इंदौरवासियों के लिए एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है. मेट्रो कॉर्पोरेशन ने गांधी नगर डिपो से रेडिसन चौराहे तक 17.5 किलोमीटर का सफल ट्रायल रन पूरा किया है. जैसे ही अनुमति मिलेगी यहां पर सरपट मेट्रो दौड़ने लगेगी
सुपर कॉरिडोर से रेडिसन चौराहे तक के 17 किलोमीटर लंबे प्रायोरिटी कॉरिडोर पर जल्द ही कमर्शियल रन शुरू होने वाला है. CMRS यानी कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी की टीम जल्द ही इंदौर के इस पूरे रूट का बारीकी से निरीक्षण करने आ रही है. अगर सब कुछ ठीक रहा, तो मार्च के पहले या दूसरे सप्ताह से पूरे 17 किमी के रूट में मेट्रो का संचालन किया जा सकेगा.
मेट्रो कॉर्पोरेशन ने किया सफल ट्रायल
हाल ही में मेट्रो कॉर्पोरेशन ने गांधी नगर डिपो से रेडिसन चौराहे तक 17.5 किलोमीटर का सफल ट्रायल रन पूरा किया है. CMRS की टीम स्टेशनों की मजबूती, सिग्नलिंग सिस्टम, लिफ्ट-एस्केलेटर और इमरजेंसी एग्जिट जैसे सुरक्षा मानकों की जांच करेगी. उनकी NOC मिलते ही मेट्रो को जनता के लिए शुरू कर दिया जाएगा.
अनुमति मिलने की है देरी
अधिकारियों के मुताबिक लगभग काम पूरा हो चुका है. स्टेशनों पर भी फिनिशिंग का काम तेजी से चल रहा है. उम्मीद है कि फरवरी के अंत तक यह भी पूरा हो जाएगा. पहले CMRS की एक जूनियर टीम आएगी. वह अपनी रिपोर्ट पेश करेगी उसके बाद सीनियर टीम आकर जांच कर NOC देगी. अनुमति मिलने के बाद बड़ा आयोजन कर मेट्रो को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा.
फिलहाल सिर्फ 6 किलोमीटर के हिस्से में ही सीमित है मेट्रो का संचालन
फिलहाल मेट्रो का संचालन सिर्फ गांधी नगर से सुपर कॉरिडोर स्टेशन-3 के बीच करीब 6 किलोमीटर के छोटे हिस्से में ही सीमित है जिस कारण यात्री ना मिलने की शिकायत भी देखी जाती है, लेकिन अब रेडिसन चौराहे तक शुरू होने से कुछ हद तक यह समस्या कम हो जाएगी. इस 17 किमी के रूट पर गांधी नगर, सुपर कॉरिडोर के स्टेशन 1 से 6, एमआर-10, आईएसबीटी, सुखलिया, हीरा नगर, बापट चौराहा, मेघदूत गार्डन, विजय नगर और रेडिसन चौराहा मिलाकर 16 स्टेशन होंगे.
इंदौर मेट्रो की करीब 12 करोड़ रुपए है लागत
इंदौर में मेट्रो के प्रोजेक्ट की लागत करीब 12 हजार करोड़ रुपए है, जिसमें 1500 करोड़ रुपए का काम हो चुका है. मेट्रो की येलो लाइन शहर की सबसे लंबी लाइन होगी जो 33.53 किमी का एक बड़ा रिंग कॉरिडोर है. रेडिसन चौराहे से आगे का काम भी तेजी पर है. खजराना, बंगाली चौराहा और फिर पलासिया होते हुए यह लाइन रेलवे स्टेशन और राजवाड़ा को जोड़ेगी. राजवाड़ा वाला हिस्सा अंडरग्राउंड होगा..

