अग्नि आलोक

*अभिनेत्री नरगिस फाखरी की 43 वर्षीय बहन पर अपने एक्स बॉयफ्रंड की हत्या का आरोप, न्यूयॉर्क पुलिस ने किया गिरफ्तार*

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न्यूयॉर्क पुलिस के मुताबिक, आलिया के बॉयफ्रेंड की हत्या के मामले में आलिया को मुख्य आरोपी के तौर पर नामित किया गया है. शुरुआती जांच में पता चला है कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था. पुलिस का कहना है कि घटना उस वक्त हुई, जब दोनों के बीच तीखी बहस चल रही थी.

न्यूयॉर्क पुलिस इस मामले की गहराई से जांच कर रही है. आलिया को पुलिस हिरासत में रखा गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है. पुलिस ने इस केस में कई सबूत इकट्ठा किए हैं, जिनमें घटनास्थल से बरामद चीजें और गवाहों के बयान शामिल हैं.

आलिया, नरगिस फाखरी की बहन, एक सामान्य जिंदगी जी रही थीं और कभी किसी विवाद में नहीं फंसी थीं. यह मामला उनके परिवार के लिए बहुत बड़ा झटका है. यह घटना नरगिस फाखरी के लिए काफी मुश्किल भरी हो सकती है. एक्ट्रेस अपने काम के साथ-साथ पारिवारिक जीवन में भी तालमेल बनाए रखती थीं, लेकिन इस घटना ने उनके निजी जीवन को पूरी तरह से प्रभावित किया है.

[4/12, 09:37] +91 98260 34587: *जबलपुर विकास प्राधिकरण के सीईओ पर मेहरबान विभाग, अब तक कोई एक्शन नहीं : जबलपुर विकास प्राधिकरण का घोटाला*

जबलपुर

जबलपुर विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यपालन अधिकारी के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ द्वारा अपराध पंजीकृत किए जाने के बाद से शहर में एक नई बहस छिड़ गई है। यह मामला न केवल भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों को उजागर करता है, बल्कि शहर के विकास कार्यों पर भी सवाल खड़े करता है। करप्शन सामने आने के बाद भी अब तक भ्रष्टाचारी अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। उधर, पीङित किसान परेशान हैं। न्याय के लिए भटक रहे हैं।

जिम्मेदारों ने साध रखी चुप्पी

सरकार की ओर से अभी तक इस मामले में कोई स्पष्ट बयान नहीं आया है। यह चुप्पी लोगों में और अधिक संदेह पैदा कर रही है। क्या सरकार इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है? यह एक गंभीर सवाल है जिसका जवाब सरकार को कारॅवाई कर देना होगा।  

यह था मामला…

जेडीए की जमीन में फर्जीवाड़ा कर सरकार को 2 करोड़ 40 लाख चपत लगाने एवं 25 लाख की स्टाम्प ड्यूटी की हानि पहुँचाने के मामले में आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने जेडीए के सीईओ दीपक वैद्य सहित अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। इस मामले में गढ़ा मानस स्कूल के पास रहने वाली विद्याबाई प्यासी और उनके बेटे हरीश प्यासी, सौरभ प्यासी, प्रवीण प्यासी और आशीष प्यासी को भी आरोपी बनाया गया है। ज्ञात हो कि पूर्व में संजीवनी नगर थाने में विद्याबाई और उसके बेटों के खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया जा चुका है। जानकारी के अनुसार ईओडब्ल्यू को गढ़ा निवासी अशोक प्यासी द्वारा दी गई शिकायत में बताया गया था कि कछपुरा में योजना क्रमांक 6 और 41 की कुछ जमीन को जेडीए द्वारा अधिग्रहित किया गया था। इसके एवज में जेडीए ने भू-स्वामियों को दो करोड़ 50 लाख रुपए का मुआवजा दिया। जेडीए इस जमीन के दस्तावेजों में अपना नाम नहीं चढ़वा पाई। इस दौरान विद्या बाई और उनके बेटों ने जेडीए अधिकारियों के साथ साँठगाँठ कर अधिग्रहित की गई जमीन के फर्जी दस्तावेज बनाए और जमीन को बेच दिया। इसमें 25 लाख रुपए के स्टाम्प की भी हानि शासन को पहुँचाई।

गलत जानकारी प्रस्तुत की थी

जाँच के दौरान ईओडब्ल्यू ने सीईओ दीपक वैद्य से जानकारी माँगी, तो उनके द्वारा ईओडब्ल्यू को गलत जानकारियाँ दी गईं। इस पूरे मामले में तत्कालीन जेडीए सीईओ समेत भू-अर्जन अधिकारी और राजस्व अधिकारी की भूमिका भी संदेह के दायरे में है। इनकी भी जाँच की जा रही है। जाँच में जिन अधिकारियों की मिलीभगत होगी उन्हें भी आरोपी बनाया जा सकता है।

यह सवाल लोगों के जेहन में उठ रहे

 * क्या इस मामले में राजनीतिक दखल है?

 * क्या विभाग इस मामले को दबाने की कोशिश कर रही है?

 * क्या भ्रष्टाचार के खिलाफ सरकार की नीतियां कागजों पर ही सिमट कर रह गई हैं?

[4/12, 09:38] +91 98260 34587: नई दिल्ली: अब एक व्यक्ति अपने बैंक खाते में चार लोगों को नॉमिनी बना सकता है. दरअसल, मंगलवार को लोकसभा में पारित बैंककारी विधियां (संशोधित) विधेयक, 2024 का प्रावधान है. इस प्रावधान के बाद सिर्फ बैंक खाते ही नहीं बल्कि बैंकों में रखे गए लॉकरों या फिर अन्य बैंकिंग सुविधाओं के लिए भी ग्राहक चार लोगों को नॉमिनी बना सकेंगे.

बैंकिंग व्यवस्था में गवर्नेंस मजबूत करने के लिए किया गया संशोधन

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विधेयक पेश करते हुए कहा कि इसका उद्देश्य देश की बैंकिंग व्यवस्था में गवर्नेंस को मजबूत करना और आम ग्राहकों को अच्छी सेवा प्रदान करना है. इस विधेयक में बैंकों के प्रबंधन को अधिकार देने की भी व्यवस्था की गई है. उदाहरण के तौर पर अब बैंक अपने ऑडिटरों की फीस आदि का फैसला अपने स्तर पर ही कर सकेंगे. 

बजट के दौरान विधेयक पेश करने की घोषणा की थी

बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने जुलाई 2024 में बजट के दौरान इस विधेयक को पेश करने की घोषणा की थी. इसके जरिए सरकार ने एक साथ आरबीआई अधिनियम 1934, बैंकिंग नियमन कानून 1949, एसबीआई अधिनियम 1955, बैंकिंग कंपनीज अधिनियमन 1970-1980 के कई प्रावधानों में संशोधन किया है.

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