में सालेचा की नियुक्ति अगले चार वर्ष के लिए की गई है। सालेचा दिल्ली में 17 मई को शपथ लेंगे। सालेचा के लिए यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। असल में सालेचा शुरू से ही कर्तव्यनिष्ठ और अपने कार्य में ईमानदार रहे हैं। इसलिए उन्हें पहले रेलवे बोर्ड में सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले वित्त का सदस्य बनाया गया। रेलवे बोर्ड में सालेचा के पारदर्शी कामकाज को देखते हुए ही केंद्र सरकार ने सालेचा को नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल का तकनीकी सदस्य नियुक्त किया है। इस ट्रिब्यूनल में आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट के मौजूदा जज एम सत्यनारायण मूर्ति, पंजाब-हरियाणा के पूर्व न्यायाधीश राकेश कुमार जैन, पटना हाईकोर्ट के पूर्व न्यायाधीश राकेश कुमार तथा सेवानिवृत्त आईएएस वारुन मित्रा को भी सदस्य नियुक्त किया है। उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार देश में रजिस्टर्ड देशी-विदेशी कंपनियों के आपसी विवादों के अंतिम निपटारे में इस ट्रिब्यूनल की महत्वपूर्ण भूमिका है। असल में जो कंपनियां नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के फैसलों से संतुष्ट नहीं होंगी वे अपीलेट ट्रिब्यूनल में अपील कर सकेंगी। एक तरह से यह ट्रिब्यूनल कंपनी मामलों के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट जैसी भूमिका निभाएगी। यही वजह है कि इस ट्रिब्यूनल में हाईकोर्ट के मौजूदा जज की भी नियुक्ति की गई है। सालेचा अजमेर में डीआरएम के पद पर भी लोकप्रिय रहे। देश भर में रेल संपत्तियों का लेखा जोखा तैयार करने में भी सालेचा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वित्तीय कार्यों में दक्षता को देखते हुए भी सालेचा को अपीलेट ट्रिब्यूनल में नियुक्ति दी गई है। तकनीकी सदस्य के नाते ट्रिब्यूनल के निर्णयों में सालेचा की राय अहम होगी। 

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