नए साल की शुभकामनाएं. दुनिया में नए साल की दस्तक हो चुकी है। किरिबाती के बाद न्यूजीलैंड के ऑकलैंड में नए साल के जश्न की शुरुआत हो चुकी है। सबसे पहले आइलैंड किरिबाती की घड़ी में 12 बजे के साथ सेलिब्रेशन शुरू हो गया।दुनिया भर में लोग जश्न की तैयारियों में जुटे हैं और हर कोई घड़ी की सुइयों पर नजर लगाए हुए है. इसी बीच धरती पर एक ऐसी जगह भी है, जहां नया साल सबसे पहले दस्तक देता है. यह जगह है प्रशांत महासागर में स्थित किरिबाती द्वीप समूह, जहां दुनिया में सबसे पहले सूरज उगता है और सबसे पहले 1 जनवरी की सुबह होती है.
किरिबाती। एक आइलैंड देश है, जहां की घड़ी में सबसे पहले साल 2026 शुरू हो चुका है। किरीबाती की घड़ी में 12 बज गए हैं। ऐसे में यह नया साल मनाने वाला पहला देश बन गया है, उसके बाद न्यूजीलैंड का नंबर आता है। जल्द ही, जश्न ऑस्ट्रेलिया के पूर्वी तट के अधिकतर हिस्सों में नया साल दस्तक दे देगा। इसके बाद पूर्वी एशिया से होते हुए आगे बढ़ेगा। इसमें उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया और जापान सभी नए साल का स्वागत करने के लिए तैयार हैं। उसके बाद चीन, हांगकांग और ताइवान का नंबर आएगा। दुनियाभर में अलग-अलग टाइम जोन के कारण 29 देश ऐसे हैं जहां भारत से पहले नए साल का जश्न मनाया जाएगा।

ऑस्ट्रेलिया में नए साल का वेलकम
ऑस्ट्रेलिया में नए साल का स्वागत बेहद उत्साह और धूमधाम के साथ किया गया. सिडनी में जैसे ही घड़ी ने 12 बजाए, वैसे ही हार्बर ब्रिज और आसपास के इलाकों में शानदार आतिशबाजी शुरू हो गई. रंग-बिरंगी रोशनी और आसमान में छूटते पटाखों ने पूरे शहर को जश्न के रंग में रंग दिया, जहां हजारों लोगों ने इस यादगार पल का आनंद लिया.
प्रयागराज में साल का आखिरी सूर्यास्त देखने पहुंची भीड़
उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में साल के आखिरी सूर्यास्त को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे. इस खास पल को यादगार बनाने के लिए लोग अपने कैमरों और मोबाइल में सूर्यास्त की खूबसूरत तस्वीरें कैद करते नजर आए.
नए साल की रात मंदिरों की घंटी से गूंजेगा जापान
जापान- जापान में नए साल की रात मंदिरों में 108 बार घंटियां बजाई जाती हैं. बौद्ध मान्यता के अनुसार इंसान में 108 तरह की कमजोरियां होती हैं, जिन्हें घंटियों की आवाज से दूर किया जाता है ताकि नया साल शुद्ध मन से शुरू हो.
न्यूजीलैंड में नए साल का जश्न
न्यूजीलैंड में जैसे ही घड़ी की सुइयां रात के 12 बजे पर पहुंचीं, पूरे देश में नए साल का जश्न शुरू हो गया. आतिशबाजी, लाइट शो और म्यूजिक के साथ लोगों ने 2026 का स्वागत किया. ऑकलैंड और वेलिंगटन जैसे बड़े शहरों में सड़कों, हार्बर और इमारतों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया, जहां हजारों लोग एक साथ काउंटडाउन करते नजर आए.
डेनमार्क में प्लेटें और कप तोड़कर मनाते हैं नया साल
डेनमार्क- डेनमार्क में लोग अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के घर के बाहर प्लेटें और कप तोड़ते हैं. माना जाता है कि जितने ज्यादा टूटे बर्तन आपके दरवाजे पर मिलें, उतने ज्यादा अच्छे दोस्त और सौभाग्य आपको नए साल में मिलेगा.
दुनियाभर में न्यू ईयर मनाने के अजीबोगरीब तरीके
स्पेन- स्पेन में न्यू ईयर की रात 12 बजते ही लोग 12 अंगूर खाते हैं. हर अंगूर आने वाले 12 महीनों का प्रतीक माना जाता है. मान्यता है कि अगर समय पर सभी अंगूर खा लिए जाएं तो पूरा साल खुशियों से भरा रहता है.
किरिबाती से भारत कितने घंटे पीछे रहता है?
दुनिया में नए साल का आगमन धरती के सबसे पूर्वी हिस्से में स्थित द्वीपीय देश किरिबाती में हो चुका है. जैसे ही घड़ी ने रात 12 बजे का समय दिखाया, वहां सभी ने धूमधाम से जश्न मनाना शुरू कर दिया. भारत की तुलना में किरिबाती में नया साल करीब 8 घंटे 30 मिनट पहले शुरू हो जाता है. इसके लगभग एक घंटे बाद न्यूजीलैंड में भी साल का आगाज हो जाता है. न्यूजीलैंड में नया साल भारत से लगभग 7 घंटे 30 मिनट पहले आता है, जबकि अमेरिका में भारत के मुकाबले करीब 9 घंटे 30 मिनट बाद नए साल की शुरुआत होती है.
इन देशों में भारत से पहले मनेगा नए साल का जश्न
- किरिबाती
- समोआ
- टोंगा
- ऑस्ट्रेलिया
- न्यूजीलैंड
- पापुआ न्यू गिनी
- म्यांमार
- जापान
- इंडोनेशिया
- बांग्लादेश
- नेपाल
न्यूजीलैंड में नया साल भारत से 7.30 घंटे पहले शुरू होता है। वहीं, अमेरिका में भारत से 9.30 घंटे बाद नया साल शुरू होता है। पूरी दुनिया में नया साल आने का प्रोसेस करीब 26 घंटे तक चलता है।