- तीनों नेताओं में रस्साकशी, पार्टी और शिवराज हर्ष के पक्ष में तो अर्चना और मोघे संघ-संगठन के भरोसे, फिर भी दिल्ली तक कर रहे हैं लॉबिंग
इंदौर। खंडवा उपचुनाव को लेकर भाजपा में अंदर ही अंदर रस्साकशी शुरू हो गई है। भाजपा यहां से उम्मीदवार घोषित करने में जल्दबाजी नहीं करना चाहती है, फिर भी यहां से दमदार उम्मीदवार के नाम पर विचार कर रही है, लेकिन सहमति नहीं बन पा रही है। टिकट के लिए मुख्य मुकाबला मोघे, अर्चना और हर्ष के बीच ही है।
मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, केन्द्रीय मंत्री नरेन्द्रसिंह तोमर और संगठन का एक धड़ा नंदू भैया के पुत्र हर्ष चौहान को यहां से उम्मीदवार बनाने के पक्ष में हैं, ताकि सहानुभूति के वोटों के साथ-साथ भाजपा (BJP)के वोट भुनाए जा सके, लेकिन जिस तरह से कृष्णमुरारी मोघे और अर्चना चिटनीस हर्ष के पीछे लगे हैं, उससे हर्ष की राह भी आसान नहीं है। हर्ष चौहान के खंडवा विधानसभा में बंधे रहने के कारण वे दूसरी विधानसभा में कितने वोट ला पाते हैं, उसमें संशय हैं। मोघे जैसे कद्दावर नेता संघ और संगठन के भरोसे यहां से दावेदारीर कर रहे हैं, वहीं कोरोना काल (Corona Period) में उन्होंने सक्रिय रहकर बता दिया था कि वे भी खंडवा उपचुनाव में एक सशक्त दावेदार हैं। मोघे पहले खरगोन से सांसद रह चुके हैं और उनका खरगोन, भीकनगांव और बड़वाह में अच्छा होल्ड है। खंडवा तथा बुरहानपुर के कुछ नेता भी उनके साथ हैं, लेकिन वे खुलकर सामने नहीं आ रहे हैं। अर्चना चिटनीस की बुरहानपुर, नेपानगर में अच्छी पैठ हैं और वे नंदू भैया के दिवंगत होने के बाद सभी विधानसभा क्षेत्रों में लगातार सक्रिय रही हैं और प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं। चिटनीस और मोघे दिल्ली में अपने संबंधों के आधार पर भी संगठन पर दबाव बना रहे हैं। हालांकि पार्टी इस चुनाव में अंतिम समय में उम्मीदवार का नाम घोषित कर सकती है।
सिंधिया का मालवा-निमाड़ दौरा 16 से
इंदौर। पिछले माह ज्योतिरादित्य सिंधिया मालवा-निमाड़ का दौरा छोड़ दिल्ली चले गए थे, जहां उन्हें केन्द्रीय मंत्री की शपथ लेना थी। केन्द्रीय मंत्री बनने के बाद सिंधिया अब फिर से अपने दौरे शुरू कर रहे हैं। वे 16 अगस्त से मालवा और निमाड़ के चार शहरों का दौरा करेंगे और इस दौरान भाजपा के वरिष्ठ नेताओं तथा कार्यकर्ताओं से मिलेंगे। सिंधिया के कार्यालय से उनका तीन दिनी दौरा कार्यक्रम आने के बाद भाजपा ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। सिंधिया तीन दिनी दौरे के दौरान रात्रि विश्राम इंदौर में ही करेंगे, इसलिए यहां के प्रमुख नेताओं को दौरे की जवाबदारी सौंपी जा रही है। सिंधिया दिल्ली से सीधे इंदौर आएंगे और फिर यहां से देवास रवाना हो जाएंगे। देवास के कार्यक्रमों में भाग लेने के बाद वे शाजापुर भी जाएंगे और इसी दिन रात इंदौर आकर विश्राम करेंगे। दूसरे दिन 17 अगस्त को पूरे दिन वे इंदौर में ही रहेंगे। 18 अगस्त को वे खरगोन में रहेंगे और इसी दिन रात को इंदौर आ जाएंगे। यहां से रात साढ़े 8 बजे वे दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे।

