अशोक गहलोत, ममता बनर्जी, अरविंद केजरीवाल जैसे मुख्यमंत्रियों की भाषा बोली सुप्रीम कोर्ट ने
एस पी मित्तल, अजमेर
यूं तो अशोक गहलोत (राजस्थान) ममता बनर्जी (पश्चिम बंगाल), अरविंद केजरीवाल (दिल्ली) जैसे मुख्यमंत्री देश की न्यायिक व्यवस्था के भी दबाव में होने की बात करते रहते हैं, लेकिन एक जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने उसी भाषा का इस्तेमाल किया जो ये मुख्यमंत्री समय समय पर करते रहे हैं। देश के ताजा साम्प्रदायिक माहौल के लिए सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जेबी पादरीवाला ने भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता रहीं नूपुर शर्मा के बयान को गैर जिम्मेदार बताते हुए कहा कि राजस्थान के उदयपुर में हुई कन्हैयालाल की हत्या के पीदे भी नूपुर शर्मा का बयान है। ऐसे बयान से पूरा देश खतरे में पड़ गया है। कोर्ट ने कहा कि टीवी एंकर भी अपना एजेंडा चलाते हैं। जिस चैनल पर गैर जिम्मेदाराना बयान प्रसारित हुआ, उसके विरुद्ध भी कार्यवाही के लिए कहा गया। सुप्रीम कोर्ट ने नूपुर शर्मा के वकील का कोई भी तर्क मानने से इंकार कर दिया। नूपुर शर्मा के वकील चाहते थे कि बयान को लेकर देश भर में जो मुकदमे दर्ज हुए हैं उन्हें किसी एक अदालत में सुनवाई के निर्देश दे दिए जाएं, लेकिन दोनों न्यायाधीश ने ऐसी याचिका को खारिज करते हुए नूपुर को बिना शर्त माफी मांगने के निर्देश भी दिए। कहा जा सकता है कि देश में जो लोकतांत्रिक व्यवस्था है, उसके अंतर्गत सुप्रीम कोर्ट के दोनों न्यायाधीशों ने भी अपनी बात प्रभावी तरीके से रखी है। अब ऐसे लोगों को सतर्क हो जाना चाहिए जो किसी के धर्म को लेकर टिप्पणियां करते है। सोशल मीडिया पर अक्सर देखा गया है कि अनजान व्यक्ति भी फेसबुक पर गैर जिम्मेदाराना पोस्ट डाल देता है। ऐसे व्यक्तियों को लगता है कि उसे शोहरत मिल जाएगी। गैर जिम्मेदाराना टिप्पणी करने वाले को शोहरत मिले या नहीं यह अलग बात है, लेकिन इससे बेवजह देश का माहौल खराब होता है। सुप्रीम कोर्ट की ताजा टिप्पणी से भी लोगों को देश के हालातों को समझना चाहिए। उदयपुर के कन्हैयालाल का घर अब भले ही नोटों से भर दिया जाए, लेकिन उनकी पत्नी का उजड़ा सिंदूर अब वापस नहीं लाया जा सकता। कन्हैयालाल की हत्या के संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों को गंभीरता से समझने की जरूरत है। जब भाजपा ने खुद नूपुर शर्मा का साथ छोड़ दिया है, तब सोशल मीडिया पर धर्म को लेकर पोस्ट डालने वाले आम आदमी की क्या बिसात है? हालांकि दुनिया का कोई भी धर्म हिंसा की शिक्षा नहीं देता है, फिर भी धर्म को ही आधार बना कर हत्या कर दी जाती है। अच्छा हो कि देश में सद्भावना और भाईचारे का माहौल बना रहे। यह हिन्दू और मुसलमान का मामला नहीं है, बल्कि इंसानियत का माला है। इंसानियत को बचाने के लिए सभी को पहल करनी चाहिए।
जयपुर में पूछताछ:
उदयपुर में कन्हैयालाल टेलर की हत्या के मुख्य आरोपी मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद को 2 जुलाई को अजमेर स्थित हाई सिक्योरिटी जेल से जयपुर ले जाया गया। जयपुर में एनआईए विस्तृत तौर पर पूछताछ कर रही है। पुलिस ने इसी मामले में मोहसीन और आसिफ को भी गिरफ्तार किया है। एनआईए के अधिकारी यह पता लगाने में जुटे हुए हैं कि मोहम्मद रियाज और गौस मोहम्मद के संबंध पाकिस्तान में किन कट्टरपंथी संगठनों से रहे हैं। इसी मामले में राजस्थान पुलिस की एटीएस भी जांच कर रही है। यह भी पता चला है कि आरोपियों के तार कुख्यात आतंकी संगठन आईएसआईएस से भी जुड़े हुए हैं।
अजमेर आधे दिन बंद:
उदयपुर हत्याकांड के विरोध में 3 जुलाई को अजमेर शहर आधे दिन बंद रहेगा। अजमेर के डिप्टी मेयर नीरज जैन ने बताया कि बंद का निर्णय व्यापारिक संगठनों की आपसी सहमति से लिया गया है। 2 जुलाई को राजस्थान के अलवर, कोटा, करौली, झुंझुनू आदि शहरों में भी बंद रहा। इस घटना को लेकर प्रदेशभर में आक्रोश का माहौल है।

