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वैदिक धर्म के प्रचार का प्रमुख केंद्र बनेगा अजमेर में आर्य समाज का नया भवन

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एस पी मित्तल,अजमेर

18 सितंबर को अजमेर के कोटड़ा स्थित दाहरसेन स्मारक के निकट आर्य समाज के नए भवन का शुभारंभ यज्ञ, भजन और प्रवचनों के साथ हुआ। इस अवसर पर ब्रह्मा गुरुकुल आबू पर्वत के कुलपति आचार्य ओम प्रकाश, आचार्य प्रभाकर, डॉ. दिनेशचंद शर्मा, पंडित अमर सिंह, ब्यावर के ओम मुनि आदि ने उम्मीद जताई कि यह नया भवन वैदिक धर्म के प्रचार प्रसार का प्रमुख केंद्र रहेगा। वक्ताओं ने कहा कि स्वामी दयानंद ने आर्य समाज के जो सिद्धांत बताए वे आज भी प्रासंगिक हैं। इस अवसर पर परोपकारिणी सभा के प्रधान रहे स्वर्गीय डॉ. धर्मवीर जी को भी याद किया गया। बताया गया कि डॉ. धर्मवीर ने अपने निजी कोष से इस भवन के लिए रियायती दर पर जमीन आवंटित करवाई। इसलिए इस भवन का नाम डॉ. धर्मवीर भवन रखा गया है। अनेक वक्ताओं ने कहा कि आर्य समाज के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने में डॉ. धर्मवीर की महत्वपूर्ण भूमिका रही थी। धर्मवीर के माध्यम से ही आर्य समाज को समझने का मौका मिला। आनासागर के किनारे बने ऋषि उद्यान में प्रति वर्ष ऋषि मेल का शुभारंभ भी धर्मवीर जी ने ही अपने जीवन काल में किया था। आज परोपकारिणी सभा और ऋषि उद्यान वैदिक धर्म के प्रचार प्रसार में लगा हुआ है। इस अवसर पर अजमेर के सांसद भागीरथ चौधरी ने कहा कि स्वामी दयानंद ने राष्ट्रवाद का पाठ लोगों को पढ़ाया। चौधरी ने नए भवन के विकास कार्यों के लिए पांच लाख रुपए की राशि सांसद कोष से देने की घोषणा की। समारोह में बताया गया कि चौधरी ने पूर्व में सांसद कोष से जो 10 लाख रुपए दिए उसका उपयोग सभागार बनाने में किया गया है। अब इस सभागार में नियमित रूप से हवन, यज्ञ और आर्य विद्वानों के प्रवचन होंगे। आसपास के परिवार भी अनेक संस्कार इस भवन में करवा सकते हैं। समारोह में भाजपा विधायक श्रीमती अनिता भदेल ने कहा कि स्वामी दयानंद ने समाज सुधार के अनेक कार्य किए। इनमें छुआछूत को समाप्त करना भी एक महत्वपूर्ण कार्य था। उन्होंने प्रत्येक नागरिक को समाज में समान अधिकार देने पर बल दिया। स्वामी दयानंद के विचारों से प्रभावित होकर ही दलित वर्ग के अनेक लोगों ने आर्य समाज को अपनाया। भदेल ने कहा कि नए भवन के लिए उन्होंने पूर्व में 10 लाख रुपए की अनुशंसा कर रखी है, लेकिन राज्य सरकार की अड़चनों के कारण इस राशि का उपयोग नहीं हो पा रहा है। भदेल ने कहा कि आने वाले दिनों में जब राजनीतिक बदलाव होगा, तब वे इस दस लाख रुपए की राशि का उपयोग इसी भवन में करवाएंगी।

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