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नरेश टिकैत बोले- राजनाथ सिंह पिंजरे में बंद तोते की तरह, उन्हें किसानों से बात करने की छूट मिले तो हल निकल सकता है

NEW DELHI, INDIA - OCTOBER 6: Home Minister Rajnath Singh and Bharatiya Kisan Union President Chaudhary Naresh Tikait at the celebration of former Kisan leader late Chaudhary Mahendra Singh Tikait's 80th birth anniversary on October 6, 2015 in New Delhi, India. He was the founder President of the 'Bharatiya Kisan Union and very influential Jaat leader in western Uttar Pradesh and Haryana. (Photo by Mohd Zakir/Hindustan Times via Getty Images)

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नरेश टिकैत बोले- राजनाथ सिंह पिंजरे में बंद तोते की तरह, उन्हें किसानों से बात करने की छूट मिले तो हल निकल सकता है

नई दिल्ली

नरेश टिकैत बोले- राजनाथ सिंह पिंजरे में बंद तोते की तरह, उन्हें किसानों से बात करने की छूट मिले तो हल निकल सकता है

नई दिल्ली

किसान नेता राकेश टिकैत के भाई और भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष नरेश टिकैत ने बुधवार को कहा कि केंद्र सरकार ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को पिंजरे का तोता बनाकर रखा हुआ है। अगर सरकार उन्हें आजाद कर किसानों से बातचीत करने दे तो किसान आंदोलन का समाधान तुरंत हो जाएगा, लेकिन यह सरकार जिद्दी है। नरेश टिकैत ने उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में आयोजित किसान महापंचायत में यह बात कही।

कृषि मंत्री बोले- बातचीत के दरवाजे आज भी खुले, पहले भी पूरी संवेदना थी
किसानों की तल्खी के बीच कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने बुधवार को कहा कि कृषि कानूनों पर किसानों से बातचीत के लिए सरकार के दरवाजे आज भी खुले हैं। तोमर बोले, ‘किसानों से कई बार चर्चा हो चुकी, लेकिन अभी भी उनका कोई पॉइंट है तो हम बातचीत के लिए तैयार हैं। तोमर ने यह बात एक इवेंट के बाद मीडिया से बातचीत में कही। उनसे पूछा गया था कि क्या किसानों से बातचीत फिर से शुरू करने के लिए सरकार कोई कोशिश कर रही है।’

‘किसानों की भलाई के लिए लगातार काम कर रहे’
तोमर ने कहा कि सरकार पूरी संवेदना के साथ किसानों से चर्चा करती रही है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना का फायदा 10 करोड़ किसानों को मिल चुका है। किसानों की सालाना आय करीब 6000 रुपए बढ़ चुकी है। तोमर ने यह भी कहा कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए कमिटेड है और उनकी भलाई के लिए लगातार काम कर रही है।

तोमर का यह बयान ऐसे समय आया है, जब किसान नेता लगातार आंदोलन तेज करने की स्ट्रैटजी बना रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने मंगलवार को कहा था कि सरकार पर कृषि कानूनों को वापस लेने का दबाव बनाने के लिए 40 लाख ट्रैक्टरों के साथ संसद मार्च की योजना बना रहे हैं। मार्च निकालने से पहले सरकार को बता दिया जाएगा। टिकैत ने यह मांग भी दोहराई कि मिनिमम सपोर्ट प्राइस (MSP) की गारंटी को लेकर नया कानून आना चाहिए।

संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रपति को चिट्ठी लिखी
कृषि कानूनों के खिलाफ 91 दिन से आंदोलन कर रहे 40 किसान संघों के संगठन संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने बुधवार को दमन प्रतिरोध दिवस मनाया। SKM ने राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को चिट्ठी भी लिखी। इसमें कहा गया है कि आंदोलन कर रहे किसानों और उनके समर्थकों का दमन बंद किया जाए।इसके साथ ही SKM ने क्लाइमेट एक्टिविस्ट दिशा रवि को जमानत मिलने के फैसले का स्वागत करते हुए दिल्ली पुलिस के खिलाफ तुरंत एक्शन लेने की मांग की है। SKM का कहना है कि पुलिस ने दिशा रवि को गैर-कानूनी तरीके से गिरफ्तार किया था।

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