देपालपुर– एक तरफ कोरोना की मार दूसरी तरफ सरकार जनता की मदद कर रही है वही नगरीय प्रशासन बिना जनता कोई सुविधा दिए एक अप्रैल से आम गरीब जनता पर टैक्स लाद दिया है। जिसको लेकर नगर में आक्रोश देखा जा रहा है। जनता की पीड़ा देखते हुवे भाजपा जिला महामंत्री चिंटू वर्मा ने नगर परिषद सीएमओ को ज्ञापन देकर दोबारा विचार करते हुवे की गई टेक्स व्रद्धि को वापस लेने की मांग की है,व पूर्व में जो टेक्स वसूला जा रहा है वो भी अधिक है उसे भी कम किया जाए।नगर में आम जनता को पीने के पानी पर्याप्त मात्रा में मिल भी नहीं रहा वही कई जगह आज भी वार्डों में पानी नहीं पहुंच रहा है और कई वार्डों में पाइप लाइनों में गंदा पानी आता है वह कई जगह पाइप लीकेज है इतनी अव्यवस्था के बावजूद भी नगर परिषद आम जनता पर जल कर के रूप में डबल टैक्स बढ़ा रही है। वही पूर्व में कहा गया था कि 24 घण्टे पानी मिलेगा लेकिन 24 घण्टे तो ठीक रोजाना आधा घण्टे नल दे दे वही काफी था। नगर में पानी के लिए सिर्फ वाही वाही लूटी गई परमानेंट पानी की समस्या दूर करने के कोई उपाय नही किये गए जिसका नतीजा नगर की जनता को भोगना पड़ रहा है। टैक्स बढ़ाने को लेकर जहां जनता में नाराजगी है । इस वर्ष औसत बारिश से भी काफी ज्यादा बारिश होने के बाद भी आज भी नगर की जनता को रोजाना पीने का पानी रोजाना की जगह पर 3- 3 दिनों में नल दे रहे हैं ।वहीं वार्ड नंबर 6 में तो वार्ड के अंतिम छोर तक जनता को पीने का पानी आज भी नसीब नहीं हो रहा है ।नगर परिषद को तो अगर टैक्स बढ़ाना ही है तो पहले पर्याप्त सुविधाएं मुहैया कराए वहीं रोजाना पानी की सप्लाई करें जब पर्याप्त मात्रा में पानी है तो क्षेत्र की जनता को पीने के पानी से क्यों वंचित किया जा रहा है।नगर परिषद सीएमओ ने बताया कि आज एक अप्रैल से आधा इंच नल में पानी का 90 की बजाय 180 रुपये व व्यवसायिक में 360 की जगह 500 रुपये प्रतिमाह व स्वच्छता कर 60 रुपये व व्यवसायिक से 150 रुपये प्रतिमाह टेक्स नियत किया है। नगर परिषद द्वारा बढ़ाये जाने वाले टेक्स को लेकर भाजपा जिला महामंत्री के साथ नगर भाजपा अध्यक्ष गोपाल कटेसरिया, मुकेश जैन,विमल यादव, महेश पूरी, अनिल धाकड, रवि चौरसिया,मोरसिंह नागर, लाखन धाकड़,ईश्वरी शर्मा,अजय आहूजा, भारत यादव, बबलू पहलवान, सोमिल माली,विनोद ठाकुर,सहित जनप्रतिनिधि व नगर वासी मौजूद थे। वही भाजपा जनप्रतिनिधियों ने बताया कि अगर भाजपा की परिषद बनती है तो टेक्स बढ़ाने वाली बात पर विचार किया जाएगा।पूरी सुविधा देने के बाद ही आम जनता की सहूलियत के आधार पर टैक्स को लेकर चर्चा कर फिर अंतिम फैसला लेंगे।
