भाई राज ठाकरे का सम्मान, बीजेपी पर जमकर बोला हमला… मुंबई की रैली में इस अंदाज में नजर आए उद्धव
मराठी भाषा और अस्मिता के मुद्दे पर आयोजित ‘मराठी विजय दिवस’ की सभा में उद्धव ठाकरे ने अपने आक्रामक भाषण में केंद्र और मौजूदा महाराष्ट्र सरकार को जमकर घेरा। उन्होंने मंच साझा कर रहे राज ठाकरे को संबोधित करते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि मराठी लोगों को फिर से एकजुट होकर अपनी पहचान और अधिकार के लिए खड़ा होना होगा। उद्धव ठाकरे ने अपनी भाषण की शुरुआत सम्मानीय राज ठाकरे के साथ शुरू की। उन्होंने मराठी भाषा के लिए एकजुट होने के लिए सभी का धन्यवाद दिया। चुनावी गठबंधन की पुष्टि करते हुए उन्होंने कहा कि हम दोनों के बीच अंतर था, उसे कुछ लोगों ने दूर किया है। हम एकसाथ रहने के लिए साथ आए हैं।

1भाषा की बात पर कोई और बात नहीं
भाषा की बात पर कोई और बात नहीं होगी। ये हमने महसूस किया है कि लोग हमारा इस्तेमाल करते हैं, फिर फेंक देते हैं। बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि अगर बाल ठाकरे नहीं होते तो तुम्हारी क्या पहचान थी। बीजेपी वाले कहते हैं कि उद्धव ठाकरे ने हिंदुत्व छोड़ दी। मैं बताना चाहता हूं कि हम उनसे ज्यादा हिंदुत्ववादी हैं। अगर गुंडागर्दी किए बगैर न्याय नहीं मिलेगा तो हम गुंडागर्दी करेंगे।
मेरे मराठी का दुश्मन कौन है?
दिल्ली में तुम लोग बैठते थे, मुंबई अपना था। जब मुंबई और महाराष्ट्र के लिए लड़ाई चल रही थी। तब लोगों ने कहा था कि मुंबई महाराष्ट्र को नहीं मिलेगा। तब मराठी लोगों ने इस मुद्दे पर लड़ाई की और मुंबई महाराष्ट्र की हो गई। शिवसेना ने ही कश्मीर से 370 हटाने का समर्थन किया था। वन नेशन वन इलेक्शन का मुद्दा आया है। हिंदी, हिंदू , हिंदुस्तान नया मुद्दा है। हम बता सकते हैं कि हिंदू और हिंदुस्तान मान्य है, मगर हिंदी नहीं। मेरे साथी मानेंगे कि जब मंत्रिमंडल में था तो मराठी के लिए मैंने कई काम किए। मेरे मराठी का दुश्मन कौन है?
बीजेपी पर साधा निशाना
बीजेपी को निशाना साधते हुए कहा कि वह सिर्फ तोड़ना जानते हैं, फिर बार-बार सवाल पूछते हैं कि शिवसेना ने किया क्या है? उन्होंने फड़णवीस सरकार पर कारोबार को महाराष्ट्र से बाहर भेजने का आरोप लगाया। मोदी-शाह का नाम लिए बगैर उन्होंने कहा कि ऊपर जो लोग बैठे हैं, उनके इशारे पर हो रहा है। वह आरोप लगाते हैं कि उनका मोह बीएमसी की सत्ता का है। बाल ठाकरे ने कहा था कि सत्ता आएगी और जाएगी, मगर एकता बनी रहनी चाहिए।
बंटेंगे तो कटेंगे नारे पर तंज
विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने बंटेंगे तो कटेंगे कहा था। तब ऐसा लगा कि यह मुसलमान के लिए कहा गया था मगर यह मराठियों के लिए कहा गया था। गुजरात में ऐसा पटेलों के साथ किया था, अब महाराष्ट्र में यह दोहरा रहे हैं। उन्होंने मराठियों को बांटा और सिर पर आकर बैठ गए। मैं पेपर में पढ़ रहा हूं कि पीएम घाना में घूम रहे हैं। उन्हें शर्म आनी चाहिए कि किसान परेशान है और दुनिया भर में घूम रहे हैं।
‘लाडकी बहन योजना उन्होंने बंद कर दी’
उद्धव ठाकरे ने कहा कि प्रदेश सरकार ने कहा कि लाडकी बहन योजना उन्होंने बंद कर दी है। सबसे ज्यादा बुरी बात यह है कि महाराष्ट्र का कर्ज बढ़ रहा है। ऊपर से हमें बैठकर लड़ा रहे हैं। राज ठाकरे की ओर इशारा करते हुए कहा कि हम लोग एक मुद्दे पर साथ आए हैं। बीजेपी पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा वालों को शादी में नहीं बुलाना चाहिए। क्योंकि वे आएंगे, खाएंगे और झगड़ा लगाकर चले जाएंगे। एक जमाना था कि हम जनसंघ से सीखते थे मगर अब बीजेपी सत्यानाश कर रही है।
अडानी का नाम लेकर हमला
अगर बीजेपी में सबसे अधिक जमीन का मालिक है, वह उनका दोस्त अडानी है। उन्होंने कहा कि जय श्री राम का हमारा विरोध नहीं है, मगर काम होने पर वह राम-राम कर देते हैं। इनका आगे-पीछे कोई नहीं है, मगर यह राजनीति के कारोबारी बन गए हैं। उद्धव ठाकरे ने कहा कि क्या हिंदी भाषा का विरोध नहीं करने वाले बाल ठाकरे के फॉलोअर हो सकते हैं। बाल ठाकरे ने कहा कि किसी के ऊपर मत हमला करो मगर कोई हमला करे तो मार भी मत खाओ।
‘दादागिरी नहीं सहेंगे’
बंगाल और तमिलनाडु के ऊपर कोई नजर उठाकर देखता है, क्योंकि वे सेल्फ डिपेंडेट हैं। उद्धव ठाकरे ने लोगों से एकजुट होने की अपील की। उन्होंने कहा कि जैसे संयुक्त महाराष्ट्र के लिए मराठी मानुस साथ आए थे, वैसे हमें अभी भी एकजुट रहना है। उन्होंने कहा कि आज से फिल्म का प्रीमियर शुरू हो गया है। अब हम किसी का दादागिरी नहीं सहेंगे। अब सभी मतभेदों को हटाकर साथ आना है। किसी के बहकावे में आकर फूटना नहीं है।
पीएम मोदी BRICS शिखर सम्मेलन के लिए ब्राजील पहुंचे; आगमन पर भारतवंशियों में उत्साह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेश दौरे के चौथे चरण में ब्राजील पहुंचे। पांच देशों की यात्रा पर निकले पीएम मोदी सबसे पहले घाना गए थे। इसके बाद उन्होंने कैरेबियन देश- त्रिनिदाद एंड टोबैगो का दौरा किया। यात्रा के तीसरे चरण में पीएम मोदी अर्जेंटीना गए। अब विदेश दौरे के चौथे पड़ाव पर पीएम मोदी चार दिनों के लिए ब्राजील में रूके हैं। अपनी यात्रा के अंतिम चरण में वे नामीबिया जाएंगे। जानिए पीएम मोदी के विदेश दौरे से जुड़ी लाइव अपडेट्स
पीएम मोदी के आने का सभी को इंतजार: पटेल
प्रधानमंत्री मोदी की ब्राजील यात्रा के बारे में मेघमणि ऑर्गेनिक्स लिमिटेड के प्रबंध निदेशक और फिक्की गुजरात के उपाध्यक्ष नटू एम पटेल ने कहा कि हम परसों ब्रिक्स सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए ब्राजील पहुंचे। यहां सभी लोग प्रधानमंत्री मोदी के आने का इंतजार कर रहे हैं। ब्राजील के पास बहुत अच्छी तकनीक है। भारत के पास खेती के क्षेत्र में ब्राजील को देने के लिए कई अच्छी चीजें हैं। आज हर कोई भारत को एक ऐसा देश मानता है जो काम करके दिखाता है और अच्छे नतीजे देता है।
हर कोई पीएम मोदी से मिलने के लिए उत्साहित: सुरेश
किरी इंडस्ट्रीज ग्रुप के सचिव सुरेश गोंडालिया ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का ब्राजील आना बहुत जरूरी है ताकि बाकी सदस्य देशों को भी फायदा मिल सके। भारत हमेशा से दूसरों की मदद करने के लिए तैयार रहा है। यहां मौजूद सभी लोग पूछ रहे हैं कि प्रधानमंत्री कब आएंगे और सभी उनसे मिलने के लिए बहुत उत्साहित हैं।
हर जगह नजर आ रहा पीएम मोदी का नेतृत्व: मनीष
पीएम मोदी की ब्राजील यात्रा पर किरि इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मनीष किरी ने कहा कि पिछले तीन दिनों से हम ब्रिक्स देशों के व्यापारियों, उद्योगों और नीति निर्माताओं से खुलकर बात कर रहे हैं। भारत को लेकर सभी का रवैया बहुत सकारात्मक है। आज भारत दुनिया में सबसे उज्ज्वल स्थिति में है। आने वाले समय में भारत सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्था बनने वाला है। पीएम मोदी ने जो बड़े बदलाव और नीतियां लागू की हैं, उनकी वजह से ब्राजील और भारत ही नहीं, बल्कि सभी ब्रिक्स देशों के बीच व्यापार और सहयोग के नए मौके बन रहे हैं। पीएम मोदी का नेतृत्व हर जगह नजर आ रहा है। ब्राजील में भी उन्हें एक वैश्विक नेता के रूप में देखा जा रहा है। सभी लोग उनके आने का इंतजार कर रहे हैं।
ब्रिक्स देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और जानकारी साझा करने की उम्मीद
प्रधानमंत्री मोदी की ब्राजील यात्रा पर शक्ति ग्रुप के चेयरमैन और एमडी श्रेयांस गोयल ने कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से हमें ब्रिक्स देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार और जानकारी साझा करने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि ब्राजील इथेनॉल का एक प्रमुख खिलाड़ी है। साल 2005 में हमने पहली बार ब्राजील से भारत में इथेनॉल आयात किया था। लेकिन आज हम ऐसे मुकाम पर खड़े हैं, जहां अगले कुछ वर्षों में हम भारत से इथेनॉल निर्यात करेंगे। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि इस शिखर सम्मेलन में इथेनॉल और बायोडीजल जैसे नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र और कृषि, डिजिटल तकनीक जैसे क्षेत्रों में भी नई तकनीक भारत आएगी। उन्होंने कहा कि भारत और ब्राजील शुरू से ही ब्रिक्स के सदस्य रहे हैं। पीएम मोदी की यह यात्रा दोनों देशों के बीच व्यापार को और आगे बढ़ाएगी।
90वें जन्मदिवस पर आज मैक्लोडगंज के मुख्य मंदिर में केक कटेगा, दलाई लामा देंगे आशीर्वाद
तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के 90वें जन्मदिवस पर रविवार को मैक्लोडगंज स्थित मुख्य मंदिर में केक कटेगा। इसमें धर्मगुरु विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। दलाई लामा मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया है, इसके लिए वितयनाम से फूल मंगवाए गए हैं। दलाई लामा का जन्मदिन आधिकारिक तौर पर ग्रेगोरियन कैलेंडर के अनुसार 6 जुलाई को मनाया जाता है।
दलाई लामा ने उत्तराधिकारी घोषणा पर लगाया विराम
तिब्बती बौद्ध धर्मगुरु 14वें दलाई लामा तेंजिन ग्यात्सो ने अपने उत्तराधिकारी की घोषणा के बारे में चल रही चर्चाओं पर विराम लगा दिया है। शनिवार को मैक्लोडगंज स्थित चुगलाखांग मठ में अपने 90वें जन्म दिवस से पहले दीर्घायु प्रार्थना समारोह में दलाई लामा ने अपने अनुयायियों से कहा कि उम्मीद है कि मैं अभी 30-40 साल और जीवित रहूंगा।
उन्होंने कहा कि बहुत सारी भविष्यवाणियों को देखते हुए यह महसूस करता हूं कि मुझ पर अवलोकितेश्वर का आशीर्वाद है और अब तक अपना सर्वश्रेष्ठ देने का प्रयास किया है। प्रार्थना सभा में उपस्थित लोगों से कहा कि आपकी प्रार्थनाएं अब तक फलदायी रही हैं। हमने अपना देश खो दिया है और हम भारत में निर्वासन में रह रहे हैं, लेकिन धर्मशाला में रहकर लोगों को काफी लाभ पहुंचाने में सक्षम रहा हूं। जितना संभव हो सके लोगों को लाभ पहुंचाने और उनकी सेवा करने का वह इरादा रखते हैं।
साधारण बौद्ध भिक्षु हूं, नहीं मनाता जन्मदिन का उत्सव
दलाई लामा ने कहा कि मैं एक साधारण बौद्ध भिक्षु हूं और सामान्यतया जन्मदिन का उत्सव नहीं मनाता हूं। चूंकि आप सभी इस अवसर पर आयोजन कर रहे हैं तो मैं कुछ विचार साझा करना चाहता हूं कि भौतिक विकास महत्वपूर्ण है, लेकिन मन की शांति और एक अच्छे हृदय का विकास उससे भी अधिक आवश्यक है। उन्होंने कहा क हमें केवल अपने परिजनों ही नहीं, बल्कि सभी के प्रति करुणा और दयाभाव रखना चाहिए। वहीं, दलाई लामा की लंबी उम्र के लिए आयोजित प्रार्थना में भव्य रूप से सुसज्जित प्रमुख बौद्ध मंदिर प्रांगण में दलाई लामा के जीवन के विभिन्न चरणों की तस्वीरें थीं।
तिब्बती धर्म गुरुओं ने कहा… चीन का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं
बता दें कि 2 से 4 जुलाई तक मैक्लोडगंज में दलाई लामा के पुनर्जन्म और उत्तराधिकारी की नियुक्ति को लेकर तीन दिवसीय तिब्बती धार्मिक सम्मेलन हुआ। इसमें तिब्बत के विभिन्न प्रांतों और संप्रदायों के धर्मगुरुओं ने कहा था कि दलाई लामा की नियुक्ति की प्रक्रिया बौद्ध धर्म की प्राचीन परंपराओं के अनुसार ही होगी और गादेन फोडरंग ट्रस्ट को इस पर निर्णय लेने का पूर्ण अधिकार है। इसमें चीन का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धर्मगुरुओं ने यह भी कहा था कि अभी दलाई लामा के पुनर्जन्म व उत्तराधिकारी की नियुक्ति की उन्हें कोई जल्दबाजी नहीं है। दलाई लामा बिल्कुल स्वस्थ हैं और करीब 130 वर्ष तक उनके जीवित रहने की उम्मीद है।
शनिवार को प्रार्थना सभा में केंद्रीय अल्पसंख्यक कार्य और संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू, अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू और हॉलीवुड अभिनेता रिचर्ड गेर समेत कई प्रमुख हस्तियां शामिल हुईं। प्रार्थना सभा का आयोजन केंद्रीय तिब्बती प्रशासन ने तिब्बती बौद्ध अनुयायियों के आग्रह पर किया, जिसमें करीब पांच हजार से अधिक लोग उपस्थित रहे।
अमेरिका के टेक्सास में बाढ़ के कारण 32 मौतें, 27 लापता लोगों की तलाश जारी; PM मोदी ने जताया शोक
अमेरिका के टेक्सास में भारी बारिश से ग्वाडालूप नदी में आई बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 32 पहुंच गई है। अभी भी 27 लोग लापता हैं। खोज और बचाव दल लापता लोगों की नावों और हेलीकॉप्टरों के माध्यम से तलाश कर रहे हैं।
अमेरिका के मध्य टेक्सास में आई अचानक बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 32 हो गई है। 27 लोग अभी भी लापता हैं, जिनकी तलाश में नावों और हेलीकॉप्टरों की मदद से खोज और बचाव अभियान चलाया जा रहा है।
केर काउंटी के शेरिफ लैरी लीथा ने शनिवार (स्थानीय समयानुसार) देर रात एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इस दौरान उन्होंने बताया कि मरने वालों में 14 बच्चे भी शामिल हैं। वहीं, टेक्सास डिपार्टमेंट ऑफ इमरजेंसी मैनेजमेंट के प्रमुख निम किड ने कहा, ‘हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक हम सभी लापता लोगों को ढूंढ नहीं लेते।’
पीएम नरेंद्र मोदी ने जताया शोक
इस बीच, पीएम नरेंद्र मोदी ने टेक्सास में आई बाढ़ में हुई जानमाल की हानि पर शोक व्यक्त किया। पीएम मोदी ने एक्स पर पोस्ट में कहा, ‘टेक्सास में आई विनाशकारी बाढ़ में लोगों, खासकर बच्चों की जान जाने की खबर सुनकर बहुत दुख हुआ। अमेरिकी सरकार और शोक संतप्त परिवारों के प्रति हमारी संवेदना।’
बीते 25 वर्षों में हर साल औसतन 125 लोगों की बाढ़ से गई जान
अमेरिका की राष्ट्रीय मौसम सेवा के अनुसार, बीते 25 वर्षों में हर साल औसतन 125 लोगों की बाढ़ से मौत हुई है। इनमें सबसे ज्यादा मौतें अचानक आने वाली बाढ़ों के कारण होती हैं। आइये जानते हैं कि अमेरिका में बीते 25 वर्षों में सबसे घातक बाढ़ कब-कब आईं।
जुलाई 2025 में टेक्सास में आई बाढ़ में अब तक 32 लोगों की मौत
इस महीने टेक्सास में तेज बारिश से ग्वाडालूप नदी में अचानक बाढ़ आ गई। बाढ़ में अब तक 32 लोगों की मौत हो चुकी है और 27 लोग अभी भी लापता हैं। इनमें वह लड़कियां भी शामिल हैं, जो शिविर से लापता हुई हैं। माता-पिता अपनी बेटियों की कुशलक्षेम के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। वहीं, बचाव दल हेलीकॉप्टर, नाव और ड्रोन की मदद से लापता लोगों की तलाश के लिए अभियान चला रहे हैं।
मलप्पुरम में निपाह से 18 वर्षीय लड़की की मौत, पलक्कड़ में संक्रमित मिली महिला; सतर्क रहने की चेतावनी
केरल के मलप्पुरम में 18 वर्षीय लड़की की मौत निपाह वायरस से होने की पुष्टि हुई है। इसके अलावा, पलक्कड़ में भी एक 38 वर्षीय महिला में निपाह संक्रमण की पुष्टि हुई है। जिसके बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों और स्वास्थ्य कर्मियों को सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है
स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के अनुसार, शुरुआती जांच में निपाह संक्रमण की पुष्टि हुई। बाद में पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) ने नमूनों की जांच की और संक्रमण की पुष्टि की।
पलक्कड़ में सामने आया नया मामला
इसके अलावा, पलक्कड़ जिले के थाचनट्टुकारा में एक 38 वर्षीय महिला भी निपाह वायरस से संक्रमित पाई गई है। मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने शुक्रवार को लोगों और स्वास्थ्य कर्मियों को बेहद सतर्क रहने की चेतावनी जारी की है।
65 टीमों ने 1655 घरों का सर्वेक्षण किया, नहीं मिले लक्षण
शनिवार को जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जिले में निपाह के मामले सामने आने के बाद, मलप्पुरम में स्वास्थ्य अधिकारियों ने मक्कारापरम्बा, कुरुवा, कूटिलंगडी और मनकाडा जैसी पंचायतों के 20 वार्डों में निगरानी शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य बीमारी के स्रोत की पहचान करना और घर-घर में जागरूकता को मजबूत करना है। बयान में कहा गया है कि कुल 65 टीमों ने 1,655 घरों का दौरा किया और सर्वेक्षण के दौरान किसी में भी निपाह के लक्षण नहीं पाए गए।
स्वास्थ्य मंत्री ने तिरुवनंतपुरम में की उच्च स्तरीय बैठक
राज्य की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने स्थिति की समीक्षा के लिए तिरुवनंतपुरम में एक उच्च स्तरीय बैठक की। उन्होंने बताया कि निपाह के संपर्क में आए 425 लोग सूची में हैं, जिनमें मलप्पुरम में 228, पलक्कड़ में 110 और कोझिकोड में 87 लोग शामिल हैं। उनमें से पांच लोग गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) में भर्ती हैं। संपर्क सूची में शामिल एक अन्य व्यक्ति का परीक्षण परिणाम संक्रमण के लिए नकारात्मक आया है।
निपाह से निपटने के लिए केरल में टीम तैनात करेगा केंद्र
इस बीच, केरल में निपाह वायरस के दो मामले मिलने के बाद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय वहां राष्ट्रीय संयुक्त प्रकोप प्रतिक्रिया दल (एनजेओआरटी) को तैनात करने पर विचार कर रहा है। यह दल सार्वजनिक स्वास्थ्य उपायों को लागू करने में केरल सरकार की मदद करेगा। सूत्रों ने बताया कि एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) की केंद्रीय निगरानी इकाई- एनसीडीसी, प्रदेश इकाई के साथ संपर्क में है और स्थिति पर सक्रिय रूप से नजर रख रही है।
राज्य नियंत्रण कक्ष को किया गया सक्रिय
विभिन्न नियंत्रण गतिविधियों के समन्वय के लिए राज्य नियंत्रण कक्ष को सक्रिय कर दिया गया है। सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रतिक्रिया निगरानी, निदान, उपचार, रोकथाम और नियंत्रण के लिए केरल राज्य NiVD दिशानिर्देशों द्वारा निर्देशित है। एक सूत्र ने कहा, प्रथम दृष्टया दोनों मामले महामारी विज्ञान की दृष्टि से एक-दूसरे से जुड़े नहीं हैं, लेकिन उनके लक्षणों और सामाजिक संपर्कों की जांच की जा रही है।
सूर्यास्त के साथ लंगरों में लगते हैं हर-हर महादेव के नारे, डमरू और घंटियों से गूंजती है घाटी
बालटाल के रास्ते बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पवित्र गुफा की ओर जाने वाले मार्ग पर विभिन्न प्रदेशों के 40 से अधिक लंगर लगे हुए हैं। इसमें कोई हरियाणा और पंजाब का है तो कोई दिल्ली और यूपी का दानवीर भोले का भक्त। सभी अलग-अलग प्रदेशों के लेकिन सभी के बीच एक बात समान है कि चौबीस घंटे भोले के भक्तों की सेवा के दौरान शाम सात और साढ़े सात बजे के बीच सभी जगह एक साथ महादेव की आरती शुरू होती है। कुछ लंगरोंं में तो रोजाना हवन भी हो रहा है।
श्री शिव शक्ति सेवा मंडल बुढलाडा मानसा पंजाब लंगर के डॉ. प्रेमचंद के मुताबिक बालटाल घाटी में सूर्यास्त शाम करीब साढ़े सात बजे होता है। लिहाजा इसी दौरान महादेव की आरती कर ली जाती है, क्योंकि सूर्यास्त के बाद आरती करना उचित नहीं माना जाता है। उत्तर प्रदेश के पीलीभीत जिले के बीसलपुर के रहने वाले राजेश ने शिव शक्ति मानव सेवा समिति नाम से लंगर लगाया है।
वह कहते हैं कि शाम के समय सभी लंगरों में एक साथ आरती होने से पूरी घाटी में सिर्फ बाबा बर्फानी की ही गूंज सुनाई देती है। डमरू और घंटी की आवाज के बीच भोले की स्तुति करना मन को काफी सुकून पहुंचाता है। शिव गौरी सेवा मंडल चंडीगढ़ के मनप्रीत सिंह कहते हैं कि एक साथ आरती करने का आनंद अत्यंत ही सुखद होता है। ऐसा लगता है कि मानों बाबा बर्फानी सामने विराजमान हैं और आशीर्वाद दे रहे हैं।
मुहर्रम के मातम जुलूस में दिखे खामनेई; इस्राइल से टकराव में हताहत हजारों ईरानी लोगों को भी किया याद
पश्चिम एशियाई देशों- ईरान और इस्राइल के बीच 12 दिनों तक चला टकराव बीते 24 जून को खत्म हुआ। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई 13 जून को इस्राइली हमलों के बाद से सार्वजनिक रूप से नहीं दिखे थे। अब 5 जुलाई को मुहर्रम के मातम जुलूस में उन्हें देखा गया। तेहरान में आशूरा की पूर्व संध्या पर मुहर्रम के मातम जुलूस में खामनेई के पहुंचने पर समर्थकों ने उनका स्वागत किया। इस कार्यक्रम में संसद अध्यक्ष समेत कई बड़े अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे।ईरान के सर्वोच्च नेता खामनेई मुहर्रम के मातम जुलूस में शामिल हुए। इस्लामिक कैलेंडर के महीने मुहर्रम की 10वीं तारीख को आशूरा कहा जाता है। शिया समुदाय के मुस्लिम इस दिन पैगंबर मोहम्मद के पोते इमाम हुसैन की शहादत को याद कर मातम करते हैं। इमाम हुसैन 680 ई. में कर्बला की जंग में अपने परिवार के साथ शहीद हुए थे।
नारे लगाती भीड़ की ओर हाथ और सिर हिलाया, नहीं दिया भाषण
युद्ध के दौरान खामनेई की गैरमौजूदगी ने ईरानी नेता के लिए कड़ी सुरक्षा का संकेत दिया, क्योंकि वह देश के सभी बड़े फैसले खुद लेते हैं। ईरान में सरकारी टीवी ने दिखाया कि मातम जुलूस के दौरान नारे लगाती भीड़ की ओर खामनेई ने हाथ और सिर हिलाया। हालांकि, इस दौरान उन्होंने कोई भाषण नहीं दिया।
सुन्नियों के हाथों हुसैन की मौत से इस्लाम में आई दरार
दुनिया के लगभग 1.8 बिलियन मुसलमानों में से करीब 10 फीसदी शिया हैं। वे हुसैन को पैगंबर मोहम्मद का असली उत्तराधिकारी मानते हैं। बगदाद के दक्षिण में कर्बला में हुए युद्ध में हुसैन की सुन्नियों के हाथों मौत हो गई, जिससे इस्लाम में शिया और सुन्नी मुसलमानों के बीच दरार पैदा हो गई।
ईरान में लाल झंडे हुसैन के खून का प्रतीक
ईरान में शोक मनाने के दौरान लाल झंडे हुसैन के खून का प्रतीक होते हैं और काले कपड़े मातम का। लोग छाती पीटते हैं, खुद को कोड़े मारते हैं और भीषण गर्मी में पानी छिड़ककर शोक जताते हैं।
युद्ध में 900 से ज्यादा ईरानियों की हुई मौत
ईरान ने इस्राइल के साथ युद्ध में 900 से ज्यादा लोगों की मौत और हजारों लोगों के घायल होने की बात स्वीकार की है। साथ ही देश की परमाणु सुविधाओं को गंभीर नुकसान होने की भी पुष्टि की है। ईरान ने संयुक्त राष्ट्र परमाणु निगरानी संस्था के निरीक्षकों को परमाणु ठिकानों पर जाने की अनुमति नहीं दी है।
13 जून को शुरू हुआ था ईरान-इस्राइल युद्ध
इस्राइल ने 13 जून से ईरान पर लगातार हमले किए। इस दौरान इस्राइल ने ईरान के परमाणु ठिकाने, रक्षा प्रणालियों, सेना के बड़े अधिकारियों और परमाणु वैज्ञानिकों को निशाना बनाया। इसके जवाब में ईरान ने इस्राइल पर 550 से अधिक बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। हालांकि, इनमें से ज्यादातर को इस्राइल ने रोक दिया, लेकिन जो मिसाइलें इस्राइल के अंदर घुसीं, उनसे कई क्षेत्रों में नुकसान हुआ और 28 लोग मारे गए।
यात्रा लेखक ह्यूग गैंटजर को पद्मश्री से नवाजा गया, मसूरी में घर पर किया वृत्तांतकार का सम्मान
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि ‘गैंटजर का यात्रा वृत्तांत’ स्तंभ और दूरदर्शन पर प्रसारित उनके यात्रा वृत्तांतों ने देश भर के पाठकों और दर्शकों को भारत की सुंदरता और गहराई से परिचित कराया।
वरिष्ठ आईएएस अधिकारी शैलेश बाघौली ने लेखक को उनके आवास पर यह पुरस्कार प्रदान किया, क्योंकि वे (लेखक) खराब स्वास्थ्य के कारण सम्मान प्राप्त करने के लिए दिल्ली नहीं जा सके थे।
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1950 के दशक से यात्रा लेखन में सक्रिय इस दंपती ने भारत की सांस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक स्थलों और सार्वजनिक जीवन को अनूठे तरीके से प्रस्तुत किया।
एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि ‘गैंटजर का यात्रा वृत्तांत’ स्तंभ और दूरदर्शन पर प्रसारित उनके यात्रा वृत्तांतों ने देश भर के पाठकों और दर्शकों को भारत की सुंदरता और गहराई से परिचित कराया।
ह्यूग की तीक्ष्ण पत्रकारिता दृष्टि और कोलेन की कोमल अभिव्यक्ति शैली ने मिलकर भारतीय यात्रा साहित्य को एक नई ऊंचाई दी। इसमें कहा गया कि उनके लेखन ने न केवल लोगों को अपने देश की खोज करने के लिए प्रेरित किया, बल्कि भारत की आत्मा को शब्दों में पिरोया।
पेरिस डायमंड लीग-गोल्डन स्पाइक के बाद अब एनसी क्लासिक में भी नीरज का कमाल, लगाई खिताब की हैट्रिक
भारतीय भालाफेंक स्टार नीरज चोपड़ा ने 86.18 मीटर के अपने सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ एनसी क्लासिक 2025 का खिताब जीत लिया। केन्या के जूलियस येगो ने चौथे प्रयास में 84.51 मीटर सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ रजत पदक अपने नाम किया। वहीं, श्रीलंका के रुमेश पथिरागे 84.34 मीटर सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ कांस्य पदक जीतने में कामयाब रहे।
भारतीय भालाफेंक सुपरस्टार नीरज चोपड़ा ने शनिवार को नीरज चोपड़ा क्लासिक (एनसी क्लासिक) के पहले सत्र का खिताब जीत लिया। बंगलुरू के कांतीरवा स्टेडियम में हुए विश्व स्तरीय टूर्नामेंट में नीरज ने लगातार तीसरा खिताब जीता। उन्होंने इससे पहले पेरिस डायमंड लीग (20 जून) और पोलैंड के ओस्ट्रावा में गोल्डन स्पाइक (24 जून) में खिताब जीता था।
नीरज ने अपने तीसरे प्रयास में 86.18 मीटर की दूरी के साथ एनसी क्लासिक 2025 का खिताब अपने नाम किया। केन्या के 2025 विश्व चैंपियन जूलियस येगो 84.51 मीटर के साथ दूसरे स्थान पर रहे जबकि श्रीलंका के रुमेश पथिरगे (84.34 मीटर) ने तीसरा स्थान हासिल किया।
इस प्रतियोगिता को जेएसडब्ल्यू स्पोर्ट्स के सहयोग से आयोजित किया गया था। इसे भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) ने मंजूरी दी थी। नीरज चोपड़ा क्लासिक प्रतियोगिता में 12 भाला फेंक खिलाड़ियों ने भाग लिया जिसमें सात शीर्ष अंतरराष्ट्रीय भाला फेंकने वाले खिलाड़ी शामिल थे। इसमें चोपड़ा सहित पांच भारतीय खिलाड़ियों ने भी चुनौती पेश की।
नीरज चोपड़ा – फोटो : PTI
विश्व एथलेटिक्स ने एनसी क्लासिक को श्रेणी ए का दर्जा दिया है। चोपड़ा ने इस साल मई में 90 मीटर की बाधा को पार किया था। उन्होंने एनसी क्लासिक से पहले ओस्ट्रावा गोल्डन स्पाइक 2025 में 85.29 मीटर के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ खिताब जीता था।
नीरज चोपड़ा – फोटो : PTI
खिताबी जीत के बाद नीरज ने कहा- हमें उम्मीद नहीं थी कि पहले संस्करण (नीरज चोपड़ा क्लासिक) को इतनी अच्छी प्रतिक्रिया मिलेगी और हमें इतना समर्थन मिलेगा… हमने यह अच्छा किया, और मुझे उम्मीद है कि हम इस तरह के और भी आयोजन करेंगे। चाहे सरकार हो या एएफआई, या अन्य, सभी ने हमारा समर्थन किया है।
नीरज चोपड़ा – फोटो : PTI
नीरज ने आगे कहा- पिछले कुछ दिन मेरे लिए कठिन रहे हैं। मुझे थोड़ा अजीब भी लगा कि प्रतियोगिता मेरे नाम पर है। मुझे खुशी है कि मैं पहले संस्करण का पदक और ट्रॉफी घर पर रख सकता हूं।
भाजपा को जल्द मिलेगा नया अध्यक्ष, अंतिम चरण में प्रक्रिया; प्रदेश प्रमुखों की नियुक्ति से रास्ता साफ
BJP: भाजपा जल्द ही नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा कर सकती है, क्योंकि अधिकांश राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति पूरी हो चुकी है। इस पद के लिए शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल खट्टर, भूपेंद्र यादव और धर्मेंद्र प्रधान जैसे वरिष्ठ नेताओं के नाम चर्चा में हैं। अध्यक्ष के चयन में संगठनात्मक अनुभव, क्षेत्रीय संतुलन और जातीय समीकरण जैसे कारकों को ध्यान में रखा जा रहा है।
भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) को जल्द ही नया राष्ट्रीय अध्यक्ष मिल सकता है, क्योंकि पार्टी ने अपने संविधान के अनुसार अधिकांश राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी कर ली है। 2024 के लोकसभा चुनाव खत्म होने के बाद से ही पार्टी के भीतर कई संभावित नामों पर चर्चा चल रही है। वर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा का कार्यकाल जनवरी 2023 में खत्म हो गया था, लेकिन आम चुनावों को देखते हुए इसे जून 2024 तक बढ़ा दिया गया था। इस कार्यकाल को दोबारा बढ़ाया गया, जिससे वह अभी तक इस पद पर बने हुए हैं।
पार्टी अब तक 26 राज्यों में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति कर चुकी है, जिससे राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनने का रास्ता साफ हो गया है। इस पद के लिए जिन नामों पर चर्चा हो रही है, उनमें शिवराज सिंह चौहान, मनोहर लाल खट्टर, भूपेंद्र यादव और धर्मेंद्र प्रधान जैसे कुछ केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता शामिल हैं। इसके अलावा, पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव सुनील बंसल और विनोद तावड़े के नाम भी संभावितों में शामिल हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, नया अध्यक्ष चुनते समय तीन मुख्य बातों पर ध्यान दिया जा रहा है – संगठनात्मक अनुभव, क्षेत्रीय संतुलन और जातीय समीकरण। पार्टी जल्द ही एक केंद्रीय चुनाव समिति भी बना सकती है, जो राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया की निगरानी करेगी। यह समिति नामांकन, जांच और जरूरत पड़ने पर मतदान की प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाएगी। भाजपा ने हाल ही में संगठनात्मक चुनावों की शुरुआत की है, जिसकी शुरुआत देशभर में नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति से हुई।
भाजपा के संविधान के मुताबिक, मंडल स्तर पर चुनाव होने के बाद जिला अध्यक्ष चुने जाते हैं। जब आधे जिलों में चुनाव हो जाते हैं, तब प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव होता है और जब आधे से ज्यादा राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष बन जाते हैं, तभी राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव किया जा सकता है। दो जुलाई को भाजपा ने अपने संगठन के पुनर्गठन के दूसरे चरण के तहत सात राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में नए प्रदेश अध्यक्षों की घोषणा की थी। इससे पहले पार्टी मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मिजोरम, पुडुचेरी और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में भी नए प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति कर चुकी है।
रामचंदर राव ने तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष का पद संभाला
उधर, पूर्व एमएलसी और वरिष्ठ अधिवक्ता एन रामचंदर राव ने आज तेलंगाना भाजपा के नए अध्यक्ष के रूप में कार्यभार संभाला। उन्होंने जी. किशन रेड्डी की जगह यह पद ग्रहण किया है। रामचंदर राव ने पार्टी के तेलंगाना मुख्यालय में औपचारिक रूप से पदभार संभाला। इस मौके पर किशन रेड्डी, पार्टी सांसद डी. के. अरुणा और कई अन्य वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
पदभार ग्रहण करने से पहले राव ने हैदराबाद के चारमीनार स्थित प्रसिद्ध भाग्यलक्ष्मी मंदिर में पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने तेलंगाना विधानसभा परिसर के पास स्थित तेलंगाना अमरवीरुल स्तूपम पर श्रद्धांजलि अर्पित की, जो तेलंगाना राज्य के लिए बलिदान देने वालों की याद में बनाया गया है। रामचंदर राव ने भाजपा नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का आभार जताते हुए कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पार्टी को राज्य में और मजबूत बनाने और जनता की सेवा के लिए काम करेंगे।.
बिहार में वोटर लिस्ट पर अब NDA के सहयोगी दलों ने उठाए सवाल, कहा- चुनाव आयोग ने जल्दबाजी की
बिहार में वोटर लिस्ट के अपडेट को लेकर विपक्षी दलों ने सवाल उठाए हैं। एनडीए के नेता भी इस मुद्दे की गर्मी को महसूस कर रहे हैं। नेताओं का मानना है कि चुनाव आयोग को इसे लेकर अधिक समय देना चाहिए था। जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि राजनीतिक दल बूथ लेवल एजेंट बनाने में असफल रहे हैं।
बिहार में वोटर लिस्ट रिवीजन के मसले पर जहां विपक्षी दल सवाल उठा रहे हैं वहीं एनडीए में शामिल दल के नेताओं को भी इसकी तपिश महसूस हो रही है। वोटर लिस्ट रिवीजन को सही बताते हुए भी एनडीए के नेता मान रहे हैं कि इसमें बहुत जल्दबाजी हुई है, इसके लिए कम से कम एक साल का वक्त दिया जाना चाहिए था ताकि किसी को कोई दिक्कत ना हो।
चुनाव आयोग को जवाब देना चाहिए
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि जो चुनाव आयोग कर रहा है इसमे किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए, लेकिन यह सही है कि समय कम है। चुनाव आयोग को यह थोड़ा पहले करना चाहिए था और जो भी आशंका व्यक्त की जा रही है उन पर चुनाव आयोग को खुलकर बात करनी चाहिए और लोगों की आशंकाओं का जवाब देना चाहिए। स्वाभाविक रूप से थोड़ी परेशानी तो लोग महसूस कर रहे हैं।
JDU मतदाताओं को करेगा जागरूक
जेडीयू के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि चुनाव आयोग ने ये ड्यूटी तय की थी कि हर राजनीतिक दल बूथ लेवल एजेंट तय करे। मुझे ये बोलने में कोई हिचक नहीं है कि कोई भी राजनीतिक दल इसे 100 फीसदी अचीव नहीं कर पाया। ये संगठन के तौर पर हम सबकी असफलता है। हम पूरे बिहार में साइकिल जुलूस निकालेंगे और मतदाताओं को जागरूक करेंगे। चुनाव आयोग को यह गारंटी करनी चाहिए कि जो भी पात्र है वह वोटर के रूप में कायम रहे।
चुनाव आयोग ने बहुत कम वक्त दिया-JDU
हालांकि जेडीयू के दूसरे नेता नाम न छापने की शर्त पर ग्राउंड लेवल पर दिक्कत गिना रहे हैं। जेडीयू के एक नेता ने कहा कि चुनाव आयोग ने बहुत कम वक्त दिया है जिसकी वजह से लोगों में डर भी है और वे हैरान-परेशान हैं। उन्होंने कहा कि वोटर लिस्ट रिवीजन की शुरुआत दिल्ली या पश्चिम बंगाल या दूसरे राज्यों से करते जहां अभी चुनाव होने में वक्त है ताकि लोगों को पूरा टाइम मिल जाता। बिहार में चुनाव एकदम सामने खड़ा है और ऐसे में वोटर लिस्ट रिवीजन होने से लोगों में डर होना स्वाभाविक ही है।
चुनाव आयोग ने अचानक फरमान जारी कर दिया
एक दूसरे नेता ने कहा कि जब हम ग्राउंड में लोगों से बात कर रहे हैं तो दिहाड़ी मजदूर भी अपनी दिक्कत बता रहे हैं। अगर वे इस काम में अपने दो-तीन दिन भी लगाते हैं तो उनकी तो मजदूरी मारी जाएगी। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने कोई एक्सरसाइज नहीं की और फरमान निकाल दिया। हालांकि उन्होंने ये कहा कि हम सुनिश्चत कर रहे हैं कि हमारे कार्यकर्ताओं और समर्थकों को कोई दिक्कत ना हो। सभी राजनीतिक दल के लोग इस काम में लगे हैं। हमारे सभी पार्टी कार्यकर्ता इसी काम में लगे हैं। हर बूथ पर पांच एक्टिव कार्यकर्ता हैं जो काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव से ठीक पहले ये करना सही फैसला नहीं है लेकिन वोटर लिस्ट रिवीजन अच्छा है और इसका फर्क दिखेगा।
चलो केस झेलो अब… सेनेटरी पैड पर राहुल की तस्वीर वाली वीडियो पर भड़की कांग्रेस, कहा- बीजेपी फैला रही झूठ
बिहार चुनाव की हलचल के बीच राहुल गांधी की एक वायरल वीडियो को लेकर देश का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। इस वीडियो में राहुल गांधी की तस्वीर को सेनेटरी पैड पर दिखाया गया है, जिससे कांग्रेस भड़क गई है। कांग्रेस इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
बिहार चुनाव की हलचल के बीच राहुल गांधी की एक वायरल वीडियो को लेकर देश का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। इस वीडियो में राहुल गांधी की तस्वीर को सेनेटरी पैड पर दिखाया गया है, जिससे कांग्रेस भड़क गई है। कांग्रेस इस मामले में कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने राहुल गांधी की सेनेटरी पैड पर तस्वीर वाले वीडियो को फर्जी बताया है। इसे लेकर बीजेपी को आड़े हाथों लिया है और कहा है कि बीजेपी झूठ फैला रहा है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सुप्रिया श्रीनेत ने लिखा, राहुल जी के खिलाफ फेक न्यूज वीडियो बनाने वाला कोई रतन रंजन नाम का घटिया आदमी है। बात कॉमेडी तक होती तो उसके जैसे दुमछल्लों से कोई फर्क नहीं पड़ता, लेकिन उसके वीडियो से दो चीजें साफ हैं – यह BJP का एजेंडा चलाने, उनके तलवे चाटने वाला और इस देश की आधी आबादी के खिलाफ षड्यंत्र रचने वाला संघी सोच का महा जाहिल आदमी है।’
उन्होंने आगे लिखा, ‘साड़ी पहन कर कोई महिला की तकलीफ नहीं समझ सकता – बस ऐसी भद्दी, सस्ती महिला विरोधी कॉमेडी ही कर सकता है। और इसको प्रचारित करने वाले वही भाजपाई, संघी – जो औरतों को दोयम दर्जे का नागरिक समझते हैं, खैर, चलो केस झेलो अब!’
14776716&width=550pxउधर कांग्रेस ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल से बीजेपी को घेरते हुए लिखा, ‘राहुल गांधी जी ने बिहार की महिलाओं की मदद की तो BJP बौखला उठी।इस बौखलाहट में BJP ने अपनी FAKE न्यूज फैक्ट्री से लोगों को गुमराह किया और प्रदेश की बहन-बेटियों का अपमान किया। बिहार की महिलाएं इस अपमान को नहीं भूलेंगी और इन्हें करारा जवाब देंगी।’
पीएम नरेंद्र मोदी की नाइट बाजार सौगात पर वाराणसी नगर निगम ने चलाया बुलडोजर, दुकानदारों में आक्रोश
वाराणसी में कैंट स्टेशन के सामने बना नाइट बाजार तोड़ा गया। पीएम मोदी ने 2022 में इसकी शुरुआत की थी। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बनी 81 दुकानों को बुलडोजर से गिरा दिया गया। दुकानदारों ने मासिक किराया और मोटी रकम जमा की थी। रेलवे और स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद यह कार्रवाई हुई।
इंदौर की तर्ज पर 2022 में पीएम नरेंद्र मोदी ने वाराणसी कैंट स्टेशन के सामने नाइट बाजार की सौगात दी थी। स्मार्ट सिटी के अंतर्गत फ्लाईओवर के नीचे 6 दर्जन से ज्यादा दुकाने बनाकर काशी के लोगों को नीलामी के माध्यम से दी गई थी। इसका ठेका श्रेया एंटरप्राइसेज को दिया गया। इस कंपनी ने मासिक किराए के साथ दुकानदारों को दुकान किराए पर दी थी।
हालांकि 3 साल के भीतर ही रात भर चलने वाली दुकानों पर साफ-सफाई, गंदगी, ट्रैफिक, शराब परोसने से लेकर रेलवे की शिकायत का हवाला दिया गया। इसके बाद इन 81 दुकानों को देर रात बुलडोजर से तोड़ दिया गया। दो साल से 6 हजार से 22 हजार मासिक किराया देने वाले ये दुकानदार अब इस एक्शन से बेहद नाराज है। दुकानदारों का आरोप है कि मोटी रकम डिपॉजिट के तौर पर ली गई। 5 साल का अग्रीमेंट होने के बावजूद हमसे रोजगार छीन लिया गया।
कैंट होटल एसोसिएशन की अध्यक्ष नेत्रा जैसवाल ने बताया कि स्मार्ट सिटी के तहत 5 साल के अग्रीमेंट के तहत ये दुकाने आवंटित की गई थी। स्मार्ट सिटी ने श्रेया एंटरप्राइजेज नाम की कंपनी को इन दुकानों के आवंटन का ठेका दिया गया था। स्मार्ट सिटी के इस वेंडर को दुकानदारों ने लाखों रुपये देकर इन दुकानों के माध्यम से अपना रोजगार शुरू किया
चीन, अमेरिका, जर्मनी को छोड़ा पीछे, भारत ने कर दिया है बड़ा उलटफेर, वर्ल्ड बैंक की यह कैसी लिस्ट?
भारत ने सामाजिक समानता के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। वर्ल्ड बैंक के अनुसार, गिनी इंडेक्स 25.5 होने के साथ भारत दुनिया का चौथा सबसे बराबर समाज बन गया है। भारत ने चीन जैसे देशों को पीछे छोड़ दिया है और जी7, जी20 देशों से भी आगे है।
भारत ने एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अब भारत दुनिया के सबसे बराबर समाजों में से एक बन गया है। सामाजिक सामनता के मामले में उसने बड़े-बड़े दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया। वर्ल्ड बैंक के अनुसार, भारत का गिनी इंडेक्स 25.5 है। इस वजह से भारत दुनिया का चौथा सबसे बराबर समाज वाला देश हो गया है। इस लिस्ट में स्लोवाक रिपब्लिक, स्लोवेनिया और बेलारूस ही भारत से आगे हैं। सामाजिक सामानता में भारत ने चीन जैसे देशों को भी पीछे छोड़ दिया है। चीन का गिनी स्कोर 35.7 है। भारत जी7 और जी20 के सभी देशों से भी आगे है। यह दिखाता है कि भारत में आर्थिक विकास का फायदा सभी लोगों तक पहुंच रहा है।
गिनी इंडेक्स से पता चलता है कि देश में आय कितनी बराबर बंटी हुई है। यह इंडेक्स 0 से 100 तक होता है। 0 का मतलब है कि सभी की आय बराबर है। 100 का मतलब है कि देश में बहुत ज्यादा असमानता है। भारत का स्कोर 2011 में 28.8 था, जो 2022 में 25.5 हो गया है। इससे पता चलता है कि पिछले दस सालों में भारत ने आय की असमानता को कम करने में सफलता हासिल की है।
भारत की इस सफलता का एक बड़ा कारण गरीबी को कम करने पर ध्यान देना है। वर्ल्ड बैंक की स्प्रिंग 2025 पॉवर्टी एंड इक्विटी ब्रीफ के अनुसार, 2011 से 2023 के बीच 17.1 करोड़ भारतीय गरीबी से बाहर निकले हैं। जो लोग हर दिन 2.15 डॉलर से कम पर गुजारा करते थे, उनकी संख्या 2011-12 में 16.2% थी। 2022-23 में यह संख्या घटकर सिर्फ 2.3% रह गई है। वर्ल्ड बैंक ने गरीबी की रेखा को 3.00 डॉलर प्रति दिन माना है। इसके अनुसार, 2022-23 में गरीबी दर 5.3% है।
वर्ल्ड बैंक के अनुसार, भारत दुनिया का चौथा सबसे बराबर समाज बन गया है। इसका गिनी इंडेक्स 25.5 है। भारत ने जी7 और जी20 के सभी देशों को पीछे छोड़ दिया है। यह सफलता गरीबी को कम करने और सरकार की योजनाओं की वजह से मिली है। भारत आर्थिक विकास और सामाजिक समानता को साथ लेकर चल रहा है। यह दुनिया के लिए एक उदाहरण है।
विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार की योजनाओं की वजह से भारत ने यह सफलता पाई है। इन योजनाओं से लोगों को बैंक से जुड़ने, स्वास्थ्य सेवाएं पाने और सामाजिक सुरक्षा मिलने में मदद मिली है। प्रधानमंत्री जन धन योजना से 55.69 करोड़ से ज्यादा भारतीयों को बैंक खाते खोलने में मदद मिली है। इससे सरकार सीधे लोगों के खातों में पैसे भेज पाती है और भ्रष्टाचार कम होता है। यह आंकड़ा जून 2025 तक का है।
आधार कार्ड भारत की डिजिटल पहचान का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गया है। जुलाई 2025 तक 142 करोड़ से ज्यादा आधार कार्ड जारी किए जा चुके हैं। इससे सरकार लोगों तक सही तरीके से सेवाएं और सब्सिडी पहुंचा पाती है। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से कल्याणकारी भुगतान में सुधार हुआ है। मार्च 2023 तक 3.48 लाख करोड़ रुपये की बचत हुई है।
स्वास्थ्य योजनाओं ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आयुष्मान भारत योजना के तहत हर परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा मिलता है। इस योजना के तहत 41.34 करोड़ से ज्यादा आयुष्मान कार्ड जारी किए गए हैं। 32,000 से ज्यादा अस्पतालों का नेटवर्क इस योजना का समर्थन करता है। आयुष्मान वयो वंदना योजना के तहत 70 साल से ज्यादा उम्र के सभी नागरिकों को स्वास्थ्य सहायता मिलती है, चाहे उनकी आय कुछ भी हो।
दुनिया को दिखा दिया है भारत ने मॉडल
स्टैंड-अप इंडिया और पीएम विश्वकर्मा योजना जैसी योजनाओं ने गरीब लोगों को उद्यमी बनने और कौशल विकास करने में मदद की है। स्टैंड-अप इंडिया ने एससी/एसटी और महिला उद्यमियों को 62,807 करोड़ रुपये से ज्यादा के लोन दिए हैं। पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत लगभग 30 लाख कारीगरों ने फाइनेंशियल और मार्केटिंग सहायता के लिए पंजीकरण कराया है।
भारत ने दिखाया है कि आर्थिक विकास और सामाजिक समानता साथ-साथ चल सकते हैं। दुनिया के कई देश असमानता से जूझ रहे हैं। भारत का उदाहरण दिखाता है कि आर्थिक सुधारों और सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों को मिलाकर एक बेहतर समाज बनाया जा सकता है।
दुनिया भर का ध्यान अब समावेशी विकास मॉडल पर है। भारत का उदाहरण दिखाता है कि आर्थिक विकास के साथ-साथ सभी लोगों को समान रूप से समृद्ध बनाया जा सकता है।