इंदौर। फूल मंडी में किसानों की उपज पर 10% कमीशन काटे जाने के विवाद को लेकर आज मंडी सचिव द्वारामंडी सचिव द्वारा किसानों व्यापारियों और किसान संगठनों के प्रतिनिधियों की त्रिपक्षीय बैठक बुलाई गई । करीब 2 घंटे चली बैठक में कोई निर्णय नहीं निकल पाया। अगली बैठक फिर बुलाए जाने का निर्णय लिया गया।
किसानों से 10% कमीशन काटे जाने का विवाद नहीं सुलझ पाया है, इस संबंध में आज मंडी सचिव नरेश परमार ने बैठक बुलाई थी। किसान संगठनों की ओर से रामस्वरूप मंत्री, बबलू यादव, शैलेंद्र पटेल ,लाखन पटेल ,सोहर यादवआदि ने कहा कि किसानों से एक तरफ 10% कमीशन काटा जा रहा है दूसरी ओर उन्हें अपने आधे से ज्यादा फूल फेंकना पड़ रहे हैं । इसका कोई न कोई निर्णय निकाला जाना चाहिए किसान प्रतिनिधि ने जोर देकर कहा कि 10% कमीशन काटे जाने का मामला बंद करना चाहिए मंडी अधिनियम का पालन कराए जाने की मांग करते हुए किसान संगठनों ने कहा कि 10% कमीशन काटकर किसानों के साथ अन्याय हो रहा है किसान लूटा जा रहा है । व्यापारियों की ओर व्यापारी संगठन के प्रतिनिधि ने कहा कि इंदौर मंडी में किसानों का सबसे ज्यादा फायदा होता है। लेकिन वे इस इस बात की जिम्मेदारी लेने से मुकर गए किसानों का जो माल फेका जाता है उसका पैसा कौन देगा। किसान संगठनों ने मांग रखी थी या तो व्यापारी पूरा माल खरीदे और फिर से अपने हिसाब से बैचे? या फिर किसानों के माल के नुकसान में भी साझेदार बने। मंडी सचिव नरेश परमार ने कहा कि यह मामला बड़ा पेचीदा है। और मंडी समिति चाहती है कि व्यापारी किसान और किसान संगठनों की सहमति से कोई निर्णय लिया जाए जिससे मंडी की छवि खराब ना हो।
इस संबंध में कुछ समय बाद फिर फिर बैठक होगी जिसमें व्यवस्था सुधारने के संबंध में सभी की सहमति से निर्णय लिया जाएगा।

