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नरोत्तम मिश्रा – ज्योतिरादित्य सिंधिया ने बंद कमरे में आधे घंटे की बात

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मप्र में सत्ता का केन्द्र बन चुके केन्द्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बुधवार शाम अचानक पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के निवास पहुंचे। इस दौरान पूर्व गृह मंत्री ने केन्द्रीय मंत्री का जोरदार स्वागत करते हुए बंद कमरे में चले गए। ग्वालियर-चंबल से आने वाले ये दोनों नेता जब बंद कमरे में बात कर रहे थे तब सियासत के बाजार में सेंसेक्स सारे रिकार्ड तोड़ रहा था। आखिर ऐसा हो भी क्यों नहीं ठीक हफ्ते भर पहले वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय डॉ. नरोत्तम मिश्रा के निवास मिलने पहुंचे थे और उनके बाद अब ज्योतिरादित्य सिंधिया पूर्व गृह मंत्री के निवास पहुंचे तो एमपी की राजनीति का पारा चढ़ना लाजमी है।

दोनों नेता ग्वालियर-चंबल से आते हैं और दोनों नेता राजनीति के महारथी माने जाते हैं। साल 2020 के बाद जिस प्रकार से ज्योतिरादित्य सिंधिया भाजपा में आए और इन दोनों नेताओं के बीच आपसी संबंध मजबूत हुए वो किसी से छिपे नहीं हैं। इस बात में कोई सक नहीं कि एमपी बीजेपी का संगठन इस वक्त बदलाव के दौर से गुजर रहा है। जिस प्रकार से बीजेपी में इस वक्त गुजबाजी पूरे शबाब पर है उसमें केन्द्रीय नेतृत्व को एक मजबूत रणनीतिकार और कुशल नेत्रृत्व करता की आवश्यकता है।

इन परिस्थितियों में पूर्व गृह मंत्री के निवास पर वरिष्ठ नेताओं का आना नए राजनीतिक समीकरणों को जन्म देता नजर आ रहा है। ज्योतिरादित्य सिंधिया और डॉ. नरोत्तम मिश्रा जिस प्रकार बंद कमरे में बात करते रहे और फिर जब दोनों बाहर आए तो उससे यह साफ दिखाई पड़ रहा था कि प्रदेश की राजनीति में कुछ तो बड़ा होने वाला है। हांलाकि बैठक के बाद नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि ज्योतिरादित्य सिंधिया उनके नेता हैं उनका आना आम बात है। साथ ही उन्होने कहा कि वो किसी दौड़ में भी शामिल नहीं हैं। पार्टी जो भी काम देती है उसे वो सहर्श स्वीकार करते हैं और पूरी ताकत से पार्टी के काम को करते हैं।

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