रीवा । आगामी 13 जुलाई को होने जा रहे रीवा नगरीय निकाय चुनाव के प्रचार का शोरगुल थम गया है । समाजवादी जन परिषद के नेता अजय खरे ने कहा है कि महापौर एवं पार्षद पद के लिए सैकड़ों प्रत्याशी अपनी अपनी जीत के लिए जी तोड़ प्रचार में लगे रहे लेकिन अंतिम प्रत्याशी नोटा का प्रचार नहीं हुआ । कहने को प्रशासन मतदान का प्रतिशत बढ़ाने की मशक्कत कर रहा है लेकिन अंतिम प्रत्याशी नोटा के बारे में उसकी ओर से कोई जागरूकता अभियान नहीं चलाया गया । देखने में आता है कि बहुत सारे मतदाता मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था से निराश होकर मतदान करने नहीं जाते हैं ऐसी स्थिति में यदि नोटा का प्रचार होता तो उसका बटन दबाकर मतदाताओं को अपनी भड़ास निकालने का अवसर मिलने के साथ मतदान का प्रतिशत भी बढ़ाया जा सकता है ।जो मतदाता किसी भी प्रत्याशी को मतदान करने की मन:स्थिति में नहीं है वह नोटा का बटन दबाकर अपनी जागरूकता का परिचय दे सकते हैं ।
मतदान प्रतिशत बढ़ाने में नोटा को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए

