गोहद (भिंड)
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की टीम मध्यप्रदेश के भिंड और बड़वानी जिले में पहुंची है। भिंड जिले के गोहद में टीम ने जितेंद्र उर्फ जीतू सरदार (28) नाम के व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की। टीम ने जितेंद्र का मोबाइल जब्त किया है और उसे दो दिन बाद पूछताछ के लिए चंडीगढ़ बुलाया है। बताया जा रहा है कि जितेंद्र के खाते में पंजाब और फिलीपींस के मनीला शहर से बड़ी मात्रा में लेन-देन किया गया है। इधर, बड़वानी में टीम सिकलीगर के घर पहुंची।
भिंड SP मनीष खत्री ने बताया कि एंडोरी थाना इलाके के शेरपुरा गांव में NIA टीम बुधवार सुबह जितेंद्र सिंह से पूछताछ करने पहुंची थी। जितेंद्र के पिता नरेंद्र सिंह प्राइवेट बस ड्राइवर हैं। बैंक खातों में विदेशी मुद्रा के बड़े लेनदेन का इनपुट एजेंसी को मिला था। टीम पता लगा रही है कि बैंक खाते में इतना पैसा कहां से और क्यों आया।
जितेंद्र उर्फ जीतू सरदार। बुधवार सुबह NIA की टीम जितेंद्र के घर पहुंची और उसे एंडोरी थाने लेकर आई। यहां पूछताछ कर उसे छोड़ दिया।
चाचा का लड़का फिलीपींस से भेजता था रुपए
जितेंद्र के चाचा का लड़का देवेंद्र पिता करनैल सिंह फिलीपींस के मनीला शहर में रहता है। NIA को जानकारी मिली है कि देवेंद्र पंजाब में किसी चरणजीत सिंह के खाते में पैसा भेजता था। जिसके बाद चरणजीत सिंह जितेंद्र के खाते में पैसे भेजा करता था। तीन माह पहले भी किसी मामले को लेकर एंडोरी थाना पुलिस ने जितेंद्र के घर जाकर पूछताछ की थी। पिछले 6 महीने से जितेंद्र पर NIA टीम स्थानीय पुलिस के सहयोग से निगरानी बनाए हुए थी।
…बेटा जहां काम करता है, वो एजेंसी पंजाब में भी है
जितेंद्र के पिता नरेंद्र सिंह बताया कि जितेंद्र पिछले 10 वर्षों से स्वराज ट्रैक्टर एजेंसी पर कम्प्यूटर का कार्य कर रहा है। इनकी एक एजेंसी पंजाब में भी है। उनके पैसे मेरे बच्चे के खाते में आते हैं। बेटे ने टीम की ओर से पूछे गए सभी जवाबों का उत्तर दिया है। जो पैसे आए हैं, उसका हिसाब भी बताया है।
सेंधवा पहुंची एनआईए की टीम के साथ पुलिस टीम भी मौजूद रही।
बड़वानी से हथियार सप्लाई करने का इनपुट मिला
बड़वानी के वरला थाना इलाके के उमर्ठी गांव में रेड पड़ी है। जांच एजेंसी को यहां से खालिस्तान समर्थकों, नक्सलियों और आतंकियों को हथियार सप्लाई करने का इनपुट मिला था। उमर्ठी में टीम श्याम उर्फ टोनी घर पूछताछ करने पहुंची। श्याम के पिता अंतरसिंह अवैध हथियारों के मामले में जेल में बंद है। श्याम भी गांव में नहीं है। घर पर महिलाओं और बच्चों से 9 घंटे तक पूछताछ की।
अवैध हथियारों के लिए कुख्यात है उमर्ठी
बड़वानी जिले के मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र सीमा से सटे उमर्ठी गांव में केंद्रीय जांच एजेंसी एनआईए की टीम पहुंची है। यहां पर सिकलीगर श्याम उर्फ टोनी उर्फ भोला के घर में जांच की। करीब नौ घंटे जांच के बाद टीम वरला थाना पहुंची। यहां एक घंटे की चर्चा के बाद NIA की टीम दोपहर करीब 2 बजे रवाना हो गई।
एनआईए की टीम स्थानीय पुलिस और वरला तहसीलदार को लेकर श्याम उर्फ टोनी उर्फ भोला के घर पहुंची थी। यहां घर में मौजूद महिलाओं से पूछताछ की। करीब नौ घंटे की जांच के बाद बुधवार दोपहर करीब 1 बजे टीम वरला थाने पहुंची। यहां टीम ने स्थानीय पुलिस से चर्चा की। जांच करने आई टीम ने मीडिया से दूरी बनाए है। टीम जांच को लेकर कुछ भी कहने से इंकार कर रही है। किस संबंध में जांच की जा रही क्या कार्यवाही है इसकी कोई भी जानकारी देने से टीम ने मना कर दिया।
कुछ भी कहने से बच रहे ग्रामीण
भास्कर टीम ने उमर्ठी गांव के लोगों से भी कार्यवाही को लेकर उनका पक्ष जानने की कोशिश की तो उन्होंने बात करने से मना कर दिया। गांव के लोगों का कहना है कि पुलिस के साथ जांच टीम आई थी। परिवार के लोगों से पूछताछ की है। उनकी जांच क्या है, किस संबंध में है, हमें भी नहीं बताया। बड़वानी एसपी पुनीत गेहलोद का कहना है कि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी, फिलहाल टीम की ओर से जांच की जा रही है।
अवैध अथियारों के लिए कुख्यात है उमर्ठी
वरला तहसील का उमर्ठी गांव अवैध हथियार के निर्माण और खरीद फरोख्त के लिए पहचाना जाता है। यहां के सिकलीगरों के बनाए हथियार मप्र के साथ ही देश की राजधानी दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उप्र, बिहार, महाराष्ट्र, गुजरात सहित कई राज्यों में सप्लाई हो चुके हैं। उमर्ठी गांव के हथियारों का कनेक्शन खालिस्तानी गैंग से जुड़ा था। पंजाब और हरियाणा पुलिस कई बार इस गांव में स्थानीय पुलिस की मदद से दबिश देकर आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
वरला से रवाना हुई टीम
मिली जानकारी के अनुसार 2022 में हथियार तस्करी के मामले को लेकर एनआईए की टीम जांच के लिए पहुंची थी। दोपहर 1 बजे टीम उमर्ठी गांव से रवाना होकर वरला थाना पहुंची। यहां थाना प्रभारी से चर्चा करने के बाद टीम करीब 2 बजे रवाना हो गई। स्थानीय पुलिस ने भी टीम को जांच को लेकर कुछ कहने से इंकार कर दिया। टीम के साथ वरला तहसीलदार सहित वरला और सेंधवा का पुलिस बल सहित महिला पुलिसकर्मी भी शामिल रहे।
पिछले साल दर्ज मामलों को लेकर छापेमारी
NIA की तरफ से ये छापेमारी पिछले साल दर्ज किए गए तीन अलग-अलग मामलों के सिलसिले में की जा रही है। एजेंसी ने इस साल 25 जनवरी को दीपक रंगा को गिरफ्तार किया था। दीपक मई 2022 में मोहाली स्थित पंजाब पुलिस के इंटेलिजेंस हेड क्वार्टर पर हमले का मुख्य आरोपी है। इंटेलिजेंस हेड क्वार्टर पर हमले के अलावा दीपक कई अन्य आतंकवादी और आपराधिक मामलों में भी शामिल रहा है। उस पर विदेशों में बैठे आतंकियों से भी संबंध रहे हैं। वह कनाडा में गैंगस्टर से आतंकी बने लखबीर सिंह संधू उर्फ लांडा और पाकिस्तान में रह रहे आतंकी हरविंदर सिंह संधू उर्फ रिंदा का भी करीबी सहयोगी रह चुका है।
एक दिन पहले खंडवा में की जांच
मंगलवार को भी पश्चिम बंगाल से आई NIA टीम ने मध्यप्रदेश के खंडवा में आतंकी गतिविधियों के आरोप में गिरफ्तार अब्दुल रकीब के घर तलाशी ली। रकीब के कमरे का दरवाजा बंद कर 2 घंटे सर्च की गई। टीम ने रकीब के मोबाइल में फीड नंबरों के बारे में छानबीन भी शुरू की। उसके रिश्तेदारों के अलावा 12 नाम और नंबरों की सूची बनाई है। ये उसके दोस्त या परिचित हैं। टीम इन्हें ट्रेस कर रिकॉर्ड खंगाल रही है।
9 जनवरी 2023 को पश्चिम बंगाल की STF (स्पेशल टास्क फोर्स ) की टीम ने खानशाहवली में रहने वाले SIMI (स्टूडेंट इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) के पूर्व सदस्य अब्दुल रकीब को गिरफ्तार किया था। रकीब उस समय STF की रडार पर आया था, जब पश्चिम बंगाल के हावड़ा में आतंकवाद के शक में गिरफ्तार हुए मो. सद्दाम और उसके दोस्त सईद अहमद ने पूछताछ में उसका नाम उगला था। तीनों आरोपियों का पाकिस्तान से चलने वाले कुख्यात आतंकी संगठन आईएसआईएस से जुड़े होने की बात सामने आई है। ये सोशल मीडिया पर एक-दूसरे जुड़े थे और कोलकाता को दहलाने की साजिश रच रहे थे।

