ओंकारेश्वर।
प्रदीप ठाकुर
धर्मनगरी ओंकारेश्वर और मंदिर ट्रस्ट इस वक्त निविदाओं को लेकर चर्चाओं में तो हैं ही सही। साथ ही जिस तरह से अंधेरगर्दी यहां मची हुई हैं। क्योंकि ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट निविदाएं प्रक्रिया पूरी तरह से मजाक,खिलवाड़,सिर्फ रस्म निभाई, बन गई हैं। दरअसल वह इसलिए कि उक्त टेंडर प्रक्रिया में न ही फॉर्म की कीमत,न ही निविदा राशि तय,और न ही कोई अर्नेस्ट मनी तय की गई हैं। उसे देखते हुए अब जल्द ही कई के नपने की भी संभावनाएं हैं। क्योंकि ओंकारेश्वर मंदिर ट्रस्ट द्वारा निकाली गई निविदाएं जिनमें जूता स्टेंड,सफाई कमर्चारियों की नियुक्तियां,और इनमें सबसे ज्यादा चर्चित जूना महल के समतलीकरण का कार्य।
क्योंकि 11000 वर्गफीट के उक्त कार्य का ठेका न्यूनतम दर की बजाय उच्चतम निविदा दर 3.65 करोड़ में देना कई सवालातो को जन्म दे रहे हैं या फिर सीधे कहे कि उक्त निविदा प्रक्रिया में बंदरबांट की बू आ रही नहीं बल्कि बंदरबांट ही हो रहा हैं ? जबकि इसे लेकर जिम्मेदार मंदिर ट्रस्ट के कार्यपालिक अधिकारी और एसडीएम शिवम प्रजापति का कहना है कि टेंडर प्रक्रिया में ठेकेदार द्वारा कार्ययोजना नहीं दी इसीलिए उच्चतम निविदा दर पर उक्त निविदा दी गई हैं।
एक ठेकेदार आया सामने,की खुली शिकायत।
उधर उक्त प्रक्रिया को लेकर अब एक ठेकेदार सामने आया हैं। जिसने एसडीएम और मंदिर ट्रस्ट के कार्यपालिक अधिकारी शिवम प्रजापति की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अब जिला कलेक्टर,न्यायालय तक का दरवाजा खटखटाने की बात कहीं हैं।

