– समाज के विभिन्न समूहों की 8 जनवरी को बैठक में निर्णय लेकर, पहले चरण में महापौर से करेंगे चर्चा
– दूसरे चरण में झलकारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश महावर बैठेंगे धरने पर
– तीसरे चरण में प्रतिमा लगाने हेतु धन संग्रह अभियान चलाया जाएगा

इन्दौर । मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक राजधानी इन्दौर में स्वतंत्रता संग्राम की अमर शहीद वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा लगाने के लिए दृढ़संकल्पित अखिल भारतीय वीरांगना झलकारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश महावर कोली, राष्ट्रीय महासचिव दिनेश वर्मा दानिश, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष प्रहलाद टाटवाल, मालवा प्रांताध्यक्ष ईश्वरलाल सनोटिया एवं सम्भागीय अध्यक्ष ओमप्रकाश धीमान ने अपने संयुक्त प्रेस बयान में कहा कि महासंघ विगत 29 साल से इन्दौर शहर में वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा लगाने की मांग करता आ रहा है, इसी मांग के आधार पर वार्ड 72 के पार्षद योगेश गेंदर के अथक प्रयास से महासंघ का प्रतिनिधि मंडल महापौर से मिला, महापौर ने 8 मार्च 2025 को दशहरा मैदान, अन्नपूर्णा रोड़ पर संजीवनी क्लिनिक के लोकार्पण समारोह में दरगाह चौराहे का नामकरण “वीरांगना झलकारी बाई चौराहा” करने की घोषणा की तथा प्रतिमा के लिए कोली/कोरी समाज को आश्वासन भी दिया, लेकिन विडम्बना यह रही कि समाज के ही कुछ तथाकथित विघ्नसंतोषी तथाकथित पदाधिकारियों ने श्रेय की राजनीति के तहत झलकारी महासंघ की 29 साल पुरानी मांग को अपना बताते हुए अपनी राजनैतिक पकड़ का फायदा उठाकर महापौर को झलकारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश महावर कोली के खिलाफ कान भरते हुए यहां तक कह दिया कि महावर कांग्रेसी है, और महापौर प्रत्याशी के रुप में निर्दलीय चुनाव लड़ कर आपके वोट भी काट चुका है। शायद यही कारण है कि महापौर को पांच बार लिखित आवेदन देने के बाद भी महापौर स्वयं के द्वारा “झलकारी बाई चौराहा” की घोषणा के बाद भी चौराहे पर उनके नाम का साइन बोर्ड नहीं लगवा पाएं हैं।
महावर ने कहा कि विघ्नसंतोषियों की समाज-विरोधी गतिविधी एवं श्रेय की राजनीति को देखते हुए उन्होंने यह प्रण लिया था, कि जब तक इन्दौर में प्रतिमा नहीं लगेगी, वे दाढ़ी और कटिंग नहीं कटाएंगें। इसी प्रकार झलकारी जयंती 22 नवम्बर को झलकारी बाई चौराहा पर आयोजित प्रतिकात्मक प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं सम्मान समारोह के आयोजन में महावर ने एक माह में ठोस निर्णय नहीं होने की स्थिति में सांकेतिक अनिश्चित कालीन धरना देने की घोषणा भी की थी, बावजूद महापौर ने अभी तक कोई ठोस कार्यवाही नहीं की, न ही महासंघ को लिखित पत्र देकर अवगत कराया।
ऐसी स्थिति में अब महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश महावर कोली ने झलकारी प्रतिमा के लिए चार चरणों में आन्दोलन करने का निर्णय लिया है, और न ही महासंघ के आवेदनों का लिखित जवाब दिया, ऐसी स्थिति में अब महासंघ ने झलकारी बाई की प्रतिमा के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है।
महासचिव दिनेश वर्मा दानिश ने बताया कि कोली/कोरी समाज के विभिन्न समूहों की बैठक 8 जनवरी को किसनपुरा, राजवाड़ा स्थित होलकर छत्री पर होगी, जिसमें समाज के सभी सामाजिक संगठनों के पदाधिकारीगण, सामाजिक कार्यकर्तागण, शासकीय एवं अर्द्धशासकीय अधिकारी एवं कर्मचारीगणों को आमंत्रित किया जा रहा है। बैठक के पश्चात पहले चरण में महापौर से चर्चा कर अभी तक की कार्यवाही की जानकारी लेने के साथ ही स्पष्ट चैतावनी दी जाएगी।
दूसरे चरण में झलकारी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश महावर स्वयं अनिश्चित कालीन सांकेतिक धरने पर बैठेंगे।
तीसरे चरण में 5 अप्रेल को झलकारी बाई के बलिदान दिवस के पूर्व ही महापौर द्वारा घोषित झलकारी बाई चौराहा, अन्नपूर्णा रोड़ पर प्रतिमा स्थापित करने हेतु हस्ताक्षर एवं धनसंग्रह अभियान चलाया जाएगा।